August 11, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    मुंबई / शौर्यपथ / मुंबई में वडाला GRP ने लोकल में यात्रा करने के लिए फर्जी QR कोड बनाने वाले शख्स का पर्दाफाश किया है. मामले में मुख्य आरोपी अनीस राठौड़ के साथ फर्जी QR कोड पर यात्रा करने वाले कुछ यात्रियों को भी गिरफ्तार किया गया है. वडाला GRP के वरिष्ठ निरीक्षक राजेन्द्र पाल ने बताया कि कुछ दिन पहले वडाला रेल स्टेशन पर दो यात्रियों को फर्जी QR कोड पर यात्रा करते पकड़ा गया था. मुंबई में ऐसे 6 स्टेशनों पर अलग-अलग मामले सामने आने पर पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सभी में अनीस राठौड़ का नाम सामने आया.
    अनीस के घर पर दबिश दी गई तो उसके घर से कंप्यूटर और बाकी साहित्य जब्त हुए. अनीस ने पूछताछ में बताया कि वह 500 से 1000 रुपये लेकर फर्जी QR कोड बनाकर देता था. अब तक 500 के करीब लोगों को कोड बेच चुका है.
    कोरोना काल में जो लोग सरकारी या अत्यावश्यक सेवा में हैं, उन्हें ही लोकल से यात्रा करने की इजाजत है. इसके लिए QR कोड बनाकर दिया जाता है. पता चला है कि अनीश से QR कोड लेने वाले ज्यादातर गरीब मजदूर हैं, जो खाने के स्टॉल पर काम करते हैं.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए विशेष रूप से निर्मित बी-777 विमान गुरुवार को अमेरिका से भारत पहुंचेगा. सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि विमान को अगस्त में ही विमान निर्माता कंपनी बोइंग द्वारा एअर इंडिया को सौंपा जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई.
    अधिकारियों ने बताया कि बोइंग से विमान प्राप्त करने के लिए एअर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी अगस्त में ही अमेरिका पहुंच गए थे.
    विमान बृहस्पतिवार को अपराह्न लगभग तीन बजे टेक्सास से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरेगा. उन्होंने कहा कि वीवीआईपी की यात्रा के लिए एक और विशेष रूप से निर्मित बी777 विमान बाद में बोइंग से प्राप्त होने की संभावना है. उम्मीद की जा रही थी कि VVIP यात्रा के लिए इन दोनों विमानों को जुलाई तक सौंप दिया जाएगा, लेकिन कोविड-19 के कारण इनकी आपर्ति में कुछ महीनों की देरी हुई है. एक अधिकारी ने बताया कि वीवीआईपी की यात्रा के दौरान, दोनों बी777 विमानों को एअर इंडिया के पायलट नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पायलट उड़ाएंगे. गौरतलब है कि वर्तमान में, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एअर इंडिया के बी747 विमानों से यात्रा करते हैं.

    पटना / शौर्यपथ / बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों घरों में चोरी आम बात है लेकिन बुधवार को प्रख्यात कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु के पटना स्थित आवास पर चोरों ने हाथ साफ़ कर लिया. चोरों ने उनकी कई सारी साहित्य विरासत और पांडुलिपियां चुराकर ले गए .जिसमें रेणु जी के परती परिकथा , मैला आंचल और सत्तर के दशक में चुनाव में हार के बाद अधूरी लिखी काग़ज़ की नांव शामिल हैं . परिवार के सदस्यों की माने तो इसके अलावा कई और किताबें, दुर्लभ चिट्टियां और उनके विधायक रहे पुत्र पद्म प्रयाग रेणु के अहम काग़ज़ात भी शामिल हैं.
    इस चोरी की घटना को अंजाम देने वाले चोरों ने किसी महंगे समान जैसे टीवी, फ़्रिज को हाथ भी नहीं लगाया. परिवार वाले उनके हस्तलिखित पांडुलिपि के चोरी होने से अधिक दुखी हैं .पटना के राजेंद्र नगर स्थित इस घर में फ़िलहाल उनके छोटे बेटे का एक सम्बंधी रहता था जो घटना के समय बाहर गया हुआ था.
    हालांकि इससे पूर्व उनके गांव में रेणु स्मृति भवन में भी इस साल जनवरी में चोरी हुई थी .हालांकि इस घटना के बाद पटना पुलिस के वरीय अधिकारी पहुंचे और सीसीटीवी में उन्हें चोरों का सुराग भी मिला है . लेकिन इस घटना ने पूरे राज्य में विधि व्यवस्था और ख़ासकर राजधानी पटना में चोरों के बढ़ते साम्राज्य को फिर से दर्शाया हैं . रेणु जी की लिखी मारे गये गुलफाम पर तीसरी क़सम फिल्ब बनी थी वहीं मैला आंचल पर धारावाहिक बन चुका हैं.

