July 25, 2026
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    पक्षियों के जोड़े की तस्वीर रखें घर में, पति-पत्नी में नहीं रहेगी अनबन, बढ़ेगा प्यार

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    शौर्यपथ / वास्तु शास्त्र एवं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पक्षियों के जोड़े, नारियल, एकाक्षी नारियल और श्रीफल सुख-समृद्धि बहुत ही उपयोगी माने गए हैं। इन वस्तुओं का प्रयोग मानव की समृद्धि और शांति के लिए किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य पं.शिवकुमाार शर्मा से जानिए इनका जीवन में समृद्धि के लिए कैसे और किस तरह से इनका प्रयोग किया जा सकता है।

    पक्षियों का जोड़ा: पक्षियों का जोड़ा प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। पक्षियों के जोड़े का इतिहास हमें महर्षि वाल्मीकि के युग से प्राप्त होता है जब वे तमसा नदी में स्नान कर रहे थे, तब एक क्रोंच पक्षी का जोड़ा जलविहार कर रहा था। सुंदर पक्षियों का जोड़ा वास्तु के अनुसार भी बहुत शुभ होता है। हंस, तोता, मोर, चकवा-चकवी शुभ पक्षियों के जोड़े की तस्वीर या मूर्ति घर में लगाने से घर के सदस्यों में परस्पर प्रेम का भाव जागृत होता है। नव दंपत्ति के कक्ष में या बेडरूम में ऐसे पक्षियों का जोड़ा रखना शुभ माना गया है। लेकिन यह भी ध्यान रहे कि चित्र में पक्षियों का जोड़ा उस कक्ष में पानी के अंदर दिखाई ना पड़े। पक्षियों का जोड़ा हमेशा उत्तर अथवा पूर्व दीवार पर रखें ताकि सोते समय और जागते समय सामने दिखाई पड़े। इससे पति-पत्नी के बीच में संबंध मधुर होते हैं। घर के ड्राइंग रूम में भी इन पक्षियों के जोड़े रखे जा सकते हैं। ड्राइंग रूम में इन जोड़ों को रखने से हमारे सामाजिक संबंध बहुत अच्छे और मधुर हो जाते हैं। विवाह योग्य कन्या के कक्ष में भी ऐसे जोड़े रखने से शीघ्र ही उनका विवाह संबंध तय हो जाता है।

    नारियल: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नारियल कई रूपों में मिलता है। पहला है साधारण नारियल। यह नारियल ऊपर से जटा से युक्त कठोर परत वाला नारियल पूर्णता का प्रतीक है। इसे हम ब्रह्मांड की परिकल्पना भी कर सकते हैं। नारियल प्रत्येक शुभ कार्य में उपयोग किया जाता है। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए द्वार पर कलश भरकर आम्रपल्लव डालकर उसके ऊपर नारियल सजाते हैं। ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मी जी को पूर्ण कलश बहुत प्रिय है और वे उस घर में निवास के लिए तत्पर रहती हैं। इसीलिए सभी हिंदू परिवारों में शुभ अवसर पर सज्जा के समय नारियल युक्त कलश का चित्र और नारियल का चित्र बनाकर सकारात्मक उर्जा का निर्माण किया जा सकता है।
    एकाक्षी लघु नारियल: सामान्य रूप से जब हम नारियल के जटाओं को हटाते हैं उसकी कठोर परत पर तीन काले बिंदु दिखाई देते हैं। जिसमें दो बिंदु आंखों के रूप में और एक बिंदु मुंह के रूप में माना गया है। कभी-कभी हजारों में कोई एक नारियल ऐसा निकलता है जिसमें केवल दो बिंदु होते हैं। इसे एक आंख और एक मुंह माना जाता है। ऐसे नारियल को एकाक्षी नारियल बोलते हैं। य‌द्यपि यह बहुत दुर्लभ होता है यदि आपको कहीं मिल जाए, इसकी घर में स्थापना करें। दैनिक पूजा करें और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष मंत्र के द्वारा इस को अभिमंत्रित करें। तंत्र में यह नारियल बहुत ही उपयोगी माना गया है।‌ इससे घर में धन-धान्य प्रेम और इच्छापूर्ति तक की संभावनाएं होती हैं।

    श्रीफल: श्रीफल एक कंचे के आकार का नारियल की तरह एक फल होता है। इसे अति लघु नारियल या श्रीफल कहते हैं। श्री फल लक्ष्मी जी अर्थात लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का फल माना गया है। दीपावली के पर्व पर 5 या 11 श्रीफल लेकर दीपावली पूजन के समय चौकी पर रखें और लक्ष्मी जी के मंत्रों से ही उन पर अक्षत, पुष्प, नैवेद्य आदि से पूजन करें। अगले दिन अपनी तिजोरी या मंदिर में स्थापित कर दें। घर का उत्तर पूरब कोना यदि दूषित हो या कटा हुआ हो तो 11 श्रीफल 11 पीली कौड़ियां पीले वस्त्र में बांध कर टांगे या किसी पात्र में रख दें। श्रीफल को अपनी जेब या व्यापार स्थान में या तिजोरी में रखने से भी लक्ष्मी जी कृपा बनी रहती है।

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