August 11, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / इंटरनेशनल कम्पनियों के नाम की भारत में फर्जी कम्पनी बनाकर ICICI बैंक को लोन के नाम पर लाखों का चूना लगाने वाले शातिर ठग गिरफ्तार किया गया है. एक मोबाइल नम्बर पर दो व्यक्तियों आधार कार्डों का खुलासा हुआ है. ICICI बैंक स्टाफ की मिली भगत की आशंका जताई जा रही है. यह जो शख्स पुलिस के शिकंजे में आया है वह जालसाज राजेश शर्मा है, मगर यह प्रदीप शर्मा भी है. यह जालसाज किसी फ़िल्म की तरह एक होकर दो किरदार अलग अलग रूप से निभाकर ICICI बैंक को 97 लाख का चूना लगा चुका है. यह बैंकों से फ़र्ज़ीवाड़े का खेल 2017 से 2018 के बीच खेला है.
    आरोपी ने विदेश की नामी कम्पनी के नाम पर UAI SERVICES व MINDTREE नाम की दिल्ली में दो कम्पनियों को बनाकर सिर्फ 5 कर्मचारी रखे. दोनों कम्पनियों के सैलरी रजिस्टर अलग अलग किन्तु दोनों कम्पनियों में कर्मचारी यही 5 रखे गए. एक कम्पनी में राजेश शर्मा को मालिक दिखाया गया और दूसरी कम्पनी के मालिक के रूप में प्रदीप शर्मा को दिखाया गया.
    यह आरोपी अपने कर्मचारियों के नाम पर अलग अलग कम्पनियों की सैलरी सिलिप पर कार लोन और पर्सनल लोन निकलवाता था. लोन का 80% अपने पास रखता था और 20 प्रतिशत जिसके नाम से लोन लिया उस कर्मचारी को देता था. इस तरह इसने कर्मचारियों की पे सिलिप से 5 लक्जरी गाड़ियां, 4 पर्सनल लोन व 10 क्रेडिट कार्ड लोन लिए थे. जब बैंक लोन की किस्तों का भुगतान नहीं हुआ तो बैंक ने सेंट्रल दिल्ली पहाड़ गंज संगतराशन चौकी में 26 जून शिकायत दर्ज करवाई. इसके बाद 20 सितम्बर को FIR दर्ज करवाई.
    जाहिर सी बात है कि जब मामला नामी बैंक का हो तो पुलिस के आलाधिकारी लाजमी तौर से केस पर तवज्जो देते हैं. इस केस मे पुलिस टीम ने जांच में पाया कि राजेश शर्मा और प्रदीप शर्मा एक ही व्यक्ति के दो अलग अलग नाम हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह जांच में आई है कि राजेश शर्मा और प्रदीप शर्मा नाम के अलग अलग आधार कार्ड इसने एक मोबाइल नम्बर पर बनवाए हुए हैं. पेन कार्ड राजेश शर्मा व प्रदीप शर्मा के नाम से अलग अलग बना रखे हैं मगर उसपर मोबाइल नम्बर अपने नाम से न देकर दूसरे व्यक्ति के नाम का दिया हुआ था.
    पुलिस ने कागजातों और मोबाइल नम्बर के आधार पर इसको तलाश किया तो सभी पते गलत निकले. पुलिस ने दिल्ली से सटे बड़े मार्गों पर लगे तकरीबन 1000 सीसीटीवी कैमरों को चैक किया. पुलिस लोन पर ली गई गाड़ियों को देखना चाहती थी कि वह किस रूट पर चल रही हैं. पुलिस को DND पर एक XUV गाड़ी का नम्बर लोन पर ली गई गाड़ी से मेल हो गया. यह XUV गाड़ी रोजाना नोएडा की सुपरटेक नाम की सोसाइटी में जाती थी.