    पटना / शौर्यपथ / बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी के सूत्र से सीट शेयरिंग को लेकर एनडीटीवी से बात की. सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व में एलजेपी इस चुनाव में 42 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रहा है. एलजेपी के सूत्र के मुताबिक, लोक जनशक्ति पार्टी ने पिछले चुनाव में 42 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इस बार भी लोक जनशक्ति पार्टी ने 42 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखी है.
    साथ ही यह भी कहा, ''हमारे लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि इन 42 सीटों में से कम से कम 32 सीटें ऐसी हो, जो हमारी पसंद की हो. पिछले चुनाव में हमें जो सीटें दी गई थी उसमें से सिर्फ 8 सीटें हमारी ए-लिस्ट की सीटें थी जहां हम मजबूत थे. अगर बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व हमारे मांग को स्वीकार नहीं करती है, तो लोजपा 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है.''
    सूत्र ने बताया कि लोक जनशक्ति पार्टी को यह आश्वासन दिया गया है कि अगले 1 से 2 दिन के अंदर सीट शेयरिंग पर फैसला हो जाएगा. सूत्र के मुताबिक, नीतीश का "7 निश्चय" हमें स्वीकार नहीं है. अगर नीतीश कुमार हमारे समर्थन से दोबारा मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें "बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट" की नीति को भी अपने एजेंडे में शामिल करना होगा. हम चाहते हैं कि बिहार चुनाव के लिए एनडीए एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार करे.

    सेहत / शौर्यपथ / कमजोर हड्डियां सिर्फ शरीर को ही कमजोर नहीं बनाती बल्कि हृदय के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालती हैं। अगर आप अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो अपने हड्डियों को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है।
    लंदन की क्वीन मेरी यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ हैंपटन के मेडिकल रिसर्च काउंसिल लाइफकोर्स इपिडेमियोलॉजी यूनिट के एक हालिया शोध में हड्डियों में मिनरल की कम मात्रा और खराब हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध पाया गया है। शोध में पाया गया है कि महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही हड्डियों के कमजोर होने से हृदयरोग पनपते हैं।

    जर्नल ऑफ बोन में प्रकाशित इस शोध में यूके बायोबैंक के डाटा का इस्तेमाल किया गया है। शोधकर्ताओं ने इमेजिंग और रक्त बायोमार्कर डाटा के कई प्रारूपों का संयुक्त तरीके से इस्तेमाल कर हड्डियों और हृदय के स्वास्थ्य के बीच संबंधों का आकलन किया।

    इन कारणों से कमजोर हो सकती है हड्डी-
    इनदिनों गठिया और हृदय की बीमारियों सबसे बड़े स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में उभर रहे हैं। दोनों तरह की बीमारियों की वजह बढ़ती उम्र, धूम्रपान और असक्रिय जीवनशैली है। शोध से पता चलता है कि जोखिम कारकों के समान होने के अलावा भी दोनों के बीच संबंध हो सकते हैं। इस शोध से यह भी पता चलता है कि दोनों तरह की समस्याओं का जैविक पाथवे भी समान हो सकता है। इस शोध से दोनों बीमारियों के लिए दवा की खोज आसान हो सकेगी।

