August 02, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और 209 सदस्यीय जनजातीय प्रतिनिधिमंडल का ऐतिहासिक अभिनंदन, राष्ट्रपति ने जताई बस्तर दशहरा में शामिल होने की इच्छा

       नई दिल्ली / रायपुर । भारतीय लोकतंत्र के सर्वोच्च संवैधानिक परिसर राष्ट्रपति भवन में गुरुवार को ऐसा ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जिसने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व व्यवस्था को राष्ट्रीय गौरव के शिखर पर स्थापित कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकारों, पारंपरिक मांझी-चालकी नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में विशेष सम्मान किया गया।इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। समारोह का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका स्वागत किया। उनकी इस आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावुक कर दिया और यह दृश्य राष्ट्रपति भवन के इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया।

    राष्ट्रपति बोलीं— बस्तर अब शांति, विकास और समृद्धि की नई पहचान

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, मांझी-चालकी व्यवस्था और बस्तर पंडुम के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा यहां शिक्षा, सड़क, बिजली और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

    उन्होंने कहा कि मांझी-चालकी व्यवस्था सामाजिक समरसता, सामुदायिक नेतृत्व और सांस्कृतिक संरक्षण की मजबूत आधारशिला है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि "मांझी मेरे परिवार का हिस्सा हैं, मेरे पिता भी मांझी थे," जिससे उनका जनजातीय समाज से आत्मीय जुड़ाव झलकता है।

    बस्तर दशहरा में आने की जताई इच्छा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति ने भविष्य में बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराएं और भगवान जगन्नाथ से जुड़ी इसकी सांस्कृतिक विरासत उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करती है।

    अमित शाह बोले— पहली बार राष्ट्रपति भवन में देखा बस्तर का ऐसा सांस्कृतिक वैभव

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे अनेक बार राष्ट्रपति भवन आए हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने यहां बस्तर की पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री: यह पूरे छत्तीसगढ़ के सम्मान का क्षण

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है और स्थानीय कलाकारों व लोक परंपराओं को नया मंच प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

    300 वर्ष पुरानी 'झिटकू-मिटकी' की कलाकृति की भेंट

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा 'झिटकू-मिटकी' पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह कलाकृति प्रेम, त्याग, समर्पण और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। बस्तर की लोकमान्यता के अनुसार झिटकू और मिटकी ने अकाल के समय अपने त्याग और प्रेम से अमिट मिसाल कायम की थी और आज भी उन्हें श्रद्धापूर्वक 'खोड़िया राजा' और 'गप्पा देई' के रूप में पूजा जाता है।

    प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया और देश की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता, जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था और लोककला को राष्ट्रीय मंच पर मिली अभूतपूर्व प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को मिलेगा रचनात्मक विस्तार, देश के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट सिखाएंगे स्कूली विद्यार्थियों को कला के गुर

       रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन और विकास की सकारात्मक छवि को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका 'कार्टून वॉच' द्वारा जगदलपुर में 'मुस्कुराता बस्तर' थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में स्कूली विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देकर बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और बदलती पहचान को अपनी रचनात्मक कल्पनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ बस्तर आज देश-दुनिया में अपनी नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा और जनजातीय लोक संस्कृति इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान हैं। कार्यशाला की थीम 'मुस्कुराता बस्तर' इन्हीं सकारात्मक बदलावों और सांस्कृतिक वैभव को कार्टून कला के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास है।

    कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल चित्र बनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की रचनात्मक सोच को विकसित करते हुए उन्हें अपनी मिट्टी, संस्कृति और समाज से जोड़ना भी है। प्रतिभागी विद्यार्थियों को कार्टून के माध्यम से सामाजिक संदेश देने, व्यंग्य की अभिव्यक्ति और सृजनात्मक संवाद की कला से भी परिचित कराया जाएगा।

    कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी और पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने की तकनीक सिखाएंगे। साथ ही वे कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक आयामों पर भी मार्गदर्शन देंगे।

    इस पहल से बस्तर के युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का राष्ट्रीय मंच मिलेगा। साथ ही बस्तर की सकारात्मक छवि, सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन संभावनाओं को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा। 'मुस्कुराता बस्तर' केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का एक सशक्त रचनात्मक अभियान है।

      भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने परिचालन उत्कृष्टता और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए टॉरपीडो लैडल कार (टीएलसी)-207 की 2,534 हीट्स की रिकॉर्ड लाइफ हासिल की है। यह उपलब्धि भिलाई इस्पात संयंत्र में किसी भी टॉरपीडो लैडल द्वारा अब तक प्राप्त सबसे अधिक परिचालन जीवन (हीट्स) का नया रिकॉर्ड है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 29 जुलाई को डब्ल्यूबी-16 स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेज) तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार, महाप्रबंधक (एसएमएस-2) सुशांत कुमार घोषाल, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री) प्रोसेनजीत दास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने इस सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों की टीमों को बधाई देते हुए कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क के कारण ही यह उपलब्धि संभव हो सकी। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखते हुए लागत में कमी, परिचालन उत्कृष्टता और भविष्य में इससे भी बेहतर मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

