August 11, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    मनोरंजन /शौर्यपथ/बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान एक्टिंग के अलावा अपनी बात बेबाकी से रखने के लिए भी जाने जाते हैं। एक ताजा इंटरव्यू में सैफ ने कहा कि वह अब इंडियन अवॉर्ड शोज में विश्वास नहीं रखते हैं। उन्होंने खुद के राष्ट्रीय पुरस्कार के बारे में भी बात की जो उन्हें फिल्म 'हम तुम' के लिए मिला था। सैफ ने कहा कि कुछ लोगों को लगता था कि वह उसके योग्य नहीं थे।
    बॉलीवुड हंगामा से बात करते हुए, सैफ ने कहा, "हां, मुझे अपने करियर में कुछ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें से 'हम तुम' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी शामिल है। लेकिन मुझे लगता है कि मैंने कुछ सालों में खुद को उम्मीद से ज्यादा बेहतर साबित किया है।"
    सैफ ने आगे कहा कि वह अवॉर्ड शोज में विश्वास नहीं करते हैं और इसे 'होल बिग तमाशा' बताया। उन्होंने एक वाकये को याद किया जो उनके साथ कुछ साल पहले हुआ था। सैफ ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं उन पर विश्वास नहीं करता। कुछ साल पहले मुझे एक अवार्ड फंक्शन के लिए बुलाया गया था। जब मैं वहां गया तो ऑर्गेनाइजेशन के किसी बड़े अधिकारी ने मुझसे कहा, 'हम आपको बेस्ट एक्टर का अवार्ड देना चाहते थे। लेकिन आप जानते हैं कि यह किस तरह से होता है। हम आपको कॉमिक रोल में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड देंगे।"
    उन्होंने कहा कि अवार्ड शो को 'कमर्शियल अस्पेक्ट' के रूप में पेश करने के बाद यह "एक बड़े तमाशे" में बदल गया। सैफ का यह भी मानना ​​है कि ये अवार्ड शो पैसा कमाने का एक बहाना है। उन्होंने कहा, "जैसा कि मैं देखता हूं कि अवॉर्ड शो परफॉर्मेंस कर पैसा कमाने का एक जरिया बन गया है। यदि आपके पास बुद्धि है, तो आप पैसे को अच्छी तरह से खर्च करते हैं।”

    शौर्यपथ / अस्पताल में भर्ती रहे कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीज अब मानसिक अस्थिरता से जूझने लगे हैं। शिकागो के नॉर्थ-वेस्टर्न विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अध्ययन से पता लगा कि चालीस प्रतिशत गंभीर मरीजों के मस्तिष्क पर वायरस इतना गहरा असर कर रहा है कि वे मानसिक भ्रम से लेकर कोमा तक के खतरों जूझ रहे हैं।
    कई वैज्ञानिक अध्ययनों से यह सिद्ध हो चुका है कि कोविड-19 का वायरस सिर्फ श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी नहीं है बल्कि यह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से यानी मस्तिष्क समेत कई महत्वपूर्ण अंगों को क्षति पहुंचाता है। इसी क्रम में ताजा अध्ययन बताता है कि अस्पताल में भर्ती रहे एक-तिहाई संक्रमित मरीजों के मस्तिष्क में एन्सेफैलोपैथी बीमारी विकसित हो जाती है।
    इस रोग में मस्तिष्क के उस हिस्से का पतन होने लगता है जिसके जरिए इंसान सोचता और शरीर को काम करने का निर्देश देता है। यह अध्ययन एन्नल्स ऑफ क्लीनिकल एंड ट्रांसजेशनल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित हुआ।
    कोमा तक का खतरा
