February 15, 2026
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PANKAJ CHANDRAKAR

PANKAJ CHANDRAKAR

रायपुर /शौर्यपथ/

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री आज गांधी मैदान में आयोजित ‘‘भारत की इंदिरा’’ फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  इंदिरा गांधी की दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी सभी को देखनी चाहिए। यह प्रदर्शनी इंदिरा जी की बचपन से लेकर जीवन पर्यंत तक की ऐतिहासिक उपलब्धियों से संबंधित हैं, जो आज के युवा पीढ़ी के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक है। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस फोटो प्रदर्शनी के आयोजन समिति के सदस्यों ने मंत्री गुरू रुद्रकुमार को शाल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान भी किया। 

उल्लेखनीय है कि यह फोटो प्रदर्शनी का आयोजन 29 नवम्बर से 9 दिसम्बर तक किया गया है। इस अवसर पर  पूर्णचंद्र कोकोपाणी,  एकता ठाकुर,  मिलिन गौतम,  अशरफ हुसैन, श्री विधि नामदेव,  गुलजेब अहमद और  इंदु वर्मा सहित आयोजन समिति के सदस्य थे।


 

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जगदलपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के आयुक्त और बस्तर जिला प्रभारी सचिव डॉ. अय्याज तंबोली ने गुरूवार को जिले के विकासखंड बास्तानार के धान खरीदी केंद्र में पहुंचकर धान खरीदी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि धान खरीदी सुचारू संचालन के साथ-साथ किसानों को खरीदी केंद्र में आवश्यक सुविधा देने की व्यवस्था करें। साथ ही उपार्जन केंद्र में भंडारण की व्यवस्था का संज्ञान लेकर धान की गुणवत्ता की जांच सतत् करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत प्रभारी सचिव ने डिलमिली क्षेत्र के कोयकीमारी में कॉफी प्लांटेशन और कॉफी नर्सरी के कार्यों की अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर  रजत बंसल, अति.मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  कैलाश कोडोपी एसडीएम तोकापाल  आस्था राजपूत, सहित खाद्य, नागरिक आपूर्ति, केंद्रीय सहकारी बैंक, उद्यानिकी, कृषि महाविद्यालय के अधिकारी उपस्थित थे। 

प्रभारी सचिव न तीरथगढ़ स्थित पपीता प्लांटेशन का अवलोकन करते महिला स्व सहायता समूह के कार्यों को सराहा। साथ ही आसना में स्थित बादल एकेडमी, कलागुड़ी बस्तर आर्ट, दलपत सागर के विकास कार्यों का अवलोकन कर प्रशासन द्वारा किए कार्यों की सराहना की।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के मैदानी स्तर पर हो रहे क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए विभागीय मंत्री  टी.एस.सिंहदेव सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ले रहे हैं। मंत्रालय में चल रही इस बैठक में मुख्य रूप से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सांसद आदर्श ग्राम योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वसहायता समूहों की आजीविका और वित्तीय समावेशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन, महात्मा गांधी नरेगा, लंबित न्यायालयीन प्रकरण एवं पेंशन प्रकरण और अन्य प्रशासनिक विषयों पर समीक्षा का दौर जारी है। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास  रेणु जी पिल्ले, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास  प्रसन्ना आर., आयुक्त पंचायत अविनाश चम्पावत सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल  बिपिन रावत और हादसे में सेना के जवानों के असमय निधन पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री  ताम्रध्वज साहू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन की खबर पर दुर्ग के रिसाली में आयोजित संक्षिप्त शोकसभा में शामिल होकर उन्होंने दो मिनट का मौन धारण कर हादसे में मृत सभी के प्रति अपनी श्रद्धाजंलि दी।
गृहमंत्री  साहू ने अपने संदेश में कहा है कि अचानक से बड़ा हादसा हो गया। यह देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल  बिपिन रावत और उनकी धर्मपत्नी सहित उसमें सवार सेना के जवान, पायलट एवं अन्य सहायकों के निधन को दुखद बताते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताया और कहा है कि यह देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने हादसे में मृत सभी के प्रति श्रदांजलि अर्पित की है। इस दौरान अनेक लोग उपस्थित थे।

 

ओटीटी एप के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री को किया आमंत्रित

