August 01, 2026
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    19 साल बाद नासिर हुसैन ने खोला सचिन तेंदुलकर को की गई 'नेगेटिव लाइन' गेंदबाजी का राज

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    खेल / शौर्यपथ / इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने 2001 में नासिर हुसैन की कप्तानी में भारत का दौरान किया था। दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी, जिसे भारत ने 1-0 से जीता था। इस सीरीज की शुरुआत से पहले माना जा रहा था कि भारत 3-0 से टेस्ट सीरीज में क्लीनस्वीप करेगा। पहला टेस्ट मैच भारत ने 10 विकेट से जीता था, लेकिन फिर इंग्लैंड ने वापसी की और बाकी दो टेस्ट मैच ड्रॉ कराए। इस टेस्ट सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच बेंगलुरु में खेला गया था। उस मैच में सचिन तेंदुलकर सेंचुरी से चूके थे और टेस्ट क्रिकेट में पहली बार स्टंपिंग आउट हुए थे, एश्ले जाइल्स नेगेटिव लेंथ पर गेंदबाजी करने के चलते निशाने पर रहे थे। नासिर हुसैन ने 19 साल बाद बताया कि किस तरह से सचिन को आउट करने का पूरा प्लान बनाया गया था।

    बेंगलुरु टेस्ट में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 336 रन बनाए, जवाब में टीम इंडिया ने 121 रनों तक पांच विकेट गंवा दिए थे। वीरेंद्र सहवाग और तेंदुलकर क्रीज पर मौजूद थे। सहवाग सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे। सचिन 143 टेस्ट पारियों में पहली बार स्टंप आउट हुए थे। नासिर हुसैन ने बताया कि किस तरह से तेंदुलकर को आउट करने का प्लान बनाया गया था। हुसैन ने 'सोनी टेन पिट स्टॉप' पर कहा, 'सचिन और सहवाग जब मैदान के चारों तरफ शॉट्स खेल रहे हों और पूरा स्टेडियम सचिन... सचिन... से गूंज रहा हो तो मुझे अपने गेंदबाजों की आंखों में दिख रहा था कि वो चिंता में हैं। मुझे पता था कि सबसे जरूरी है स्टेडियम में मौजूद लोगों को शांत कराना। ऐसा करना तभी मुमकिन था जब सचिन को रन बनाने से रोका जा सके।'

    'एश्ले जाइल्स को लेकर आया गेंदबाजी कराने'

    उन्होंने आगे कहा, 'बेंगलुरु की पिच में एक रफ एरिया था, लेकिन मेन पिच में कुछ भी नहीं था। अगर गेंदबाज नॉर्मल गेंदबाजी करते तो उनके लिए कुछ नहीं था। मैं गेंदबाजी एश्ले जाइल्स को लेकर आया, जो कसी हुई लाइन से गेंदबाजी कर रहे थे। एश्ले स्टंप्स के काफी करीब गेंदबाजी कर रहे थे काफी कसी लाइन से गेंद फेंक रहे थे जिससे उस रफ पैच को हिट कर सकें।' जाइल्स ओवर द विकेट गेंदबाजी कर रहे थे, रन नहीं बना पाने पर तेंदुलकर भी परेशान होने लगे, एक गेंद उन्होंने मिस की और क्रीज से थोड़ा बाहर निकले ही थे कि जेम्स फोस्टर ने उन्हें स्टंप आउट कर दिया।

    'चालाकी भरा प्लान था'

    इंग्लैंड को 'नेगेटिव लाइन' से गेंदबाजी के लिए काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। हुसैन ने कहा, 'सचिन आउट हुए, यह काफी चालाकी भरा प्लान था। इसके बाद लोग भी शांत हो गए। उस समय इंग्लैंड में भी किसी ने कहा था कि यह शर्मनाक है और इंग्लैंड ऐसे नेगेटिव प्लान का इस्तेमाल कर रहा है। यह लोगों को शांत करने के लिए था। यह इकलौता ऐसा मौका था जब तेंदुलकर स्टंप आउट हुए थे। भारत उस मैच में पहली पारी में करीब 300 (असल में 238) रनों पर ऑलआउट हुआ था, जो मेरी जीत थी।

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