    नॉर्थ-वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. इगोर कोरालनिक ने 509 कोविड मरीजों पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि 82.3 प्रतिशत मरीजों के मस्तिष्क पर इलाज के दौरान ही न्यूरोलॉजिकल असर दिखने लगता है। 31.8 प्रतिशत मरीजों में एन्सेफैलोपैथी की स्थिति दिखती है जो मरीज में मानसिक भ्रम से लेकर कोमा तक पहुंचा सकती है।
    वह कहते हैं कि यह कोविड-19 का सबसे गंभीर न्यूरोलॉजिकल असर है। इसके अलावा 44.8 प्रतिशत मरीज मांसपेशियों का दर्द, 37.7 प्रतिशत मरीज सिरदर्द, 29.7 प्रतिशत मरीज थकावट, 15.9 प्रतिशत मरीज स्वादहीनता व 11.4 प्रतिशत मरीज गंधहीनता महसूस करने लगते हैं।
    युवा मरीजों में खतरा ज्यादा
    न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को देखा जाए तो करीब 45% मरीजों में मांसपेशियों में दर्द, 38% मरीजों में सिरदर्द, करीब 30% मरीजों में चक्कर आने की शिकायत देखी गईं। जबकि, स्वाद या सूंघने की परेशानियों से जूझ रहे मरीजों की संख्या कम थी। स्टडी के मुताबिक, एंसेफेलोपैथी के अलावा युवाओं में न्यूरोलॉजिकल लक्षण होने की संभावना ज्यादा थी।
    चीन और स्पेन से ज्यादा मामले
    बदली हुई मानसिक स्थिति केवल न्यूरोलॉजिकल परेशानी नहीं है। कुल मिलाकर 82% भर्ती मरीजों में बीमारी के दौरान किसी न किसी मौके पर न्यूरोलॉजिकल लक्षण नजर आए थे। यह दर चीन और स्पेन में ज्यादा है।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / दक्षिण भारत का लोकप्रिय व्यंजन इडली अपने पौष्टिक गुणों की वजह से आज देशभर में बेहद पसंद किया जाता है। खास बात यह है कि लोग इस टेस्टी व्यंजन को अपना वजन घटाने के लिए भी नाश्ते में शामिल करते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन भूख लगने वाले हार्मोन घ्रेलिन को रेगुलेट करके व्यक्ति को लंबे समय तक तृप्त रखने में मदद करता है। आमतौर पर इडली बनाने के लिए इडली मेकर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपके पास इडली मेकर मौजूद नहीं है तो भी आप इसे बड़ी आसानी से बिना इडली मेकर के बाजार जैसी इडली घर पर ही बना सकते हैं। जानिए कैसे।
    ओट्स दाल इडली बनाने के लिए सामग्री-
    -2 कप ओट्स
    -500 ग्राम दही
    -1 टी स्पून सरसों के दाने
    -1 टी स्पून उड़द की दाल
    -1/2 टी स्पून चने की दाल
    -1/2 टी स्पून तेल
    -2 टी स्पून हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
    -1 कप गाजर, कद्दूकस
    - करी पत्ता-3-4 पत्ते
    -2 टी स्पून धनिया, बारीक कटा हुआ
    -1/2 हल्दी पाउडर
    -2 टी स्पून नमक
    -एक चुटकी बेकिंग सोडा
    ओट्स दाल इडली बनाने का तरीका-
    ओट्स दाल इडली बनाने के लिए सबसे पहले एक तवे पर ओट्स को हल्का भूरा होने तक भून लें। अब इन्हें मिक्सर में डालकर ओट्स का पाउडर बना लें। एक पैन में तेल, सरसों के दाने (तड़कने दें), उड़द की दाल और चना दाल को भूरा होने तक भूनें। अब इसमें कटा हुआ हरा धनिया, हरी मिर्च, कद्दूकस की हुई गाजर और हल्दी डालकर एक मिनट चला लें।
    अब यह मिश्रण ओट्स पाउडर में नमक, बेकिंग सोडा और दही डालते हुए एक साथ मिलाएं। मिश्रण को बनाने के लिए पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें। इडली का मिश्रण बनकर तैयार है।