रायपुर /शौर्यपथ /

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज शाम उनके निवास कार्यालय में ओटीटी एप ‘मोर माटी‘ के निदेशक  साजिद खान ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य की संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु छत्तीसगढ़ का पहला ओटीटी एप ‘मोर माटी‘ का निर्माण किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ी संस्कृति मे रचे बसे नाचा, गम्मत, पंडवानी, करमा, ददरिया, हल्बी, गोड़ी, सादरी गीत के साथ-साथ सभी छत्तीसगढ़ी फिल्में व वेबसीरीज तथा छत्तीसगढ़ी गाने देखने को मिलेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को ओटीटी एप ‘मोर माटी‘ के उद्घाटन के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने ‘मोर माटी‘ के निदेशक के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इससे छत्तीसगढ़ी कलाकारों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी फिल्म को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर सुश्री काजल श्रीवास एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

Gen Bipin Rawat Helicopter Crash: आज जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी डॉ. मधुलिका रावत का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जाना है और शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

   तमिलनाडु  के नीलगिरि में हुई हेलीकॉप्‍टर दुर्घटना  में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत  उनकी पत्नी डॉ. मधुलिका रावत सहित 13 लोगों का निधन हो गया है. ये हेलीकॉप्‍टर हादसा कल हुआ था. वहीं आज जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी डॉ. मधुलिका रावत का शव दिल्ली लाया जाना है. जानकारी के अनुसार जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का पार्थिव शरीर दिल्ली छावनी लाया जाएगा और शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. इनके पार्थिव शरीर को आज एक सैन्य विमान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचाया जाएगा.


शुक्रवार को 11 बजे जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास 3 कामराज मार्ग में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. दोपहर दो बजे इनके पार्थिव शरीर को सेना के तीनों अंगों के मिलिट्री बैंड के साथ धौलाकुआं के बरार स्कावयर ले जाया जाएगा. करीब 4 बजे धौलाकुआं के बरार स्कावयर में अंतिम संस्कार किया जाएगा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  आज दोनों सदनों में तमिलनाडु के नीलगिरि में हुई इस हेलीकॉप्‍टर दुर्घटना के बारे में विस्तार जानकारी देंगे. सूत्रों के अनुसार राजनाथ सिंह आज सुबह 11:15 बजे लोकसभा में और फिर दोपहर में राज्य सभा में बयान देंगे.

गौरतलब है कि जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्‍टर दुर्घटना में निधन हो गया है. इस हेलीकॉप्टर में जनरल रावत, उनकी पत्‍नी सहित 14 लोग सवार थे. भारतीय वायुसेना (IAF) के जिस हेलीकॉप्‍टर में सवार थे, वो तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में दुर्घटनाग्रस्‍त हुआ है. Mi सीरीज के हेलीकॉप्‍टर ने सुलुर (Sulur) आर्मी बेस से उड़ान भरी थी, इसके कुछ ही देर बाद ये नीलगिरि में हादसे का शिकार हो गया था.

 

तमिलनाडु में कुन्नूर के पास बुधवार को जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य लोगों की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई. वायुसेना ने यह जानकारी दी.

नई दिल्ली /शौर्यपथ /

अमेरिका, रूस और पाकिस्तान समेत विभिन्न देशों ने बुधवार को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया. तमिलनाडु में कुन्नूर के पास बुधवार को जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य लोगों की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई. वायुसेना ने यह जानकारी दी. यहां अमेरिकी दूतावास ने रावत परिवार और दुर्भाग्यपूर्ण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की. अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा कि भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में जनरल रावत ने भारतीय सेना में परिवर्तन के एक ऐतिहासिक दौर का नेतृत्व किया.

बयान में कहा गया है कि रावत, अमेरिका के एक जिगरी दोस्त और भागीदार थे, जिन्होंने अमेरिकी सेना के भारत के साथ बढ़ते रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दूतावास ने बयान में कहा कि सितंबर में उन्होंने अमेरिका की पांच दिवसीय यात्र के दौरान सैन्य विकास व समान विचारधारा वाले देशों के साथ हमारे सहयोग को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की थी. हमारी संवेदनाएं भारतीय लोगों और भारतीय सेना के साथ हैं और हम ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हैं.

ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने भी जनरल रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें एक बुद्धिमान व्यक्ति व बहादुर सैनिक बताया. एलिस ने ट्वीट किया, ''दुखद समाचार. जनरल रावत एक बुद्धिमान व्यक्ति, एक बहादुर सैनिक, एक अग्रणी शख्स और मेरे लिए एक उदार मेजबान थे. हम इस भयानक दुर्घटना में रावत सहित अन्य लोगों के जान गंवाने पर शोक व्यक्त करते हैं.''