    टीएलसी-207 की रिकॉर्ड लाइफ हासिल करने में रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी), ब्लास्ट फर्नेस, ट्रैफिक एंड डिस्पैच तथा एसएमएस-3 के बीच उत्कृष्ट समन्वय और प्रभावी कार्यप्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ब्लास्ट फर्नेस विभाग में मनोज कुमार के मार्गदर्शन में परिचालन का सफल संचालन किया गया, जबकि पी. आर. अजयन और दिनेश राव ने बेहतर परिचालन पद्धतियों को बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

    रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण एवं तकनीकी सुधार कार्य प्रोसेनजीत दास के नेतृत्व में संपन्न हुए। टॉरपीडो लैडल रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण का नेतृत्व मोहम्मद साबिर ने किया, जबकि जे. आर. मारकंडे और हर्ष वर्धन सिंह ने संबंधित एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी नवाचार और कार्य निष्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    यह उपलब्धि भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी क्षमता, अनुशासित परिचालन, प्रभावी अनुरक्षण व्यवस्था और सामूहिक टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। इससे संयंत्र ने इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में एक और नया मानक स्थापित किया है।

    भिलाई-03। सावन के पहले ही दिन भिलाई-चरौदा नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग के महिला एवं पुरुष कर्मचारियों को रेनकोट वितरित किए। निगम महापौर निर्मल कोसरे, सभापति कृष्णा चंद्राकर एवं निगम आयुक्त डी.एस. राजपूत की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों को बरसात के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से कार्य करने के लिए रेनकोट उपलब्ध कराए गए।
    महापौर निर्मल कोसरे ने कहा कि निगम के स्वास्थ्य कर्मचारी हर मौसम में शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैदान में रहते हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसी उद्देश्य से रेनकोट वितरित किए गए हैं।
    उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में रेनकोट कर्मचारियों को बारिश, नमी और कीट-पतंगों से बचाने में भी सहायक होंगे, जिससे वे अधिक सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
    कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के सभी महिला एवं पुरुष कर्मचारी उपस्थित रहे। निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के कार्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए भविष्य में भी उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

      रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली में 'कैच द रेन' अभियान के तहत जल संरक्षण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। निगम आयुक्त मोनिका वर्मा के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं को वर्षा जल संग्रहण और भूजल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।

    उप अभियंता डिगेश्वरी चंद्राकर ने कहा कि जल बचाने और उसे संरक्षित करने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि घरों में पानी का सबसे अधिक उपयोग महिलाएं करती हैं, इसलिए भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए उन्हें जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर समाज का नेतृत्व करना होगा।

    कार्यशाला का उद्देश्य वर्षा जल को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से संग्रहित कर भूजल स्तर बढ़ाना और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को प्रेरित करना था। कार्यक्रम में शामिल वूमेन फॉर ट्री से जुड़ी महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।

    जल संरक्षण के लिए दिए गए प्रमुख सुझाव:

    वर्षा जल को पात्रों में एकत्र कर घरेलू उपयोग में लें।
    साफ वर्षा जल को पाइप के माध्यम से बोरवेल एवं कुओं में रिचार्ज करें।
    घर के आसपास सोक पिट का निर्माण कर भूजल स्तर बढ़ाने में सहयोग करें।
    अधिक से अधिक पौधरोपण कर जल संरक्षण को बढ़ावा दें।
    आमजन को वर्षा जल संचयन और जल बचाने के लिए प्रेरित करें।

    स्कूलों में स्वच्छता का संदेश, लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय के बाहर गंदगी का ढेर; सूचना के बाद भी नहीं हुई सफाई

    दंतेवाड़ा। एक ओर शिक्षा विभाग स्कूलों में स्वच्छता पखवाड़ा मनाकर विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के बाहर फैली गंदगी विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

    कार्यालय परिसर के समीप बड़ी मात्रा में कचरा बिखरा हुआ है, जिसमें विभागीय कार्यों में उपयोग किए गए कागज, प्लास्टिक की पानी की बोतलें तथा अन्य सूखा कचरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा राहगीरों या आम नागरिकों द्वारा नहीं, बल्कि कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा ही फेंका गया है।

    स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि जिला शिक्षा कार्यालय में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग संग्रहित करने की कोई समुचित व्यवस्था दिखाई नहीं देती। डस्टबिन और कचरा प्रबंधन के बुनियादी इंतजाम तक न होने से स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर को तत्काल सूचना भी दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक संबंधित स्थान की सफाई नहीं कराई गई थी। इससे विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

    अब सवाल यह है कि जो विभाग स्कूलों में स्वच्छता का संदेश देने की जिम्मेदारी निभा रहा है, क्या वह पहले अपने कार्यालय परिसर को स्वच्छ रखने की पहल करेगा? या फिर DEO कार्यालय के बाहर पड़ा यह कचरा विभागीय दावों की वास्तविकता उजागर करता रहेगा।

    (यदि संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

    स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल, बदबू और मच्छरों से परेशान लोग; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग

    रिपोर्टर: कृष्णा मंडल

    लोकेशन: दंतेवाड़ा (बचेली)

