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रायपुर / शौर्यपथ / प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबरको विश्व हाथ धुलाई दिवस (Global Hand washing Day)मनाया जाता है ।सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देने वाली गंदगी हाथों में छिपी होती है । हाथों का इस्तेमाल हम किसी भी वस्तु को छूने, उसका इस्तेमाल करने और कई तरह के रोज़मर्रा के कामों का सम्पादन में करते है ।बिना हाथ धोए सेवन करने से हाथों में लगी गंदगी हमारे शरीर में चली जाती है। जो कई बीमारियों का कारण बन जाती है। साबुन से साथ हाथ धोना बीमारियों से बचाव और जीवन की सुरक्षा के लिए एक आसान, प्रभावी और बेहतर तरीका है। इस वर्ष की थीम "सभी के लिए स्वच्छ हाथ' "(Hand Hygiene for All)पर केंद्रित है । हाथों की धुलाई के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से पूरे विश्व में 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस (ग्लोबल हैंड वाशिंग डे) मनाया जाता है। हाथों की साफई रखने से संक्रमण से होने वाली बीमारियों से भी काफी हद तक बचा जा सकता है। ज्ञात रहे प्रथम ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे 2008 में मनाया गया, जिसमें विश्व भर के 70 से अधिक देशों के 120 मिलियन से अधिक बच्चों ने साबुन से हाथ धोये थे ।
महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के ज़िला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पांण्डेय ने बताया ज़िले की 1880 आंगनबाडी की लगभग 3700 कार्यकर्ता और सहायिकाएं डिजिटल माध्यम से हाथ धुलाई के लियें जागरुक करेगी साथ ही गृह भेंट कर हाथों की साफई रखने और गंदे हाथों से होने वाली संक्रमित बीमारियों से भी लोगों को जागरुक करेंगी ।
हाथ धोना क्यों जरूरी
खाना खाने से पहलेऔर खाना खाने के बाद, शौच के उपरांतहाथों को साबुन से जरूर धोएं। हाथ पोंछने के लिए तौलिए या साफ कपडे का प्रयोग करें। तौलियों या हाथ पोछने के कपडे को गर्म पानी में धोएं,हो सके तो डीटॉल का प्रयोग भी कर सकते है ताकि तौलियों या हाथ पोछने के कपडा पूरी तरह से कीटाणु मुक्त हो जाएं।
हथेलीयों की लकीरों में छुपे होते कीटाणु
ज़िला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.रवि तिवारी कहते हैं हाथ धोना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।साथ ही हाथ धोना स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से बचने और अन्य संक्रमण से बचने के लिये नियमित रुप से हर व्यक्ति को स्वास्थ्य की छोटी-छोटी बातों को ध्यान रखना चाहिए। दिन में कई चीजों को छूते हैं जिससे कीटाणु हाथ में रह जाते हैं। हाथ धोने के लिए हर बार साबुन का प्रयोग करें विशेषकर बच्चों को खेल के उपरांत, स्कूल से आने के बाद शौच के बादकिसी संक्रामित रोगी के सम्पर्क या हाथ मिलाने के बाद कोई भी वस्तु न खाएं। खाने से पूर्व हाथ साबुन से धोने की आदत डालना चाहिए।
इसको भी समझें
खाना बनाते या खाना खाने से पहले और शौच के बाद, साबुन से हाथ धोने से तेज श्वास संक्रमण की दर को कम करता है। डायरिया जैसी प्राण लेवा बीमारियों की मृत्यु दर को कम किया जा सकता हैं। बच्चों का प्रसव कराने वाले व माताओं के साबुन से हाथ धोने से नवजात शिशु के जीवित रहने की संभावना बढ़ती हैं।
हाथ धोने का सही तरीका
हाथ धोने का सही तरीका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव देता है। हाथ धोने का भी एक विशेषतरीक है। हाथ कम से कम 20 सेकंड तक अवश्य धोएं है। हाथ पानी से गीले करें साबुन लगाकर 20 सेकंड तक हाथों को एक-दूसरे पर रगड़ें। इस प्रक्रिया में हाथ के साथ हथेली, पीछे का हिस्सा, उंगलियां और नाखून के आस-पास अच्छे से रगडें उसके बाद पानी से हाथ धोएं और स्वच्छ कपड़े से हाथ पोछें। हाथ पोछने के लिए रुमाल या तौलिये का प्रयोग करें।
हाथों को धोना कब-कब जरुरी हैं
खाना-खाने से पूर्व और उपरांत, नवजात को छूने से पूर्व, शौच के उपरांत साबुन से, खांसने,छींकने, या नाक साफ़ करने, जानवर और कचरे को छूने के उपरांत ज़ख्म के उपचार से पहले और बाद में। वर्तमान में बाज़ार और अस्पताल से आने के बाद हाथों को अच्छे से धोने का नियम बना लें ।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
