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// अब स्पष्ट है कि झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है
// झीरम की घटना को लेकर कांग्रेस ने बार-बार कहा है कि इसकी साजिश में किसकी भूमिका थी यह पता किया जाये
// भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष का माओवादियों के मददगार के रूप में 10 साल तक काम करना बहुत कुछ स्पष्ट करता है
// झीरम की घटना की साजिश की समुचित जांच कराने और अपराधियों को सजा दिलवाने का मोदी जी का वादा मोदी जी के अन्य वादों की तरह अभी तक अधूरा है
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक का पुत्र जगत पुजारी के विगत 10 वर्षों से माओवादियों को सप्लाई पहुंचाने के खुलासे पर प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अब स्पष्ट हो गया है कि झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है। माओवादियों के मददगार भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र जगत पुजारी की गिरफ्तारी सिर्फ उस आग का धुंआ मात्र है जो 15 वर्षों के भाजपा शासनकाल में सुलगती रही।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र का माओवादियों के मददगार के रूप में 10 साल से काम करने की घटना उजागर होने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार के 15 साल के शासनकाल में माओवाद कैसे क्यों और किस की मदद से फला फूला ? 2003 में जब भाजपा की रमन सिंह सरकार ने शासन संभाला था उस समय दक्षिण बस्तर के 3 ब्लाकों तक सीमित माओवाद ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल में बढ़ते बढ़ते प्रदेश के 14 जिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। भाजपा के भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और कुशासन को माओवाद का विस्तार बहुत सूट करता था। 15 साल तक दिखावे के लिए माओवाद का विरोध और अंदर अंदर माओवाद को सहयोग अब पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि झीरम की घटना को लेकर कांग्रेस ने बार-बार कहा है कि झीरम कांड की साजिश में किसकी भूमिका थी यह पता किया जाये। 25 मई 2013 को राजभवन में दिए गए ज्ञापन से लेकर सड़क से सदन तक कांग्रेस ने लगातार झीरम की घटना के आपराधिक राजनैतिक षड्यंत्र की जांच की मांग की है। पहले भाजपा की राज्य सरकार और उसके बाद भाजपा की केंद्र सरकार भी झीरम की जांच को बाधित करने में लगी रही।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मई 2014 में भाजपा के उस समय के प्रधानमंत्री पद के घोषित प्रत्याशी और वर्तमान में विगत 6 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धमतरी की आमसभा में छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद वह झीरम की घटना की साजिश की समुचित जांच कराएंगे और अपराधियों को सजा दी जाएगी । मोदी जी के अन्य वादों की तरह यह वादा भी अभी तक अधूरा है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के सदस्य और प्रवक्ता आर पी सिंह ने एक बयान जारी करके कहां है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का शराब पर बयान पढ़कर पुरानी कहावत याद आ गई "नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली"। डॉ रमन सिंह को भूपेश बघेल सरकार पर शराब संबंधी कोई भी आरोप लगाने से पहले इन सवालों के जवाब प्रदेश की जनता के समक्ष देने चाहिए।
1- छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री का सरकारी करण करके गांव गांव गली गली में शराब की नदी बहा देने वाले रमन सिंह आखिरकार किस मुंह से शराबबंदी की वकालत करते हैं?
2- डॉ रमन सिंह जी को अपने कैबिनेट की वह बैठक तो याद होगी जिसमें तेजतर्रार मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे जी ने यह जानना चाहा था कि शराब की बिक्री से मिलने वाला 1000 करोड़ रुपए से अधिक का कमीशन किसकी जेब में जाता है?
3- अगर डॉक्टर रमन सिंह को शराब से इतनी ही नफरत थी तो 15 वर्षों में शराबबंदी क्यों नहीं की?
4 - रमन सिंह को प्रदेश की जनता को यह भी बताना चाहिए आखिर वह कौन से कारण थे जिसके चलते शराब बिक्री का व्यवसाय निजी हाथों से छीनकर सरकारी हाथों में लेना पड़ा ?
5 - प्रदेश की जनता यह भी जानना चाहती है की रमन सरकार में शराब बिक्री के सरकारीकरण होते ही बियर का एक विशेष ब्रांड ही हर दुकान में क्यों बिकता था और उस ब्रांड का भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ क्या संबंध है ?