भारत में रूस के राजदूत निकोलाए कुदाशेव ने कहा कि उन्हें हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत और 11 अन्य अधिकारियों की आकस्मिक मृत्यु के बारे में पता चला. कुदाशेव ने कहा कि भारत ने अपना महान देशभक्त और समर्पित नायक खो दिया है. उन्होंने ट्वीट किया, ''रूस ने एक बहुत करीबी दोस्त खो दिया है, जिसने हमारी विशेष द्विपक्षीय और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाई है. अलविदा, दोस्त! अलविदा, कमांडर!''

भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ''फेरेल ने भी जनरल रावत तथा अन्य मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की. उन्होंने कहा कि जनरल रावत के कार्यकाल में भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंध काफी फले-फूले हैं.

 

भारत में फ्रांस के दूत एमेनुअल लेनिन ने ट्वीट किया, ''सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और कई रक्षा अधिकारियों की एक दुर्घटना में मृत्यु से गहरा दुख हुआ. शोक संतप्त परिवारों और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. हम सीडीएस रावत को एक महान सैन्य नेता और फ्रांस-भारत रक्षा संबंधों के समर्थक के रूप में याद रखेंगे.''

 

पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने भी जनरल रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य लोगों की ''दुखद मृत्यु'' पर शोक व्यक्त किया. पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक संक्षिप्त बयान में कहा कि संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेसीएससी) के अध्यक्ष जनरल नदीम रजा और सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल कमर जावेद बाजवा ने संवेदना व्यक्त की है.

 

 

 

 

दन्तेवाड़ा /शौर्यपथ/

कलेक्टर  दीपक सोनी के द्वारा जारी आदेशानुसार 15 जनवरी 2021 को महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिंग उत्पीडन (निवारण प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 की धारा 4(1) के अनुसार कार्यालय कलेक्टर, जिला-दक्षिण बस्तर, दन्तेवाड़ा (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) में 10 सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया गया था। 

उपरोक्त आंतरिक शिकायत समिति के अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर दन्तेवाडा  आस्था राजपुत का अन्य जिले में स्थानान्तरण होने के कारण उनके स्थान पर तहसीलदार दन्तेवाड़ा  यशोदा केतारप का नाम पुनर्स्थापित किया गया है ।यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ फिल्म पॉलिसी-2021 सिनेमा को समाज का दर्पण माना जाता है। समाज में जो कुछ अच्छी-बुरी घटनाएं घटती हैं, इसकी झलक फिल्मों में देखी जा सकती है, वहीं किसी देश और प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पंरपरा की झलक को फिल्मों और साहित्यों से जोड़कर देखा जाता है। छत्तीसगढ़ की प्राचीन कला, संस्कृति एवं परंपरा तथा ऐतिहासिक कहानियों व महापुरूषों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित फिल्म निर्माण के संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन को एक पहचान दिलाने के उद्देश्य  से मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने नयी छत्तीसगढ़ फिल्म पॉलिसी-2021 लागू किया है। 

इस नई फिल्म पॉलिसी के तहत राज्य सरकार फी़चर फिल्म, वेब सीरिज, टीवी सीरियल्स, रियलिटी शो, ओटीटी के साथ-साथ शार्ट फिल्मों का निर्माण, फिल्मांकन के लिए सुविधा-प्रोत्साहन एवं फिल्म क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भिन्न-भिन्न श्रेणियों में अलग-अलग अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फिल्म नीति में सिनेमा हॉल, सिंगल स्क्रीन और मल्टी स्क्रीन खोलने पर भी आर्थिक मदद का उल्लेख है। इससे निश्चित ही हाशिए पर चल रहे छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नया जीवनदान मिलेगा, वहीं छत्तीसगढ़ में नई फिल्म पॉलिसी लागू होने से यहां छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। फिल्म पॉलिसी लागू होने से फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता-निर्देशको, कलाकारों, लेखकों, तकनीशियनों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा हैं। वहीं छत्तीसगढ़ी उद्योग से जुड़े लोगों को एक उच्च स्तरीय मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को संवारने का सुनहरा अवसर मिलेगा। 

राज्य सरकार प्रदेश की पारंपरिक कला-संस्कृति, बोली-भाखा, कला साहित्य को नया आयाम देते हुए संस्कृति विभाग के सभी प्रभागों को एक अम्ब्रेला के नीचे लाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद् का गठन किया गया है। संस्कृति एवं परंपरा के संवर्धन एवं निरंतर विकास को गति देने के लिए संस्कृति मंत्री को परिषद् का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अकादमियों और शोध पीठों के प्रमुखों को संस्कृति परिषद् के सदस्य बनाए गए है। निश्चित इन प्रतिभाओं के प्रयास को नयी उड़ान मिलेगी।  

पूरी दुनिया में सिनेमा आज मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन बन गया है। सिनेमा उद्योग निरंतर फल-फूल रहा है। भारत देश में परतंत्र काल से शुरू हुई सिनेमा आज विश्व सिनेमा से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। आने वाले समय में इसकी विकास की ढेरों संभावनाएं हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की नई फिल्म पॉलिसी से न केवल प्रदेश के लिए बल्कि देश में फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी होगी। प्रदेश में बॉलीवुड, मराठी, भोजपुरी, दक्षिण भारतीय सहित अन्य क्षेत्रों की फिल्म बनने लगेगी तो यहां इस विधा से जुड़े लोगों के लिए रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा। प्रदेश में युवा, फिल्मों से जुड़ने प्रेरित होंगे। छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग निखरेगा, उद्योग एनीमेशन के साथ-साथ नवीन टेक्नालॉजी से अपडेट होंगे। इससे युवाओं के समक्ष रोजगार का बेहतर विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।  

छत्तीसगढ़ की नई फिल्म पॉलिसी बनते ही सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के निर्माता-निदेशक और लेखक मनोज वर्मा कृत छत्तीसगढ़ी फिल्म भूलन द मेज को 21वीं राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित अलंकरण समारोह में एक करोड़ रूपए व प्रशस्ति पत्र के पुरस्कार से नवाजा जाना भी भूपेश सरकार की नई फिल्म पॉलिसी के कारण ही संभव हो पाया है। यह तो केवल शुरूआत मात्र है। इससे प्रेरित होकर प्रदेश के अनेक फिल्मकारों द्वारा नवाचार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी बोली, भाखा, कला, संस्कृति-परंपरा और ऐतिहासिक व महापुरूषों से जुड़ी कहानियों, विचारों पर फिल्म बनने लगी। इससे दक्षिण भारतीय, मराठी, बाग्ंला और भोजपुरी आदि फिल्मों की तरह छत्तीसगढ़ी फिल्मों के नाम से छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया मंे नई पहचान मिलेगी।  

इसके साथ ही सरकार ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए बड़े प्रोत्साहन देने का प्रावधान नई फिल्म पॉलिसी के अंतर्गत किया है। ऑस्कर जैसे अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली छत्तीसगढ़ी फिल्म, निदेशक, अभिनेता-अभिनेत्री को पांच करोड़ रूपए तक की राशि प्रोत्ससाहन स्वरूप दिए जाने का प्रावधान निश्चित रूप से फिल्मकारों द्वारा गुणवत्तापूर्ण फिल्म बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  

नई फिल्म पॉलिसी में पहली, दूसरी और तीसरी फिल्मो के निर्माण में अलग -अलग अनुदान का प्रावधान है। हिन्दी-अंग्रेजी फिल्मों के साथ-साथ स्थानीय भाषा व स्थानीय लोकेशनों पर सम्पूर्ण शूटिंग दिवस का 50 से 75 प्रतिशत शूटिंग दिवस फिल्म शूट करने की स्थिति में एक से पौने दो करोड़ रूपए अथवा कुल लागत का 25 प्रतिशत तक की अनुदान का प्रावधान फिल्मकारों को छत्तीसगढ़ी फिल्म बनाने के लिए आकर्षित एवं प्रोत्साहित करेगा। वहीं 20 प्रतिशत सहायक कलाकार, टेक्निकल एवं ग्राउंड स्टॉफ की अनिवार्यता से यहां इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा। इस तरह निर्धारित शर्तों के साथ 

हिन्दी, अंग्रेजी तथा स्थानीय व अन्य भाषाओं में पहली, दूसरी और तीसरी फिल्मों के निर्माण पर प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 60 से 90 फिल्मों के लिए अनुदान का प्रावधान है। फिल्मों को अनुदान व प्रोत्साहन मिलने से यहां अधिक से अधिक फिल्में बनेंगी। इससे इस विधा से जुड़े राज्य के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। फिल्म नीति में स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर के फिल्मों मेें अवसर देने वाले फिल्मकारों के लिए अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किए जाने से यहां के कलाकारों को बॉलीवुड सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर के फिल्मों में जगह मिलेगी। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात होगी। 