    अब कटोरी में तेल लगाकर उसे चिकना कर लें, हर कटोरी में इडली का मिश्रण डालें। अब एक कड़ाही में पानी रखकर उसके ऊपर छन्नी रख दें। छन्नी के ऊपर इडली की कटोरी रखने के बाद कड़ाही को ढ़क दें। 15 मिनट तक इडली को भाप में पकाने के बाद उन्हें प्लेट में निकाल लें और प्याज की चटनी के साथ सर्व करें।

    सेहत /शौर्यपथ / ओह् प्यूबिक हेयर! आप चाहें शेव करो या वैक्स या फिर कुछ भी न करो, प्यूबिक हेयर के विषय पर बात करना सभी के लिए जरूरी है। प्यूबिक हेयर रखना या न रखना दोनों ही बिल्कुल सही निर्णय हैं- हालांकि प्यूबिक हेयर होना आपकी वेजाइना के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। लेकिन यह हर महिला की अपनी इच्छा है जिस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
    फिर भी, यह जानना जरूरी है कि इंटिमेट एरिया की देखभाल कैसे करनी है। सिर्फ बाल रखना या ना रखना ही नहीं, सही साफ सफाई, सही वॉश का इस्तेमाल और सबसे जरूरी, क्या इस्तेमाल नहीं करना है- यह जानना भी बहुत जरूरी है।
    हम बताते हैं कुछ नियम जिनका पालन करना आपके प्यूबिक हेयर और इंटिमेट एरिया के लिए बहुत जरूरी है।
    1. साफ सफाई है सबसे जरूरी
    आपकी वेजाइना खुद को साफ कर सकती है, लेकिन आपके प्यूबिक हेयर नहीं। चाहें आप प्यूबिक एरिया के बाल शेव करती हों या ट्रिम करें, पेशाब करते वक्त कुछ बूंदे प्यूबिक हेयर में रह ही जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप साबुन से रोज अपने प्यूबिक एरिया की सफाई करें।
    2. हर बार नए रेजर का इस्तेमाल करें
    अगर आप वैक्स के बजाय शेव करना पसंद करती हैं, तो यह नियम आपके लिए जरूरी है। हर बार शेव करने के लिए नए रेजर का इस्तेमाल करें। इससे आपके इंफेक्शन का खतरा कम होगा और फ्रेश रेजर से इनग्रोन हेयर की समस्या भी कम होगी। नया रेजर शार्प होगा तो आपको रेजर बर्न की दिक्कत भी नहीं होगी।
    3. बिना झाग के शेव करने की गलती न करें
    जिस तरह आप हाथ पैरों के लिए साबुन या शेविंग क्रीम का इस्तेमाल करती हैं, उसी तरह अपने प्यूबिक हेयर को शेव करते वक्त भी करें। शेविंग से पहले साबुन या शेविंग क्रीम से ढेर सारा झाग बना लें। इससे शेव करते वक्त कम फ्रिक्शन होगा और कटने का जोखिम भी कम होगा।
    4. खुशबू वाले प्रोडक्ट से दूर रहें
    चाहें आपके प्यूबिक हेयर हों या ना हों, कोई भी ऐसा प्रोडक्ट इस्तेमाल न करें जिसमें खुशबू मिलाई गयी हो। खुशबू के लिये इन प्रोडक्ट में खतरनाक केमिकल मिलाए जाते हैं जो आपकी वेजाइना के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं हैं।
    अगर आप शेव या वैक्स करती हैं तो आपकी त्वचा और अधिक सेंसिटिव होती है, इसलिए खुशबू वाले प्रोडक्ट से दूर रहें। मॉइस्चराइजर या क्रीम चुनते समय इसका खास ख्याल रखें।
    5. टाइट कपड़े न पहनें
    यह नियम सबसे जरूरी है। इंटिमेट एरिया की साफ सफाई, मॉइस्चराइजिंग सब बेकार है अगर आपकी वेजाइना सांस ही नहीं ले पा रही। टाइट कपड़े आपके इंटिमेट एरिया में हवा के बहाव को रोकते हैं। इससे नमी अंदर ही रहती है और यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा होता है।