    पुलिस के सोसाइटी पहुंचने पर सुरक्षा गार्ड ने बताया बताया गया कि यह गाड़ी किसी नेता नाम के शख्स के पास है, मगर इसका मालिक कोई और है. जब इस गाड़ी के मालिक को तलाश करते हुए एक सोसायटी के फ्लैट पर पहुंची तो वहां यह जालसाज मिल गया जो राजेश शर्मा के नाम से रह रहा है. इसके पास से तीन कारें और बहुत से फ़र्जी दस्तावेज, क्रेडिट कार्ड बरामद किये गए हैं. पुलिस इसके पांचों कर्मचारियों की तलाश में जुटी है.
    पुलिस को ताज्जुब इस बात का है कि एक मोबाइल नम्बर पर दो आधार कार्ड कैसे बनाये गए व आयकर विभाग ने किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल नम्बर पर पेन कार्ड राजेश शर्मा व प्रदीप शर्मा को कैसे जारी कर दिए गए. ICICI बैंक के जिन कर्मचारियों ने इन फ़र्ज़ी कागजातों को वेरिफाई किया, उनकी मिलीभगत की भी जांच जारी है.

    सेहत /शौर्यपथ / बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर में यह है अंतर-
    -सबसे पहले यह जान लें कि बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर दोनों अलग अलग चीजें होती है। दोनों ही चीजों का इस्तेमाल भी अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है।
    -बेकिंग पाउडर चिकना मुलायम मैदे जैसा होता है, लेकिन बेकिंग सोडा दरदरा होता है।
    -बेकिंग सोडा का इस्तेमाल खट्टी चीजों जैसे दही, छाछ और नींबू के रस में किया जाता है, लेकिन बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल नमी वाली चीजों के लिए किया जाता है।
    - कोई भी नान, भटूरा जैसी चीजों को बनाने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है, वही केक और बेकरी जिन्हे तला नहीं जाता उनमें बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है।
    बेकिंग सोडा का इस्तेमाल खाने के अलावा इन जरूरी काम के लिए भी होता है-
    -बेकिंग सोड़ा का इस्तेमाल कपड़े साफ करने के लिए भी किया जाता है। ज्यादा गंदे कपड़े हो तो उन्हे साफ करने के लिए बेकिंग सोड़ा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
    -घर की सफाई करते समय फ्लोर और टाइल्स को चमकाने के लिए भी बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है।
    -खाना पकाते समय अगर बर्तन ज्यादा जल गए हैं तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर आप उन जले बर्तनों को साफ कर सकते हैं।

    शौर्यपथ / विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख ने कहा है कि विश्व भर में प्रत्येक दस में से एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो सकता है। विशेषज्ञ पहले से ही कहते रहे हैं कि संक्रमण के जितने मामलों की संख्या बताई जा रही है, वास्तव में उससे अधिक लोग संक्रमण का शिकार हैं।
    वैश्विक स्वास्थ्य निकाय में कोरोना महामारी पर सोमवार को हुई 34 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख डॉ. माइकल रायन ने कहा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में संख्या में परिवर्तन हो सकता है, लेकिन अंततः इसका अर्थ यही है कि ‘विश्व की बड़ी आबादी खतरे में है। अब हम मुश्किल समय की ओर जा रहे हैं।’
    10 प्रतिशत आबादी चपेट में आने की आशंका-
    डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनिया की 10 प्रतिशत आबादी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी है। अब भी बहुत बड़ी आबादी पर इसका खतरा मंडरा रहा है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, लोगों के संक्रमित होने के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे बस एक पहलू हैं क्योंकि इतने वृहद स्तर पर सटीक गिनती होने की संभावना कम है। डॉ. रायन ने कहा कि यह महामारी लगातार फैल रही है। दक्षिण पूर्वी एशिया के कुछ हिस्सों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है और यूरोप तथा पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में संक्रमण और मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं।
    कोरोना से मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं-
    दुनियाभर में अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को कोरोना महामारी के कारण गहरा खामियाजा भुगतना पड़ा। डब्ल्यूएचओ द्वारा सोमवार को जारी एक नए सर्वेक्षण के अनुसार इससे 93 प्रतिशत देशों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं हैं। करीब 72% बच्चों और किशोरों, 70% बुजुर्गों तथा 61% गर्भवती महिलाओं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल सकीं।
    130 देशों में हुआ सर्वेक्षण-
    डब्ल्यूएचओ ने जून से अगस्त के बीच 130 देशों में यह सर्वेक्षण किया और पता लगाया कि कोरोना महामारी के कारण मानसिक और न्यूरोलॉजिकल सेवाओं पर कितना प्रभाव पड़ा है। साथ ही देश इससे निपटने के लिए क्या तरीके अपना रहे हैं। सर्वेक्षण से पता चला है कि 67 प्रतिशत काउंसलिंग तथा साइकोथेरेपी सेवा में बाधा पहुंची और खुद को गहरी क्षति पहुंचाने वाले मरीजों को दी जाने वाली 65 प्रतिशत सेवाओं में व्यवधान आया।
    10 अक्तूबर को वैश्विक कार्यक्रम होगा-
    आगामी 10 अक्तूबर को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर डब्ल्यूएचओ द्वारा वैश्विक ऑनलाइन एडवोकेसी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कोरोना के कारण मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के मद में अधिक निवेश की जरूरत पर चर्चा होनी है।

    सेहत / शौर्यपथ / हम भारतीय महिलाओं की सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है फ्लैट बेली पाने की, जिसे हमने सिर्फ फिल्मों में ही देखा है। लेकिन क्या आप इसके लिए आवश्यक मेहनत करती हैं? पेट की चर्बी के लिए हम कभी अपने जीन्स तो कभी भारतीय खानपान को दोष दे देते हैं। लेकिन सच तो यह है कि बहुत छोटी-छोटी आदतें अगर हम छोड़ दें तो हम भी पेट की चर्बी से छुटकारा पा सकते हैं।
    बेली फैट यानी पेट पर मौजूद चर्बी सिर्फ आपको क्रॉप टॉप पहनने से ही नहीं रोकती, आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत खतरनाक है। पेट या एब्डोमेन के हिस्से में ही हमारी महत्‍वपूर्ण मां‍सपेशियां होती हैं, जो हमारी सेहत में अपरिहार्य भूमिका अदा करती हैं। पेट में मौजूद चर्बी दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ा सकती है। यही नहीं, डायबिटीज के लिए भी पेट की चर्बी एक बहुत महत्वपूर्ण कारक है।
    हम बताते हैं व्यायाम की कमी के अलावा आपकी वह बुरी आदतें जो आपके बेली फैट के लिए जिम्मेदार हैं:
    1. आप मील्स स्किप कर रही हैं
    जी हां, ज्यादा खाने से अधिक खतरनाक है मील स्किप करना। जब आप लम्बे समय तक भूखी रहती हैं तो शरीर सर्वाइवल मोड में चला जाता है। इसमें दिमाग यह सोचता है कि आप विकट परिस्थितियों से गुजर रही हैं, जहां आपको खाने के लिए कुछ मिल नहीं रहा। ऐसा होते ही शरीर अगली मील को पूरी तरह फैट के रूप में एकत्र कर लेता है। और फैट स्टोर करने के लिए सबसे पहली जगह है पेट।
