
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ /‘वर्क फ्रॉम होम’ ने घर और दफ्तर के बीच की दीवार को धुंधला कर दिया है। कभी कुकर की सीटी तो कभी टीवी का शोरगुल, कभी फल-सब्जी वाले की आवाज तो कभी बच्चों की उछल-कूद, घर में बैठकर ऑफिस का काम निपटाना कतई आसान नहीं। ऐसे में मशहूर अमेरिकी आर्किटेक्ट फर्म ‘लॉरेल एंड वोल्फ’ के विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे उपाय सुझाए हैं, जो ‘वर्क फ्रॉम होम’ में होने वाली मुश्किलों को दूर करने के साथ ही उत्पादकता बढ़ाने में भी कारगर साबित हो सकते हैं।
घर का पसंदीदा कोना चुनें:
घर में ऑफिस का सेटअप स्थापित करते समय यह मत भूलिए कि आपको वहां कम से कम आठ घंटे तो गुजारने ही हैं। ऑफिस टेबल को घर के किसी खाली कोने के बजाय खिड़की के पास लगाने की कोशिश करें, ताकि हर 15 से 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लेकर हरियाली का दीदार कर सकें। अगर ऑफिस टेबल को खिड़की के पास स्थापित करने का विकल्प नहीं मौजूद है तो सामने की दीवार पर रंग-बिरंगी पेंटिंग लगाएं, जिससे न सिर्फ आपको ‘फील गुड’ हो, बल्कि ताजगी का एहसास भी बना रहे।
रोशनी का खास ख्याल रखें:
‘वर्क फ्रॉम होम’ में घंटों कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन से चिपके रहने से आंखों की रोशनी प्रभावित होना लाजिमी है। ऐसे में घर में पर्याप्त मात्रा में धूप न आती हो तो उसकी भरपाई कृत्रिम लाइट से करें। कमरे की छत पर बल्ब लगाने के साथ ही डेस्क पर लैंप की व्यवस्था करें, ताकि स्क्रीन पर नजर टिकाए रहने के दौरान आंखों पर ज्यादा जोर न पड़े। ऑफिस सेटअप में एलईडी या व्हाइट लाइट का ही इस्तेमाल सुनिश्चित करें, क्योंकि ये आंखों को सुकून पहुंचाती हैं।
नीली, पीली दीवारें फायदेमंद:
‘लॉरेल एंड वोल्फ’ के मुताबिक पीला-नारंगी रंग जहां ‘फील गुड’ हार्मोन का स्त्राव बढ़ाता है, वहीं नीला-हरा रंग स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ के उत्पादन में कमी लाता है। इसलिए ऑफिस सेटअप में दीवारों को इन रंगों में रंगवाना खासा फायदेमंद साबित हो सकता है। यही नहीं, ऑफिस जैसी ऊर्जा महसूस करने के लिए सामने की दीवार पर एक व्हाइट बोर्ड भी जरूर लगाएं। उस पर रोजाना के लिए निर्धारित काम के साथ ही प्रमुख फोन नंबर और मन में आने वाले विचार लिखते रहें।
फर्नीचर आरामदायक होना जरूरी:
-अगर आप सोचते हैं कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ बस चंद दिनों की बात है। ऐसे में टेबल या कुर्सी पर पैसे खर्च करने की क्या जरूरत है तो आप गलत हैं। जरूरत से ज्यादा ऊंची या नीची टेबल-कुर्सी पर बैठकर काम करने से आपको न सिर्फ पीठ, कमर, कंधे और गर्दन में दर्द की शिकायत सता सकती है, बल्कि चक्कर व सर्वाइकल स्पॉन्डलाइटिस की समस्या भी पनप सकती है। ‘वर्क फ्रॉम होम’ में बिस्तर पर लेटकर या बैठकर काम करने से भी बचें। इससे रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
डेस्क पर छोटे-छोटे पौधे लगाएं:
-पेड़-पौधे न सिर्फ आंखों को सुकून पहुंचाते हैं, बल्कि तनाव का एहसास घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में भी खासे असरदार पाए गए हैं। इसलिए ऑफिस डेस्क के आसपास बोनसाई या कैक्टस का पौधा लगाएं, जिनका रखरखाव बेहद आसान है। टेबल और फर्श पर सफेद या क्रीम चादर व रग बिछाएं, ताकि मन हमेशा शांत व तरोताजा बना रहे। पेन स्टैंड या फाइल बॉक्स खरीदने की जरूरत नहीं। घर में मौजूद पुराने डिब्बों या गत्ते को सजाकर पेन-फाइलें रखने के लिए इस्तेमाल करें। यह भी सुनिश्चित करें कि ऑफिस जोन टीवी से दूर हो।
काम के बोझ तले दबे कर्मचारी:
-59% कर्मचारियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ में ऑफिस से कहीं ज्यादा काम करने की बात कही
-91% ने अतिरिक्त काम के बदले कोई भत्ता या छुट्टी न दिए जाने पर नाखुशी जाहिर की
-87% का मानना है कि नियोक्ताओं को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के लिए पारदर्शी नीति बनानी चाहिए
शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य पर असर:
-56% में पीठ-कमर-कंधे में दर्द, 52% में अनिद्रा और 38% में सिरदर्द की समस्या पनपी
-54% घर में रहते हुए भी बीवी-बच्चों, अभिभावकों के साथ अच्छे पल बिताने को तरसे
-33% को लॉकडाउन के शुरुआती महीनों में छुट्टी न मिलने से बेचैनी की शिकायत हुई
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