    सख्त हो जाती हैं धमनियां-
    शोधकर्ताओं ने पाया कि हड्डी का घनत्व कम होने का संबंध धमनियों के सख्त होने से था। जिन महिलाओं और पुरुषों की हड्डी कमजोर थीं उनके हृदय की धमनियां ज्यादा सख्त थीं। शोध में पाया गया कि हड्डी में कमजोरी से जूझ रहे मरीजों में हृदयघात से मौत होने का खतरा ज्यादा था। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि हड्डी और हृदय के स्वास्थ्य की प्रणालियां पुरुषों और महिलाओं में अलग थी।

    शोधकर्ता डॉक्टर जहरा राइशी ने कहा, हमारे शोध में कमजोर हड्डियो और दिल की बीमारियों के बीच सीधा संबंध पाया गया है। प्रोफेसर निक हार्वे ने कहा यूके बायोबैंक में मौजूद डाटा का बड़े पैमाने पर विश्लेषण करने पर पाया कि मस्क्यूलोस्केलेटल और कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य का जैविक पाथवे एक जैसा है और इस खोज से इन दोनों के लिए दवा बनाने में मदद मिल सकती है। प्रोफेसर स्टीफन पीटरसन ने कहा, हृदयरोगों के जोखिम कारकों के बारे में जानकारी बढ़ने से उससे बचाव और उसके इलाज के बेहतर तरीकों के बारे में जाना जा सकेगा।
    इन चीजों के सेवन से मजबूत होंगी हड्डियां-
    कैल्शियम के स्रोत :
    कैल्शियम के लिए आप दूध और दूध से बनी चीजों का सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां आपको कैल्शियम और आयरन दोनों ही देने में मदद करती है। मछली भी अच्छा विकल्प है। साबुत अनाज, केले, सार्डिनेस, सालमन, बादाम, ब्रेड, टोफू और पनीर कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।
    विटामिन डी के स्रोत :
    आप विटामिन डी के लिए फैटी फिश जैसे टूना, मेकरेल, सेलमॉन, अंडे का सफेद भाग, सोया मिल्क, डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, दही वगैरह मशरूम, अनाज, चीज, संतरे का जूस, कोका को आहार में शामिल कर सकते हैं।
    पोटैशियम के स्रोत : पोटैशियम के लिए आप अपने आहार में जड़ यानी कंद-मूल शामिल करें। इनमें शकरकंद, आलू छिलके के साथ सहित अच्छा विकल्प है। इसके अलावा दूध या दूध से बनी चीजें भी आप आहार में शामिल कर सकते हैं।
    मैग्नीशियम के स्रोत :
    मैग्नीशियम के लिए आप हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल कर सकते हैं। पालक मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत होता है। इसे अलावा टमाटर, आलू, शकरकंद भी ले सकते हैं।
    नंबर गेम-
    -हड्डियों का एक सामान्य वयस्क में +1 से -1 एसडी घनत्व होना चाहिए
    -हड्डियों का घनत्व गठिया की बीमारी होने पर -2.5 एसडी हो जाता है

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / कोरोना वायरस ने पूरे विश्व को चपेट में ले रखा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक आए दिन इसे लेकर नए-नए शोध कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के जॉर्जिया विश्वविद्यालय ने संक्रमण को लेकर एक नया अध्ययन किया है, जो बंद जगहों पर कोविड-19 के हवा में संचरण के बढ़ते सबूतों का समर्थन करता है।

    शोधकर्ताओं ने कोरोना से संक्रमित एक चीनी रोगी पर अध्ययन किया, जिसके चलते बस के एयर कंडिशनिंग सिस्टम के जरिए बस में सवार दूसरे लोग भी संक्रमण की चपेट में आ गए। हालांकि बस में शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा था। इसका कारण यह था कि बस की खिड़कियां बंद थीं। वेंटिलेशन की समस्या के चलते दूसरे यात्री भी कोरोना का शिकार हो गए।