    इसलिए मील स्किप ना करें, बल्कि कम देरी पर थोड़ा-थोड़ा खाएं और हेल्दी खाएं।
    2. आप सोडा बहुत पीती हैं
    कोल्ड ड्रिंक और सोडा असल में मीठे जहर हैं। जर्नल फिटनेस के अनुसार एक गिलास कोल्ड ड्रिंक में 10 चम्मच के बराबर चीनी होती है और 150 खाली कैलोरी। इससे आपका पेट बिल्कुल नहीं भरता, लेकिन आपके शरीर में कैलोरी पहुंचती हैं। यह चिप्स जैसे स्नैक खाने से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसे पीने के बाद भी आपकी भूख नहीं मिटती तो आप खाते भी हैं। कोल्ड ड्रिंक और सोडा तो अपने आहार से बिल्कुल बाहर कर दें।
    3. आपको काम करते वक्त ब्रेक लेने की आदत नहीं है
    ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, अगर आप घण्टों बैठने की आदी हैं तो आपकी यह आदत आपके बेली फैट को बढ़ा रही है। जब आप कई घण्टें बैठी रहती हैं, तो आपका मेटाबॉलिक रेट धीमा पड़ जाता है।
    इसके बजाय हर एक-दो घंटे पर पांच मिनट का ब्रेक लें। इस ब्रेक में स्ट्रेचिंग करें या कोई हल्की एक्सरसाइज करें। आप थोड़ा चल भी सकती हैं। आजकल तो घर पर ही हैं, तो आप अपने छोटे मोटे कामों को इन ब्रेक्स में ही निपटा सकती हैं। लम्बे अंतराल के लिए बैठने की आदत छोड़ दें।
    4. आप इमोशनल ईटर हैं
    फ्रंटियर ऑफ साइकोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के अनुसार महिलाएं अधिकांश भावनाओं में बह कर खाती हैं और ऐसा करने पर वे 350 से 500 कैलोरी एक्स्ट्रा ले लेती हैं। यही नहीं, भावनात्मक ईटिंग में हम अधिकतर मीठे भोजन की ओर ही आकर्षित होते हैं, जो कैलोरी काउंट बढ़ा देता है।
    5. आप बहुत जल्दी-जल्दी खाती हैं
    क्या आप जानती हैं कि आपके पेट भरने और दिमाग को यह सिग्नल मिलने में 20 मिनट तक लग सकते हैं? दिमाग यह 10 से 20 मिनट बाद एहसास करता है कि पेट भर गया है। ऐसे में अगर आप तेजी से खाएंगी तो आप अपनी भूख से अधिक खा सकती हैं।
    इसलिए एक्सपर्ट्स धीरे-धीरे और देर तक चबा कर खाने की सलाह देते हैं। जब आप देर तक चबाकर खाती हैं, तो दिमाग जल्दी यह सिग्नल कर देता है कि पेट भर गया है।
    अगर आपको जल्दी खाने की आदत है, तो खाने से 20 से 30 मिनट पहले एक गिलास पानी पी लें। इससे पेट जल्दी भर जाएगा और आप एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं लेंगी।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र ऐसा अवसर है जब देवी दुर्गा सिंह को छोड़ किसी अन्य सवारी से पृथ्वी पर आती हैं। इसके लिए पंचांगों की गणना, देवीपुराण एवं दुर्गाशप्तसती के आधार पर सवारी का निर्धारण होता है। इस वर्ष आगमन और प्रस्थान दोनों को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
    बंगीय पंचांगों के अनुसार देवी का आगमन दोला (झूला) पर होगा जबकि देवी पुराण के अनुसार देवी घोड़े पर आएंगी। घोड़े और झूला दोनों पर ही आगमन हाहाकारी माना गया है। पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार शनिवार से नवरात्र की शुरुआत हो रही है इसलिए देवी का आगमन घोड़े पर और समापन सोमवार को होने से प्रस्थान हाथी पर माना जाएगा। देवीपुराण के अनुसार नवरात्र में देवी के आगमन एवं प्रस्थान को भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत के रूप में देखा जाता है। घोड़े पर देवी के आगमन को 'छत्रभंग स्तुरंगमे' कहा गया है। घोड़े पर देवी का आगमन सर्व समाज के लिए अशुभ माना गया है। सत्ता पक्ष के लिए यह विशेष कष्टप्रद होता है।
