August 25, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि करोना और लॉक डाउन के कारण पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां शून्य रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने भी अपने बजट एलॉटमेंट में कटौती की है और नए कार्यों पर रोक लगाई है। दरअसल रमन सिंह जी का बयान छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ कम और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादा है।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह पहले अपने 15 साल के कार्यकाल का अवलोकन कर ले जो पूरी तरह से छलकपट प्रपंच कुप्रबंधन भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और धोखाधड़ी से सराबोर रहा है। डॉ रमन सिंह ने देश-विदेश के उद्योगपतियों के कार्यक्रमों में करोड़ों रुपए खर्च किए और अरबों रुपए के एमओयू करके छत्तीसगढ़ के बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने के सब्जबाग दिखाए लेकिन वह सारे एमओयू सिर्फ कागजों पर ही धरे रह गए । किसानों के साथ छल करने में भी रमन सिंह सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए । अपने संकल्प पत्र में 2100 ₹ प्रति क्विंटल में किसानों की धान खरीदी का वादा कभी पूरा नहीं किया और 5 साल तक धान पर ₹300 बोनस भी नहीं दे पाए।
    रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार के 15 साल में किए गए विश्वासघात की याद दिलाते हुए रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि इस धोखे के कारण ही आदिवासी अंचल में भाजपा को घोर पराजय का सामना करना पड़ा। 15 साल के भाजपा शासन काल में लाखो आदिवासी जमीन के पट्टों के अधिकार से वंचित किए गए और बस्तर में टाटा स्टील की जमीन आदिवासियों को लौटाने के बजाय रमन सिंह सरकार ने उसे लैंड पूल में रखकर अन्य किसी पूंजीपति घराने को सौंपने और उपकृत करने की साजिश रची जिसे कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विफल किया।
    वरयानी ने आगे कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता संभालते ही किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया किसानों का धान ₹2500 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की है। कांग्रेस सरकार के इन क्रांतिकारी फैसलों के परिणाम स्वरूप देशव्यापी आर्थिक मंदी की चपेट में आने से छत्तीसगढ़ का व्यापार व्यवसाय उद्योग धंधे बज गए करोना काल में भी राजीव न्याय योजना के माध्यम से किसानों के खाते में धान खरीदी की अंतर राशि डालकर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम कांग्रेस की सरकार ने किया है एक और टाटा स्टील के लिए ली गई जमीन आदिवासियों को लौटाई गई वहीं आदिवासी अंचल की वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीद कर तथा तेंदूपत्ता थोड़ा इधर को ढाई हजार रुपए से बढ़ाकर ₹4000 प्रति मानक बोरा करके बस्तर सरगुजा के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया है.
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा लिए गए जन हितैषी कार्यों और राज्य के वित्त मंत्री के रूप में उनके कुशल आर्थिक प्रबंधन के कारण ही उन्हें देश में पहले 2 सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल किया गया है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता से रमन सिंह जी बेचैन और परेशान है जिसके चलते वे लगातार असत्य और भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन यह पब्लिक है जो सब जानती है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश में निकाय चुनाव हुए लगभग6माह हो रहे है वही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार का गठन हुए डेढ़ साल हो गए । प्रदेश के हर निकाय में एल्डरमैन की नियुक्ति हो चुकी है किंतु दुर्ग निगम में अभी भी एल्डरमैन की नियुक्ति की फ़ाइल अधर में है । 

      राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय है कि दुर्ग निगम के एल्डरमैन के नामो की अनुशंसा दुर्ग कांग्रेस के केंद्र बिंदु विधायक वोरा के हांथो में है उनकी अनुशंषा के बिना सूची की अधिकृत घोषणा नही हो सकती । जैसा कि अब कोरोना का ख़ौफ़ के साथ जन जीवन सुचारू रूप से चल रहा है । प्रदेश के सभी क्षेत्रों में आय के कार्य प्रगति पथ पर है ऐसे में एक बार फिर चर्चा जोरों पर है कि अब एल्डरमैन की नियुक्ति में देरी नही करनी चाहिए । किन्तु चर्चा सिर्फ चर्चाओं में है इसे खुले रूप से कोई कांग्रेसी नही कह रहे है । कांग्रेसियों की लंबी फ़ौज है एल्डरमैन के दावेदारों की और चयन सिर्फ 7-8 लोगो का ही होना है ऐसे में सभी को उम्मीद है कि उनके नाम का चयन होगा । 

     जब एल्डरमैन की नियुक्ति करनी ही है तो इसमे आखिर देरी क्यो क्या दावेदार सिर्फ इंतज़ार ही करते रहेंगे या हताश हो कर दावेदारी छोड़ देंगे ? क्या कोई खास नीति के तहत देर की जा रही है ...