    जामा इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित किए गए यह अध्ययन इस सवाल पर विचार करता है कि कोविड-19 हवा के जरिए कैसे फैल सकता है। यूजीए कॉलेज ऑफ पब्लिक हेल्थ की सहयोगी प्रोफेसर और रिसर्च की लेखक ये शेन ने कहा कि हवा के जरिए कोरोना संक्रमण के प्रसार की संभावना कई वैज्ञानिकों ने जताई है पर सीमित साक्ष्यों के साथ। हमारे शोध से ऐसे प्रमाण सामने आए हैं, जिसने इस संदेह को हकीकत में बदल दिया है।

    शेन ने कहा कि काफी हद तक यही माना जाता रहा था कि खांसने और छींकने से निकलीं बूंदों के माध्यम से यह वायरस फैल रहा है। इसके बाद विश्व स्तर पर शारीरिक दूरी और हाथ धोने जैसे उपायों को अपनाया गया ताकि इसके प्रसारण पर लगाम लग सके। बावजूद इसके कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है।

    भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जोखिम ज्यादा-
    शेन ने कहा कि हमारे इस शोध के निष्कर्ष उन परिदृश्यों को उजागर करते हैं, जहां कोविड-19 एरोसोल कणों के माध्यम से एक बंद स्थान में हवा के जरिए फैल सकता है। भीड़-भाड़ वाली बंद जगहों पर ज्यादा खतरा है, क्योंकि वहां वेंटिलेशन नहीं हो पाता और संक्रमण का जोखिम दोगुना जाता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि चाहे आप अपने दफ्तर में हों या दुकान में या किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर कर रहे हों, आपके लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / इंसानों को भोजन, दवा और ईंधन देने वाले विश्व के 40 फीसदी पौधे विलुप्ति के कगार पर हैं। संयुक्त राष्ट्र समिट में जारी की गई एक रिपोर्ट से इस भयावह स्थिति का खुलासा हुआ। विश्व के पौधों और कवक की स्थिति पर 42 देशों के 200 से अधिक वैज्ञानिकों ने यह रिपोर्ट तैयार की है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये पौधे 39.4 प्रतिशत की दर से विलुप्त हो रहे हैं।

    इन वैज्ञानिकों का कहना है कि ये पौधे इतनी तेजी से विलुप्त हो रहे हैं कि हमें उनकी विलुप्ति से पहले उनके नाम और विवरण देने के लिए समय के साथ दौड़ लगानी पड़ रही है। रिपोर्ट के बारे में रॉयल बॉटेनिक गार्डन के निदेशक प्रो. एलेक्सजेंडर अंटोनी ने कहा कि जो पौधे दुनिया को खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से लड़ने का उपाय दे सकते थे, उनके विलुप्त हो जाने से दुनिया यह अवसर भी खो देगी।

    जंगल कटने से आया संकट -
    रिपोर्ट में बताया गया है कि बेतहाशा जंगल काटे जाने से इन पौधों के पनपने का अनुकूल वातावरण नष्ट होता जा रहा है इसलिए बहुत बड़ी तादाद में ये प्रजातियां नष्ट हो रही हैं। प्रो. एलेक्सजेंडर ने कहा कि अब हम विलुप्ति के दौर में जी रहे हैं, सभी देशों के नेताओं को इस स्थिति से निपटने के लिए तुरंत उपाय करने चाहिए।

    1.4 लाख पौधों को खतरा-
    रिपोर्ट में बताया गया कि विश्व में पौधों की प्रजातियों का कुल 39.4 प्रतिशत यानी 1.4 लाख पौधों को विलुप्ति का खतरा मंडरा रहा है। 2016 में विलुप्ति की दर का अनुमान 21 प्रतिशत माना गया था।

