
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
जांच में सामने आए अलग-अलग कारण, प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई
रायपुर / शौर्यपथ / मैनपाट विकासखंड में कथित रूप से पीलिया से पांच लोगों की मौत की खबरों के बीच स्वास्थ्य, राजस्व एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच दल ने स्पष्ट किया है कि मृतकों में सामूहिक पीलिया या जलजनित संक्रमण के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं तथा सभी मौतों के कारण अलग-अलग पाए गए हैं।
संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी, स्वास्थ्य परीक्षण और पेयजल स्रोतों की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम कुनिया के जितेन्द्र यादव की मृत्यु सेप्टिक शॉक (एमओडीएस) से हुई, जबकि ग्राम बरिमा की भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, लेकिन चिकित्सकीय रिपोर्ट में मृत्यु का कारण यकृत संबंधी जटिलताएं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है।
इसी तरह विकास यादव (बरिमा) की मृत्यु के संबंध में विभिन्न चिकित्सकीय कारण दर्ज किए गए हैं। वहीं नर्मदापुर के विकास यादव बचपन से सिकल सेल रोग से पीड़ित थे और उनमें हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए। ग्राम केसरा की आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से प्रभावित नहीं थीं तथा वे लंबे समय से टीबी और श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रही थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों के निवासी थे, जिनके बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य सर्वेक्षण में मृतकों के परिवारों और आसपास के लोगों में पीलिया या हेपेटाइटिस के कोई लक्षण नहीं मिले, जिससे जल स्रोतों के माध्यम से किसी सामूहिक संक्रमण की आशंका खारिज होती है।
एहतियातन स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वेक्षण, दवा वितरण और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन का कार्य जारी है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और अपुष्ट अफवाहों से बचें।
निमधा को नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की सौगात, महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र
मरवाही/रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अलग ही जनसंपर्क और जनसंवाद का दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। इसी कड़ी में प्रदेशभर के गांवों में जाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर बड़ी सौगात दी।
ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति में आने वाली समस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेते हुए व्यवस्था में सुधार और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से विशेष संवाद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक सशक्तता ही ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अब केवल लखपति दीदी बनने तक सीमित न रहें, बल्कि करोड़पति दीदी बनने का लक्ष्य तय करें। महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों में महत्वपूर्ण सहयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उनकी निगरानी और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था भी की जाएगी।
जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने उन्हें विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पाद भेंट किए। मुख्यमंत्री ने समूहों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण संस्कृति से जुड़े इस आत्मीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों—जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की सफलता की कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और सफलता की प्रेरक गाथा है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है तथा इसी सोच के साथ सुशासन को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
यह जनचौपाल मुख्यमंत्री की सहजता, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां निर्णय भी हुए, समाधान भी मिला और विकास की नई घोषणाओं ने ग्रामीणों में उत्साह का संचार किया।
क्या आप भविष्य में ऐसी सरकारी खबरों के लिए इसी तरह का विस्तृत लेकिन अखबार-शैली का प्रारूप पसंद करेंगे, या थोड़ा अधिक विश्लेषणात्मक समाचार स्वरूप उपयोगी रहेगा?
308 करोड़ की परियोजना का उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण, बस्तर की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ परियोजना के दोनों छोरों का जायजा लेते हुए कहा कि यह बायपास बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसे शीघ्र पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
308 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 11.38 किलोमीटर लंबे बायपास में दो वृहद एवं दो मध्यम पुल भी निर्मित किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
उप मुख्यमंत्री ने केशकाल-सलना सड़क मजबूतीकरण कार्य का भी निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के तहत आयोजित ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक नीलकंठ टेकाम एवं कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना भी उपस्थित रहीं।
बस्तर के विकास को नई गति देने वाली यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
रायपुर. / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की जल प्रबंधन और सिंचाई सुधार संबंधी पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-सीएडी) मॉडल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इससे प्रेरणा लेने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश के किसानों, जल संसाधन विभाग और सुशासन की प्रतिबद्धता का सम्मान बताते हुए कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है।
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ ने अपने संसाधनों से एम-सीएडी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन कर सिंचाई क्षमता के बेहतर उपयोग और जल प्रबंधन का अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। मंत्रालय के अनुसार यह पहल किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने और जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन और किसानों की आय वृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य का लक्ष्य “हर बूंद पानी का अधिकतम उपयोग, हर खेत तक सिंचाई और हर किसान की समृद्धि” सुनिश्चित करना है।
क्या इस तरह का संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली समाचार प्रारूप आपके समाचार पत्र के लिए उपयुक्त है, या आप इसे और अधिक समाचार-पत्र शैली (हेडलाइन, उपशीर्षक और कोटेशन के साथ) में चाहते हैं?
नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब जीतने वाली भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारतीय टीम ने फाइनल में यादगार जीत दर्ज कर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं में हॉकी के प्रति बढ़ते उत्साह और लोकप्रियता को दर्शाती है।
श्री मोदी ने टीम के सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आने वाली प्रतियोगिताओं में भी सफलता की उम्मीद जताई।
अगरतला/नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा केवल BSF की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व अमला, पंचायतों और आधुनिक तकनीक की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी तथा सीमा से लगे सभी 8 जिलों के कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने “टोटल टेरिटोरियल डिफेंस” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल फेंसिंग नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF के समन्वय से फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड तैयार किया जाएगा।
उन्होंने सीमा क्षेत्रों में हथियारों और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने तथा पूरे नेटवर्क पर रूथलेस कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावासियों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू करने तथा BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में फेक करेंसी, संदिग्ध आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नई दिल्ली । देश में शुक्रवार का दिन राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे से लेकर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रमों, मानसून की दस्तक और खेल जगत में हुई बड़ी कार्रवाई तक कई घटनाएं राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र रहीं।
गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात और दमन का दौरा करते हुए विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सूरत में लगभग 1,800 करोड़ रुपये तथा दमन में करीब 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। इस दौरान आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए विपक्षी दलों पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़
तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जहां भाजपा से अलग हुए के. अन्नामलाई ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों से प्रेरित एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की। उनके इस कदम को दक्षिण भारतीय राजनीति में नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।
कर्नाटक में विभागों का बंटवारा, असंतोष की चर्चाएं
कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया। वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री खेमे के पास ही रहा, जबकि बेंगलुरु विकास मंत्रालय कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंपा गया। विभागों के बंटवारे के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की खबरें भी सामने आई हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
18 जून को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। कांग्रेस ने झारखंड में वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और अजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं आंध्र प्रदेश में जनसेना पार्टी ने लिंगमनेनी रमेश को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
आरबीआई का बड़ा फैसला, रेपो रेट यथावत
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। हालांकि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू मांग के संतुलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत
केंद्र सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को पूंजीगत लाभ कर से छूट देने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय वित्तीय बाजारों में नई पूंजी का प्रवाह संभव होगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर देशभर में अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। नई दिल्ली में 18 नए ‘नमो ऑक्सीजन पार्कों’ का उद्घाटन किया गया। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल बताया।
मानसून की दस्तक, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश में प्रवेश कर लिया है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। केरल के कुछ जिलों में एहतियातन स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
खेल जगत में बड़ी कार्रवाई
भारतीय कुश्ती महासंघ ने आयु संबंधी दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल के विजेता दीपांशु सहित पांच पहलवानों को चार वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। खेल जगत में इस कार्रवाई को अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
एनआईए की बड़ी कार्रवाई
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कोलकाता में कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार किया। मामले को लेकर जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
हिमाचल में भूकंप के झटके
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा।
दिनभर की प्रमुख तस्वीर
05 जून 2026 का दिन देश में विकास, राजनीतिक गतिविधियों, आर्थिक निर्णयों, पर्यावरणीय जागरूकता, खेल अनुशासन और प्राकृतिक घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा। एक ओर सरकार ने विकास और निवेश को गति देने के संकेत दिए, वहीं पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक चुनौतियों ने भी देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
