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आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. मान्यतानुसार इस दिन स्नान-दान करने को बेहद शुभ माना जाता है. पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह में कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाती है. इस साल कार्तिक पूर्णिमा की तिथि 26 नवंबर, रविवार के दिन दोपहर 3 बजकर 53 मिनट से शुरू हो रही है और पूर्णिमा तिथि का समापन 27 नवंबर, सोमवार दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर होगा. इस चलते 27 नवंबर के दिन पूर्णिमा मनाई जाएगी. मान्यतानुसार पूर्णिमा पर भक्त यदि पूरे मनोभाव से श्री हरि की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करते हैं तो भक्तों को श्री हरि की विशेष कृपा मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है.
कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करना
मान्यतानुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ होता है. कहते हैं इससे व्यक्ति के सब पाप धुल जाते हैं. जो लोग पवित्र नदी तक नहीं जा सकते वे घर में बाल्टी में गंगाजल को सादे पानी में मिलाकर भी स्नान करते हैं.
इस दिन घर का साफ-सुथरा होना अनिवार्य माना जाता है. घर में गंदगी हो तो श्री हरि ऐसे घर से दूर रहते हैं. इसीलिए सफाई का ध्यान रखना जरूरी होता है. सफाई वाले घर में ही मां लक्ष्मी का भी आगमन होता है.
इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करना भी शुभ है. मां लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा की जा सकती है.
कार्तिक पूर्णिमा पर दान का विशेष महत्व है. इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है.
धार्मिक मान्यतानुसार पूर्णिमा के दिन शाम के समय दीप जलाना और दीपदान करना शुभ होता है. घर में दीये जलाने पर विशेष लाभ मिलता है.
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के क्रम में कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से परहेज करना चाहिए. तुलसी के पत्ते तोड़ने पर भगवान विष्णु क्रोधित हो सकते हैं.
शराब और मांसाहार का सेवन करने से बचना चाहिए. कार्तिक पूर्णिमा पर सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है.
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