6- क्या यह सच नहीं है कि रमनसिंह जी ही के शासनकाल में शराब से मिलने वाला राजस्व 400 करोड़ रुपए से बढ़ते बढ़ते लगभग 5000 करोड़ के आसपास पहुंच गया था। शराब बिक्री की इस अप्रत्याशित वृद्धि की वजह क्या थी?
7 - क्या यह सही नहीं है कि प्रदेश की जनता शराब की बेतहाशा बिक्री के चलते ही उन्हें चाउर वाले बाबा की जगह दारू वाले बाबा के नाम से पुकारने लगी थी?
8 - पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में खरीद फरोख्त करके भाजपा की सरकार बनाई गई है क्या वहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सरकारी अमले से शराब नहीं बिकवा रहे हैं? वह भी महिला कर्मियों से।
डॉ रमन सिंह को अपना और भाजपा का पक्ष स्पष्ट करने के लिए जनता के इन 8 सवालों का जवाब जरूर देना चाहिए। कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा है कि कांग्रेस का विधानसभा चुनाव का घोषणापत्र 5 वर्षों के लिए है और भूपेश बघेल सरकार शराबबंदी के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह रमन सिंह सरकार ने 15 वर्ष में न जाने कितने वादे तोड़े न जाने मतदाताओं से कितनी धोखाधड़ी की वह कम से कम अभी तक हर वादा समय पर पूरा करने वाली भूपेश बघेल सरकार पर बयान बाजी ना करें । सूपा बोले तो बोले चलनी भी बोले जिसमें 72 छेद।
मोदी सरकार की एक और विफलता 3,5 लाख के करीब कोरोना संक्रमित - कांग्रेस
भाजपा रमन सिंह 2 वर्ष किसानों को बोनस क्यो नही दिये ये तो बताये? - घनश्याम तिवारी
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा वर्चुअल रैली में रमन सिंह के बयानों पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, मोदी सरकार की उपलब्धियां, नोटबंदी, जीएसटी से देश मे बिगड़े आर्थिक हालात एवं वर्तमान में कोरोना संक्रमण को रोक पाने की विफलता के अलावा देश मे आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई के अलावा कुछ भी नहीं है।
प्रवक्ता तिवारी ने कहा कि,अच्छे दिनों के झूठे वादे कर सत्ता पर काबिज मोदी सरकार का चेहरा बेनकाब हो चुका है। भाजपा मोदी सरकार ने 6 साल पहले किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का वादा किया था जिसे 6 साल बाद भी पूरा नहीं कर पाए। आज वैश्विक स्तर पर जब क्रूड ऑयल के दाम निम्न स्तर पर है ऐसे समय में भी जनता से पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि कर महंगाई का बोझ बढ़ाने कार्य किया जा रहा है। आज देश की जनता आज कराह रही है, पडोसी देश आंख दिखाने लगे हैं, नेपाल जैसा मित्र देश भी अपनी राह अलग करने में लगा हुआ है। प्रजातंत्र से प्राप्त अधिकारों के दम पर सत्ता का दुरुपयोग कर लालच, डर धनबल से लोकतंत्र का गलाघोंटा जा रहा है वही दूसरी ओर संवैधानिक परम्पराओ को छिन्न भिन्न किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि, डॉ रमन सिंह कांग्रेस की घोषणा पत्र का जिक्र कर रहे हैं, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करते हुए किसानों के धान का प्रति क्विंटल 25 सौ रूपए दिया। 400 यूनिट बिजली बिल पर 50% की छूट दी, तेंदूपत्ता का मानक बोरा 25 सौ रु. से बढ़ाकर 4 हजार रु. किया, भाजपा शासनकाल में आदिवासियों की छीनी हुई जमीन वापस लौटाने जैसे अनेक जनहितकारी निर्णय लेते हुए वायदों को पूरा किया है, और जिन्होंने किसानों को 5 वर्ष बोनस देने का झूठा वादा किया वे उस बोनस के विषय पर बात कर रहे हैं कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में नहीं दिए गए 2 वर्ष के बोनस को देने का वादा किया है परंतु डॉ रमन सिंह जी को यह पता होना चाहिए घोषणापत्र 15 माह का नहीं 5 वर्षों का होता है। कोरोना संक्रमण से आर्थिक गतिविधियां शून्य थी बावजूद इसके भूपेश सरकार ने किसानों को न्याय योजना के माध्यम से आर्थिक मदद की है। प्रदेश के किसानों को भूपेश सरकार पर पूरा भरोसा है 25 सौ रुपए की शेष बची राशि को भी अगस्त माह में दीया जाना है।
