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June 08, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

सार्थक महिला समूह को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया पर उठे सवाल, निगम कर्मचारी से रिश्तेदारी की भी चर्चा दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बनाए…

जांच में सामने आए अलग-अलग कारण, प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई

    रायपुर / शौर्यपथ / मैनपाट विकासखंड में कथित रूप से पीलिया से पांच लोगों की मौत की खबरों के बीच स्वास्थ्य, राजस्व एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच दल ने स्पष्ट किया है कि मृतकों में सामूहिक पीलिया या जलजनित संक्रमण के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं तथा सभी मौतों के कारण अलग-अलग पाए गए हैं।
संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी, स्वास्थ्य परीक्षण और पेयजल स्रोतों की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम कुनिया के जितेन्द्र यादव की मृत्यु सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) से हुई, जबकि ग्राम बरिमा की भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, लेकिन चिकित्सकीय रिपोर्ट में मृत्यु का कारण यकृत संबंधी जटिलताएं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है।
इसी तरह विकास यादव (बरिमा) की मृत्यु के संबंध में विभिन्न चिकित्सकीय कारण दर्ज किए गए हैं। वहीं नर्मदापुर के विकास यादव बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे और उनमें हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए। ग्राम केसरा की आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं तथा वे लंबे समय से टीबी और श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रही थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों के निवासी थे, जिनके बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य सर्वेक्षण में मृतकों के परिवारों और आसपास के लोगों में पीलिया या हेपेटाइटिस के कोई लक्षण नहीं मिले, जिससे जल स्रोतों के माध्यम से किसी सामूहिक संक्रमण की आशंका खारिज होती है।
एहतियातन स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वेक्षण, दवा वितरण और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य जारी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और अपुष्ट अफवाहों से बचें।

निमधा को नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की सौगात, महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र

     मरवाही/रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अलग ही जनसंपर्क और जनसंवाद का दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में प्रदेशभर के गांवों में जाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर बड़ी सौगात दी।
ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति में आने वाली समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेते हुए व्यवस्था में सुधार और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से विशेष संवाद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक सशक्तता ही ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अब केवल लखपति दीदी बनने तक सीमित न रहें, बल्कि करोड़पति दीदी बनने का लक्ष्य तय करें। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों में महत्वपूर्ण सहयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उनकी निगरानी और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था भी की जाएगी।
जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने उन्हें विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पाद भेंट किए। मुख्यमंत्री ने समूहों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण संस्कृति से जुड़े इस आत्मीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों—जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की सफलता की कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और सफलता की प्रेरक गाथा है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है तथा इसी सोच के साथ सुशासन को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
यह जनचौपाल मुख्यमंत्री की सहजता, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां निर्णय भी हुए, समाधान भी मिला और विकास की नई घोषणाओं ने ग्रामीणों में उत्साह का संचार किया।
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308 करोड़ की परियोजना का उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, बस्तर की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ परियोजना के दोनों छोरों का जायजा लेते हुए कहा कि यह बायपास बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसे शीघ्र पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
308 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 11.38 किलोमीटर लंबे बायपास में दो वृहद एवं दो मध्यम पुल भी निर्मित किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
उप मुख्यमंत्री ने केशकाल-सलना सड़क मजबूतीकरण कार्य का भी निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के तहत आयोजित ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक नीलकंठ टेकाम एवं कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना भी उपस्थित रहीं।
बस्तर के विकास को नई गति देने वाली यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

   रायपुर. / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।

उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

  रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की जल प्रबंधन और सिंचाई सुधार संबंधी पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-सीएडी) मॉडल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इससे प्रेरणा लेने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश के किसानों, जल संसाधन विभाग और सुशासन की प्रतिबद्धता का सम्मान बताते हुए कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है।
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ ने अपने संसाधनों से एम-सीएडी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन कर सिंचाई क्षमता के बेहतर उपयोग और जल प्रबंधन का अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। मंत्रालय के अनुसार यह पहल किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने और जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन और किसानों की आय वृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य का लक्ष्य “हर बूंद पानी का अधिकतम उपयोग, हर खेत तक सिंचाई और हर किसान की समृद्धि” सुनिश्चित करना है।
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  नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब जीतने वाली भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारतीय टीम ने फाइनल में यादगार जीत दर्ज कर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं में हॉकी के प्रति बढ़ते उत्साह और लोकप्रियता को दर्शाती है।
श्री मोदी ने टीम के सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आने वाली प्रतियोगिताओं में भी सफलता की उम्मीद जताई।

    अगरतला/नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा केवल BSF की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व अमला, पंचायतों और आधुनिक तकनीक की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी तथा सीमा से लगे सभी 8 जिलों के कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने “टोटल टेरिटोरियल डिफेंस” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल फेंसिंग नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF के समन्वय से फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड तैयार किया जाएगा।
उन्होंने सीमा क्षेत्रों में हथियारों और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने तथा पूरे नेटवर्क पर रूथलेस कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावासियों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू करने तथा BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में फेक करेंसी, संदिग्ध आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

7 जून का दिन विश्व और भारतीय इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म एवं निधन तथा महत्वपूर्ण दिवसों के कारण विशेष महत्व…
नई दिल्ली/रायपुर: नक्षत्रों की चाल और ग्रहों की जुगलबंदी के साथ आज का सूर्योदय देश-दुनिया के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है। आज 07 जून…
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