    दुर्ग / शौर्यपथ /   कांग्रेस नेता व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने भाजपा पर अपना वार जारी रखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सरकार के ६ साल में किये वादों के पूरा होने के बारे में पुचा . बता दे कि दुर्ग से कांग्रेस की तरफ से लगातार भाजपा के केंद्र सरकार के नीतियों पर सवालों की बौछार इन दिनों राजेन्द्र साहू द्वारा किया जा रहा है . अब राजेन्द्र साहू ने नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि साय को डेढ़ साल पहले बनी कांग्रेस सरकार के वादों से पहले 6 साल पहले केंद्र में सत्तारूढ मोदी सरकार के वादों को याद कर लेना चाहिए। साय देश की जनता को स्पष्ट बताएं कि मोदी सरकार ने 6 साल में कितने वादे पूरे किए। एक साल पहले दोबारा सत्ता में आने से पहले किए गए वादों का क्या हुआ?
    साय के आरोपों पर राजेंद्र ने कहा कि कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा किया था। इस वादे को कांग्रेस भूली नहीं है। शराबबंदी धीरे-धीरे लागू की जाएगी। कांग्रेस ने 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्जमाफी और 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा किया था। पद की शपथ लेने के 4 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना वादा पूरा कर दिखाया। कर्जमाफी की घोषणा कर दी।
    राजेंद्र ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय को बताना चाहिए कि देश के सभी नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने के वादे का क्या हुआ। हर साल दो करो? बेरोजगारों को रोजगार देने, किसानों की आय दोगुना करने, महिलाओं को सशक्त बनाने के वादे का क्या हुआ।
    राजेंद्र ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने जो कहा, उसे पूरा भी किया। शहरी क्षेत्र में भूमिहीन आबादी पट्टटा देने का वादा पूरा किया। एपीएल वर्ग को 10 रुपए प्रति किलो की दर से 35 किलो चावल, हाफ बिजली बिल जैसे दर्जनों वादे पूरे कर दिए। मनरेगा से देश में सबसे ज्यादा रोजगार दिया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग को राहत दी है। भाजपा ने कितने वादे पूरे किए, इसका खुलासा साय को करना चाहिए।
    राजेंद्र ने कहा कि साय केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने कोरोना के वैश्विक संकट पर एक शब्द भी नहीं कहा, यह दुख की बात है। बीते दो माह में देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। असंगिठत कामगारों की बेरोजगारी का आंकडा भी लगभग 8 करोड से ज्यादा हो चुका है। ठेला, खोमचा वालों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। किसानों, मजदूरों समेत निम्न आय वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। रोजी-रोटी चौपट हो गई है। इन वर्गों को राहत देने या आर्थिक रूप से मजबूती देने के बारे में साय ने मौन साध लिया। राजेंद्र ने कहा कि साय ने 20 लाख करोड के पैकेज के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। यह दर्शाता है कि 20 लाख करोड का पैकेज भ्रष्टाचार की भेंट चढ चुका है। भाजपा नेताओं ने राज्य में सत्ता से दूर होने के बावजूद अब तक सत्ता का मोह नहीं त्यागा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ आसमान छूती महंगाई के बावजूद साय को 6 साल पुरानी मोदी सरकार के वादे याद नहीं है। उन्हें अगर सवाल करना है तो पहले मोदी सरकार से 6 साल पुराने वादों को लेकर सवाल करें।

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि लगातार 15 साल भष्टाचार और कमीशनखोरी में डूबे रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता अब तक अहंकार और आत्ममुग्धता की अवस्था से बाहर ही नहीं आ पा रहे है! तथ्यहिन और आधारहीन बयानबाजी करके वर्चुअल दुनिया में जीने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता अब वर्चुअल रैली का सहारा लेने की बात कर रहे हैं! असल बात यह है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ना केवल प्रदेश के जनता का विश्वास खो चुकी है बल्कि अब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
       वर्मा ने कहा है कि विगत विधानसभा चुनाव 2018 के समय भारतीय जनता पार्टी के आंकड़ों के अनुसार ही छत्तीसगढ़ में लगभग 57 लाख मिस्ड कॉल कार्यकर्ता थे लेकिन भारतीय जनता पार्टी को 2018 के विधानसभा चुनाव में केवल 40 लाख वोट प्राप्त हुए! अब विष्णुदेव साय ने नए सदस्य जोड़ने के बाद 30 हज़ार लोगों को वर्चुअल रैली में शामिल करने का लक्ष्य रखा है!
    विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर सिमटनें के बाद लगातार दो उपचुनाव में भी करारी शिकस्त मिली! नगरी निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया! लगातार खिसकते जनाधार से भारतीय जनता पार्टी के नेता मानसिक दिवालियेपन की अवस्था में पहुंच चुके हैं! नान और धान घोटालो के गुनाहगारों को छत्तीसगढ़ की जनता जान भी चुकी है और समझ भी चुकी है! अंतागढ़ में लोकतंत्र का गला घोटने वाले असल गुनहगार भी बेनकाब हो चुके हैं! प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के जिम्मेदारों को भी छत्तीसगढ़ की जनता ने पहचान लिया है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल के कुशासन और 15 महीने के सुशासन में यह स्पष्ट हो चुका है की कौन सी सरकार जो 2100/- समर्थन मूल्य और ₹300/- बोनस के नाम पर लगातार किसानों से वादाखिलाफी करती रही और कौन सी सरकार है जिन्होंने न केवल तत्काल किसानों की ऋणमाफी की, बल्कि तमाम व्यवधानों और अड़ंगों के बीच धान का समर्थन मूल्य भी पूरे देश में सर्वाधिक ₹2500/- प्रति क्विंटल देने का काम किया है! आदिवासी परिवार को जर्सी गाय, किसानों को 5 एचपी के बिजली बिल माफ जैसे भाजपा के तमाम वादे केवल वचनपत्र तक ही सीमित रहे! वही डेढ़ साल के भीतर कांग्रेस द्वारा किए गए 36 में से 22 बड़े वादे पूरे कर भूपेश सरकार ने जनता का विश्वास जीता है!
    आपदा काल में भी भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता कहीं भी जनता की सुविधा और मदद के लिए काम करते हुए नहीं दिखे! जनता के केयर की चिंता के बजाय भाजपा नेताओं को पीएम के केयर फंड की अधिक चिंता रही! आपदा काल में श्रमिकों की दुर्दशा, भूख और थकान के असल गुनाहगार केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेता अब उनसे माफी मांगने के बजाय कोरोना संक्रमण के लिए इन्हें ही जिम्मेदार ठहराने लगे हैं!
          भाजपा अध्यक्ष द्वारा प्रदेश वापस लौटे श्रमिकों को छोटा आदमी कहां जाना भारतीय जनता पार्टी के पूंजीवादी मानसिकता को प्रमाणित करता है! असलियत यह है कि भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनाधार वाले नेताओं के हक का गला घोटने की प्रवृत्ति चरम पर है!
           रमन सिंह के दागी चेहरे को छत्तीसगढ़ की जनता के साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी पहचान लिया है और इसी लिए सीधे तौर स्वीकार करने से बच रही है! रामविचार नेताम, ननकीराम कंवर, कृष्णमूर्ति बांधी, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, विजय बघेल, प्रेम प्रकाश पांडे और केदार कश्यप जैसे नेताओं की उपेक्षा कर विष्णुदेव साय को अध्यक्ष बनाना भाजपा के अधिनायकवादी और पूंजीवादी मजबूरी को प्रमाणित करता है! छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का रिमोट कंट्रोल रमन सिंह के हाथ में ही बनाए रखना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की मजबूरी को ही साबित करता है!
    आपदा के दौरान छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के नेता, जनता की मदद करने के बजाय ग़लत बयानी कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं! प्रदेश के सीएसआर फंड विभिन्न माध्यमों से प्राप्त दान और सहयोग राशि के साथ ही भाजपा के सांसदों के वेतन और सांसद निधि का पैसा भी राज्य के हक को बाईपास करके इनके द्वारा पीएम केयर फंड में जमा कराया गया।

         रायपुर /  शौर्यपथ / मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल की उपलब्धि बताने जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं भाजपा पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कि प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी वन की तरह ही मोदी टू का पहला साल देश और आमजनता के लिए मुसीबतों से भरा हुआ असहनीय कष्ट देने वाला साबित हुआ। मोदी वन की असफलताओं की दर्द से जनता को निजात मिला ही नही था ऐसे में मोदी टू की एक साल की असफलता नाकामी तुगलकी फरमानों ने दर्द से तड़प रही जनता पर वज्रपात किया। मोदी वन में बिना सोचे समझे लागू की गई नोटबन्दी और जीएसटी के जख्म अभी भरे नही है कि मोदी टू में लापरवाही के कारण कोरोना महामारी देशभर में पैर पसार चुकी है।मोदी टू में एक साल के भीतर अगर जनता के हित में कुछ काम किए होते तो आज भाजपा को देश के 10 करोड़ घर और छत्तीसगढ़ के 23 लाख परिवारों के सामने जाकर मोदी की उपलब्धियों की झूठी मनगढ़त कहानी बखान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मोदी वन की असफलता के कारण देश में बेरोजगारी महंगाई बढ़ी असहिष्णुता बढ़ी,आर्थिक मंदी बढ़ी ,व्यापार-व्यवसाय तबाह हो गए, महिलाये मासूम बच्चे असुरक्षित महसूस कर रहे है। लोग एक दूसरे को घृणा भरे  निगाह से देख रहे हैं भाईचारा  खतरे में पड़ा है सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ा हुआ है। बीमारी और अपराध में भी लोग धर्म जात पात के आधार पर देशद्रोही और देशभक्त की परिभाषा गढ़ रहे हैं।
        प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर तंज कसते हुए सवाल किए प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा का क्या हुआ? अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम निम्न स्तर पर है फिर देशवासियों को पेट्रोल डीजल गैस महंगे दाम पर क्यों ख़रीदने पड़ रहे हैं? मोदी सरकार के द्वारा भारत के नवरत्न कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है भाजपा इस पर मौन क्यों हैं? श्रम कानून में बदलाव कर  श्रमिकों के साथ अमानवीय बर्ताव किया जा रहा है भाजपा इस पर मौन क्यों हैं? 2014 में स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम देने का वादा भाजपा ने किया था मोदी सरकार के किसानों के साथ कि गई वादाखिलाफी पर भाजपा मौन क्यों है? धान का समर्थन मूल्य ₹53 बढ़ाने से 2022 में किसानों की आमदनी दोगुनी कैसे होगी भाजपा जवाब दें? मोदी ने कांकेर के सभा में सरकार बनने पर गरीबों के खाते में 15 लाख रुपए जमा होने का सपना दिखाया था भाजपा बताएं गरीबों के खाते में 15 लाख रुपए कब आएंगे? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी वन और मोदी टू के असफलताओं के लिए आर एस एस और भाजपा जिम्मेदार हैं।आरएसएस भाजपा के नेता देशभर के प्रत्येक घरों में जाकर जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाने के लिए प्रयाश्चित करे माफी मांगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जितेन्द्र साहू ने बेेमेतरा जिले का दौरा कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने सर्वप्रथम बेेमेतरा पहुंचकर मां भद्रकाली का आशीर्वाद प्राप्त किया फिर कांग्रेस भवन पहुंचकर जिला संगठन का प्रभार संभाला। अपने बेमेतरा प्रवास के दौरान प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जितेन्द्र साहू ने जिलाधीश से मुलाकात की। इस दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक उपायों और बाहर से आ रहे मजदूरों के बारे में उन्होने जानकारी ली। जिलाधीश को श्री साहू ने बेमेतरा में नये कांग्रेस भवन निर्माण हेतु जमीन आबंटन का प्रस्ताव सौंपा और किसानों को समय पर बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की ओर ध्यानाकर्षण कराया।
       साहू ने कांग्रेस भवन पहुंचकर जिला अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन की गतिविधियों के बारे में चर्चा की। इस दौरान विधायक आशीष छाबड़ा की मौजूदगी में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और पूर्व मंत्री डीपी धृतलहरे को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए जितेन्द्र साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सर्वे में जनता की संतुष्टि के पैमाने पर देश में दूसरे क्रम में आने को गौरवशाली क्षण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों विशेषकर मनरेगा के हत चल रहे कार्य की सराहना की। इसके अलावा बेमेतरा जिले में मंत्री रविन्द्र चौबे एवं विधायकद्वय, आशीष छाबड़ा व गुरुदयाल सिंह बंजारे के नेतृत्व में जनभावना के अनुरुप विकास की तेज रफ्तार की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। बेमेतरा प्रवास के दौरान श्री साहू के साथ समाजसेवी मोन्टू तिवारी भी शामिल थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ राजनीती लेख / राजेन्द्र साहू दुर्ग का जाना पहचाना नाम . कांग्रेस के बड़े नेताओ में राजेन्द्र साहू की गिनती होती है . प्रदेश कांग्रेस सरकार के मुखिया के करीबी माने जाने वाले राजेन्द्र साहू का दुर्ग के युवा वर्ग में खासी पकड है . राजेन्द्र साहू वर्षो से कांग्रेस के सक्रीय कार्यकर्ता और संगठन में कई पदों पर कार्य कर चुके है . मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र पतन का प्रभारी पद का बखूबी निर्वहन कर चुके राजेन्द्र साहू वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस में महामंत्री के पद पर है . इन दिनों राजेन्द्र साहू केंद्र की नीतियों का विरोध करने में दुर्ग कांग्रेस के बड़े चेहरे बन गए है .
    प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए ढेढ़ साल हो गया किन्तु राजेन्द्र साहू संगठन की राजनीती में ही समय देते रहे किन्तु पिछले कुछ दिनों से लगातार मिडिया के माध्यम से राजेन्द्र साहू लगातार केंद्र की मोदी सरकार की जनहित विरोधी नीतियों का लगातार विरोध कर रहे है और खबरों में छाए हुए है क्या सोशल मिडिया क्या प्रिंट मिडिया क्या इलेक्ट्रोनिक मिडिया हर क्षेत्र में लगातार कांग्रेस की तरफ से दुर्ग शहर में कांग्रेस की मुखर आवाज़ बन कर उभरे है .
              राजेन्द्र साहू के यु अचानक सक्रीय होने से दुर्ग कांग्रेसियों सहित भाजपा में भी चर्चा का विषय है . वैसे तो वर्तमान में भिलाई निगम , रिसाली निगम ,और जामुल निगम में ही चुनाव होने वाले है किन्तु देखा जाए तो इन तीनो निकाय के किसी पद की दौड़ में राजेन्द्र साहू कही नहीं नजर आते . वही चर्चा का विषय है कि क्या ये भविष्य की तैयारी तो नहीं .
          मुझे अच्छे से याद है कि २०१५ में जब हाल ही में छत्तीसगढ़ के विधान सभा चुनाव संपन्न हुए थे और प्रदेश में भाजपा की सरकार तीसरी बार बनी थी और मुख्यमंत्री बघेल तब नए प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाले थे और राजनंदगांव के घुमका क्षेत्र में सभा ली थी उसी सभा में उनके द्वारा इस आक्रामक तरीके से कांग्रेसियों का उत्साह वर्धन किया था मानो चुनाव ४ साल बाद नहीं चार दिन बाद हो . पद सँभालते ही तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने जिस तरह से पुरे छत्तीसगढ़ में सभाए लेनी शुरू कर दी थी और कार्यकर्ताओ को ऐसे तैयार कर रहे थे जैसे चुनाव अगले माह हो प्रदेश अध्यक्ष बनते ही तात्कालिक प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान मुख्यमंत्री बघेल ने आक्रामकता के साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ राजनितिक जंग का बिगुल बजा दिया था और उसी का परिणाम २०१९ की विधान सभा में कांग्रेस की बम्फर जीत का तोहफा था .