    बचेली। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे करने वाली बचेली नगरपालिका अपनी ही कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। एक ओर सड़क पर कचरा फेंकने वाले दुकानदारों और आम नागरिकों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगरपालिका द्वारा तोड़ी गई नाली का मलबा पिछले 15 से 20 दिनों से मुख्य सड़क किनारे पड़ा हुआ है। इससे आसपास के लोगों को बदबू, मच्छरों और आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

    जानकारी के अनुसार, पुरानी मार्केट स्थित पेट्रोल पंप के सामने नई नाली निर्माण के लिए पुरानी नाली तोड़ी गई थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद निकला मलबा सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो निर्माण कार्य पूरा हुआ और न ही मलबा हटाया गया। बारिश के कारण नाली में पानी भरने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।

    गौरतलब है कि 17 जुलाई 2026 को नगरपालिका ने मुख्य मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सड़क पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान शहर को स्वच्छ रखने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन वर्तमान स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आम लोगों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने पर तत्काल चालानी कार्रवाई की जाती है, तो नगरपालिका की इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका सवाल है कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं, या सरकारी विभागों पर भी समान रूप से लागू होते हैं?

    अब शहरवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि स्वच्छता अभियान के नाम पर जनता पर सख्ती दिखाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही पर भी कोई कार्रवाई होती है या मामला केवल दावों और कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

    (यदि नगरपालिका या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

    ग्रामीणों का आरोप— "24 घंटे नहीं, 24 मिनट भी लगातार नहीं मिल रही बिजली"; पेयजल, पढ़ाई और खेती प्रभावित

    रिपोर्टर: कृष्णा मंडल

    लोकेशन: दंतेवाड़ा

    दंतेवाड़ा। मौसम विभाग द्वारा जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बीच ग्राम पंचायत भांसी के ग्रामीण लगातार बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से बिजली विभाग मेंटेनेंस और तकनीकी खराबी का हवाला देकर रोज कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद रख रहा है, जिससे पूरे गांव का जनजीवन प्रभावित हो गया है।

    ग्रामीणों के अनुसार, शहरों में जहां लगभग निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं भांसी में हालात ऐसे हैं कि कई बार 24 मिनट तक भी लगातार बिजली नहीं रहती। उनका कहना है कि विभाग के अधिकारी हर बार "छोटा फॉल्ट" या "लाइन में तकनीकी खराबी" बताकर एक घंटे में बिजली बहाल करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन बिजली चार से पांच घंटे बाद भी नहीं आती।

    लगातार हो रही बिजली कटौती का असर गांव की पेयजल व्यवस्था, विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों के कृषि कार्य और दैनिक जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। बारिश के मौसम में अंधेरा और बिजली बाधित रहने से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने गांव-गांव तक सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन भांसी में बार-बार हो रही बिजली कटौती इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका सवाल है कि क्या विकास केवल शहरों तक सीमित है, जबकि गांवों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है?

    ग्रामीणों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    (समाचार ग्रामीणों के आरोपों पर आधारित है। बिजली विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

    पुरानी रंजिश में वारदात को दिया अंजाम, हथियार और बाइक जब्त; आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

    धमतरी। धमतरी पुलिस ने स्कूल बस चालक पर चाकू से हमला करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी कुरूद के मार्गदर्शन में थाना कुरूद पुलिस द्वारा की गई।

    पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3:15 बजे ए.जे. इंग्लिश स्कूल, कुरूद की स्कूल बस बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान सुनीलम सिनेमा के पास सार्वजनिक शौचालय के सामने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने बस को रोक लिया। पुरानी रंजिश को लेकर दोनों ने बस चालक से विवाद किया, अश्लील गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए धारदार हथियार से हमला कर चालक को घायल कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 228/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, साक्ष्य संकलित करने और गवाहों के बयान के आधार पर मुख्य आरोपी रोहन साहू (21 वर्ष), पिता सुरेन्द्र साहू, निवासी मोंगरा, थाना कुरूद, हाल पता अमृत विहार कॉलोनी, कुरूद को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

    पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और धारदार हथियार भी बरामद कर जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

    धमतरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें। हिंसा या कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    जनपद पंचायत पिथौरा के सभापति को संगठन ने सौंपी नई जिम्मेदारी, शीर्ष नेतृत्व के प्रति जताया आभार

    दैनिक शौर्यपथ | महासमुंद जिला ब्यूरो: संतराम कुर्रे

    पिथौरा। भारतीय जनता पार्टी ने जनपद पंचायत पिथौरा के सभापति एवं भुरकोनी क्षेत्र के सक्रिय जनप्रतिनिधि दिनेश कुमार अग्रवाल को भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ का जिला सहसंयोजक नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन के निर्णय का स्वागत किया।

    नवनियुक्त जिला सहसंयोजक दिनेश कुमार अग्रवाल ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

    उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। संगठन ने जो दायित्व मुझे सौंपा है, उसका पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करूंगा।"

    भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि दिनेश कुमार अग्रवाल के संगठनात्मक अनुभव और सक्रिय कार्यशैली से व्यापारी प्रकोष्ठ को नई मजबूती मिलेगी तथा संगठन का जनाधार और अधिक सशक्त होगा।

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