    पंचांग भेद के कारण देवी के प्रस्थान की सवारी में भेद सामने आ रहा है। कुछ के अनुसार देवी का प्रस्थान हाथी पर होगा तो कुछ भैंसे पर मान रहे हैं। इस दृष्टि से आगमन और प्रस्थान दोनों ही शुभदायक नहीं हैं।
    देवीपुराण के अनुसार सवारी का निर्धारण
    देवीपुराण के अनुसार नवरात्र की शुरुआत सोमवार-रविवार को हो तो देवी का आगमन हाथी पर होता है। शनिवार-मंगलवार होने से आगमन घोड़े पर होता है। गुरुवार-शुक्रवार को कलश स्थापन का अर्थ देवी का आगमन डोली पर है। बुधवार के दिन नाव पर आगमन माना गया है।

    खेल / शौर्यपथ /इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जोरदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। इसकी बदौलत उनकी टीम ने आरसीबी पर एकतरफा अंदाज में 59 रनों की बड़ी जीत हासिल की। रबाडा ने अपने कोटे के चार ओवरों में 25 रन देकर 4 विकेट हासिल किए जिसमें विराट कोहली, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे औऱ इसुरू उदाना का विकेट शामिल है। इस जोरदार प्रदर्शन के दम पर रबाडा के आईपीएल में अब 12 विकेट हो गए हैं और उन्होंने पर्पल कैप भी हासिल कर ली है। इस प्रदर्शन पर टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने उनकी जमकर तारीफ की है।
    आकाश चोपड़ा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कगिसो रबाडा को इस आईपीएल सीजन का बेस्ट फास्ट बॉलर बताया। उन्होंने लिखा कि, 'उन्होंने सुपर ओवर में दो रन देकर दो खिलाड़ियों को आउट किया, शारजाह में एक ओवर करने आए और खतरनाक आंद्रे रसेल को पवेलियन भेजा, और अब यहां दुबई में अपने नए स्पैल के पहले ओवर में विराट कोहली का विकेट झटका। रबाडा तुम इस आईपीएल के बेस्ट फास्ट बॉलर हो।'
    आपको बता दें कि कगिसो रबाडा से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल के पास पर्पल कैप थी। चहल ने अबतक 8 विकेट इस सीजन में लिए हैं वहीं तीसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट हैं जिनके नाम 8 विकेट दर्ज हैं। इस मैच में कगिसो रबाडा को अन्य गेंदबाजों का भी अच्छा साथ मिला जिससे उन्हें बिना किसी दवाब के गेंदबाजी करने में आसानी हुई।

    दिल्ली कैपिटल्स की ओर रबाडा के अलावा बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (18 रन देकर दो विकेट), एनरिच नोर्ट्जे (22 रन पर दो विकेट) और रविचंद्रन अश्विन (26 रन पर एक विकेट) ने भी अच्छी गेंदबाजी की। दिल्ली कैपिटल्स के स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल को उनकी किफायती गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' करार दिया गया। इस जीत के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स प्वाइंट टेबल में नंबर वन टीम बन गई है। दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस और इस हार के बाद भी नंबर 3 पर आरसीबी मौजूद है।

     

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर विनोद खन्ना का आज 74वां जन्मदिन है। उन्होंने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके काम को आज भी याद किया जाता है। विनोद खन्ना की निजी जिंदगी काफी चर्चा में रही। एक वक्त ऐसा था जब वह अपने बेहतरीन करियर और परिवार को छोड़कर आध्यात्म की तरफ मुड़ गए थे।
    विनोद खन्ना साल 1975 में आध्यात्म गुरु ओशो के संपर्क में आ गए थे। जानकारी के मुताबिक, वह पुणे के ओशो आश्रम में कई सालों तक रहे थे। वह ओशो के साथ अमेरिका भी गए और उनकी सेवा में लगे रहते थे। वह ओशो के पर्सनल गार्डन के माली भी बने। इसके अलावा वह वाशरूम से लेकर बर्तन तक साफ करने का काम किया करते थे।
