Google Analytics —— Meta Pixel
June 01, 2026
Hindi Hindi

घर पर फेंगशुई ऊंट रखने से मिलता है शुभ फल, तरक्की के साथ आर्थिक लाभ होने की है मान्यता

  • rounak group

शौर्यपथ / वास्तु शास्त्र की तरह की फेंगशुई शास्त्र में धन और तरक्की संबंधी कई उपायों को बताया गया है। धन लाभ और तरक्की के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। फेंगशुई शास्त्र में ऊंट का शो-पीस लाइफ के मुश्किल समय को काटने में मदद करता है। फेंगशुई शास्त्र के अनुसार, अगर बिजनेस में लाभ नहीं हो रहा या कर्मचारी काम करने से जी चुराते हैं तो व्यापार में लाभ और प्रोड्क्टिविटी को बढ़ाने के लिए ऊंट को लगाना शुभ होता है।
इसी तरह फेंगशुई के अनुसार, अगर व्यक्ति को करियर में लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ रहा है या कड़ी मेहनत के बावजूद भी अपेक्षित रिजल्ट की प्राप्ति नहीं हो रही है। मान्यता है कि इस स्थिति में अपने स्टडीरूम या ऑफिस में ऊंट की मूर्ति को लगाने से शुभ लाभ मिलते हैं। कहा जाता है कि ऊंट की मूर्ति लगाने के बाद आप जो भी काम करते हैं, उनमें आपका फोकस बढ़ जाता है और करियर संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
मान्यता है कि अगर घर में धन संबंधी दिक्कत है तो ऊंट के जोड़े को घर में लाकर रखने से धन का आगमन तेजी से होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति सुधरने लगती है। घर में पॉजिटिव और खुशनुमा माहौल रखने के लिए एक, दो या कई ऊंट की तस्वीर या ऊंट के जोड़ों की मूर्ति को घर पर उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर के सदस्यों को मानसिक तौर पर शांति मिलती है।
फेंगशुई के अनुसार, जीवन में आ रही मुश्किलों से बचने के लिए भी ऊंट की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऊंट की मूर्ति व्यक्ति की सहन-शक्ति बढ़ाती है। जिससे व्यक्ति सही निर्णय लेने में सफल होता है।

Rate this item
(0 votes)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)