    बिना उपयोग में आए ही नष्ट हो जाएंगे -
    रिपोर्ट में बताया गया कि जो पौधे जल्दी नष्ट होने वाले हैं, उनमें से बहुत सी ऐसी प्रजातियां हैं जिनका अब तक इंसानी जरूरतों के लिए इस्तेमाल ही नहीं हुआ। सात हजार से ज्यादा खाद्य योग्य ऐसे पौधे नष्ट हो सकते हैं जिनसे खेती करके दुनिया की बड़ी आबादी का पेट भरा जा सकता था। अभी मौजूद 2500 प्रजातियों से करोड़ों लोगों तक बायो ईंधन पहुंच सकता पर वे निकट भविष्य में नहीं बचेंगे।

    अभी दुनिया में बायो ईंधन बनाने के लिए मात्र छह फसलें- मक्का, गन्ना, सोयाबीन, ताड़ का तेल, रेपसीड और गेहूं का ही उपयोग होता है। संरक्षण विज्ञान के प्रमुख डॉ. कोलिन कहते हैं कि हमने भोजन, दवा व ईंधन बनाने में जंगली प्रजातियों की क्षमता की अनदेखी की है।

    एक नजर में-
    -2016 में 21% की दर से विलुप्ति का लगाया गया था अनुमान
    -2020 में 39.4% दर से पौधों के लुप्त होने का अनुमान लगाया
    -7000 से ज्यादा पौधों से भविष्य में खेती हो सकती थी
    -2500 से ज्यादा पौधे करोड़ों लोगों को जैव ईंधन दे सकते थे
    -723 औषधि वाले पौधे, 1,942 अन्य पौधे व 1,886 कवक पर संकट

    खाना खजाना / शौर्यपथ / बच्चे हों या बड़े चॉकलेट आइसक्रीम हर किसी की फेवरेट होती है। खास बात यह है कि इस टेस्टी डिजर्ट का लुत्फ आप किसी भी मौसम में उठा सकते हैं। यह आइसक्रीम खाने में जितनी टेस्टी है बनने में उतनी ही आसान भी है। तो डिजर्ट लवर्स देर किस बात की, आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है यह टेस्टी आइसक्रीम।
    चॉकलेट आइसक्रीम बनाने के लिए सामग्री-
    -2 1/2 कप फुल क्रीम दूध
    -1 टी स्पून कस्टर्ड पाउडर
    -2 टी स्पून कोको पाउडर
    -1 कप चीनी
    -1/2 टी स्पून वनीला एसेंस
    -1 1/2 कप क्रीम
    -नट्स
    चॉकलेट आइसक्रीम बनाने का तरीका-
    चॉकलेट आइसक्रीम बनाने के लिए सबसे पहले आधा कप दूध में चीनी, कोको और कस्टर्ड पाउडर मिलाने के बाद बचे हुए दूध को उबालकर उसमें बनाया हुआ कस्टर्ड मिक्सचर मिला लें। अब इस मिक्सचर के उबलने के बाद आधा मिनट गैस की आंच हल्की करके ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
    ठंडा होने पर इसमें क्रीम और वनीला एसेंस मिलाकर इसे 1 डिब्बे में भरकर रख दें। आइसक्रीम जमने के बाद इसे ब्लैंडर में पीसकर दोबारा फ्रिज में जमने के लिए रख दें। यह प्रकिया दो बार दोहराएं। अब करीब 2 घंटे तक इसे नॉर्मल टैंपरेचर पर जमाकर नट्स डालकर गार्निश करके सर्व करें।

    खाना खजाना / शौर्यपथ / जब कभी इंडियन स्नैक्स की बात होती है तो चाय की प्याली के साथ पकौड़ों का जिक्र जरूर होता है। पकौड़े तो आपने कई तरह के खाए होंगे पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे बनाया जाता है चिकन पकौड़ा। चिकन पकौड़े हर तरह की पार्टी के लिए एक बढ़िया स्टार्टर होने के साथ शाम की चाय के लिए एक अच्छा स्नैक भी है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं कैसे बनाएं जाते हैं क्रिस्पी चिकन पकौड़े।

