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June 01, 2026
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आपके भूलने की आदत कहीं अल्जाइमर का संकेत तो नहीं! जानें कौन-सी आदतें हैं खतरनाक

  • rounak group

सेहत /शौर्यपथ / किसी बात या काम को भूल जाना आम बात है लेकिन जब आप हमेशा कुछ न कुछ भूलने लगे, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए क्योंकि भागती-दौड़ती जिंदगी में अल्जाइमर का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आपको इससे बचने के लिए यह जान लेना जरुरी है कि आखिर अल्जाइमर है क्या-
क्या है अल्जाइमर
अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है, जिसके कारण मरीज की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है और उसका असर दिमाग के कार्यों पर पड़ता है।आमतौर पर यह मध्यम उम्र या वृद्धावस्था में दिमाग के ऊतकों को नुकसान पहुंचने के कारण होता है।यह डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है, जिसका असर व्यक्ति की याद्दाश्त, सोचने की क्षमता, रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ता है.
इन आदतों से रहें दूर
खाली बैठना
उम्र बढ़ने के साथ-साथ दिमाग को खाली न छोड़े बल्कि कुछ नया सीखने, करने की आदत डालते रहें ताकि दिमाग सक्रिय रहे। खाली बैठना आपकी सेहत ही नहीं आपके दिमाग के लिए भी अच्छा नहीं है।
नशा करना
शराब पीने को किसी भी तरह से सही नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर आप लगातार नशा करते हैं, तो इसका असर आपके दिमाग पर पड़ता है।किसी भी तरह के नशे से दूर रहें और डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें।
तनाव लेना
स्ट्रेस फ्री लाइफ जिएं और तनाव बिल्कुल भी न लें। हाल ही में एक और स्टडी आई थी जिसमें कहा गया कि तलाक, किसी अपने की मौत या नौकरी खोने जैसे जीवन के तनावपूर्ण अनुभवों के कारण मध्य आयु वर्ग की महिलाओं में याददाश्त की कमी और अल्जाइमर्स रोग का जोखिम बढ़ जाता है.
कम सोना
बहुत से लोग रात के समय मोबाइल पर अपना ज्यादातर समय बिताते हैं, जिसका असर हमारी नींद पर पड़ता है इसलिए आपको भरपूर नींद लेनी चाहिए।
मोबाइल पर निर्भरता
मोबाइल कॉलिंग के अलावा कई चीजों में काम आने लगा है लेकिन हर बात को याद रखने के लिए मोबाइल पर निर्भर न रहें।लिखने-पढ़ने और किसी खास दोस्त से बात करके अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की आदत डालें।
अल्जाइमर के संकेत
शोधकर्ताओं के अनुसार, अल्जाइमर की बीमारी में मस्तिष्क के वे हिस्से कमजोर हो जाते हैं जो आपको दिन में जगाए रखते हैं। यही वजह है कि चीजें भूलने की अवस्था के आने से पहले ही अल्जाइमर से पीड़ित लोग दिन में अत्यधिक झपकी लेने लगते हैं। इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि दिन में जगाए रखने वाले मस्तिष्क के हिस्से ताउ नाम के प्रोटीन से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे यह साबित होता है कि अमाइलॉइड प्रोटीन के बजाय Tau प्रोटीन अल्जाइमर की बीमारी में बड़ा रोल प्ले करता है।

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