सरकार के जनहित के फैसले पर प्रवक्ता ने कहा कि,भूपेश सरकार गड़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना के साथ समृद्ध छत्तीसगढ़ की भावना लिए जनहित में फैसले ले रही है जिसका ही परिणाम है की वो देश के सवश्रेष्ठ मुख्यमंत्रीयो में दूसरे नम्बर पर है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना संकट काल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व प्रदेश में भाजपा के खिलाफ लगातार अनर्गल आरोप लगाकर हमला बोल रही कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू व अन्य कांग्रेस नेताओ पर आज जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन सहित युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने जोरदार पलटवार करते हुए अपनी कांग्रेस सरकार का गुणगान करने व भाजपा के खिलाफ निरंतर दुष्प्रचार करने पर कांग्रेस नेताओ से सवाल किया है कि वे खुद बताए कोविद 19 के संक्रमण के फैलाव के पूर्व मुख्यमंत्री सहित सरकार के 13 मंत्रियों की फौज को महारथी होने का तमगा लगाकर महीना मंडन करने वाले मंत्री आज संकट की घड़ी में कहा है और आज तीन महीने से अधिक के इस कठिन दौर में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किस गरीब मजदूर के खाते में पैसा भेजकर मदद पहुंचाया है और कितने लोगो को स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर प्रवासी मजदूरों तक अपने दम पर सहायता उपलब्ध कराया है।
प्रदेश व जिले के कांग्रेस नेताओ द्वारा लगातार केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय सहित भाजपा नेताओं पर की जा रही औचित्यहीन आरोपों पर भाजयुमो ने भी अब आक्रमक रुख अख्तियार कर लिया है और आज जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन,महामंत्री नितेश साहू,ओम यादव,उपाध्यक्ष राहुल पंडित,मंत्री राहुल दीवान,राहुल तिजिल,प्रचार मंत्री राजा महोबिया,गौरव शर्मा,,उत्तम साहूअनुपम मिश्रा सहित सभी जिला पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस नेताओ द्वारा संकट के इस भयानक दौर में प्रदेश के लोगो को मदद पहुंचाने के बजाय दुनिया में सबसे पहले पूरे देश में जनता को सुरक्षित रखने व कोरोना वायरस रोकने लॉक डाउन जैसे साहसिक निर्णय लेने वाले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र की भाजपा सरकार पर जनता की बढ़ती भरोसा को तोड़ने गरीबों व प्रवासी मजदूरों को मदद पहुंचाने व उनका मनोबल बढ़ाने के बजाए उन्हें उकसाकर भ्रम फैलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर प्रदेश व स्थानीय स्तर के कांग्रेसी अब अपनी नाकामी छिपाने भाजपा पर निरंतर दोषारोपण कर रहे है भाजयुमो नेताओ ने आगे कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार बनी है तब से प्रदेश बदहाली की ओर जा रहा है भूपेश बघेल सरकार ने अपनी चुनावी वादा पूरा करने के फेर में 9 बार प्रदेश की जनता के प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर 10 हजार करोड़ से अधिक का लोन लिया है और इसको केवल चुनावी वादे पूरा करने में लगा रहा है जिसके कारण प्रदेश में अर्थ व्यवस्था बदहाल हो गया है जबकि कोरोना संकट के कारण विगत 3 महीने से
संगठित क्षेत्र में कार्यरत प्रदेश के ठेला खोमचा लगाने वाले,कारपेंटर बढ़ाई कुली, दर्जी होटल या किराना दुकान जैसे क्षेत्रों में कार्यरत कई दिहाड़ी मजदूर जिनका प्रदेश के तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा श्रम कार्ड बनाना प्रारम्भ किया गया था जो आज कि स्थिति में 15लाख से अधिक संगठित व असंगठित श्रमिक पंजीकृत हुआ है जिनके खाते में राज्य सरकार ने अब एक ढेला तक नहीं डाल पाया है और केंद्र की मोदी सरकार से मिलने वाली राशि से कोरोना जांच से लेकर उपचार तक की जा रही खर्च को अपनी उपलब्धि बताकर झूठी वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रहे है भाजयुमो नेताओ प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सहित अन्य नेताओ द्वारा केंद्र की मोदी सरकार व भाजपा नेताओं पर की जा रही अनर्गल दुष्प्रचार करने की निंदा करते हुए कहा है कि संकट की घड़ी में गरीब जरूरतमंद व प्रवासी मजदूरों को मदद करने बजाय अपनी सरकार में होने का दायित्व पूरा करे तो बेहतर होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि करोना और लॉक डाउन के कारण पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां शून्य रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने भी अपने बजट एलॉटमेंट में कटौती की है और नए कार्यों पर रोक लगाई है। दरअसल रमन सिंह जी का बयान छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ कम और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह पहले अपने 15 साल के कार्यकाल का अवलोकन कर ले जो पूरी तरह से छलकपट प्रपंच कुप्रबंधन भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और धोखाधड़ी से सराबोर रहा है। डॉ रमन सिंह ने देश-विदेश के उद्योगपतियों के कार्यक्रमों में करोड़ों रुपए खर्च किए और अरबों रुपए के एमओयू करके छत्तीसगढ़ के बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने के सब्जबाग दिखाए लेकिन वह सारे एमओयू सिर्फ कागजों पर ही धरे रह गए । किसानों के साथ छल करने में भी रमन सिंह सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए । अपने संकल्प पत्र में 2100 ₹ प्रति क्विंटल में किसानों की धान खरीदी का वादा कभी पूरा नहीं किया और 5 साल तक धान पर ₹300 बोनस भी नहीं दे पाए।
रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार के 15 साल में किए गए विश्वासघात की याद दिलाते हुए रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि इस धोखे के कारण ही आदिवासी अंचल में भाजपा को घोर पराजय का सामना करना पड़ा। 15 साल के भाजपा शासन काल में लाखो आदिवासी जमीन के पट्टों के अधिकार से वंचित किए गए और बस्तर में टाटा स्टील की जमीन आदिवासियों को लौटाने के बजाय रमन सिंह सरकार ने उसे लैंड पूल में रखकर अन्य किसी पूंजीपति घराने को सौंपने और उपकृत करने की साजिश रची जिसे कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विफल किया।
वरयानी ने आगे कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता संभालते ही किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया किसानों का धान ₹2500 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की है। कांग्रेस सरकार के इन क्रांतिकारी फैसलों के परिणाम स्वरूप देशव्यापी आर्थिक मंदी की चपेट में आने से छत्तीसगढ़ का व्यापार व्यवसाय उद्योग धंधे बज गए करोना काल में भी राजीव न्याय योजना के माध्यम से किसानों के खाते में धान खरीदी की अंतर राशि डालकर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम कांग्रेस की सरकार ने किया है एक और टाटा स्टील के लिए ली गई जमीन आदिवासियों को लौटाई गई वहीं आदिवासी अंचल की वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीद कर तथा तेंदूपत्ता थोड़ा इधर को ढाई हजार रुपए से बढ़ाकर ₹4000 प्रति मानक बोरा करके बस्तर सरगुजा के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा लिए गए जन हितैषी कार्यों और राज्य के वित्त मंत्री के रूप में उनके कुशल आर्थिक प्रबंधन के कारण ही उन्हें देश में पहले 2 सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल किया गया है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता से रमन सिंह जी बेचैन और परेशान है जिसके चलते वे लगातार असत्य और भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन यह पब्लिक है जो सब जानती है।
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश में निकाय चुनाव हुए लगभग6माह हो रहे है वही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार का गठन हुए डेढ़ साल हो गए । प्रदेश के हर निकाय में एल्डरमैन की नियुक्ति हो चुकी है किंतु दुर्ग निगम में अभी भी एल्डरमैन की नियुक्ति की फ़ाइल अधर में है ।
राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय है कि दुर्ग निगम के एल्डरमैन के नामो की अनुशंसा दुर्ग कांग्रेस के केंद्र बिंदु विधायक वोरा के हांथो में है उनकी अनुशंषा के बिना सूची की अधिकृत घोषणा नही हो सकती । जैसा कि अब कोरोना का ख़ौफ़ के साथ जन जीवन सुचारू रूप से चल रहा है । प्रदेश के सभी क्षेत्रों में आय के कार्य प्रगति पथ पर है ऐसे में एक बार फिर चर्चा जोरों पर है कि अब एल्डरमैन की नियुक्ति में देरी नही करनी चाहिए । किन्तु चर्चा सिर्फ चर्चाओं में है इसे खुले रूप से कोई कांग्रेसी नही कह रहे है । कांग्रेसियों की लंबी फ़ौज है एल्डरमैन के दावेदारों की और चयन सिर्फ 7-8 लोगो का ही होना है ऐसे में सभी को उम्मीद है कि उनके नाम का चयन होगा ।
जब एल्डरमैन की नियुक्ति करनी ही है तो इसमे आखिर देरी क्यो क्या दावेदार सिर्फ इंतज़ार ही करते रहेंगे या हताश हो कर दावेदारी छोड़ देंगे ? क्या कोई खास नीति के तहत देर की जा रही है ...
दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने भाजपा पर अपना वार जारी रखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सरकार के ६ साल में किये वादों के पूरा होने के बारे में पुचा . बता दे कि दुर्ग से कांग्रेस की तरफ से लगातार भाजपा के केंद्र सरकार के नीतियों पर सवालों की बौछार इन दिनों राजेन्द्र साहू द्वारा किया जा रहा है . अब राजेन्द्र साहू ने नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि साय को डेढ़ साल पहले बनी कांग्रेस सरकार के वादों से पहले 6 साल पहले केंद्र में सत्तारूढ मोदी सरकार के वादों को याद कर लेना चाहिए। साय देश की जनता को स्पष्ट बताएं कि मोदी सरकार ने 6 साल में कितने वादे पूरे किए। एक साल पहले दोबारा सत्ता में आने से पहले किए गए वादों का क्या हुआ?
साय के आरोपों पर राजेंद्र ने कहा कि कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा किया था। इस वादे को कांग्रेस भूली नहीं है। शराबबंदी धीरे-धीरे लागू की जाएगी। कांग्रेस ने 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्जमाफी और 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया था। पद की शपथ लेने के 4 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना वादा पूरा कर दिखाया। कर्जमाफी की घोषणा कर दी।
राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय को बताना चाहिए कि देश के सभी नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने के वादे का क्या हुआ। हर साल दो करो? बेरोजगारों को रोजगार देने, किसानों की आय दोगुना करने, महिलाओं को सशक्त बनाने के वादे का क्या हुआ।
राजेंद्र ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने जो कहा, उसे पूरा भी किया। शहरी क्षेत्र में भूमिहीन आबादी पट्टटा देने का वादा पूरा किया। एपीएल वर्ग को 10 रुपए प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल, हाफ बिजली बिल जैसे दर्जनों वादे पूरे कर दिए। मनरेगा से देश में सबसे ज्यादा रोजगार दिया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग को राहत दी है। भाजपा ने कितने वादे पूरे किए, इसका खुलासा साय को करना चाहिए।
राजेंद्र ने कहा कि साय केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने कोरोना के वैश्विक संकट पर एक शब्द भी नहीं कहा, यह दुख की बात है। बीते दो माह में देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। असंगिठत कामगारों की बेरोजगारी का आंकडा भी लगभग 8 करोड से ज्यादा हो चुका है। ठेला, खोमचा वालों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। किसानों, मजदूरों समेत निम्न आय वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। रोजी-रोटी चौपट हो गई है। इन वर्गों को राहत देने या आर्थिक रूप से मजबूती देने के बारे में साय ने मौन साध लिया। राजेंद्र ने कहा कि साय ने 20 लाख करोड के पैकेज के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। यह दर्शाता है कि 20 लाख करोड का पैकेज भ्रष्टाचार की भेंट चढ चुका है। भाजपा नेताओं ने राज्य में सत्ता से दूर होने के बावजूद अब तक सत्ता का मोह नहीं त्यागा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ आसमान छूती महंगाई के बावजूद साय को 6 साल पुरानी मोदी सरकार के वादे याद नहीं है। उन्हें अगर सवाल करना है तो पहले मोदी सरकार से 6 साल पुराने वादों को लेकर सवाल करें।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि लगातार 15 साल भष्टाचार और कमीशनखोरी में डूबे रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता अब तक अहंकार और आत्ममुग्धता की अवस्था से बाहर ही नहीं आ पा रहे है! तथ्यहिन और आधारहीन बयानबाजी करके वर्चुअल दुनिया में जीने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता अब वर्चुअल रैली का सहारा लेने की बात कर रहे हैं! असल बात यह है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ना केवल प्रदेश के जनता का विश्वास खो चुकी है बल्कि अब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
वर्मा ने कहा है कि विगत विधानसभा चुनाव 2018 के समय भारतीय जनता पार्टी के आंकड़ों के अनुसार ही छत्तीसगढ़ में लगभग 57 लाख मिस्ड कॉल कार्यकर्ता थे लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 2018 के विधानसभा चुनाव में केवल 40 लाख वोट प्राप्त हुए! अब विष्णुदेव साय ने नए सदस्य जोड़ने के बाद 30 हज़ार लोगों को वर्चुअल रैली में शामिल करने का लक्ष्य रखा है!
विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर सिमटनें के बाद लगातार दो उपचुनाव में भी करारी शिकस्त मिली! नगरी निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया! लगातार खिसकते जनाधार से भारतीय जनता पार्टी के नेता मानसिक दिवालियेपन की अवस्था में पहुंच चुके हैं! नान और धान घोटालो के गुनाहगारों को छत्तीसगढ़ की जनता जान भी चुकी है और समझ भी चुकी है! अंतागढ़ में लोकतंत्र का गला घोटने वाले असल गुनहगार भी बेनकाब हो चुके हैं! प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के जिम्मेदारों को भी छत्तीसगढ़ की जनता ने पहचान लिया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल के कुशासन और 15 महीने के सुशासन में यह स्पष्ट हो चुका है की कौन सी सरकार जो 2100/- समर्थन मूल्य और ₹300/- बोनस के नाम पर लगातार किसानों से वादाखिलाफी करती रही और कौन सी सरकार है जिन्होंने न केवल तत्काल किसानों की ऋणमाफी की, बल्कि तमाम व्यवधानों और अड़ंगों के बीच धान का समर्थन मूल्य भी पूरे देश में सर्वाधिक ₹2500/- प्रति क्विंटल देने का काम किया है! आदिवासी परिवार को जर्सी गाय, किसानों को 5 एचपी के बिजली बिल माफ जैसे भाजपा के तमाम वादे केवल वचनपत्र तक ही सीमित रहे! वही डेढ़ साल के भीतर कांग्रेस द्वारा किए गए 36 में से 22 बड़े वादे पूरे कर भूपेश सरकार ने जनता का विश्वास जीता है!
आपदा काल में भी भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता कहीं भी जनता की सुविधा और मदद के लिए काम करते हुए नहीं दिखे! जनता के केयर की चिंता के बजाय भाजपा नेताओं को पीएम के केयर फंड की अधिक चिंता रही! आपदा काल में श्रमिकों की दुर्दशा, भूख और थकान के असल गुनाहगार केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब उनसे माफी मांगने के बजाय कोरोना संक्रमण के लिए इन्हें ही जिम्मेदार ठहराने लगे हैं!
भाजपा अध्यक्ष द्वारा प्रदेश वापस लौटे श्रमिकों को छोटा आदमी कहां जाना भारतीय जनता पार्टी के पूंजीवादी मानसिकता को प्रमाणित करता है! असलियत यह है कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनाधार वाले नेताओं के हक का गला घोटने की प्रवृत्ति चरम पर है!
रमन सिंह के दागी चेहरे को छत्तीसगढ़ की जनता के साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी पहचान लिया है और इसी लिए सीधे तौर स्वीकार करने से बच रही है! रामविचार नेताम, ननकीराम कंवर, कृष्णमूर्ति बांधी, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, विजय बघेल, प्रेम प्रकाश पांडे और केदार कश्यप जैसे नेताओं की उपेक्षा कर विष्णुदेव साय को अध्यक्ष बनाना भाजपा के अधिनायकवादी और पूंजीवादी मजबूरी को प्रमाणित करता है! छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का रिमोट कंट्रोल रमन सिंह के हाथ में ही बनाए रखना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की मजबूरी को ही साबित करता है!
आपदा के दौरान छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के नेता, जनता की मदद करने के बजाय ग़लत बयानी कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं! प्रदेश के सीएसआर फंड विभिन्न माध्यमों से प्राप्त दान और सहयोग राशि के साथ ही भाजपा के सांसदों के वेतन और सांसद निधि का पैसा भी राज्य के हक को बाईपास करके इनके द्वारा पीएम केयर फंड में जमा कराया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