चेन्नई । तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अब अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक राह चुन ली है। उन्होंने युवाओं और जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए "वी द लीडर्स" (We The Leaders) नामक एक नए जन आंदोलन की शुरुआत की है, जिसे जल्द ही एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल का स्वरूप दिए जाने की घोषणा की गई है।
गठबंधन की राजनीति बनी इस्तीफे की वजह
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के बीच तमिलनाडु की चुनावी रणनीति को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। अन्नामलाई का मानना था कि भाजपा को राज्य में अपने संगठन और जनाधार के बल पर स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए तथा किसी बड़े क्षेत्रीय दल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
वहीं भाजपा नेतृत्व ने आगामी चुनावों को देखते हुए एआईएडीएमके के साथ पुनः गठबंधन का रास्ता चुना। इसी निर्णय के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहरे हो गए। बताया जाता है कि केंद्रीय नेतृत्व ने अन्नामलाई को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने और राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन उन्होंने इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया।
"वी द लीडर्स" से नई राजनीतिक पारी
भाजपा से अलग होने के कुछ ही समय बाद अन्नामलाई ने "वी द लीडर्स" आंदोलन की शुरुआत कर दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मंच नहीं बल्कि युवाओं, पेशेवरों और आम नागरिकों को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शीघ्र ही एक पूर्ण राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत होगा और तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक सक्रिय रूप से भाग लेगा।
आईपीएस से राजनीति तक का सफर
राजनीति में आने से पहले के. अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के एक चर्चित और लोकप्रिय आईपीएस अधिकारी रहे हैं। प्रशासनिक सेवा छोड़कर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कम समय में तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। आक्रामक शैली, जमीनी संपर्क और युवा वर्ग में लोकप्रियता के कारण उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
भाजपा के लिए चुनौती, विपक्ष के लिए नया समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई का भाजपा से अलग होना केवल एक नेता का इस्तीफा नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है। यदि उनकी नई पार्टी युवाओं और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल होती है, तो राज्य की पारंपरिक राजनीतिक संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है।
भाजपा के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जबकि द्रविड़ राजनीति के बीच एक नए विकल्प की तलाश कर रहे मतदाताओं के लिए यह एक नया राजनीतिक प्रयोग साबित हो सकता है।
आगे क्या?
तमिलनाडु में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के बीच के. अन्नामलाई की नई राजनीतिक पारी पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि "वी द लीडर्स" केवल एक आंदोलन बनकर रह जाता है या फिर तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरता है।
फिलहाल इतना तय है कि अन्नामलाई के इस फैसले ने दक्षिण भारतीय राजनीति में नई बहस और नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक हालिया बयान ने देश की राजनीतिक सरगर्मियों को तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने दावा किया है कि देश की नौकरशाही और विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नियंत्रण पहले जैसा नहीं रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
संस्थाओं के भीतर से जानकारी मिलने का दावा
एक बंद कमरे में आयोजित आदिवासी पेशेवर सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें देश की विभिन्न संस्थाओं के भीतर से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि नौकरशाही, खुफिया एजेंसियों, चुनाव आयोग और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कुछ लोग अब सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं।
राहुल गांधी के अनुसार, सरकारी तंत्र में कार्यरत अधिकारी अब स्वयं आगे आकर महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि सत्ता के शीर्ष नेतृत्व की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही।
"आर्थिक सुनामी" की चेतावनी
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत निकट भविष्य में एक बड़े आर्थिक संकट या "आर्थिक सुनामी" का सामना कर सकता है। उनके अनुसार बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि जन असंतोष और आर्थिक दबाव तेजी से बढ़ता है, तो सरकार कठोर प्रशासनिक कदम उठा सकती है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
भाजपा का पलटवार
राहुल गांधी के इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा नेताओं ने आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है।
भाजपा का कहना है कि देश की संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं और विपक्ष द्वारा बार-बार संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी से अपने दावों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने की भी मांग की है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
राहुल गांधी के बयान ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश में कई राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस अपने चरम पर है। विपक्ष जहां आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा विकास, बुनियादी ढांचे और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
आगे क्या?
राहुल गांधी के दावों और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है, जबकि देश की जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर टिकी है कि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
