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सेहत / शौर्यपथ / काली मिर्च मसालों में एक ख़ास जगह रखता है। इसके इस्तेमाल से खाने का स्वाद बढ़ जाता है. आयुर्वेद में भी काली मिर्च को एक औषधि और जड़ी-बूटी माना जाता हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए काली मिर्च को इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। काली मिर्च के कई फायदे हैं, जिनके बारे में जानकार आप इसका लाभ उठा सकते हैं।
काली मिर्च में पैपरीन नामक तत्व पाया जाता है। यह तत्व औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।
सर्दी-खांसी होने पर 8-10 काली मिर्च, 10-15 तुलसी के पत्ते मिलाकर चाय बनाकर पीने से आराम मिलता है।
100 ग्राम गुड़ पिघला कर 20 ग्राम काली मिर्च का पाउडर उसमंप मिलाएं। थोड़ा ठंडा होने पर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। खाना खाने के बाद 2-2 गोलियां खाने से खांसी में आराम मिलता है।
दो चम्मच दही, एक चम्मच चीनी और 6 ग्राम पिसी काली मिर्च मिलाकर चाटने से काली और सूखी खांसी में आराम मिलता है।
एक चम्मच शहद में 2-3 पिसी काली मिर्च और चुटकी भर हल्दी मिलाकर खाने से जुकाम में बनने वाले कफ से राहत मिलेगी।
नाक में एलर्जी होने पर 10-10 ग्राम सोंठ, काली मिर्च, पिसी इलायची और मिश्री को पीस कर चूर्ण बना लें। इसमें बीज निकला 50 ग्राम मुनक्का और तुलसी के 10 पत्ते पीसकर डालें और अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण की 3-5 ग्राम की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। सुबह-शाम 2-2 गोलियां गर्म पानी के साथ लें।
पिसी काली मिर्च पुराने गुड़ के साथ खाने से नाक से बहता खून बंद हो जाता है।
गला बैठ गया है, तो 7 काली मिर्च और 7 बताशे रात को सोने से पहले चबाकर खाएं।
बुखार में तुलसी, काली मिर्च और गिलोय का काढ़ा पीना फायदेमंद होता है।
फेफड़े और सांस नली में संक्रमण होने पर काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन करें। इसके अलावा पिसी काली मिर्च, घी और मिश्री बराबर मात्रा में मिलाएं। सुबह-शाम एक-एक चम्मच लें, लाभ होगा।
काली मिर्च और काला नमक दही में मिलाकर खाने से पाचन संबंधी विकार दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से पेट के कीटाणु मरते हैं और पेट की बीमारियां दूर होती हैं।
पेट में गैस की समस्या होने पर एक कप पानी में आधा नीबू का रस, आधा चम्मच पिसी काली मिर्च और आधा चम्मच काला नमक मिला कर पिएं।
कब्ज होने पर 4-5 काली मिर्च के दाने दूध के साथ रात में लेने से आराम मिलता है।
बदहजमी होने पर कटे नीबू के आधे टुकड़े के बीज निकाल कर काली मिर्च और काला नमक भरें। इसे तवे पर थोड़ा गर्म करके चूसें।
20 ग्राम काली मिर्च, 10 ग्राम जीरा और 15 ग्राम शक्कर या मिश्री पीस कर मिश्रण बना लें। इसे सुबह-शाम पानी के साथ फांक लें। बवासीर रोग में आराम मिलेगा।
काली मिर्च आंखों के लिए उपयोगी है। भुने आटे में देसी घी, काली मिर्च और चीनी मिला कर मिश्रण बनाएं। सुबह-शाम 5 चम्मच मिश्रण का सेवन करें।
नमक के साथ काली मिर्च मिलाकर दांतों में मंजन करने से पायरिया ठीक होता है। दांतों में चमक और मजबूती बढ़ती है।
मुंह से बदबू आती है, तो दो काली मिर्च रात को ब्रश करने से पहले चबा लें।
ब्लड पे्रशर काबू करने के लिए दिन में 2-3 बार 5-5 दाने काली मिर्च के साथ 20-20 दाने किशमिश का सेवन करें।
हाई ब्लड प्रेशर में आधा गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोल कर 2-2 घंटे
के अंतराल पर पीने से आराम मिलता है।
माइग्रेन होने पर एक कप दूध में एक चम्मच पिसी काली मिर्च और एक चुटकी हल्दी मिला कर उबाल कर पिएं।
काली मिर्च शहद में मिलाकर खाने से कमजोर याददाश्त में फायदा होता है।
चेहरे पर झाइयां होने पर एक गिलास गाजर के रस में नमक और पिसी काली मिर्च मिलाकर पीना फायदेमंद है।
चेहरे पर झाइयां होने पर काली मिर्च, जायफल और चंदन तीनों का पाउडर बराबर मात्रा में मिलाएं। 2-3 चुटकी पाउडर और थोड़ा पानी मिलाकर उबटन बनाएं। इसे चेहरे पर लगाएं। सूखने पर सादे पानी से चेहरा धो लें।
शरीर के किसी भी अंग में सूजन होने पर काली मिर्च का लेप लगाएं, आराम मिलेगा।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