    एक इंटरव्यू के दौरान अक्षय खन्ना ने पिता विनोद के सन्यास की तरफ रुख करने की कहानी सुनाई थी। उन्होंने कहा कि विनोद इस कदर ओशो से प्रभावित थे कि उन्होंने न केवल अपने परिवार को छोड़ दिया था बल्कि संन्यास भी ले लिया था। यह एक लाइफ चेंजिंग फैसला था। उस वक्त अक्षय 5 साल के थे और उनके लिए पिता के इस फैसले को समझ पाना बहुत मुश्किल था। हालांकि, अक्षय खन्ना अब मानते हैं कि अब वह पिता के उस फैसले को समझते हैं।
    कुछ समय बाद विनोद खन्ना का मन ओशो के आश्रम से उचट गया। तब तक उनका परिवार बिखर चुका था। अमेरिका के ओशो आश्रम में रहते हुए ही उनका पत्नी गीतांजलि से अलगाव हुआ। 1985 में उन्होंने पत्नी से तलाक ले लिया। इसके बाद उन्होंने अपने से 16 साल छोटी कविता दफ्तरी से शादी कर ली। कविता, अमेरिका और यूरोप से पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडस्ट्रियलिस्ट पिता सरयू दफ्तरी का बिजनेस संभाल रही थीं। बताया जाता है कि फिरोज खान ने विनोद खन्ना को फिल्मों में वापसी करने में मदद की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई फिल्मों काम किया।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने डायरेक्टर अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगानी वाली एक्ट्रेस, कमाल आर खान सहित अन्य के खिलाफ 1.1 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया है। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के जज अनिल मेनन के सामने सुनवाई हुई। इस दौरान ऋचा ने जिनके खिलाफ मानहानि का केस किया है, उनकी तरफ से कोर्ट में कोई पेश नहीं हुआ। ऐसे में कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीफ 7 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है।
    दरअसल, मामला यह है कि एक्ट्रेस ने अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते वक्त कई एक्ट्रेस के नाम लिए थे। उन्होंने अनुराग पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ऐसी कई एक्ट्रेसेस हैं, जो काम करने के लिए अनुराग के साथ कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान एक्ट्रेस ने ऋचा चड्ढा का नाम भी लिया था। एक्ट्रेस के इसी बयान के खिलाफ ऋचा चड्ढा ने मानहानि का केस किया है।
    ऋचा चड्ढा का कहना है कि एक्ट्रेस के दावे पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने इतने साल फिल्म इंडस्ट्री में कड़ी मेहनत करके जो नाम कमाया है उसे वह एक्ट्रेस खराब करना चाहती हैं। दूसरी तरफ अनुराग कश्यप आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस ने कहा था कि उनका इरादा किसी को बदनाम करने का नहीं था जब उन्होंने अनुराग कश्यप पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए हुमा कुरैशी, माही गिल और ऋचा चड्ढा का नाम लिया था। एक्ट्रेस ने दावा किया था कि वह सिर्फ अनुराग का असली चेहरा दुनिया के सामने लाना चाहती थीं।
    एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उन्होंने सिर्फ वहीं बातें बोली हैं जो अनुराग ने उनसे बातचीत के दौरान कही थी, चाहे वह अच्छी हो या बुरी। मैंने अच्छी बातें भी कही थी जैसे अनुराग ने मुझसे कहा था कि वह अमिताभ बच्चन के बहुत बड़े फैन हैं और अब वह उनसे काम के लिए बात करते हैं।

