August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राजनांदगांव । शौर्यपथ । मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित एक सादकी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की इस कोरोना काल मे जब स्कूल बंद है तब बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नही पा रहे हैं। ऐसे ही बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओ के माध्यम से सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है। मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे, मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा के अलावा विशेष रूप से श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता), धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि इस कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। इस साल यह व्रत 21 अगस्त 2020 को पड़ रहा है। हरतालिका तीज व्रत का उत्तर भारत में विशेष महत्व है। इस व्रत में महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं।

    ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, हरतालिका तीज व्रत में मिट्टी से बनी शिव-पार्वती प्रतिमा का विधिवत पूजन किया जाता है। इसके साथ ही हरतालिका तीज व्रत कथा को सुना जाता है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए इस व्रत को रखती है। कहते हैं कि एक बार व्रत रखने के बाद इस व्रत को जीवनभर रखा जाता है। बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है।

    हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व-

    शास्त्रों के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत में कथा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि कथा के बिना इस व्रत को अधूरा माना जाता है। इसलिए हरतालिका तीज व्रत रखने वाले को कथा जरूर सुननी या पढ़नी चाहिए।

    हरतालिका तीज व्रत कथा-

    शास्त्रों के अनुसार, हिमवान की पुत्री माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए बालकाल में हिमालय पर्वत पर अन्न त्याग कर घोर तपस्या शुरू कर दी थी। इस बात पार्वती जी के माता-पिता काफी परेशान थे। तभी एक दिन नारद जी राजा हिमवान के पास पार्वती जी के लिए भगवान विष्णु की ओर से विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचे। माता पार्वती ने यह शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

    पार्वती जी ने अपनी एक सखी से कहा कि वह सिर्फ भोलेनाथ को ही पति के रूप में स्वीकार करेंगी। सखी की सलाह पर पार्वती जी ने घने वन में एक गुफा में भगवान शिव की अराधना की। भाद्रपद तृतीया शुक्ल के दिन हस्त नक्षत्र में पार्वती जी ने मिट्टी से शिवलिंग बनकर विधिवत पूजा की और रातभर जागरण किया। पार्वती जी के तप से खुश होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था।
    Hartalika Teej 2020 Puja: हरतालिका तीज की पूजा में इन चीजों की होगी जरूरत
    Hartalika Teej :हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु के लिए व्रत रखती है। यूपी, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाद्रपद महीने की तृतीया तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहकर अगले दिन व्रत का पारण करती हैं। सबसे पहले इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। इस व्रत में भगवान शिव-पार्वती के विवाह की कथा सुनी जाती है।

    पूजा साम्रगी
    भगवान शिव और पार्वती की मूर्ति रखने के लिए प्लेट
    जिस पर पूजा की जाएगी लकड़ी का पाटा
    लकड़ी के पाटे पर बिछाने के लिए लाल या पीले रंग का कपड़ा
    पूजा के लिए नारियल
    पानी से भरा कलश
    आम के पत्ते
    घी
    दिया
    अगरबत्ती और धूप
    दीप जलाने के लिए देसी घी
    आरती के लिए कपूर
    पान के पत्ते
    सुपारी
    केले
    दक्षिणा

    बेलपत्र
    धतूरा
    शमी की पत्तियां
    जनेऊ
    चंदन
    माता के लिए चुनरी
    सुहाग का सामान
    मेंहदी
    काजल सिंदूर
    चूड़ियां, बिंदी
    गौर बनाने के लिए मिट्टी और पंचामृत

    सिद्ध व साध्य योग में 21 को हरितालिका तीज, पति की खातिर महिलाएं रखेंगी व्रत, होगी शिव-पार्वती की पूजा
    महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिये भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुक्रवार 21 अगस्त को हरितालिका तीज करेंगी। महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करेंगी। पौराणिक मान्यता है कि माता पार्वती सबसे पहले भगवान शिव को वर को रूप में प्राप्त करने के लिए हरितालिका तीज का व्रत रखा था। इधर बाजार में तीज को लेकर फल-फूल, सौंदर्य प्रसाधन की जमकर खरीदारी हो रही है।

