
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
धर्म संसार /शौर्यपथ / हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पड़ती है। इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च 2021 (गुरुवार) को है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पू्र्ण होती हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि व्रत नियमों का पालन करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। जानिए महाशिवरात्रि के दौरान किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
महाशिवरात्रि 2021 शुभ मुहूर्त-
निशीथ काल पूजा मुहूर्त :24:06:41 से 24:55:14 तक।
अवधि :0 घंटे 48 मिनट।
महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त :06:36:06 से 15:04:32 तक।
महाशिवरात्रि व्रत नियम-
1. महाशिवरात्रि के दिन चावल, गेहूं आदि से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. इस दिन मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए।
3. महाशिवरात्रि के दिन बेसन, मैदा आदि से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
4. महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले व्रती को दिन में नहीं सोना चाहिए। मान्यता है कि दिन में सोने से व्रत का फल नहीं मिलता है।
5. वाद-विवाद से बचना चाहिए।
6. कटु शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
7. चाय, फल और दूध आदि का सेवन किया जा सकता है।
8. साबुदाने की खिचड़ी का सेवन किया जा सकता है।
महाशिवरात्रि व्रत पूजा विधि-
1. मिट्टी या तांबे के लोटे में पानी या दूध भरकर ऊपर से बेलपत्र, आक-धतूरे के फूल, चावल आदि जालकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।
2. महाशिवरात्रि के दिन शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। साथ ही महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।
3. शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि का पूजा निशील काल में करना उत्तम माना गया है। हालांकि भक्त अपनी सुविधानुसार भी भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत कथा-
शिवरात्रि को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। जिनमें से एक के अनुसार, मां पार्वती ने शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसके फलस्वरूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।
वहीं गरुड़ पुराण में वर्णित एक कथा अनुसार, इस दिन एक निषादराज अपने कुत्ते के साथ शिकार खेलने गया किन्तु उसे कोई शिकार नहीं मिला। वह थककर भूख-प्यास से परेशान हो एक तालाब के किनारे गया, जहां बिल्व वृक्ष के नीचे शिवलिंग था। अपने शरीर को आराम देने के लिए उसने कुछ बिल्व-पत्र तोड़े, जो शिवलिंग पर भी गिर गए। अपने पैरों को साफ करने के लिए उसने उनपर तालाब का जल छिड़का, जिसकी कुछ बून्दें शिवलिंग पर भी जा गिरीं। ऐसा करते समय उसका एक तीर नीचे गिर गया; जिसे उठाने के लिए वह शिव लिंग के सामने नीचे को झुका। इस तरह शिवरात्रि के दिन शिव-पूजन की पूरी प्रक्रिया उसने अनजाने में ही पूरी कर ली। मृत्यु के बाद जब यमदूत उसे लेने आए, तो शिव के गणों ने उसकी रक्षा की और उन्हें भगा दिया। कहा जाता है कि भगवान शिव अनजाने में अपने भक्त को इतना फल देते हैं तो विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्तों को किसी प्रकार की कमी नहीं रहती है।
महाशिवरात्रि के दिन करें ये काम-
1. महाशिवरात्रि के दिन व्रत या उपवास करना चाहिए।
2. सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़ों को धारण करना चाहिए।
3. शुभ मुहूर्त में मंदिर जाकर महादेव को जल और दूध अर्पित करना चाहिए।
4. महाशिवरात्रि के दिन ओम नम: शिवाय का जाप करना चाहिए।
5. इस दिन व्रती को अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।
महाशिवरात्रि के दिन क्या न करें-
1. महाशिवरात्रि के दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. महाशिवरात्रि के दिन देर रात तक नहीं सोना चाहिए।
3. महाशिवरात्रि के दिन दाल, चावल या गेहूं से बना अन्न नहीं ग्रहण करना चाहिए।
4. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन काले वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए।
5. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव को अर्पित प्रसाद नहीं खाना चाहिए।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