    कॉटन की अंडरवियर पहनें जिससे हवा पास हो सके। अगर सम्भव हो, तो रात को बिना अंडरवियर का बहुत ढीले शॉर्ट्स पहन कर सोएं।

    खानाखाजना / शौर्यपथ / अमृतसरी चिकन मसाला पंजाब की बहुत पॉपुलर डिश है। इसके स्वाद को देखते हुए हर इंडियन रेस्टोरेंट के मेन्यू में यह डिश जरूर शामिल की जाती है। अगर आप भी इस पंजाबी ग्रेवी में बने चिकन का स्वाद चखना चाहते हैं तो ट्राई करें ये रेसिपी।
    अमृतसरी चिकन मसाला बनाने के लिए सामग्री-
    मैरीनेशन के लिए-
    -500 ग्राम चिकन
    -2 टी स्पून अदरक-लहसुन का पेस्ट
    -3 टेबल स्पून दही
    -1 टी स्पून नींबू का रस
    -1 टी स्पून सिरका
    -1 टी स्पून धनिया पाउडर
    -1 टी स्पून जीरा पाउडर
    -1 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
    -1 टी स्पून नमक
    -2 टी स्पून प्याज, टुकड़ों में कटा हुआ
    अमृतसरी चिकन मसाला ग्रेवी बनाने के लिए-
    -2 टी स्पून मक्खन
    -1 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
    -1 टी स्पून धनिया पाउडर
    -1 टी स्पून जीरा पाउडर
    -1 टी स्पून अदरक
    -1/2 कप पानी
    -1 टी स्पून नमक
    -1 हरी मिर्च
    -6 टमाटर
    -1/2 टी स्पून चीनी
    -3 टी स्पून मक्खन
    -3 टी स्पून क्रीम
    अमृतसरी चिकन मसाला बनाने का आसान तरीका-
    चिकन मैरीनेट करने के लिए सबसे पहले एक बड़े बाउल में चिकन लें। इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, नींबू का रस, सिरका, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक और कटा हुआ प्याज डालें। सभी सामग्री को चिकन के साथ अच्छे से मिलाकर 2 घंटे के लिए अलग रख दें। अब एक पैन में मक्खन डालकर गर्म करें, उसमें लाल मिर्च पाउडर डालकर उसे हल्का सा भून लें। अब इसमें धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और कटा हुआ अदरक डालकर अच्छे से भूनकर पानी डालकर मसालों को अच्छे से पकाएं।
    अब इसमें नमक, हरी मिर्च, टमाटर और चीनी डालकर अच्छे से मिलाएं। एक दूसरे पैन में मक्खन लें और इसे पैन में चारों तरफ फैला लें।इसमें अब मैरीनेट किया हुआ चिकन डालें।मक्खन के साथ चिकन को अच्छे से भूनें। पैन को ढककर चिकन को पकाएं।पैन का ढक्कन हटाकर देखें की चिकन गोल्डन ब्राउन हो गया है।अब इसे टमाटर की तैयार की गई ग्रेवी को डालकर अच्छे से मिलाएं।दोबारा पैन को ढक दें, चिकन को कुछ देर और पकाएं।ढक्कन हटाएं और ग्रेवी में क्रीम डालें।अच्छे से मिलाएं।अब इसके ऊपर मक्खन, हरा धनिया और हरी मिर्च डालकर गार्निश करें। गर्मागर्म सर्व करें।

    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /कहते हैं, हमेशा हंसते-मुस्कराते रहना बीमारियों से बचाव का सबब कारगर जरिया है। हालांकि, ब्रिटेन में हुए एक नए अध्ययन की मानें तो नाचना-गाना भी सेहत के लिए कम फायदेमंद नहीं। इससे वजन नियंत्रित रखने के साथ ही ‘फील गुड’ हार्मोन का स्त्राव बढ़ाने और स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ का उत्पादन घटाने में अच्छी-खासी मदद मिलती है।
    ‘द पोल’ के अध्ययन में दो हजार वयस्क शामिल हुए। इनमें से 80 फीसदी ने डांस को तनाव की छुट्टी करने में बेहद असरदार करार दिया। 75 प्रतिशत ने कहा, टीवी या मोबाइल पर गाना बजाकर नाचने में उन्हें अजब-सी खुशी मिलती है। 50 फीसदी ने माना कि झूमने-नाचने से काम का बोझ ज्यादा महसूस नहीं होता और चिड़चिड़ेपन के एहसास में भी कमी आती है।
