July 25, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    छत्तीसगढ़ी पकवानों का अनूठा स्वाद गढ़कलेवा में

    • rounak group

    शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र गढ़कलेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में प्रयोग के तौर पर छत्तीसगढ़ी खानपान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र संचालित है। यह रायपुर शहर के अन्य खान-पान केन्द्रों से प्रतिस्पर्धा करते हुए, गुणवत्ता और मानकों पर खरा उतरा है, जिससे पारंपरिक और स्वास्थ्यकर, स्वादिष्ट खान-पान को बल मिला है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़कलेवा शुरू किया गया है।
    छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खान-पान की विशिष्ट परंपराए हैं, जो हर प्रहर, बेला, मौसम और तीज त्यौहारों के अवसर पर पकाए, खाए और खिलाए जाते हैं। वनवासी-जनजातीय समाज का कलेवा मुख्यतः प्राकृतिक वनोपज पर आधारित है, तो जनपदीय संस्कृति के वाहकों के कलेवा में रोचक रसपूर्ण विविधता है। मांगलिक और गैरमांगलिक दोनों प्रसंग के व्यंजनों की अपार श्रृंखला है। ये व्यंजन भुने हुए, भाप से पकाये, तेल में तले और ये तीनों के बगैर भी तैयार होते हैं।
    छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख पकवानों में चीला, बेसन चीला, गुरहा चीला, फरा, मुठिया, धुसका, चंाउर रोटी, चंउर पातर रोटी, खुपुर्री रोटी, बफौरी, चंवसेला, बरा, पताल चटनी, देहरउरी, अईरसा, दुधफरा, पकवा, ठेठरी, खुरमी, बिड़िया, पिड़िया, पपची, पूरन लाडू, करी लाडू, बुंदी लाडू, मुर्रा लाडू, लाई लाडू शामिल है।
    राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ी खान-पान एवं व्यंजन विक्रय केन्द्र गढ़कलेवा छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतर्गत स्थानीय महिला स्वसहायता समूहों को प्रशिक्षित कर तथा गढ़कलेवा हेतु स्थल, शेड़ आदि तैयार कर संचालन हेतु दिया जाएगा। जिससे समूह के गरीब परिवारों को जीवन यापन के लिए स्वरोजगार प्राप्त हो सके और आत्म निर्भर बन सकंे। भारत सरकार की योजना ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय काईट फेस्टिवल 06 से 14 जनवरी 2019 में गुजरात के अहमदाबाद में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं छत्तीसगढ़ व्यंजन स्टाल लगाया गया था, जहां लोगों ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भरपूर लुत्फ उठाया।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision