July 23, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ेगा समाज , विकास में सरकार हर कदम पर साथ - मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण

    रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया।

    सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है।

    आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया।

    कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

    अच्छी गुणवत्ता पर दिया जोर, अगस्त तक काम पूरा करने के दिए निर्देश

    रायपुर. 17 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी।

    सचिव श्री बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी श्री बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

       बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बुधवार को स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई का औचक निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी रफ्तार पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान श्री साव ने मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इंडोर-आउटडोर मैदान, एचवीएसी सिस्टम तथा आउटडोर स्टेडियम के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी हैं और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं।

    उप मुख्यमंत्री ने विशेष नाराजगी जताते हुए कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है, इसके बावजूद खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही अधोसंरचना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

    2017 से अधूरी मैपलवुड फ्लोरिंग पर जताई नाराजगी

    श्री साव ने इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का कार्य वर्ष 2017 में स्वीकृत होने के बाद भी पूर्ण नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का अधूरा रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और इसे तत्काल पूरा किया जाना चाहिए।

    डीएमएफ राशि होने के बावजूद मेंटेनेंस नहीं

    निरीक्षण के दौरान हॉस्टल की स्थिति और रखरखाव कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्होंने नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (DMF) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धन उपलब्ध होने के बाद भी कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

    15 दिन में उप मुख्यमंत्री कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

    श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता बी.बी.एस. गौतम को निर्देश दिए कि सभी लंबित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाए तथा 15 दिनों के भीतर उप मुख्यमंत्री कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

    तीरंदाजी मैदान जुलाई तक पूरा करने के निर्देश

    एसईसीएल द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे तीरंदाजी मैदान की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आउटडोर स्टेडियम की हाई मास्ट लाइटों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा।

    दर्शकों के लिए बढ़ेंगे शौचालय, कबड्डी मैदान की स्वीकृति प्रक्रिया तेज होगी

    उप मुख्यमंत्री ने हॉकी मैदान में निर्माणाधीन पैवेलियन में अधिकारियों के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी पर्याप्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए अधिकारियों को मंत्रालय स्तर पर समन्वय कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

    उन्होंने कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र को प्रदेश के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक एवं बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके।

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री साय नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल
    मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित

    रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।
        सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
          मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।
    मुख्यमंत्री साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
       सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।
    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन
    शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।
    महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।
    इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

    विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
          मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी श्रीमती भारती केवट एवं श्रीमती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
    सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

      रायपुर, / पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर रोजगार के काबिल बनाना है। पुरानी मशीनों को बदलकर नई तकनीक वाली मशीनें लगाई जाएंगी और डिजिटल कंटेंट व स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी जाएगी।

    मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पीएम सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के तहत राज्य की चयनित औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।

    बैठक में पीएम सेतु के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की सलाह से स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई अपग्रेड करने और उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु जारी किए जाने वाले पात्रता मापदण्डों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से ईओआई में भाग लेने वाले उद्योगों सहित समस्त पात्र उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध के बारे में प्रक्रिया में सहभागिता हेतु अवसर प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।

    इसी तरह से प्रधानमंत्री सेतु योजना अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग हेतु जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट के प्रस्ताव के अनुरोध के बारे में भी चर्चा हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई एवं भारत सरकार कौशल विकास और उद्यम शीलता महानिदेशालय छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।

    समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने

    रायपुर, / वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना। श्री देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।

    विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना। श्री देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित किया।

    कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म श्री अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक श्री राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के श्री ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख श्री पदम गोयल, श्री अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    बिना पंजीयन एवं वैध दस्तावेजों के बैटरी अपशिष्ट का संग्रहण, भंडारण और व्यापार दंडनीय अपराध

    रायपुर, /छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राज्य में अवैध रूप से स्क्रैप एवं प्रयुक्त बैटरियों के संग्रहण, भंडारण, परिवहन, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) तथा व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंडल ने सभी व्यापारियों, कबाड़ संचालकों, स्क्रैप डीलरों, परिवहनकर्ताओं तथा बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े हितधारकों को निर्देशित किया है कि वे अपना संचालन केवल बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 एवं अन्य प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही करें।

    मंडल के संज्ञान में आया है कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में बिना आवश्यक पंजीयन, प्राधिकार एवं वैध दस्तावेजों के प्रयुक्त एवं स्क्रैप बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन तथा क्रय-विक्रय किया जा रहा है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियां पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं तथा पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन हैं।

    मंडल ने बताया कि बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 के तहत प्रयुक्त एवं अपशिष्ट बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन तथा व्यापार केवल विधिवत पंजीकृत एवं अधिकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। अपशिष्ट बैटरियों के परिवहन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन तथा आवश्यक दस्तावेजों का संधारण अनिवार्य है। इसके साथ ही खरीद-बिक्री संबंधी अभिलेख एवं अन्य आवश्यक रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।

    मंडल ने स्पष्ट किया है कि खुले स्थानों पर अपशिष्ट बैटरियों का भंडारण, अनधिकृत संग्रहण, पर्यावरणीय मानकों के विपरीत संचालन अथवा अवैध व्यापार दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    इस संबंध में राज्यभर में विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों, फर्मों एवं संस्थानों के विरुद्ध जांच, निरीक्षण तथा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर अभियोजन दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जा सकती है।

    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सभी संबंधित हितधारकों से अपने संचालन को तत्काल प्रभाव से नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा आवश्यक पंजीयन एवं अनुमतियां प्राप्त करने का आग्रह किया है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी स्क्रैप अथवा अपशिष्ट बैटरियों का अवैध संग्रहण, भंडारण, परिवहन अथवा व्यापार किया जा रहा हो तो इसकी सूचना निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय अथवा मंडल को दें। मंडल ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों और संबंधित संस्थाओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

      रायपुर, / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।

    मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है।

    श्री विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए।

    मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

      रायपुर, / राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से आज यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।

    बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।

    विकसित छत्तीसगढ़ - जहाँ बच्चे हैं विकास की नींव

    बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है। राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।

    विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई, नीति और जमीन के बीच सेतु

    राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।

    देश में पहली बार - बाल कल्याण सूचकांक

    राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।

    बस्तर अंजोर - आदिवासी एवं बाल विकास का ऐतिहासिक अवसर

    बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं।

    यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।

    सामुदायिक जागरूकता, विश्वास निर्माण एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन

    बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।

    यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

    यूनिसेफ का सहयोग और विस्तार

    यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।

    बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।

      रायपुर, /राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर श्री विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की।

    राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्याे में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

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