    मुख्य शोधकर्ता डॉ. पीटर लोवाट के मुताबिक नृत्य न सिर्फ रोजमर्रा के तनाव से ध्यान भटकाता है, बल्कि सोचने का अंदाज भी बदलता है। जब इनसान अलग-अलग मुद्राएं धारण करता है तो सेराटोनिन और डोपामाइन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन ज्यादा मात्रा में पैदा होने लगते हैं। साथ ही ‘ओपियॉएड रिसेप्टर’ भी अधिक सक्रिय हो जाता है और दर्द का एहसास खुद बखुद घटने लगता है। इसके अलावा ‘कॉर्टिसोल’ के उत्पादन में कमी लाने में भी नृत्य की अहम भूमिका पाई गई है।
    आलोचना का डर नहीं-
    अध्ययन में शामिल 67 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि झूमने-नाचने के लिए उन्हें किसी बहाने की तलाश नहीं होती। 41 प्रतिशत ने माना कि वे डांस में बिल्कुल कच्चे हैं। हालांकि, मजाक या आलोचनाओं का पात्र बनने की चिंता उन्हें नृत्य का लुत्फ उठाने से नहीं रोकती।

    शौर्यपथ । निक्की बेटा आज तेरी मम्मी का जन्मदिन है इस दुनिया मे लोग अपने जन्मदिन में खुश होते है खुशियां बांटते है पर बेटा हम तो ऐसे बदनसीब है कि खुशियां एक दरवाज़े से आती है तो दुख के 100 दरवाजे खुल जाते है । जिंदगी खुशियों से आबाद होने के बजाए दुख के सागर में डूब जाती है ऐसी जिंदगी हो गई हमारी । तू जानता है बेटा तेरे बिना एक एक पल मौत के इंतजार में जी रहे है हर पल मर रहे है तेरी मा को बेटा मैं कोई खुशी नही दे पाया कितनी भी कोशिश कर लूं खुशियां देने की खुशी कम दुख ज्यादा दिया । कभी कभी तो लगता है मेरी जिंदगी का कोई मकसद ही नही बेकार इस दुनिया मे जी रहा हूँ और इस सबका कारण तू है तू गया तो हमे भी साथ ले जाता बेटा हम भी तेरे साथ खुशी खुशी चलते लेकिन तू तो छलिया निकला रे अपने पीछे अपनी बहन को छोड़ गया तू तो सब जानता है कि तेरे बिना एक पल जीना भी हजार मौत के बराबर है पर तुझे तो अकेले जाना था और हमे नही लेजाने की सोंच कर सिद्धि को छोड़ दिया अब सिद्धि को कैसे छोड़े हम वो तो मासूम है उसे तो जीने का हक है उसका हक के छीन ले रे । देख ना बेटा तू तो भगवान है तुझे सब मालूम है कि तेरे बिना जिंदगी बंजर है हंसी के पीछे गम का सागर है अब इस भवसागर से पार तू ही लगा सकता है । कुछ ऐसा कर बेटा कि हम एक बार फिर साथ हो जाये तेरे लिए कोई भी काम असंभव नही है तो कुछ कर ताकि तेरी मम्मी के चेहरे में खुशी लौट आये । मैं तो मेरी रत्ना को लाया था पलको में बैठाकर किन्तु उसे कोई खुशी नही दे पाया कांटो के बिस्तर पर सुला दिया फूलों की जगह पथरीले रास्ते पर सफर करवा दिया कैसे करूँ क्या करूँ अब तू ही बता सकता है मेरे लाल तेरी जुदाई सहने की हिम्मत नही है और जिंदगी है कि लम्बी होती जा रही है इतनी लंबी की एक पल सदियों समान लगने लगी है देख न आज फिर खुशियों के रास्ते गम का सागर आ गया हमारी खुशी तुझसे है तेरे बिना जग वीराना आजा बेटा देख आज तेरी मम्मी का जन्मदिन है जो तेरे बिना अधूरा है तू है तो सब कुछ तू नही तो कुछ भी नही क्या तू अपनी मम्मी को हैप्पी बर्थडे नही बोलेगा मेरे लाल आजा मेरे लाल तेरा अभागा पापा तेरा इंतज़ार कर रहा है खुशियों का इंतजार कर रहा है इस पल को एक बार फिर खुशियों में बदल दे इस वीरान जिंदगी में बहार ले आ बेटा जो तेरे बिना अधूरा है अपनी मम्मी के लिए आजा निक्की आजा निक्की तेरा अभागा बाप विनती कर रहा आजा बेटा छोटी बहन के लिए आजा मम्मी के लिए लौट आ बेटा