         कुछ ऐसा ही नजारा आज उनके राजनैतिक शिष्य राजेन्द्र साहू में देखने को मिल रहा है . शहर में चर्चा का विषय है कि भविष्य में प्रदेश कांग्रेस द्वारा राजेन्द्र साहू को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है . राजेन्द्र साहू वर्तमान में दुर्ग संसदीय क्षेत्र के एक ऐसे कांग्रेस नेता है जो आम जनता सहित संगठन की नजर में सौम्य , सहज , सरल और निर्विवाद नेता के तौर पर जाने जाते है .दुर्ग के और उनके जानने वाले कहते है कि राजेन्द्र साहू ने राजनितिक जीवन में अभी तक सिर्फ व्यक्ति ही कमाए है जो उनके समर्थक के रूप में जाने जाते है विरोधी भी उनके व्यवहार की तारीफ़ करते है . खैर राजनीती में एक पल में कौन कहा पहुँच जाए कुछ कहा नहीं जा सकते किन्तु वर्तमान में यही चर्चा है राजनितिक हलको में कि भविष्य में राजेन्द्र साहू को कोई महत्तवपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है .

    ना सोशल डिस्टेंसिंग, ना सैनिटाइजिंग, ना थर्मल स्कैनर अनियंत्रित भीड़ के कारण कोरोना
     संक्रमण को आमंत्रण दे रहा नगर निगम दुर्ग 
     
      DURG / SHOURYAPATH /   नेता प्रतिपक्ष  अजय वर्मा ने आयुक्त नगर निगम दुर्ग से मांग करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी के इस दौर में अब देश में लॉक डाउन के बाद अनलाक 1.0 प्रारंभ हो चुका है कोरोना वायरस छत्तीसगढ़ प्रदेश के बहुतायत शहर एवं कस्बों में पैर पसार चुका है सभी विशेषज्ञ इस बात पर एकमत हैं कि हमें कोरोना के साथ ही सुरक्षा उपायों के साथ जीना सीखना होगा । इस तारतम्य में आगे चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने कहा नगर पालिक निगम दुर्ग कार्यालय में विभिन्न नागरिक सुविधाओंजैसे जन्म मृत्यु ,लाइसेंस, राशन कार्ड, विकास कार्य, टैक्स जमा करने के साथ ही साफ सफाई एवं भवन अनुज्ञा
    जैसे कार्यों के लिए शहर के नागरिक गण एवं जनप्रतिनिधियों को निगम मुख्यालय आना पड़ता है, किंतु इतनी भीड़ भरे कार्यालय में कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन दिखाई नहीं देता, जिससे नगर निगम के कर्मचारी  भयग्रस्त होकर काम करते दिखाई पड़ते हैं इसलिए नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा सहित भाजपा पार्षदों श्रीमती गायत्री साहू ,चंद्रशेखर चंद्राकर ,काशीराम कोसरे, नरेंद्र बंजारे, देवनारायण चंद्राकर, चमेली साहू ,नरेश तेजवानी, लीना दिनेश देवांगन, मनीष साहू, अजीत वैद्य ,ओम प्रकाश सेन, हेमा शर्मा ,शशि द्वारिका साहू, पुष्पा गुलाब वर्मा, कुमारी बाई साहू ने आयुक्त नगर निगम दुर्ग से निम्न बिंदुओं पर मांग की है।
    1.. निगम मुख्यालय के मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की जाए जो आवश्यक होने पर निगम मुख्यालय में प्रवेश दें ।
    2 प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजिंग टनल का निर्माण किया जाए।
    3 प्रत्येक विभाग के प्रवेश द्वार में 1प्यून की अनिवार्य ड्यूटी लगाई जाए ताकि वह क्रमवार लोगों को भेज सकें और लोगों का हाथ सैनिटाइज करा सके।
    4प्रत्येक व्यक्ति का थर्मल स्कैनर से जांच कर ही निगम परिसर में प्रवेश दिया जाए।
    5 सभी विभागों में सोशल डिस्टेंसिंग फ्रेम लगाया जाए या रस्सी लगाई जाए।
    6 सभी कर्मचारियों को मास्क एवं सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाए।
    7 ऑनलाइन एवं चॉइस सेंटर के सेवाओं को प्राथमिकता दिया जाए।
    भाजपा पार्षद दल ने मांग करते हुए कहा कि शहर के अन्य कार्यालय जैसे कलेक्ट्रेट, तहसील कार्यालय, बैंक इत्यादि में जैसी व्यवस्था है ऐसी व्यवस्था की मांग निगम मुख्यालय में भी हम सब आयुक्त महोदय से करते हैं ताकि संक्रमण के भय से मुक्त होकर निगम कर्मचारी कार्य कर सकें।
    इस आशय का ज्ञापन आयुक्त नगर निगम दुर्ग को नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा श्रीमती गायत्री साहू श्री चंद्रशेखर चंद्राकर श्रीमती पुष्पा गुलाब वर्मा एवं श्री मनीष साहू के द्वारा सौंपा गया।

    भाजपा नेताओं को मजदूरों की रोटी की नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक रोटी की चिंता है
    घर में बैठेकर भाजपा के नेता मजदूरों के नाम से मात्र राजनीति कर रहे हैं-कांग्रेस

           रायपुर / शौर्यपथ / क्वॉरेंटाइन सेंटर के नाम से बयान बाजी कर रहे भाजपा नेताओं को कांग्रेस ने तीखा जवाब दिया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाऊन वन में ही मजदूरों के लिये स्पेशल ट्रेन चलाने उनके सकुशल घर वापसी कराने की मांग मोदी भाजपा की सरकार से किए थे।उस दौरान छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता सांसद और विधायक मजदूरों के मसले में मौन रहकर अप्रत्यक्ष रूप से मजदूरों के घर वापसी के विरोध में ही खड़े थे।लॉकडाउन वन में ही मजदूरों की सकुशल घर वापसी सुनिश्चित हो जाती तो छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में कहीं भी क्वॉरेंटाइन सेंटर प्रवासी मजदूरों के नाम से बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।प्रवासी श्रमिको को मोदी सरकार के अमानवीय व्यवहार,असंवेदनशीलता और यातना प्रताड़ना झेलना नहीं पड़ता।
          घर वापसी के प्रयास में मजदूरों की भूख, प्यास ,तबियत बिगड़ने और दुर्घटनाओं में मौत नहीं होती।मजदूरों के मासूम बच्चे गर्भवती महिलाओं को कोसो दूर बिना जूता चप्पल नंगे पांव सड़को पर भटकना नही पड़ता। महामारी आफ़तकाल में मोदी सरकार के लापरवाही गैरजिम्मेदाराना रवैया हठधर्मिता जिद्द के चलते देशभर में 600 से अधिक मजदूरों की अकाल मृत्यु हुई है।किसी बच्चे ने अपने पिता को खोया तो किसी वृद्ध माता पिता ने पुत्र को तो कोई सुहागन ने अपने मांग की सिंदूर को खोया है इस सब के लिए कोई जिम्मेदार है तो मोदी भाजपा की सरकार जिम्मेदार है।
             प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता वातानुकूलित कमरों में बैठकर क्वॉरेंटाइन सेंटर के विषय में बयानबाजी कर रहे हैं मजदूरों के नाम से घड़ियाली आंसू बहाकर राजनीति रोटी सेक रहे हैं भाजपा के नेताओं को मजदूरों की रोटी की चिंता होती तो मोदी सरकार से मजदूरों के खातों में तत्काल 10000 जमा कराने की गुजारिश करते और न्याय योजना शुरू कर आने वाले 6 माह प्रत्येक आर्थिक रूप से अक्षम परिवार को 7500 मासिक देने की गुहार लगाते।असल मे भाजपा नेताओं को मजदूरों की नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक रोटी की चिंता है। मजदूरों के भूख प्यास में भी भाजपा नेता राजनीतिक अवसर तलाश रहे हैं। मोदी के आपदा में अवसर का मंत्र भाजपा नेता प्रयोग कर रहे हैं।आपदा संकट में फंसे मजदूरों को मदद करने के बजाय मात्र राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार निरंतर प्रवासी मजदूरों और छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों की चिंता कर रही है।
           छत्तीसगढ़ में आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालन करने संकटकाल में 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज की मांग मोदी सरकार किये हैं।जिसका विरोध भाजपा के नेता कर रहे हैं। इसे स्पष्ट हो गया कि भाजपा के नेताओं को छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर गृहणी व्यापारी छात्रों की चिंता नहीं है बल्कि भाजपा नेता इनको दुःखी रखकर इनके कष्ट इनके तकलीफ के नाम से मात्र राजनीति करना चाहते हैं ।

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