
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
इंस्पायरिंग /शौर्यपथ/
पैसा हम लोगों के लिए काम करने का एक बड़ा मोटिवेशन होता है। हम सभी को पैसों की जरूरत है, हम सभी को पैसा चाहिए। क्योंकि पैसा ही जिंदगी में बहुत सारी चीजें देता है। पैसे के बारे में एक बात बड़ी अजीब है। अगर हम पैसे के पीछे भागेंगे तो यह दूर जाता महसूस होगा। हम अगर अपने पैशन के पीछे जाएंगे तो पैसा हमारे पीछे आने लगेगा। मुझे पता है कि आप कोई भी क्षेत्र में काम करें, आपको पैसा चाहिए। तो आखिर हमें इस पैसे के लिए कैसी जिंदगी चाहिए... हम कम और औसत खिलाड़ी बनकर पैसा कमाना चाहते हैं या बड़ा खिलाड़ी बनने में हमारा यकीन है।
अगर आप छोटा या औसत रहते हुए अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। बस यह आपको पहले ही सोच लेना होगा कि पहली जॉब की सैलरी क्या होगी, नौकरी पूरी होते-होते यह तनख्वाह अधिकतम कितनी होगी... आपको यह सब प्लान करना होगा। लेकिन अगर आप ऊंचे लक्ष्य रखेंगे, आप अपनी फील्ड के एक्सपर्ट बनना चाहेंगे, आप अपने पैशन के पीछे दौड़ना चाहेंगे तो आपको पैसे का विचार एक तरफ रखना होगा। आप अपने पैशन और पैसे के बारे में एक साथ नहीं सोच सकते।
आप वो करेंगे जो पैशन आपसे करवाएगा, आप वो करेंगे जो आपको पसंद है, तो यह तय है कि ऐसा करने में आपको जबरदस्त खुशी मिलेगी। एक लंबे समय बाद आपको पैसा, सफलता और प्रसिद्धी जैसी बातें आपको हासिल होंगी। लेकिन मेरी इस बात का यकीन मानिए, जब तक यह होगा... तब तक पैसा आपके लिए मायने ही नहीं रखेगा। यही जीवन है।
किसी भी चीज के पीछे जाने के सफर में, पैशन के पीछे जाने के सफर में... आप पाएंगे कि छोटा या औसत जीवन जीने वाले आपसे ज्यादा मजे में हैं। वो अपने हर वीकेंड का मजा ले रहे हैं, वो छुट्टियां ले रहे हैं। और दूसरी तरफ आप हैं जो ऑफिस में देर तक काम कर रहे हैं, वीकेंड भी दफ्तर में बिता रहे हैं। यही वो वक्त है जब आपको सही एटिट्यूड, सही नजरिया अपनाना होगा। आप दूसरों से प्रभावित नहीं होना है, केवल अपना पैशन फॉलो करना है। आपको अपने काम में ही खुशी ढूंढना है, जो महसूस होती भी रहेगी।
पैशन के पीछे शुरू किए इस सफर में अपने काम की तुलना किसी के भी औसत काम... किसी औसत मगर सफल काम से मत कीजिए। ये मत सोचिए कि इस तरह का काम अगर सफल हो सकता है तो मैं तो हो ही जाउंगा। इस तरह के विचार बिल्कुल दिमाग से निकाल दीजिए। आगर आप बेस्ट करना चाहते हैं तो अपने काम की तुलना उससे कीजिए जिसे आप बेस्ट मानते हैं। खुद से सवाल करत रहिए क्या मैं उस बेस्ट के करीब हूं, क्या मैं उस बेस्ट को हरा पा रहा हूं। बेस्ट पर लक्ष्य साधिए, लक्ष्य बहुत बड़ा होना चाहिए। लक्ष्य हर वक्त आपके सामने होगा तो कोई वजह ही नहीं कि इसे आप हासिल नहीं कर पाएं
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