    शौर्यपथ । सर्वे । अक्सर सेक्स को लेकर कई बातें कही और सुनी जाती है। पिछले साल टीनएजर्स लड़कियों के स्कूल की दिनचर्या और उनके सेक्सुअल रिलेशन के बीच अहम खुलासा हुआ है। इंडियाना यूनिवर्सिटी ने स्कूली छात्राओं पर ये स्टडी किया है। इस स्टडी में स्कूल बंक करना, टेस्ट में फेल होना और बिना कंडोम के सेक्स के बीच संबंध निकाला है। सर्वे में खुली कई बातें: इंड‍ियाना यूनिवर्सिटी में सेक्स पर सर्वे 14 से 17 साल की लड़कियों पर किया गया है। 10 साल में पूरे हुए इस अध्ययन के लिए 387 लड़कियों की डायरियों से रोमांटिक और फिजिकल रिलेशन को लेकर उनके व्यवहार को समझने प्रयास किया गया। स्टडी में शामिल लड़कियां अपने हर छोटे-बड़े व्यवहार को रिसर्चर से साझा करती थीं। लड़कियां स्कूल बंक करती हैं और टेस्ट में फेल होती हैं, ऐसी लड़कियां के स्कूल बंक करने और टेस्ट में फेल होने वाले दिन बिना कंडोम के सेक्स करने के मामले ज्यादा पाए गए हैं। लड़कियों ने यह माना की टेस्ट में फेल होने के बाद वो बिना कंडोम के सेक्स करती है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने धमधा के ग्राम पंचायत ग्राम मेडे़सरा नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का यहां शुभारंभ होने से क्षेत्र वासियों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। क्षेत्रवासियों को ज्यादा दूर जाना नहीं पड़ेगा, गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगा।
    उन्होंने कहा कि अस्पताल में जितने संसाधन और सुविधा की आवश्यकता होगी उनकी व्यवस्था की जाएगी। इस केंद्र का निर्माण 61 लाख 96 हजार रूपए की लागत से छत्तीसगढ़ मेडिकल काॅर्पोरेशन के द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास के गांवों की 18 हजार जनसंख्या निर्भर है। यहां प्रतिदिन ओ.पी.डी. में 3 से 4 सौ लोग ईलाज कराने आते हैं। मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने ग्रामवासियों की मांग पर यहां स्कूल परिसर में अहाता निर्माण, सी.सी. रोड निर्माण, बोर खनन व प्रतीक्षालय निर्माण की स्वीकृति दी।

    मंत्री रूद्र कुमार ने छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसान, मजदूर, युवाओं, महिलाओं सहित सभी के हित को ध्यान में रखते हुए योजना बनाती है, जिससे इसका लाभ सभी को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य देश का पहला राज्य है जहां सबसे ज्यादा कीमत 25 सौ रूपए में धान की खरीदी हो रही है। इससे किसानों के जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों में मिनीमाता अमृत धारा नलजल योजना के अंतर्गत पानी टंकी निर्माण किया जायेगा। साथ ही यह भी बताया कि गांव के सभी घरों में नल कनेक्शन दिया जाएगा। उन्होंने लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का संकल्प दोहराया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा दोनों दलों के पार्षदों को बुलाकर स्वास्थ्य सुरक्षा किट पर उनसे चर्चा की गई । चर्चा में महापौर ने पार्षदों को बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव का प्रयास हम सभी कर रहे हैं। इस दिशा में महापौर निधि से सभी वार्ड पार्षदों और नगर निगम के सभी अधिकारियों कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा किट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा किट में सेनिटाईजर, फेस शिल्ड, गिलोय पाउडर, हैण्ड ग्लोब, और मास्क प्रदान दिया जा रहा है इसका उपयोग कर वे अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकेगें। साथ ही सभी वार्ड पार्षद अपने-अपने वार्डो में अपने वार्ड के सफाई कर्मचारियों को सुपरवाईजर के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा किट वितरित करेगें।
    सभी पार्षदों ने महापौर बाकलीवाल के इस निर्णय का स्वागत किया और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किये। पार्षदों ने कहा आपका बहुत आभारी है कि आपने हमारे साथ ही हमारे वार्ड के सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य का चिंता कर उनके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा किट प्रदान किया है। इस अवसर पर निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, सभापति राजेश यादव, एमआईसी प्रभारी अब्दुल गनी, ऋषभ जैन, मनदीप सिंह भाटिया, दीपक साहू, हामीद खोखर, नवनियुक्त एल्डरमेन देव सिन्हा, अजय गुप्ता, रत्ना नारमदेव, पार्षदगण व स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता व अन्य उपस्थित थे। सभी पार्षद को उनके वार्ड के सफाई कर्मचारियों के लिए किट दिया जाएगा।
    इस संबंध में महापौर ने कहा विगत माह से नगर पालिक निगम दुर्ग के अनेक अधिकारियों, कर्मचारियों और वार्ड जनप्रतिनिधि कोरोना पाॅजिटिव आने के बाद सभी होम क्वारेंटाईन में रहकर चिकित्सा लाभ लिये हैं इसके अलावा नगर निगम के स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक वार्डो में अपनी स्वास्थ्य की चिंता किये बगैर निरंतर साफ-सफाई किया जा रहा हैं एैसे कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा आवश्यक है। इस बात को दृष्टिगत रखते हुये महापौर निधि से सभी पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा किट प्रदान किया जा रहा है। ताकि वे निरंतर कार्य के साथ अपने स्वास्थ्य की भी सुरक्षा कर सकें। उन्होनें कहा हमारे एमआईसी प्रभारियों और पार्षदों, एल्डरमेन सहित निगम कर्मचारी कोरोना वारियर्स के रुप में कार्य पर जुटे हुये हैं। मैं सभी लोगों की कुशलता की कामना करता हूॅ। स्वास्थ्य सुरक्षा किट निगम के समस्त विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को वितरित किया जावेगा । इस दौरान एमआईसी सदस्य अब्दुलगनी, दीपक साहू, नेताप्रतिपक्ष अजय वर्मा, पार्षद देवनारायण चंद्राकर, चमेली साहू, गायत्री साहू, शशी साहू, संगीता यादव, पुष्पा गुलाब वर्मा, मीना सिंह, मनीष साहू, निर्मला साहू, नरेश तेजवानी श्रीमती हेमा शर्मा, श्रीमती हेमेश्वरी निषाद सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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