July 31, 2026
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    महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा करते समय ना करें ये काम, नहीं मिलेगा पूजा का फल

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      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन धर्म में भगवान शिव को अमर,अजर और अविनाशी कहा गया है. शिव अनन्त है और उनकी पूजा करके जातक की संपूर्ण मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. भगवान शिव  और मां पार्वती के विवाह के पर्व को हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है. इस साल यानी 2024 में महाशिवरात्रि  का महापर्व 8 मार्च को आ रहा है और इस दिन देश के मंदिरों में पूजा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ होगी. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विधिवत पूजा की जाती है और शिवलिंग   को तरह-तरह से अभिषेक किए जाते हैं. लेकिन महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान कुछ लोग अनजाने में गलतियां कर बैठते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, अन्यथा पूरी पूजा विफल मानी जाती है और आपके बने बनाए काम भी बिगड़ सकते हैं.
    महाशिवरात्रि की पूजा करते समय ना करें ये गलतियां-
        महाशिवरात्रि पर अगर आप शिवलिंग पर अभिषेक कर रहे हैं, तो इसे लोटे या कलश से करें. भगवान शिव की पूजा करते समय शंख का प्रयोग निषेध माना गया है. इस दौरान ना तो शंख बजाएं और ना ही शंख से शिवलिंग का अभिषेक करें.
        भगवान शिव की पूजा करते वक्त तुलसी दल अर्पित करना निषेध है. आपको बता दें कि आप भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं या फिर पूरे शिव परिवार की, इस दौरान तुलसी दल अर्पित नहीं करना चाहिए. इसके अलावा महादेव की पूजा में कनेर और केतकी के फूलों को भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
        महाशिवरात्रि पर अक्सर लोग भगवान शिव की पूजा करने के बाद शिवलिंग की परिक्रमा करते हैं. आपको बता दें कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए. शास्त्रों में शिवलिंग की पूरी परिक्रमा वर्जित कही गई है. अर्ध चंद्रमा के आधार पर शिवलिंग की आधी परिक्रमा करनी चाहिए.
        महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं क्योंकि भगवान शिव को बेलपत्र काफी प्रिय हैं. लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पूजा में इस्तेमाल हो रहे बेलपत्र ताजे और साबुत होने चाहिए. टूटे फूटे, पुराने, सूखे बेलपत्र चढ़ाने से पूजा विफल हो जाती है.
        महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा करते समय रोली, कुमकुम या हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए. ये सब स्त्री तत्व हैं और शिवलिंग पुरुष तत्व है. इसलिए आपको इन चीजों की बजाय पीला चंदन अर्पित करना चाहिए और उसका ही तिलक करना चाहिए.

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