July 24, 2026
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    जिला उपभोक्ता आयोग दुर्ग का फैसला रोबोटिक सर्जरी का बीमा दावा देने से किया इंकार - बीमा कंपनी पर लगा 3 लाख 19 हजार रुपये हर्जाना

    • rounak group

    दुर्ग / शौर्यपथ / इलाज के दौरान हुई रोबोटिक सर्जरी से संबंधित बीमा क्लेम को बीमा कंपनी ने निरस्त कर दिया गया, इस कृत्य को सेवा में निम्नता मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर 3 लाख 19 हजार रुपये हर्जाना लगाते हुए आदेश पारित किया।

    उपभोक्ता की शिकायत

    महाराजा चौक, मुक्त नगर दुर्ग निवासी दिलीप देशलहरा ने दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से पॉलिसी लेकर अपना स्वास्थ्य बीमा करवाया था। बीमा अवधि के दौरान स्वास्थ्य खराब होने पर परिवादी को 19 जून 2018 को इलाज हेतु मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव में भर्ती कराया गया जहां परिवादी को बीमारी के इलाज हेतु रोबोटिक सर्जरी करानी पड़ी जिसमें 4 लाख 11 हजार रुपये का खर्च आया जिसके बाद बीमा कंपनी से इलाज का खर्च प्रदान करने का निवेदन करने पर इलाज में हुए व्यय हेतु मात्र 1 लाख 2 हजार 56 रुपये ही भुगतान किए और शेष बीमा क्षतिपूर्ति राशि को बीमा कंपनी द्वारा यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि बीमा पॉलिसी के अंतर्गत रोबोटिक सर्जरी से इलाज का खर्च भुगतान योग्य नहीं है।

    बीमा कंपनी का जवाब
    प्रकरण में उपस्थित होकर बीमा कंपनी ने जवाब दिया कि बीमा पॉलिसी की शर्त में सर्जिकल ऑपरेशन परिभाषित है, जिसमें रोबोटिक सर्जरी शामिल नहीं होने के कारण रोबोटिक सर्जरी से करवाया गया इलाज बीमा हेतु कवर नहीं होता है इसीलिए परिवादी को रोबोटिक सर्जरी का खर्च छोड़कर बीमा दावा के रूप में 1 लाख 2 हजार 56 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। रोबोटिक सर्जरी के लिए परिवादी को कोई दावा राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता है।

    फोरम का फैसला
    प्रकरण में विचारण के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने पाया कि पॉलिसी अंतर्गत सर्जिकल प्रोसीजर का मतलब किसी बीमारी या चोट के इलाज के लिए मानव हाथों के द्वारा या ऐसे ऑपरेटिव प्रोसीजर से है जो विकृति और दोषों के सुधार बीमारियों के निदान और इलाज राहत या कष्ट या जीवन की लंबी उम्र के लिए आवश्यक हो। प्रस्तुत मामले में परिवादी की जो रोबोटिक सर्जरी की गई है वह उसके शरीर में आई विकृति और दोषों के सुधार के साथ-साथ बीमारी के निदान इलाज और राहत के लिए की गई ऐसी ही ऑपरेटिव प्रोसीजर है जो उक्त नियम एवं शर्तों के अधीन ही आती है। इस कारण परिवादी रोबोटिक सर्जरी के अंतर्गत कराए गए इलाज का खर्च प्राप्त करने का हकदार है। जिसका भुगतान ना कर परिवादी के प्रति सेवा में निम्नता की गई है।

    बीमा कंपनी को ग्राहक के प्रति सेवा में निम्नता और व्यवसायिक कदाचरण का जिम्मेदार पाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने उस पर 3 लाख 19 हजार 2 सौ 42 रुपये हर्जाना लगाया, जिसमें रोबोटिक सर्जरी की दावा राशि 2,98,242 रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति स्वरूप 20,000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 1,000 रुपये अदा करना होगा। साथ ही क्लेम राशि पर 06 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।

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