राज्य सरकार नई फिल्म नीति में फिल्म उद्योग को गति देने के लिए फिल्म विकास निगम, फिल्म साधिकार समिति, फिल्म सिटी का विकास, फिल्म फेसीलिटेशन सेल, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, फिल्म मेंकिंग के उपकरण क्रय मे प्रोत्साहन, फिल्म स्टूडियो व लैब, फिल्म ट्रैनिंग इंस्टीट्यूट और विवाद समाधान जैसे अनेक आयम जोड़कर छत्तीसढ़ी फिल्म उद्योग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। यह राज्य के फिल्म उद्योग को एक नई दिशा प्रदान करेगी, वहीं फिल्मों के माध्यम से यहां की बोली, भषा, कला, खान-पान, वेष-भूषा, कला-संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार की सार्थक कदम है।

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ पर्यटन की दृष्टि से देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पर्यटन स्थलों पर बड़े निजी होटलों सहित शासकीय मोटल्स में काम के लिए प्रशिक्षित युवाओं की मांग हमेशा बनी रहती है। ऐसे में होटल मैनेजमेंट के पाठ्यक्रमों से युवाओं के लिए रोजगार के अच्छे अवसर सृजित हो सकते हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने गरीब और खनन प्रभावित क्षेत्रों के बारहवीं कक्षा पास विद्यार्थियों को राज्य होटल प्रबंधन संस्थान (स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में प्रवेश दिलाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने की पहल की है। 

राज्य सरकार की मदद से पर्यटन की संभावनाओं से भरे कोरबा जिले के दस युवा अब शासकीय मदद पर होटल मैनेजमेंट के गुर सीखेंगे। युवाओं के शिक्षण शुल्क, हॉस्टल शुल्क और मेस आदि का खर्चा जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास मद से वहन किया जाएगा। होटल मैनेजमेंट के तीन पाठ्यक्रमों के लिए दस विद्यार्थियों के लिए पूरे कोर्स के दौरान डीएमएफ मद से 29 लाख 64 हजार 200 रूपए खर्च किए जाएंगे।  

कलेक्टर  रानू साहू ने बताया कि चार विद्यार्थी का दाखिला होटल एडमिनिस्ट्रेशन के डिग्री कोर्स में और तीन-तीन विद्यार्थी का दाखिला फूड प्रोडक्शन और फूड एवं वेबरेज सर्विसेज पाठ्यक्रमों में कराया गया है। त्रिवर्षीय डिग्री कोर्स में एक विद्यार्थी पर पांच लाख 24 हजार 900 रूपए का खर्चा होगा। इसमें से तीन लाख 28 हजार 700 रूपए इंस्टीट्यूट की फीस आदि और शेष रूपए आवास तथा मेस पर व्यय होगा। इसी प्रकार डेढ़ साल के फूड प्रोडक्शन डिप्लोमा कोर्स के लिए प्रति छात्र एक लाख 50 हजार 350 रूपए इंस्टीट्यूट और फूड और वेबरेज सर्विसेज के डेढ़ साल के डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी पर एक लाख 37 हजार 850 रूपए व्यय किया जाएगा। इस राशि में शिक्षण शुल्क और आवास, खान-पान आदि का व्यय शामिल है।
उल्लेखनीय है कि होटल मैनेजमेंट के डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों में शासकीय मदद से प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी से लाईवलीहुड कॉलेज कोरबा में आवेदन मंगाए गए थे। इनमें से जिला स्तरीय समिति द्वारा मेरिट के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों का श्रेणीवार चयन किया गया। चयनित विद्यार्थियों में सात छात्राएं एवं तीन छात्र हैं। अनुसूचित जाति वर्ग से एक, अनुसूचित जनजाति वर्ग से दो, अन्य पिछड़ा वर्ग से छह एवं अनारक्षित वर्ग से एक विद्यार्थी का चयन किया गया है। विद्यार्थियों को त्रिवर्षीय बीएससी हॉस्पिटेलिटी एण्ड होटल एडमिनिस्ट्रेशन और 18-18 महीनों के डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन तथा डिप्लोमा इन फूड एवं वेबरेज सर्विसेस डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाया गया है।
विद्यार्थियों की सूची - 

बीएससी होटल एडमिनिस्ट्रेशन - योगिता कंवर, देव कुमार साहू, अवंतिका सिंह,आरती साहू।
डिप्लोमा इन फूड एंड वेबरेज सर्विसेज - दिव्यांग कंवर, खुशबु वैष्णव, मानसी बैरागी।
डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन - रामेश्वर डिक्सेना, महेन्द्र कुमार पात्रे, हिमांशी कश्यप।

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