July 24, 2026
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    रोकिए जनसंख्या वृद्धि

    • rounak group

    मेलबॉक्स / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को दिए गए अपने भाषण में जनसंख्या नियंत्रण को आज की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत बताया था, बावजूद इसके आज तक सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा सकी है। यह समझने की जरूरत है कि किसी भी देश के संसाधन बहुत सीमित होते हैं, इसलिए असीमित रूप से बढ़ती जनसंख्या उस संसाधन को समय-पूर्व खत्म कर सकती है। जनसंख्या वृद्धि के कारण देश का विकास भी अवरुद्ध हो जाता है। इसलिए सरकार से गुजारिश है कि आगामी संसद सत्र में जनसंख्या नियंत्रण विधेयक पेश किया जाए, क्योंकि देश में लगातार बढ़ती आबादी को थामना बहुत जरूरी है। इसी से योजनाएं सही तरह धरातल पर कामयाब हो सकेंगी। इस दिशा में आगे बढ़ना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि अब देश बढ़ती आबादी के बोझ तले हांफने लगा है।
    प्रमोद अग्रवाल गोल्डी, हल्द्वानी

    भीड़ में अकेला
    परदे पर अमूमन हर कहानी के जरिए जिंदगी और उसकी सार्थकता का पैगाम देने वाली फिल्मी और टीवी दुनिया में आखिर क्या हो गया है कि लगातार चमकते सितारों की खुदकुशी की खबरें आने लगी हैं? बीते एक हफ्ते में समीर शर्मा और अनुपमा पाठक की आत्महत्या ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि परदे की चकाचौंध के पीछे या तो सब कुछ ठीक नहीं है या फिर वहां हालात से लड़ते कलाकारों के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं है, जो वक्त पर उन्हें थाम सके। विडंबना यह है कि शायद हमारा समाज अभी इस स्तर तक संवेदनशील नहीं हुआ है या फिर भावनात्मक स्तर पर उसमें सामूहिकता का इतना विकास नहीं हुआ है कि वह अपने-अपने दायरे और पहुंच के लोगों पर गौर कर सके और वक्त पर उनके लिए सहारा बन जाए। वरना समीर शर्मा और अनुपमा पाठक, दोनों ने अपने सोशल मीडिया पर जिस तरह की तस्वीरों और वीडियो के जरिए अपनी मन:स्थिति का इजहार किया था, उससे साफ लग रहा था कि वे किसी भावनात्मक द्वंद्व से गुजर रहे हैं और खुद को अकेला पा रहे हैं।
    अरविंद पाराशर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश

    तिरंगे वाले मास्क
    कई कंपनियां पैसा कमाने के उद्देश्य से बगैर सोचे-समझे कोई भी उत्पाद बाजार में ले आती हैं। उनका एकमात्र मकसद पैसा कमाना होता है। उनकी यह लालसा देश की अवमानना करने से भी नहीं चूकती। जैसे, स्वतंत्रता दिवस निकट आने पर मास्क बनाने वाली कंपनियों ने तिरंगे के चित्र वाले मास्क को बेचना शुरू कर दिया है। इस तरह के मास्क बनाना गलत है, क्योंकि इसे अपने मुंह पर लगाने के बाद व्यक्ति खांसता व छींकता भी है। फिर, अनुपयोगी होने पर उसे कूड़े में भी फेंक देता है। इस तरह तिरंगे वाले मास्क से हमारी राष्ट्रीयता के प्रतीक का अपमान होगा। इसलिए इन्हें खरीदना और बेचना प्रतिबंधित होना चाहिए। सरकार और स्थानीय प्रशासन के लोग इस पर अविलंब गौर करें।
    आशीष सकलेचा, जावरा

    बेखौफ अपराधी
    देश में आए दिन बलात्कार की घटनाएं घटित हो रही हैं। कोई भी राज्य इन घटनाओं से अछूता नहीं है। अभी हाल ही में दिल्ली में 12 वर्षीया बालिका के साथ जिस तरीके की र्दंरदगी की गई, उसे देखकर निर्भया कांड की यादें ताजा हो गईं। आखिर कब तक नारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ती रहेगी? यह हमारे सरकारी तंत्र की विफलता का परिणाम है कि निर्भया के दोषियों को इतने वर्षों के बाद सजा मिली। असल में, अपराधियों में खौफ इसीलिए नहीं होता, क्योंकि कहीं न कहीं हमारा सरकारी तंत्र गुनहगारों की मदद करता है! इसी कारण आज महिलाओं के प्रति अपराध की दर बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए कड़े कानून के साथ सरकारी तंत्र में भी व्यापक बदलाव लाने की जरूरत है।
    शुभम वैष्णव, राजस्थान

     

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