    21 को रात दो बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त
    आचार्य विप्रेंद झा माधव के मुताबिक शुक्रवार को सूर्योदय से लेकर रात 2 बजे तक तृतीया तिथि है। महिलाएं उस दिन सिद्ध तथा साध्य योग में शिव व पार्वती की पूजा करेंगी। शास्त्र के अनुसार इस दिन सुहागन स्त्रियों द्वारा उपवास रहकर श्रद्धापूर्वक शिव-पार्वती का पूजन करने से अखंड सौभाग्य, संतान, धन-वैभव की प्राप्ति होती है। शिव के समान पति की कामना के लिए कुंवारी लड़कियां भी इस व्रत को पूरे विधि-विधान के साथ करती हैं। इसी दिन भगवान विष्णु ने वाराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष का वध किया था।

    गजकेशरी योग में होगी पूजा
    ज्योतिषाचार्य पीके युग के मुताबिक 21 अगस्त को मंगल, गुरु, शनि व सूर्य अपनी खुद की राशि में रहेंगे। इससे गजकेशरी और बुधादित्य योग का संयोग बनेगा। यह बहुत ही शुभ संयोग है। महिलाओं के सौभाग्य के कारक ग्रह गुरु भी खुद की राशि धनु में रहेंगे।

    प्रदोष काल में पूजन सर्वोत्तम
    आचार्य के मुताबिक हरितालिका तीज का पूजन प्रदोष(संध्याकाल) काल में सबसे बढ़िया माना जाता है। महिला व्रती प्रदोष काल में भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश भगवान की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा करती हैं। पूजन में फल-फूल के साथ सौंदर्य प्रसाधन की सभी वस्तुएं रखी जाती हैं। हरितालिका तीज व्रत की परंपरा त्रेता युग से चली आ रही है। माता पार्वती ने पहली बार शिव की बालू की प्रतिमा बनाकर पूजा किया था। तब शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया। आज भी महिलाएं मिट्टी से भोलेनाथ-गौरी की मूर्ति बनाकर उनकी पूजा करती हैं। पूरे दिन निराहार या फलाहार रहकर विधि-विधान से पूजा कर कथा श्रवण करती हैं।

    पूजा का शुभ मुहूर्त
    सुबह 6 बजे से 9 बजे
    दोपहर 12. 08 बजे से 02.25 बजे
    शाम 6. 16 बजे से रात 9.16 बजे

    पूजन में करें अर्पण
    - पंचामृत से शिव स्नान के बाद रेशमी वस्त्र अर्पित करें
    - गुलाब व इत्र अर्पण कर धूप दिखाएं
    - हरा-लाल या पीला वस्त्र धारण कर पूजा करें
    - मां पार्वती को हल्दी व भोलेनाथ को सफेद चंदन अर्पित करें
    - शिव का शृंगार तथा ओम नमः शिवाय का जाप करें
    - शिव-पार्वती को पीला फूल का हार चढ़ाकर रुद्राष्टकम का पाठ करें
    - शिव जी को बेलपत्र और दूर्वा चढ़ाए, मेहंदी जरूर लगाएं
    - शृंगार की वस्तुओं का दान करें
    - शिव-पार्वती को सुगंधित पुष्प अर्पित करें
    - सफेद चंदन तथा घी का दीपक प्रज्वलित करें
    - महादेव को श्वेत पुष्प अर्पित करें

     

    खेल / शौर्यपथ / भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम अचाकन इंटरलैनशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। धोनी के संन्यास की खबर के कुछ मिनटों बाद ही अनुभवी बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी इंटरलैनशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। इन दोनों दिग्गजों के एक साथ संन्यास की घोषणा पर हर कोई हैरान था। धोनी के संन्यास की खबरों से फैन्स को हैरानी तो हुई, लेकिन शायद उतनी नहीं। इसकी एक वजह यह भी थी कि 2019 के वर्ल्ड कप के बाद से धोनी क्रिकेट से दूर थे और उनके संन्यास को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन सुरेश रैना पिछले काफी वक्त से कह रहे थे कि वह एक बार फिर से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलना चाहते हैं।

    ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर सुरेश रैना के करियर को लेकर एक बड़ा बयान दिया। आकाश चोपड़ा ने कहा, ''यह सचमुच झटका है। इसके दो-तीन कारण हैं। पहला- सुरेश रैना की उम्र अभी केवल 33वर्ष है, यानी वह अभी युवा हैं। दूसरा- रैना ने कुछ वक्त पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी नजर भारत के लिए वापसी पर है।''

    आकाश चोपड़ा ने कहा, ''सुरेश रैना ने इंटरव्यू में कहा था कि वह टीम में वापसी के लिए खूब रन बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि घुटने के ऑपरेशन के बाद वह अधिक मजबूत होकर उभरे हैं और गेंद को अच्छी तरह हिट कर पा रहे हैं।''

    उन्होंने आगे कहा, ''सुरेश रैना इससे बेहतर के हकदार थे। मुझे लगता है कि रैना को बेहतर ढंग से हैंडल किया जाना चाहिए था। क्योंकि जब भी उन्होंने वापसी की है तो तीन में से एक मैच में 40-50 रन जरूर बनाए। एक मैच में नाबाद रहे और एक में वह जल्दी आउट हुए। इसके बाद उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया।''

    उन्होंने कहा, ''रैना लगातार इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो पोस्ट कर रहे थे। इन वीडियोज में देखा जा सकता था कि वह नियमित रूप से प्रैक्टिस कर रहे थे और बहुत कोशिश भी कर रहे थे। जब आप किसी को इतनी कोशिश करते देखते हैं, तो आपको लगता है कि यह होने जा रहा है। वास्तव में, मैं इंतजार कर रहा था कि वह केवल सीएसके के लिए खेल रहे थे और बहुत सारे रन बनाए। अपनी परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को उन्हें टीम में लेने के लिए मजबूर किया। मैं बहुत खुश था क्योंकि रैना एक विशेष खिलाड़ी हैं और दो साल में दो टी-20 विश्व कप आ रहे हैं, तो क्यों नहीं रैना।''

    आकाश चोपड़ा ने सुरेश रैना की बल्लेबाजी और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुरेश रैना अब तक के सबसे अच्छे बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाज थे। रैना को मैच विजेता और चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लेबल किया। उन्होंने कहा, ''अगर अब भारतीय क्रिकेट के बाएं हाथ बल्लेबाजों को देखते हैं तो वहां सुरेश रैना का नाम जरूर होगा।''

     

    मनोरंजन / शौर्यपथ / भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह अपनी फोटोज और वीडियोज शेयर करती रहती हैं। अब हाल ही में अक्षरा की कुछ फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। दरअसल, इन फोटोज और वीडियो में अक्षरा बिल्कुल एक सुहागन की तरह तैयार हुई हैं।

    अक्षरा ने हाथों में मेहंदी और मांग में सिंदूर लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने रेड कलर की साड़ी पहनी है। वीडियो में अक्षरा अपनी मां के साथ पूजा करती भी नजर आ रही हैं। फैन्स अक्षरा से इन फोटोज को लेकर सवाल कर रहे हैं।

    फैन्स पूछ रहे हैं कि आपने शादी कर ली है क्या? तो कोई कह रहा है कि मांग में सिंदूर तो सिर्फ सुहागन लगाती हैं, फिर आपने क्यों लगाया है?

    अब जो फैन्स सोच रहे हैं कि कहीं अक्षरा ने शादी तो नहीं कर ली तो उनको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं है। अक्षरा का ये लुक उनके गाने का है जिसका नाम है 'तीज के बरतिया'।

    दरअसल, तीज के मौके पर अक्षरा यह गाना लेकर आई हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस गाने को अक्षरा ने अपनी मां के साथ शूट किया है। अक्षरा ने खुद यह गाना गाया है। इसके लिरिक्स मनोज मतलबी ने लिखे हैं।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम और घोटाला एक सिक्के के दो पहलु जैसे हो गए है . निगम के कार्य में जमीनी स्तर पर निरिक्षण करने वाले इंजीनियरों द्वारा ना जाने ऐसे कितने कार्य है जो सिर्फ कागजो पर हो गए और राशि आहरित कर ली गयी . ये तो एक लम्बी जाँच का विषय है . जाँच के बाद भी ये सुनिश्चित नहीं कि कोई कार्यवाही हो क्योकि कार्यवाही के लिए एक मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है जिसका अभाव अधिकारियो पर कम ही नजर आता है . एक तरफ तो निगम प्रशासन जनता से अपील करती नजर आती है की शहर की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दे और अनियमितता की शिकायत करे किन्तु दुर्ग निगम प्रशासन के अधिकारी कार्यवाही के नाम पर आम जनता पर तो अपना प्रशासनिक ताकत दिखाते है किन्तु जब अनियमितता किसी अधिकारी के द्वारा होती है तो मामले को दबाने की हर संभव कोशिश की जाती है और एक समय तक सफल भी हो जाते है तभी तो आज तक ऐसे कई कार्यो के घोटालो की बात सामने आयी है किन्तु किसी पर कोई सख्त कार्यवाही हुई हो ऐसा प्रतीत नहीं होता .
    ऐसे ही कुछ मामलो को लेकर शौर्यपथ समाचार पत्र प्रतिदिन निगम के एक घोटालो को मय दस्तावेज आम जनता के सामने लाता रहेगा निगम प्रशासन भले ही अपने जिम्मेदार अधिकारी को बचाते रहे किन्तु समाचार पत्र प्रतिदिन एक घोटाले सामने लाता रहेगा . दुर्ग निगम में सब इंजिनियर भीम राव द्वारा एक ऐसे जगह पाथवे का निर्माण किया गया जो सिर्फ दस्तावेजो में ही है और ऐसे स्थान का नाम दस्तावेज में अंकित है जिस पर किसी को शक भी होगा तो जा कर आसानी से देख सके ऐसा आम जनता के लिए संभव नहीं हो .
    ऐसे ही एक मामले में वार्ड के तात्कालिक सब इंजिनियर के निरिक्षण में भाजपा की राष्ट्रिय महासचिव और राज्यसभा संसद डॉ सरोज पाण्डेय के निवास जल परिसर के बगल में सड़क किनारे पाथवे का निर्माण किया गया जिसकी लागत लगभग 48 हजार रूपये खर्च हुए और ये खर्च संधारण मद से किये गए चूँकि राशि 50 हजार से कम है इस लिए तात्कालिक नियम के अनुसार कोई निविदा नहीं निकली ऑफलाइन निविदा नियम के तहत ये कार्य हुआ . जबकि अगर जमीनी स्तर पर देखे तो जल परिसर के समीप सडक किनारे ऐसा कोई निरमान विगत 2 सालो में नहीं हुआ . फिर सब इंजिनियर भीम राव किस जगह पाथवे बना कर आ गए क्या मामले को संज्ञान में लेकर निगम के नए पीडब्ल्यूडी प्रभारी इस पर जाँच की पहल करेंगे ?

    रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के मुख्यमंत्री निवास में हुई तीजा पोला तिहार के आयोजन पर टीका टिप्पणी से भाजपा के छत्तीसगढ़ विरोधी चाल चरित्र उजागर हुआ।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार परंपरा संस्कृति का आयोजन करते है।त्योहारों में आम जनता के साथ सरकार की सहभागिता सुनिििश्चत करते है तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द क्यों होता है?15 साल के रमन शासन काल के दौरान छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परम्परा विलुप्तप्राय होने की कगार पर खड़ी थी। 15 साल मेंं रमन भाजपा ने छत्तीसगढ़ में हरेली,हरितालिका तीज,कर्मा जयंती,विश्वआदिवासी दिवस के दिन अवकाश नही दिए।
    रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते मुख्यमंत्री निवास में कभी छत्तीसगढ़ के हरेली तीजा पोला, गोधन पूजा का आयोजन नही हुआ।रमन सरकार के के दौरान उनके मंत्री और भाजपा के नेता पंडाल लगाकर दीनदयाल की कथा सुनने में मग्न थे ,सत्ता रहते रमन भाजपा मजदूर किसान छात्र महिलाओं की व्यथा सुनते परेशानी का निराकरण करते,चुनाव में किये वादा को पूरा करते,युवाओं की भावना को समझते,आदिवासी वर्ग को उनका कानूनी अधिकार देते तो विधानसभा चुनाव में भाजपा15 सीटों में नही सिमटती। भाजपा के नेता निरन्तर रोका छेका,गोबर खरीदी,का भी विरोध कर रहे है।

    बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा नियमित रूप से की जा रही है । जांच से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाता है। पंजीयन उपरांत गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर प्रसव पूर्व जांच कर टिटनेस का टीका दिया जाता है साथ ही जांच के लिए फालोअप भी किया जाता है। इस कार्य में एएनएम और मितानिन का कार्य काफी सराहनीय है। जब प्रसव हो जाता है तब मितानिन द्वारा प्रसव पश्चात जांच के तहत जच्चा बच्चा का 42 दिनों तक नियमित ख्याल रखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग हर साल इसके लिए एक लक्ष्य निर्धारित करता है। इस बार लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल में अच्छा कार्य किया है।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि साल 2020-21 में विभाग को 49,761 गर्भवतियों के पंजीयन का लक्ष्य दिया गया था। इसमें विभाग ने माह अप्रैल से जून तक मात्र तीन महीने में 95.93 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की है।
    उन्होंने बताया कि तीन माह की प्रगति को देखें तो विभाग ने 12,440 गर्भवती पंजीयन के अनुपातिक लक्ष्य के सापेक्ष 11,934 पंजीयन करके अच्छी सफलता हासिल की है। जि़ले में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए 12,440 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समय से गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच होने से जोखिम की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं ।
    नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच से समय से जटिलताओं की पहचान की जाती है और आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है जो कि मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को कम करने में बहुत हद तक सहायक है । समय से पंजीयन से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को सरकार द्वारा दी गयी सुविधायें भी आसानी से मिल जाती हैं।
    गर्भवती की प्रसव पूर्व चार जांचें हैं बेहद जरूरी !
    प्रथम चरण में गर्भधारण के तुरंत बाद या गर्भावस्था के पहले 3 महीने के अंदर जांच होती है। द्वितीय चरण में गर्भधारण के चौथे या छठे महीने में। तृतीय चरण में गर्भधारण के सातवें या आठवें महीने में तथा चतुर्थ चरण में गर्भधारण के नौवें महीने में जरूरी जांचे की जाती हैं। इसमें प्रत्येक गर्भवती के हीमोग्लोबिन की मात्रा अनुसार आईएफए, कैल्शियम के साथ साथ टीकाकरण, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की स्क्रीनिंग की जाती है।

    नजरिया / शौर्यपथ / जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था डिजिटल होती जा रही है, वैसे-वैसे रोजगार बाजार का परिदृश्य भी बदलता जा रहा है। स्थिति यह है कि भविष्य में कई रोजगार ऐसे भी होंगे, जिनके नाम हमने अब तक सुने भी नहीं हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले वर्ष में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 18 फीसदी की वृद्धि हुई और देश तेजी से डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में, डिजिटल होती भारतीय अर्थव्यवस्था के तहत स्थानीय एवं वैश्विक, दोनों ही स्तरों पर कौशल प्रशिक्षित भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ गए हैं।
    यह स्पष्ट दिख रहा है कि कोविड-19 के बीच भी वैश्विक डिजिटल कंपनियां भारत में डिजिटलीकरण के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व खुदरा क्षेत्र के ई-कॉमर्स में बड़ी मात्रा में निवेश करती दिखाई दे रही हैं। कोविड-19 के बीच भारत में डिजिटल भुगतान उद्योग, ई-कॉमर्स तथा डिजिटल मार्केटिंग जैसे सेक्टर तेजी से आगे बढे़ हैं और इनमें रोजगार के मौके भी बढ़े हैं। यदि हम डिजिटल भुगतान उद्योग की ओर देखें, तो पाते हैं कि नोटबंदी में भी डिजिटल भुगतान उतनी तेजी से नहीं बढ़ा था, जितनी ऊंची छलांग उसने कोरोना महामारी के पिछले चार महीनों में लगाई है।
    नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर ऐंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) की अध्यक्ष देवयानी घोष द्वारा डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रतिभाओं के रोजगार मौकों पर हाल ही में दी गई टिप्पणी का उल्लेख करना उपयुक्त होगा। देवयानी ने कहा है कि इस समय प्रतिभा के संदर्भ में भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में लाभ की स्थिति में है, लेकिन कोरोना महामारी के बाद की दुनिया में मौजूदा आईटी प्रतिभाओं को उभरते तकनीकी कौशल से फिर से लैस करने और दुनिया में खुद को खड़ा रखने के लिए नवाचार यानी इनोवेशन पर जोर देना होगा। निस्संदेह, सरकारी कदमों से डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिला है, पर अभी इस दिशा में बहुआयामी प्रयासों की जरूरत बनी हुई है। हमें डिजिटलीकरण के लिए आवश्यक बुनियादी जरूरत संबंधी कमियों को दूर करना होगा। चूंकि बिजली डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण जरूरत है, अत: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की पर्याप्त पहुंच और आपूर्ति जरूरी है।
    चूंकि हमारी आबादी का एक बड़ा भाग अब भी डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था की दृष्टि से पीछे है, अत: उसे डिजिटल बैंकिंग की ओर आगे बढ़ाना होगा। खासतौर से अभी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के पास डिजिटली भुगतान के लिए बैंक-खाते, इंटरनेट की सुविधा वाले मोबाइल फोन या क्रेडिट-डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं नहीं हैं, इसलिए ऐसी सुविधाएं बढ़ाने का अभियान जरूरी होगा। फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों का ऑनलाइन लेन-देन में अविश्वास बना हुआ है, इसलिए ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार को अपनी साइबर सुरक्षा मजबूत करनी पड़ेगी।
    देश में डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने के लिए मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में देश को आगे बढ़ाना जरूरी है। मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड टेस्ट करने वाली वैश्विक कंपनी ओकला के मुताबिक, अप्रैल 2020 में मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में 139 देशों की सूची में भारत 132वें पायदान पर है। ओकला के मुताबिक, अप्रैल 2020 में भारत की औसत मोबाइल ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड 9.81 एमबीपीएस रही, वहीं इसकी औसत अपलोड स्पीड 3.98 एमबीपीएस थी। मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में दक्षिण कोरिया, कतर, चीन, यूएई, नीदरलैंड, नॉर्वे बहुत आगे हैं। इतना ही नहीं, स्पीड के मामले में भारत को पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों ने भी पीछे छोड़ रखा है। ऐसे में, भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था में रोजगार के मौकों का फायदा लेने के लिए इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के अधिकतम प्रयास करने होंगे।
    डिजिटल अर्थव्यवस्था के आधार को मजबूत करने की जरूरत है, तभी यह क्षेत्र ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने की स्थिति में होगा। उम्मीद है कि देश की नई पीढ़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था के पीछे छिपे अवसरों को तलाशेगी और देश-दुनिया की नई जरूरतों के मुताबिक अपने आप को सुसज्जित करेगी।
    (ये लेखक के अपने विचार हैं) जयंतीलाल भंडारी, अर्थशास्त्री

     

