August 03, 2026
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    जीरा और काला जीरा, हैरत होगी इतने फायदे जानकर

    • rounak group

    सेहत / शौर्यपथ / जीरे का इस्तेमाल तो हर घर में होता है लेकिन आपको शायद ये ना पता हो कि जीरा केवल खाने में तड़का लगाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं होता है, बल्कि छोटा सा जीरा कई औषधीय गुणों से भरपूर है। जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा विश्वसनीय औषधि है।

    भुने हुए जीरे को लगातार सूँघने से जुकाम की छीकें आना बंद हो जाती है।

    प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है।

    जीरा गरम प्रकृति का होता है अत: इसके अधिक सेवन से उल्टी भी हो सकती है।

    जीरा कृमिनाशक है और ज्वरनिवारक भी।

    जीरे को उबाल कर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है।


    बवासीर में मिश्री के साथ सेवन करने से शांति मिलती है।

    जीरे व नमक को पीसकर घी व शहद में मिलाकर थोड़ा गर्म करके बिच्छू के डंक पर लगाने से विष उतर जाता है।


    जीरे का चूर्ण 4 से 6 ग्राम दही में मिलाकर खाने से अतिसार मिटता है।


    आइए, जानते हैं काला जीरा कैसे आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है और किन औषधीय गुणों से भरपूर हैं -

    1 वजन कम करने में कारगर -
    अगर 3 महीने तक लगातार काले जीरे का सेवन किया जाए, तो शरीर में जमा अनावश्यक फैट घटाने में मदद मिलती है। काला जीरा फैट को गला कर अपशिष्ट पदार्थों (मल-मूत्र) के माध्यम से शरीर से बाहर कर देता है।

    2 इम्यून विकार को करें दूर -
    इसके नियमित सेवन से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, ये शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में बोन मैरो, नेचुरल इंटरफेरॉन और रोग-प्रतिरोधक सेल्स की मदद करता है। साथ ही इसका सेवन शरीर में ऊर्जा का संचार करता है जिससे जल्द थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती।

    3 पेट की तकलीफ करें दूर -
    काले जीरे में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते है जिसके कारण ये पेट संबंधी कई समस्याओं में लाभकारी है, जैसे पाचन संबंधी गड़बड़ी, गैस्ट्रिक, पेट फूलना, पेट-दर्द, दस्त, पेट में कीड़े होना आदि समस्याओं में यह राहत देता है। धीरे-धीरे पचने वाला खाना खाने के बाद थोड़ा-सा काला जीरा खाने से तत्काल लाभ होता है।

    4 सर्दी-जुकाम, कफ में फायदेमंद -
    सर्दी-जुकाम, कफ से बंद नाक के लिए काला जीरा इन्हेलर का काम भी करता है। ऐसी स्थिति में थोड़ा सा भुना जीरा रूमाल में बांध कर सूंघने से आराम मिलता है। अस्थमा, काली खांसी, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी से होने वाली सांस की बीमारियों में भी यह फायदेमंद है।


    5 सिरदर्द व दांत दर्द में दे राहत -
    काले जीरे का तेल सिर और माथे पर लगाने से माइग्रेन जैसे दर्द में लाभ होता है। गर्म पानी में काले जीरे के तेल की कुछ बूंदें डाल कर कुल्ला करने से दांत दर्द में काफी राहत मिलती है।

    6 एंटीसेप्टिक का काम करें -
    एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण काला जीरा संक्रमण को फैलने से रोकता है। काले जीरे के पाउडर का लेप घाव, फोड़े-फुंसियां आदि पर लगाने से वे आसानी से भर जाते हैं।

    नोट :

    * काला जीरा तासीर में गर्म होता है जिस कारण इसका सेवन एक दिन में तीन ग्राम से ज्यादा नहीं करना चाहिए।
    * जिन्हें ज्यादा गर्मी लगती है या जो हाई ब्लडप्रेशर के मरीज है, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों के मामले में डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।

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