
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
नई दिल्ली /शौर्यपथ /वॉशिंगटन / एक चीनी वायरोलॉजिस्ट, जो उन लोगों में से थीं, जिन्होंने सबसे पहले कोरोनावायरस के वुहान की लैब से लीक हुए होने की बात कही थी, ने कहा है कि अमेरिका के शीर्ष कोरोनावायरस सलाहकार एंथनी फाउची के ई-मेल साबित करते हैं कि वह हमेशा से सही थीं. कोरोना प्रकोप को शुरुआत से कवर करने वाले डॉक्टर फाउची के कई ई-मेल इस हफ्ते मीडिया को सूचना अनुरोध की स्वतंत्रता के तहत जारी किया गए थे.
पिछले अप्रैल में भेजे गए एक ई-मेल में एक स्वास्थ्य चैरिटी के एक कार्यकारी ने सार्वजनिक रूप से यह कहने के लिए डॉक्टर फाउची को धन्यवाद दिया था कि वैज्ञानिक साक्ष्य लैब लीक थ्योरी का समर्थन नहीं करते हैं.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर ली-मेंग यान कोरोनावायरस पर शोध करने वाले पहले लोगों में से एक थीं और उन्होंने खुलासा किया था कि बीजिंग पर इस मामले को छुपाने का आरोप लगाने के बाद उन्हें छिपने के लिए मजबूर किया गया.
डॉक्टर यान ने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय नेता वुहान लैब लीक थ्योरी पर ध्यान दे रहे हैं तो डॉक्टर फाउची के ई-मेल में काफी काम की जानकारी है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर फाउची उससे कहीं अधिक जानते हैं, जितना वह बताते हैं. वह ये सब बातें जानते हैं.
डॉक्टर यान ने गुजारिश की है कि इस हफ्ते जारी किए महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर बात की जाए. उन्होंने कहा, 'वे मेरे काम को शुरू से ही सत्यापित करते हैं, यहां तक कि पिछले जनवरी से भी, कि ये लोग जानते हैं कि क्या हुआ था, लेकिन वे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए और अपने फायदे के लिए इसे छिपाते हैं.'
एंथनी फाउची के एक ई-मेल का हवाला देते हुए डॉक्टर यान ने कहा कि पिछले साल 1 फरवरी को उन्हें यह अहसास हुआ था कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी से जुड़ा प्रयोग शामिल होगा. अमेरिका के मीडिया संस्थानों के पास 3000 पन्नों के उनके ई-मेल (जनवरी से जून 2020) हैं. इनके सामने आने के बाद इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या वायरस की जानकारी होने के बावजूद डॉक्टर एंथनी फाउची चुप रहे.
लैब लीक ईमेल के संबंध में, डॉक्टर फाउची ने मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अभी भी इसकी संभावना नहीं है कि यह वायरस वुहान की एक लैब से लीक किया गया हो. उन्होंने कहा, 'मुझे याद नहीं है कि उन ई-मेल में क्या है, लेकिन मुझे लगता है कि यह विचार काफी दूर की कौड़ी है कि चीनियों ने जान-बूझकर कुछ ऐसा किया हो ताकि वे खुद को और साथ ही अन्य लोगों को भी मार सकें.'
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
