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शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की जद में फंसी लाखों जिंदगियां भले ही मौत के कुएं से निकलकर बाहर आ गई हों, लेकिन इसका शरीर की हड्डियों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। यह हम नहीं, बल्कि अलीगढ़ में संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने के बाद डॉक्टर्स की रिपोर्ट कह रही है। बढ़ती उम्र के साथ कमजोर हड्डियों पर कोरोना संक्रमण की दोहरी मार पड़ने लगी है। कोरोना संक्रमित हो चुके मरीजों में हड्डियों में दर्द की समस्या सबसे ज्यादा आ रही है।
दुनियाभर में आज विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है। यह हड्डी का एक ऐसा रोग है जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। जिसके बाद ज्वाइंट्स में दर्द और कमजोरी शिकायत रहने लगती है। डॉक्टर्स के मुताबिक कोरोना संक्रमण का हड्डियों पर गहरा प्रभाव पड़ने वाला है। इस बीमारी से बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा ग्रसित होती हैं।
मगर कोरोना संक्रमण की वजह से इनपर दोहरी मार पड़ने लगी है। जो मरीज पहले इस बीमारी से काफी हद तक ठीक हो चुके थे वह दोबारा इससे ग्रसित होने लगे हैं। डॉक्टर्स ने बताया कि किसी भी कोरान मरीज को 15 से लेकर 21 दिन तक आइसोलेशन में रखा जाता है। जहां उसे पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पाती है। विटामिन डी ही एक ऐसा श्रोत है जिससे हड्डियों को मजबूती मिलती है।
क्या कहते हैं कोरोना मरीज :
इस संबंध में 20 कोरोना संक्रमित रह चुके मरीजों से बात की गई, जिसमें से 12 लोगों ने हडि्डयों के दर्द की शिकायत की। जिसमें कोरोना संक्रमित रह चुके अपर मंडला आयुक्त शमीम अहमद ने बताया कि कोरोना तो ठीक हो गया पर जिंदगी भर का दर्द दे गया है। संक्रमण के बाद से हड्डियों में सबसे ज्यादा दर्द रहने लगा है। रीढ़, घुटने और गर्दन की हडि्डयों हमेशा दर्द रहता है। वहीं 62 वर्षीय सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हडि्डयों में दर्द की शिकायत पहले से थी, लेकिन कोरोना संक्रमित होने के बाद यह समस्या ज्यादा बढ़ गई है।
क्या है ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी :
यह एक गंभीर बीमारी है फिर भी लोगों में इसके बारे में पता नहीं है। यह समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है, लेकिन पुरुष भी इससे अछूते नहीं है। यह हड्डियों को कमजोर और नाजुक बनाती है। जरा सी चोट लगने पर हड्डियां टूट सकती हैं। कभी-कभी झुकने, खांसने या छींकने से भी फ्रैक्चर हो सकता है। ऐसे कई कारण हैं जो इस रोग के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या को कोरोना संक्रमण और विकराल कर सकता है। खासकर बुजुर्ग लोगों का कोरोना संक्रमित होना। संक्रमण की वजह से उनपर ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या और बढ़ जाएगी। जो मरीज पहले ठीक हो चुके हैं उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस फिर अपने जद में ले सकता है।
कोरोना संक्रमित होने की वहज से मरीजों को 21 दिन तक अस्पताल या आइसोलेशन में रहना पड़ता है। जहां उन्हें पर्याप्त मात्र में विटामिन डी नहीं मिल पाता। जो की हडि्डयों के लिए बहुत खरनाक है। जरूरी है कि आइसोलेशन के समय भी विटामिन की पर्याप्त मात्रा उन्हें दी जाए।
फिजियोथेरेपी के लिए महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही। लगातार बढ़ रही संख्या से एक अनुमान लगाया जा सकता है कि संक्रमण ने हमारी हडि्डयों को प्रभावित किया है। मरीज ठीक होने के बाद एक्सरसाइज और खानपान में सुधार करें तो कुछ हद तक समस्या कम हो सकती है।
ऑस्टियोपोरोसिस के कारण :
आधुनिक जीवनशैली, निष्क्रिय रहने की आदत, शराब और तंबाकू का सेवन, धूम्रपान, अधिक कैलोरी और जंक फूड का सेवन जैसी शहरी खान-पान की आदतें, भोजन में मिलावट और कम उम्र में मधुमेह रोग।
ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण :
कमर में दर्द की शिकायत, शरीर में लगातार थकावट, काम की इच्छा न करना, हाथ और पांव में दर्द रहना, हल्की चोट पर हड्डियों का टूटना।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