    चिकन पकौड़ा बनाने के लिए सामग्री-
    -1/2 टी स्पून चिकन बोनलेस
    -स्वादानुसार नमक
    -1 टी स्पून अदरक लहसुन का पेस्ट
    -2 कप बेसन
    -1 टी स्पून चिली फलेक्स
    -1 छोटा चम्मच पीसा जीरा
    -1 छोटा चम्मच पीसे धनिये के बीज
    -1 टी स्पून चिकन पाउडर
    -1 टी स्पून आमचूर
    -2 टी स्पून अनारदाना
    -एक चुटकी बेकिंग सोडा
    -2 टेबल स्पून हरा धनिया कटा हुआ
    -2 टेबल स्पून पुदीना कटा हुआ
    -8 टेबल स्पून तेल

    चिकन पकौड़ा बनाने का आसान तरीका-
    चिकन पकौड़ा बनाने के लिए सबसे पहले चिकन को नमक और अदरक-लहसुन के पेस्ट में लगाकर 10 मिनट के लिए मैरीनेट होने के लिए अलग रख दें। अब एक दूसरे बाउल में सभी सामग्री को मिलाकर पानी की मदद से एक अच्छा सा बैटर तैयार कर लें। अब चिकन के टुकड़ों को बैटर में डिप करके उन्हें तेल में डीप फ्राई करें। आपके गर्मा-गर्म चिकन पकौड़े बनकर तैयार हैं, उन्हें शाम की चाय के साथ और हरी चटनी के साथ सर्व करें।

    टिप्स /शौर्यपथ / मैदा, सूजी और बेसन से बनी डिश सभी को अच्छी लगती है लेकिन लम्बे समय तक इन चीजों को रखने के साथ एक परेशानी जुड़ी हुई है। पैकेट खोलने के कुछ दिनों या महीने बाद इनमें घुन या कीड़े लग जाते हैं। इस वजह से कम मात्रा में इन चीजों को घर में रखना पड़ता है। किचन टिप्स की बात करें, तो कुछ ऐसे तरीके हैं जिनसे इन चीजों को लम्बे समय तक प्रिजर्व करके रखा जा सकता है। आइए, जानते हैं कुछ तरीके-

    -आटे को सुरक्षित रखने के लिए आप आटे में नीम की पत्तियां रख दें। इससे चीटियाँ और घुन आटे में नहीं लगेंगे। अगर आपको नीम की पत्तियां नहीं मिलती, तो उसकी जगह आप तेज़ पत्ता या बड़ी इलायची का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
    -दलिया और सूजी को कीड़ों से बचाने के लिए आप किसी कढ़ाई में इसे भून लें और इसे ठंडा होने पर इसमें 8-10 इलायची डालकर किसी एयर टाइट कंटेनर में रख दें। इससे कीड़े की समस्या दूर हो जाएगी।
    -मैदा और बेसन को बहुत जल्दी कीड़े लग जाते हैं। इन्हें कीड़ों से बचाने के लिए आप बेसन या मैदा को डिब्बे में डालकर इसमें बड़ी इलायची डाल दें। इससे लगने वाले कीड़ों से बचा जा सकता है।
    -चावल को नमी और घुन से बचाने के लिए लगभग 10 किलो चावल में 50 ग्राम पुदीने की पत्तियां डाल दे, इससे चावल में कीड़े नहीं पड़ेंगे।
    -बदलते मौसम में चने या दाल में कीड़े पड़ जाते हैं। इससे बचने के लिए दालों और चने में सूखी हल्दी और नीम के पत्ते डालकर रख सकते हैं। इससे इनमें कीड़े नही लगते।
    -चीनी और नमक बारिश के मौसम में न सिर्फ चिपचिपे हो जाते हैं बल्कि पिघलने भी लगते हैं। इस समस्या से बचने के लिए इन्हें कांच के डिब्बे में रखें। आप चीनी और नमक के डिब्बें में थोड़े से चावल भी रख सकती है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision