
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
कवर्धा / शौर्यपथ / जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नीलू चंद्रवंशी के नेतृत्व में पूर्व राष्ट्रीय कांग्रेस *अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के जन्मदिवस कांग्रेस कार्यालय कवर्धा में केक काटकर मनाया गया जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ईश्वर शरण वैष्णव सेवादल के जिला अध्यक्ष मुकेश झारिया राजा द्विवेदी जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव टीकम शर्मा प्रशांत परिहार कन्नू आमदे मणिकांत त्रिपाठी पारस राजपूत गिरीश चंद्रवंशी कृष्णा साहू जी जलेस यादव मैथिली शरण चौबे जी कांसाराम साहू पुरन नाथ योगी, दुखहरण सिंह ठाकुर, चंद्रशेखर साहू जी, विकास केसरी गोलू दीवाना मनीष चंद्रवंशीकी उपस्तिथी में सम्पन्न हुआ।
जन्मदिवस अवसर को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नींलु चंद्रवंशी कहा श्रीमती सोनिया गांधी पति की हत्या होने के पश्चात कांग्रेस के वरिष्ट नेताओं ने सोनिया से पूछे बिना उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा कर दी परंतु सोनिया ने इसे स्वीकार नहीं किया और राजनीति और राजनीतिज्ञों के प्रति अप नी अविश्वास को इन शब्दों में व्यक्त किया कि, "मैं अपने बच्चों को भीख मांगते देख लूँगी, परंतु मैं राजनीति में कदम नहीं रखूँगी।" काफ़ी समय तक राजनीति में कदम न रख कर उन्होंने अपने बेटे और बेटी का पालन-पोषण करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उधर पी वी नरसिंहाराव के प्रधानमंत्रित्व काल के पश्चात् कांग्रेस १९९६ का आम चुनाव भी हार गई, जिससे कांग्रेस के नेताओं ने फिर से नेहरु-गांधी परिवार के किसी सदस्य की आवश्यकता अनुभव की, उनके दबाव में सोनिया गांधी ने १९९७ में कोलकाता के प्लेनरी सेशन में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की और उसके ६२ दिनों के अंदर १९९८ में वो कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयीं। उन्होंने सरकार बनाने की असफल कोशिश भी की। राजनीति में कदम रखने के बाद उनका विदेश में जन्म हुए होने का मुद्दा उठाया गया। उनकी कमज़ोर हिन्दी को भी मुद्दा बनाया गया। उन पर परिवारवाद का भी आरोप लगा लेकिन कांग्रेसियों ने उनका साथ नहीं छोड़ा और इन मुद्दों को नकारते रहे। 2004 के लोकसभा चुनाव श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में संपन्न हुआ और कांग्रेस पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उनको सीट प्राप्त हुआ गठबंधन की सरकार बनी जिसने श्रीमती सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनने का यूपीए गठबंधन में चयन हुआ लेकिन विरोधी भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने विदेशी मूल की महिला का मुद्दा फिर से उठाया उसके बाद श्रीमती सोनिया गांधी प्रधानमंत्री जैसे पद को उन्होंने त्याग दिया मना कर दिया और श्री मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनने के लिए नियुक्त किया गया विरोधी दल के लोग प्रधानमंत्री पद को पाने के लिए क्या-क्या हथकंडे नहीं अपनाएं लेकिन श्रीमती सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के पद उनके हाथ में था इसके बाद भी श्रीमती सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से इंकार कर पूरी दुनिया मे एक मिसाल कायम की थी।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
