August 09, 2026
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    कब है महाअष्टमी, जानें मां महागौरी की पूजा विधि, मंत्र और भोग रेसिपी

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      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /नवरात्रि के आठवें दिन यानी महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा होती है. इस बार 22 अक्टूबर को महाअष्टमी है. इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है. सफेद वस्त्र धारण करने वाली मां महागौरी का वाहन वृषभ है और मां की चार भुजाएं हैं. ऊपर दाहिना हाथ अभय मुद्रा में है, बाएं में डमरू है. नीचे वाले हाथ में मां ने त्रिशूल पकड़ा है तो वहीं एक साथ वर मुद्रा में है. माना जाता है कि मां महागौरी की पूजा करने से कन्याओं को मनोवांछित वर मिलता है. इसके साथ ही सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की मां सभी परेशानियां दूर करती हैं, ऐसी मान्यता है. आइए जानते हैं मां के आठवें रूप मां महागौरी की पूजा कैसे की जानी चाहिए, उन्हें किस चीज का भोग लगाते हैं और पूजा के दौरान किस मंत्र का जाप करना चाहिए.
    मां महागौरी का भोग-
    मां को इस दिन नारियल से बनी बर्फी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके लिए आप सबसे पहले नारियल को कद्दूकस कर लें. अब एक कड़ाही में एक चम्मच घी डाल कर नारियल को हल्का सा भून लें, ताकि ये थोड़ा नर्म हो जाए. अब इसमें चीनी और बहुत थोड़ा सा पानी मिलाएं. नारियल को चलाते हुए चीनी को पिघलने दें. अब इसमें पीसी हुई इलायची मिलाएं और गैस बंद कर दें. ट्रे में इस मिश्रण को फैला दें और ठंडा होने के बाद बर्फी के शेप में काट लें.
    मां महागौरी पूजा विधि-
    सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।

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