July 26, 2026
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    मानसिक रोगों से करेगी बचाव म्यूजिक थैरेपी, ब्लड प्रेशर भी रहेगा कंट्रोल

    • rounak group

    टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / संगीत हमारे मनोरंजन का साधन है। मगर इसके साथ ही यह मानसिक सेहत का भी भरपूर ख्याल रखने में सक्षम है। संगीत के तमाम लाभों पर पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में हुए एक हालिया अध्ययन में पता चला है कि यह तमाम मानसिक विकारों के उपचार में मददगार साबित हो सकता है। इसमें कोई दोराय नहीं कि संगीत सुनना और नृत्य करना चिकित्सकीय रूप से लाभकारी हो सकता है। मानसिक और भावनात्मक सेहत के लिए भी यह प्रभावी है।

    सभी आयु वर्ग के लिए समान रूप से प्रभावीः
    संगीत के लाभों पर हुए हालिया शोध में यह साबित हुआ है कि संगीत चिकित्सा के क्षेत्र को बेहतर बना सकता है। इसका इस्तेमाल शारीरिक, सामाजिक, संज्ञानात्मक और भावनात्मक स्वास्थ्य की बेहतरी में हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूजिक थैरेपी सभी आयु वर्ग और स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों के लिए लाभकारी है। चाहें वह कोई वाद्य यंत्र बजाते हों या किसी संगीत कौशल में माहिर हों।

    संगीत चिकित्सक ब्रायन हैरिस का कहना है कि मस्तिष्क को संगीत की बराबर धरती पर कोई दूसरी चीज प्रेरित और उत्तेजित नहीं कर सकती। संगीत को न्यूरोप्लास्टी में सहायता करने में भी कारगर पाया गयाहै। पुराने कनेक्शन को मजबूत करने व नए कनेक्शन को बनाने में भी मस्तिष्क को मजबूत करने के मामले में संगीत कारगर है।

    क्या है म्यूजिक थैरेपी ?
    पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में संगीत चिकित्सक जेनिफर बोर्गवर्ड के अनुसार संगीत चिकित्सा पद्धति में निम्मलिखति प्रकार शामिल हैः
    - गीतलेखन
    - गानों पर प्रस्तुति
    - संगीत सुनना
    - वाद्य यंत्र बजाना
    व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से इनमें से किसी का इस्तेमाल किया जा सकता है। संगीत का साथ स्मृति, सीखने की प्रक्रिया, भाषा और तर्क से संबंधित मुद्दों के प्रभाव को कम कर सकता है। अगर किसी को स्ट्रोक के कारण चलने में दिक्कत है तो उपचार उनके लिए मददगार हो सकता है।

    शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभावीः
    संगीत का शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव होता है। यह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार में अधिक लाभकारी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि संगीत, डिमेंशिया, अस्थमा, तेज दर्द, ऑटिज्म, चिंता,अवसाद, स्ट्रोक, पार्किंसन, सिजोफ्रेनिया, सामाजिक व्यवहार, अल्जाइमर आदि रोगों में मददगार है।

    गैर-पेशवरों के लिए भी फायदेमंदः
    विशेषज्ञों का कहना है कि यहां तक कि अगर किसी को बोलने या अभिव्यक्ति में दिक्कत होती है तो इस मामले में भी संगीत बेहतर विकल्प है। संगीत चिकित्सा में हमारे पास आंतरिक अनुभवों को व्यक्त करने, नए तरीकों से एक-दूसरे से जुड़ने, और हमारी सहज रचनात्मकता को बेहतर करने का अच्छा अवसर है।, जो सभी एक चिकित्सीय संबंध के संदर्भ में है। विशेषज्ञों का कहना है कि संगीत का जितना लाभ वाद्ययंत्र वादकों एवं संगीतकारों को होता है, उतना ही लाभ नॉन म्यूजिशियन को भी होता है।

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