    शौर्यपथ लेख । कोरोना एक दहशत का नाम है अभी इस दुनिया मे इसका कोई इलाज मौजूद नही है ऐसे में दूरी और सफाई ही एक मात्र इलाज रह गया । इतनी दहशत की टेस्ट कराने में भी लोगो को भय हो रहा ऐसी खतरनाक बीमारी की पॉजिटिव आने से भला किसी को खुशी हो सकती है क्या किसी बेटे के पॉजिटिव रिपोर्ट आने से माँ की जिंदगी के दुख भरे दिन खुशियों में बदल सकते है । किंतु कहते है ना कि जिंदगी के हर मोड़ पर सुख पर दुख पर कोई न कोई सीख मिलती ही है बस ग्रहण करने वाला चाहिए ऐसी ही एक घटना ने एक माँ के एकांत को दूर कर दिया । 10 दिन की जद्दोजहद के बाद सुरेश अपनी कोरोना नेगटिव की रिपोर्ट हाथ मे लेकर अस्पताल के रिसेप्शन पर खड़ा था। आसपास कुछ लोग तालियां बजा रहे थे,उसका अभिनंदन कर रहे थे। एक जंग जो जीत कर आया था वो। लेकिन सुरेश के चेहरे पर बेचैनी की गहरी छाया थी। गाड़ी से घर के रास्ते भर उसे याद आता रहा "आइसोलेशन" नामक खतरनाक दौर का संत्रास। न्यूनतम सुविधाओं वाला छोटा सा कमरा,अपर्याप्त उजाला,मनोरंजन के किसी साधन की अनुपलब्धता,ये सब था वहां। कोई बात नही करता था ना नजदीक आता था। खाना भी बस प्लेट में भरकर सरका दिया जाता था। कैसे गुजारे उसने 10 दिन वही जानता था। बस! मन मे कुछ ठोस विचार और उस का चेहरा संतोष से भर गया। घर पहुचते ही स्वागत में खड़े उत्साही पत्नी,बच्चों को छोड़ कर सुरेश सीधे घर के एक उपेक्षित से कोने के कमरे में गया,माँ के पावों में पड़कर रोया और उन्हें ले कर बाहर आया। पिता की मृत्यु के बाद पिछले 5 वर्ष से एकांतवास/आइसोलेशन भोग रही माँ से कहा की आज से तुम हम सब एक साथ एक जगह पर ही रहेंगे। माँ को लगा बेटे की नेगटिव रिपोर्ट उन की जिंदगी की पॉजिटिव रिपोर्ट हो गयी है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । आज मोदी आर्मी के सदस्यों ने दुर्ग शहर के पटेल चौक में प्रदेश मंत्री शिव डहरिया के पुतले को प्रतीकात्मक बना कर चुल्लू भर पानी दिया और विरोध में जमकर नारे बाजी की,ज्ञात हो कि हाल ही में बलरामपुर और उत्तरप्रदेश में बालिकाओं के साथ हुए अन्याय को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के मंत्री शिव डहरिया ने अशोभनीय बयान दिया,उन्होंने इस घिनौने कुर्त्य की ही तुलना छोटी और बड़ी से कर दी,जिसका विरोध मोदी आर्मी के सदस्यों ने दुर्ग में जमकर किया,प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा प्रदेश में वरिष्ठ मंत्री कहलाने वाले डहरिया जी ने अपने बयान से देश भर की बेटियों का अपमान किया,उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए,किसी भी बेटी के साथ अत्याचार हो उसे कम या ज्यादा से नहीं आंका जा सकता,अन्याय कैसा भी हो अन्याय ही है,ऐसे में प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के बजाय इस शर्मनाक घटना की तुलना करने लगी है जो कि बेहद दुर्भाग्य जनक है, मोदी आर्मी प्रदेश के मुख्या भूपेश जी से निवेदन करती है आप सत्य में छत्तीसगढ़ी और आदिवासियों के हितेषी हैं तो ऐसे बड़बोले मंत्री को तत्काल बर्खास्त करें जिनके बयानों से बेटियां ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश और देश वासियों को शर्मशार होना पड़ रहा है,इस दौरान मोदी आर्मी के वरुण जोशी,मितेश पटेल,अनेंद्र ताम्रकार,यश कसार,शुभम यादव,संतोष रामटेके,इशू यादव,लालू,धीरज,विनय,गोपा, उमेश,दुर्गेश रामटेके,विधान मिश्रा,शुभम पटेल,शोरभ यादव आदि ने अपना विरोध दर्ज किया!

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision