July 23, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता से दुनिया को संदेश – “योग को उत्सव नहीं, जीवनशैली बनाइए”

    कोलकाता।
    12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। लाखों लोगों की उपस्थिति और विश्व के अनेक देशों की सहभागिता के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक ऐसी कला है जिसे प्रत्येक व्यक्ति, परिवार और आने वाली पीढ़ियों की दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया इसे स्वास्थ्य, संतुलन और शांति के माध्यम के रूप में स्वीकार कर रही है। उन्होंने योग को मानवता के लिए भारत का अमूल्य उपहार बताते हुए इसके वैश्विक विस्तार पर प्रसन्नता व्यक्त की।

    70 की उम्र में भी 50 जैसा स्वास्थ्य संभव

    प्रधानमंत्री ने "हेल्दी एजिंग" अर्थात स्वस्थ बुढ़ापे की अवधारणा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि योग को नियमित जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो 70 वर्ष की आयु में भी व्यक्ति स्वयं को 50 वर्ष जैसा स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय महसूस कर सकता है। योग शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

    ‘योग 365’ अभियान की शुरुआत

    योग को दैनिक जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने ‘योग 365’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके तहत 100 दिनों का एक ऑनलाइन अभियान प्रारंभ किया गया है, जिसमें अब तक 130 देशों के लोगों ने सहभागिता दर्ज कराई है। यह पहल योग को एक दिन के कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर वर्ष के 365 दिनों की जीवनशैली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    विश्व शांति की राह दिखाता है योग

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग का महत्व केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। यह समाज में सकारात्मकता, राष्ट्रों के बीच सद्भाव और विश्व शांति का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग मानवता को संतुलन, संयम और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखा रहा है।

    भारत की विरासत बना वैश्विक उत्सव

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उन करोड़ों लोगों का आभार व्यक्त किया जो दुनिया के विभिन्न देशों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है और यह दिखाता है कि योग की शक्ति सीमाओं से परे मानवता को जोड़ने का कार्य कर रही है।

    लोगों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं लोगों के बीच जाकर विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास कराया और प्रतिभागियों को सुरक्षित तथा वैज्ञानिक तरीके से योग करने के लिए प्रेरित किया। रेड रोड पर आयोजित यह विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम अनुशासन, ऊर्जा और सामूहिक चेतना का अद्भुत उदाहरण बन गया।

    संदेश स्पष्ट है

    कोलकाता के रेड रोड से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए था—
    “योग को एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन की दिनचर्या बनाइए। स्वस्थ शरीर, शांत मन और बेहतर भविष्य का यही सबसे सरल मार्ग है।”

    ​रायपुर:
    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं द्वारा राहुल गांधी पर की गई बेहद निजी और तल्ख टिप्पणियों के बाद दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर तंज कसे हैं, वहीं कांग्रेस ने भी इस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए करारा जवाब दिया है।
    ​1. विधायक पुरंदर मिश्रा का बयान: "दिल्ली से आ रहा जोकर"
    ​छत्तीसगढ़ के रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दिया है।
    ​क्या कहा भाजपा विधायक ने: राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के संदर्भ में पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा, "दिल्ली से जोकर आ रहा है और 10 दिन तक सर्कस चलेगा।"
    ​कांग्रेस का पलटवार: विधायक मिश्रा के इस बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा विधायक का 'मानसिक दिवालियापन' करार दिया। कांग्रेस ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि भाजपा विधायक का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, तो कांग्रेस उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है।
    ​2. वन मंत्री केदार कश्यप का तंज: "दारू से धोएं राहुल के चरण"
    ​विवाद को और हवा तब मिली जब छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर सीधा हमला बोला।
    ​क्या कहा वन मंत्री ने: कांग्रेस के स्वागत कार्यक्रमों पर कटाक्ष करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने पिछले 5 साल के शासनकाल में केवल शराब घोटाला किया है। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए जब राहुल गांधी छत्तीसगढ़ आएं, तो कांग्रेसियों को (गंगाजल या पानी के बजाय) उनके चरण 'दारू' से धोने चाहिए।"
    ​कांग्रेस का पलटवार: वन मंत्री के इस बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने मोर्चा संभाला। बैज ने कहा कि यह बयान भाजपा के 'निचले स्तर के चरित्र' को उजागर करता है। उन्होंने राज्य की संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अतिथियों का स्वागत हमेशा 'धान' (अक्षत) से किया जाता है, लेकिन भाजपा ने अपने बयानों और नीतियों से राज्य को शराब का गढ़ बना दिया है।
    ​सियासी गलियारों में चर्चा:
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के दौरे से पहले इस तरह की बयानबाजी यह दर्शाती है कि राज्य में आगामी दिनों में राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प और आक्रामक होने वाला है। जहां भाजपा कांग्रेस को उसके पिछले कार्यकाल के मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अपमान और भाजपा की हताशा के रूप में पेश कर रही है।

    कारण बताओ नोटिस, अयोग्यता की मांग और कार्यकर्ताओं को संभालने की कवायद; महा विकास अघाड़ी के सामने भी नई चुनौती

      राजनीतिक विश्लेषण
    2022 में पार्टी का संगठन और चुनाव चिन्ह खोने के बाद उद्धव ठाकरे ने लोकसभा चुनावों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित की थी।
    अब यदि 9 में से 6 सांसद अलग राह चुनते हैं, तो यह केवल संख्या का नुकसान नहीं बल्कि नेतृत्व पर विश्वास के संकट का संकेत माना जाएगा।
    संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत UBT गुट लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अयोग्यता की मांग कर रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय संसदीय प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करेगा।
    महाराष्ट्र की राजनीति में इसका सीधा असर महा विकास अघाड़ी (MVA) की एकजुटता और भविष्य की चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।
    दूसरी ओर, यदि ये सांसद एनडीए के साथ जाते हैं तो महाराष्ट्र में भाजपा-शिंदे गठबंधन की राजनीतिक ताकत और बढ़ सकती है।
    सबसे बड़ा सवाल
    उद्धव ठाकरे के सामने अब चुनौती केवल बागी सांसदों पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि यह साबित करने की है कि चुनाव चिन्ह, संगठन और लगातार हो रही टूट-फूट के बावजूद उनकी पार्टी अभी भी महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति बनी हुई है।
    तीखा राजनीतिक निष्कर्ष
    "पहले धनुष-बाण गया, फिर संगठन का बड़ा हिस्सा गया, और अब यदि सांसद भी साथ छोड़ते हैं तो उद्धव ठाकरे के सामने लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्तित्व बचाने की होगी।

        नई दिल्ली / शंघाई में होने वाले आगामी वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन के लिए भारत अपनी तैयारियों को तेज़ कर रहा है, इसी क्रम में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने आज ऑस्ट्रेलिया में होने वाले ग्लोबल स्किल्स चैलेंज (GSC) 2026 के लिए टीम इंडिया को रवाना किया। 30 सदस्यों वाले भारतीय दल में 15 प्रतियोगी और 15 विशेषज्ञ शामिल हैं, जो 23 से 29 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय स्किल्स सिमुलेशन इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    वर्ल्डस्किल्स ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित ग्लोबल स्किल्स चैलेंज, वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन का ही एक बड़े स्तर का अंतरराष्ट्रीय सिमुलेशन है। यह चीन के शंघाई में होने वाले 48वें वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन से पहले तैयारी के लिए एक अहम मंच का काम करता है। असल अंतरराष्ट्रीय कॉम्पिटिशन जैसे हालात तैयार करने के मकसद से आयोजित यह इवेंट, भाग लेने वाले देशों को एक हाई-इंटेंसिटी वाले ग्लोबल माहौल में अपने प्रदर्शन को मापने, तैयारियों को परखने और कॉम्पिटिशन के लिए अपनी तत्परता को बेहतर बनाने का मौका देता है।

