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May 01, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

 

  रायपुर, / राज्य शासन द्वारा बीते वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहाँ प्रशासन की तत्परता दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में स्वावलंबन का नया अध्याय लिख रही है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के सुदूर जनपद पंचायत बास्तानार अंतर्गत ग्राम पंचायत छोटे किलेपाल से एक हृदयस्पर्शी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने शासन की संवेदनशीलता और जनहितैषी दृष्टिकोण को सिद्ध किया है।

दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगे इस सुदूर ग्राम छोटे किलेपाल के निवासी श्री सामनाथ ठाकुर और रीता ठाकुर, जो एक ही परिवार के सदस्य हैं, दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे थे। शारीरिक अक्षमता के चलते उन्हें अपनी हर छोटी-बड़ी आवश्यकता और दैनिक वस्तुओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर पूरी तरह आश्रित होना पड़ता था। इस निर्भरता के कारण न केवल उनका आत्मसम्मान प्रभावित हो रहा था, बल्कि आर्थिक तंगी के दौर में वे परिवार पर भी एक अतिरिक्त बोझ महसूस कर रहे थे। वर्षों से अपनी विवशता को ही नियति मान चुके इन ग्रामीणों के लिए पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार आशा की एक नई किरण बनकर आया।

शिविर के दौरान जब इन दिव्यांगों ने पेंशन योजना के लाभ हेतु अपनी मांग रखी, तो प्रशासन ने इसे महज एक औपचारिक आवेदन के रूप में न लेते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की। जनपद पंचायत बास्तानार के अधिकारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और ग्राम पंचायत के समन्वय से उनके आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का संकलन कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की। पात्र पाए जाने पर उन्हें तत्काल पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसकी जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में पत्रकार श्रीमती नीरा साहू द्वारा गुजरात यात्रा पर लिखी गई पुस्तक ‘अविस्मरणीय यात्रा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती साहू को उनकी उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र एवं शासकीय संकल्प के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पत्रकारों की दृष्टि को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा-वृत्तांत पर्यटन प्रेमियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगा।

इस अवसर पर सुश्री निशा द्विवेदी, सुश्री चित्रा पटेल, सुश्री लवलीना शर्मा, जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक सुश्री संगीता लकड़ा एवं सुश्री आमना खातून सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में हासिल की प्रथम स्थान

राज्य में संचालित 11 एकलव्य विद्यालयों में परीक्षा परिणाम शत्-प्रतिशत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर, / छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।

आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री श्री नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विज्ञालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश के साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया।

आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार, पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित 800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इन विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान की गई है।

डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में

   शौर्यपथ लेख / छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'सुशासन' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग' से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है।

विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को 'डबल इंजन सरकार' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।

‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।

छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी 'प्रारंभिक चरण' में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

साभार - 

(एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी, कोरिया)

श्रम मंत्री ने श्रमवीरों को दी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं

रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।

मंत्री देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मंत्री देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।

रायपुर/मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के समस्त श्रमवीरों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके सुखमय, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 मई का यह महत्वपूर्ण दिवस उन परिश्रमी हाथों के सम्मान का प्रतीक है, जिनके अथक श्रम, समर्पण एवं निष्ठा से समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार सुदृढ़ होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि श्रमिक वर्ग किसी भी राज्य और राष्ट्र की उन्नति का मूल आधार है। कृषि, उद्योग, निर्माण एवं सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में श्रमिकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समावेशी एवं सतत विकास की संकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब श्रमिकों को सम्मान, सुरक्षा एवं अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड
के माध्यम से श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे उन्हें आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा एवं सामाजिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर श्रमिकों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, कौशल उन्नयन के अवसरों का लाभ उठाएं और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।

रायपुर /
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी बौद्ध धर्मावलम्बियों सहित प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि महात्मा बुद्ध ने लोगों को अहिंसा, समानता और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया। उनकी शिक्षा को विदेशों में भी लोगों ने अपनाया और लाखों अनुयायी उनके दिखाये मार्ग पर चलकर देश-दुनिया को शांति का संदेश दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गौतम बुद्ध के उपदेश हर परिस्थिति और काल में प्रासंगिक हैं। उनकी दी गई शिक्षा हमें संयम से आगे बढ़ने का संदेश देती है। महात्मा बुद्ध के विचार और जीवन मूल्य एक बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे।

रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में संकल्प प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान, समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए संसद और सभी विधानसभाओं में उनके लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करेगी, बल्कि समाज में समान अवसर और संतुलित प्रतिनिधित्व की दिशा में भी एक नई ऊर्जा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयासों से देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका मिलेगी और विकास अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन धरती माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया की भूमि है, जहां नारी को सदैव शक्ति के रूप में सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि सृजन और शक्ति की आधारशिला है। नवरात्रि में जिस शक्ति की हम पूजा करते हैं, वही शक्ति समाज में मातृरूप में विद्यमान है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे शास्त्रों में वर्णित “या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता…” केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का मूल तत्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर भक्त माता कर्मा, तीजन बाई, उषा बारले जैसी विभूतियों ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है। साथ ही, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई जैसी वीरांगनाओं के योगदान को भी उन्होंने प्रेरणास्रोत बताया। आधुनिक युग में कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी महिलाओं ने देश का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व का विस्तार समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यक्षेत्र के विस्तार और जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्थागत सुधार और संतुलन पर विचार करना महत्वपूर्ण है, जिससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनसरोकारों के अनुरूप बन सके।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश में महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। इन प्रयासों ने महिलाओं की गरिमा और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देना और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता, स्वरोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा से भी अधिक मजबूती से जुड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास, पेयजल, आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, जो समाज में सकारात्मक
परिवर्तन का संकेत है।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक सशक्त उदाहरण है। बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में नेतृत्व कर रही हैं और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को परिवार और समाज में सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक पहल की जा रही हैं, जिससे वे निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तिकरण केवल एक नीति का विषय नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने सभी वर्गों से इस दिशा में सहयोग और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि एक समतामूलक, सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सके।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और क्रिकेट के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पर मंत्री परिषद की बैठक में त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राजनांदगांव में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण संभव होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।
इस दौरान विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव योगेश बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट 

कोंडागांव- कोंडागांव जिला क्षेत्र के जैतपुरी के एक गांव में आयोजित विवाह समारोह के दौरान कुछ नाबालिग बालिकाओ के साथ छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब बालिका विवाह समारोह में बाराती के रूप में मौजूद थी, तभी आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इसकी जानकारी परिजनों को देने के पश्चात उक्त लड़को को परिजनों ने समझाई दी। इस पर ग्रामीण युवा औऱ उग्र हो गए उन्होंने हमारी शिकायत करोगी कहते हुए बालिकाओं एवं बीच बचाव करने वाले बारातियों के साथ मारपीट की।

घटना के बाद परिजनों ने इस बात की जानकारी ग्राम सभा को दी, फिर भी बात नही बनी। युवाओ को संरक्षण की बात स्थानीय जनप्रतिनिधि के द्वारा की गई जिसके बाद मामला सुलह की जगह बिगड़ गया। पीड़ित पक्ष नाबालिग लड़कियों एवं ग्रामीणों के साथ कोंडागांव कोतवाली पहुंचकर मामला दर्ज कराया।

*पुलिस की त्वरित कार्रवाई:*

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर दबिश दी। पुलिस ने इस मामले में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमे एक आरोपी अब भी फरार चल रहा है 

कोतवाली द्वारा उनके न्यायालय में पेश किया गया जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

*कानूनी कार्रवाई:*

 पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

अपील: प्रशासन और पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी सार्वजनिक या पारिवारिक कार्यक्रमों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

किसके सह युवाओ में दबंगता ---

सारे मामले में एक बात निकल कर आई कि जब मामला समझाईस से या युवाओं को उनकी गलती स्वीकार करने से निपट सकता था। तो कौन इस प्रकार से युवाओ को झूठी आश बंधा गुमराह कर रहा है उन्हें अपराध की और धकेल रहा है। या यूं कहें अपने राजनीतिक केरियर की दमकाने के लिए इन अबोध को उकसाया एवँ भड़काया जा रहा है।

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