    यह प्रतियोगिता चार दिनों तक चलने वाले स्किल कॉन्टेस्ट के ज़रिए WorldSkills जैसा माहौल बनाएगी। इसमें मार्किंग और असेसमेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 'कॉम्पिटिशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम' का इस्तेमाल किया जाएगा। वर्ल्ड स्कूल्स के सदस्य देशों से लगभग 600 कॉम्पिटिटर्स, एक्सपर्ट्स, ट्रांसलेटर्स और अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह इवेंट 'टीम इंडिया' को अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स, नई टेक्नोलॉजी और दुनिया भर में अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज़) को जानने-समझने का शानदार मौका देगा।

    इस मौके पर स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मिनिस्ट्री की सेक्रेटरी, सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने कहा, "ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 ऑस्ट्रेलिया “ सिर्फ़ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि 'टीम इंडिया' के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने, अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने और शंघाई में होने वाली वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के लिए तैयारी करने का एक अहम मौका है। मैं हर कॉम्पिटिटर से कहूँगी कि वे अपने एक्सपर्ट्स की बात ध्यान से सुनें, फोकस और डिसिप्लिन बनाए रखें और सीखने के हर मौके का पूरा फ़ायदा उठाएँ। वे सभी पहले से ही देश के लिए चैंपियन हैं और हमें उनके सफ़र पर बहुत गर्व है। मैं 'टीम इंडिया' को शुभकामनाएँ देती हूँ कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और ग्लोबल स्टेज पर भारत का नाम रोशन करें।"

    इसके अलावा, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीईओ , श्री अरुणकुमार पिल्लई ने कहा, "हमारे हर कैंडिडेट ने भारत में सबसे बेहतरीन लोगों में शामिल होने के लिए एक मुश्किल और बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिटिव सफ़र तय करके यहाँ अपनी जगह बनाई है। 'ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 ऑस्ट्रेलिया' शंघाई से पहले का आखिरी पड़ाव है, और अब और भी ज़्यादा फ़ोकस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की ज़रूरत है। मुझे उम्मीद है कि वे हर अनुभव से सीखेंगे, अपनी ट्रेनिंग पर भरोसा करेंगे और सफलता की कल्पना करेंगे। उस पल की कल्पना करें जब वे सितंबर 2026 में देश की उम्मीदों को लेकर पोडियम पर खड़े होंगे। हमारे लिए, वे पहले से ही हीरो हैं। जब वे दुनिया का सामना करने के लिए आगे बढ़ेंगे, तो उन्हें पता होना चाहिए कि पूरा 'स्किल इंडिया' परिवार हमारे हर कैंडिडेट के साथ मज़बूती से खड़ा है और हर कदम पर उनकी सफलता के लिए हौसला बढ़ा रहा है।"

    इस मौके पर एमएसडीई की सीनियर इकोनॉमिक एडवाइज़र श्रीमती मनीषा सेनशर्मा, जॉइंट सेक्रेटरी श्रीमती हेना उस्मान के साथ-साथ अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।

    भारत 'ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026' में 15 स्किल कैटेगरी में हिस्सा लेगा। ये कैटेगरी हैं: 3D डिजिटल गेम आर्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग (ईंट-चिनाई), क्लाउड कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिज़ाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ और सोशल केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग और डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल और फ्लोर टाइलिंग, और वेब टेक्नोलॉजीज़। ये क्षेत्र एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़, कंस्ट्रक्शन ट्रेड और सर्विस-सेक्टर स्किल्स का एक मिला-जुला रूप हैं, जो भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम के विस्तार और उसमें आ रहे आधुनिक बदलावों को दिखाते हैं।

    उम्मीद है कि इस अनुभव से तकनीकी तैयारी बेहतर होगी, इंटरनेशनल मूल्यांकन सिस्टम की समझ बढ़ेगी और कॉम्पिटिटर्स को ग्लोबल स्टेज पर जाने से पहले असल कॉम्पिटिशन के माहौल में परफॉर्म करने का मौका मिलेगा।

    यह चैलेंज यूरोप, पूर्वी एशिया, ओशिनिया और अन्य भाग लेने वाले क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों और विशेषज्ञों के साथ जुड़कर बेंचमार्किंग का एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म भी देता है। एडवांस्ड इक्विपमेंट वाले माहौल, इंडस्ट्री की बदलती उम्मीदों और अलग-अलग तरह के कॉम्पिटिशन के तरीकों से भारत की तैयारी और परफॉर्मेंस की क्षमताएं और मज़बूत होंगी।

    ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत की भागीदारी 'स्किल इंडिया मिशन' के उस बड़े विज़न को और मज़बूत करती है, जिसका मकसद भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाना और ग्लोबल स्किल्स इकोसिस्टम में भारत की स्थिति को मज़बूत करना है। व्यवस्थित ट्रेनिंग, एक्सपर्ट मेंटरिंग और मज़बूत इंडस्ट्री पार्टनरशिप के ज़रिए, टीम इंडिया वर्ल्ड लेवल पर उत्कृष्टता के ऊंचे स्टैंडर्ड हासिल करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

    नई दिल्ली / भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (21 जून, 2026) मध्य प्रदेश स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया। उन्होंने राष्ट्रीय उद्यान के चीता प्रबंधन क्षेत्र का अवलोकन किया। उन्हें प्रोजेक्ट चीता के संबंध में वन मंडलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई।
    नवंबर 2025 में बोत्सवाना की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बोत्सवाना द्वारा भारत को आठ चीतों के प्रतीकात्मक हस्तांतरण की साक्षी बनी थीं। ये चीते फरवरी 2026 में कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाए गए थे।

    17 सितंबर, 2022 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया प्रोजेक्ट चीता जैव-विविधता के पुनर्स्थापन के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विलुप्त हो चुके चीते का पुनर्प्रवेश कराना है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत कूनो राष्ट्रीय उद्यान को भारत के प्रथम चीता पुनर्प्रवेश स्थल के रूप में विकसित किया गया है, क्योंकि यहां चीतों के लिए उपयुक्त आवास, पर्याप्त शिकार आधार तथा न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप उपलब्ध है।
    कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का प्रथम दल सितंबर 2022 में नामीबिया से, द्वितीय दल फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से तथा तृतीय दल फरवरी 2026 में बोत्सवाना से लाया गया था।

    विश्व को भारत की अमूल्य देन है योग, इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास

    रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है।

    मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता।

    मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।

    इस अवसर पर विधायक  प्रबोध मिंज, विधायक  रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक  राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

    रायपुर, / अंतर्राराष्ट्रीय योग दिवस केे अवसर पर आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। योगाभ्यास में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू सहित लोकभवन के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।

    ईशा फाउंडेशन के योग प्रशिक्षक श्री रितेश प्रधान ने योग नमस्कार का अभ्यास कराया। वहीं योग आयोग के प्रशिक्षक श्री भोजराज साहू, श्री अशोक साहू, श्री धनश्री साहू, श्री दीनू राम साहू एवं श्री तुषार साहू ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया।

    अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में शामिल हुए राज्यपाल

    रायपुर, /  राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।

    अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।

    श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने किया योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का दिया संदेश

    रायपुर, / नारायणपुर जिले के कोटमहर गार्डन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया तथा जिलेवासियों को स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

    मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। योग तनाव को कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

    सामूहिक योगाभ्यास में बड़ी संख्या में शामिल हुए नागरिक

    योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। साथ ही योग के स्वास्थ्य लाभों और उसके महत्व की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

    जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारिता लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एम.जी., अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई तथा एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

    योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

    योग दिवस के इस आयोजन ने जिलेवासियों को स्वास्थ्य, सकारात्मकता और अनुशासित जीवनशैली का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं जनकल्याण की कामना के साथ हुआ।

    योग और नृत्य का अद्भुत संगम: सारंगढ़ में बच्चों ने संगीत की धुन पर योग मुद्राओं से मोहा मन

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में 1,000 से अधिक लोगों ने किया योगाभ्यास

    ​रायपुर /

    ​अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष "योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा" और "बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग" की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
    ​इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया।

    ​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान

    ​कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।

    ​योग और नृत्य का अद्भुत संगम

    ​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी।

    ​अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल

    ​आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया।
    ​कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।

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