    मेलबॉक्स / शौर्यपथ / फिल्म ‘दामिनी’ में सनी देओल वकील की भूमिका निभाते हुए एक डायलॉग कहते हैं, तारीख पे तारीख-तारीख पे तारीख, पर इंसाफ नहीं मिलता... ठीक इसी तरह सरकार सिर्फ योजनाएं लाती है, उनकी सफलता या विफलता का विवेचन नहीं किया जाता। कहीं-कहीं तो योजनाएं भ्रष्टाचार के तहखाने में दब जाती हैं और जनता मुंह ताकती रह जाती है। आज का सच यही है कि सरकारें जनता को लुभाने के लिए या सीधे शब्दों में कहें, तो राष्ट्र-हित के लिए योजनाएं लाती हैं, लेकिन वे कहां तक सफल हो पाती हैं, इस पर कभी मनन नहीं किया जाता। मौजूदा सरकार जब सत्ता में आई थी, तब कुछ योजनाएं लेकर आई, जिनको 2020 में काफी हद तक पूरा हो जाना था। इनमें प्रमुख हैं, नमामि गंगे योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत अभियान, सांसद आदर्श ग्राम योजना, मिशन इंद्रधनुष आदि। बावजूद सरकार नित्य नई योजना बनाने के लिए तत्पर दिख रही है। सवाल है, पुरानी योजनाओं का मूल्यांकन किए बिना नई योजनाएं भला कितनी सार्थक होंगी?
    उदय कुमार आजाद

    अश्लीलता और वेब सीरीज
    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज में जिस तरह से गाली-गलौज और नग्नता परोसी जा रही हैं, उससे देश के युवाओं की मानसिकता तो बुरी तरह प्रभावित हो ही रही है, सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर क्यों इन वेब सीरीज को फिल्म एवं सेंसर बोर्ड के दायरे से बाहर रखा गया है? एक तरफ तो सरकार पोर्न वेबसाइट्स व अश्लील फिल्मों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा चुकी है, जबकि दूसरी तरफ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इनके खुलेआम प्रसारण की अनुमति दी जा रही है। इसका नतीजा दुष्कर्म और हिंसा की बढ़ती घटनाओं के रूप में देखने को मिल रहा है। हैरत की बात यह है कि बडे़-बडे़ प्रोडक्शन हाउस और नामचीन कलाकार भी ऐसे दृश्यों को करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में, जिस तरह से सरकार द्वारा पोर्न साइट्स पर पाबंदी लगाई गई है, उसी तरह से वेब सीरीज पर भी सख्ती बरतने की आवश्यकता है।
    प्रत्यूष आनंद, नवादा, बिहार

    योग शामिल करें
    हमारी शिक्षा-नीति में चरित्र-निर्माण काफी पीछे छूट गया है। इसके लिए शिक्षा-व्यवस्था में योग को शामिल किया जाना अनिवार्य था। इसका कोई विकल्प नहीं है। योग मात्र आसन या प्राणायाम तक सीमित नहीं है, नई शिक्षा-व्यवस्था के अंतर्गत इसके अष्टांग रूप (यम, नियम, आसन, प्रत्याहार, प्राणायाम, धारणा, ध्यान और समाधि) का विधिवत अभ्यास कराया जाना चाहिए, तभी हमारे देश के नौजवानों का चारित्रिक और मानसिक विकास हो सकेगा। स्वस्थ तन और मन वाला कुशल नागरिक ही देश की पूंजी होता है।
    सत्य प्रकाश, लखीमपुर खीरी

    इंस्टाग्राम पर क्यों
    पिछले तीन दिनों से महेंद्र सिंह धौनी की महानता बताते हुए खूब लिखा जा रहा है। लंबी-लंबी तकरीरें हो रही हैं। उनके जैसा न कोई था, न कोई आगे होगा का एहसास कराया जा रहा है। यहां तक कि बीसीसीआई से जुड़े लोग भी धौनी को महानतम खिलाड़ी की संज्ञा दे रहे हैं। वाकई, धौनी की महानता पर किसी को कोई संदेह नहीं है, लेकिन क्या किसी ने यह सोचने की जहमत उठाई कि इस महान खिलाड़ी को आखिर क्यों मैदान की जगह इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करनी पड़ी? ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें मालूम चल गया था कि बीसीसीआई अब उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं देने वाला है। आशीष नेहरा ने धौनी के बारे में एक बात बताई थी कि उनके अंदर वह क्षमता है कि वह विरोधी खिलाड़ियों का दिमाग तुरंत पढ़ लेते हैं। धौनी ने बीसीसीआई के कर्ता-धर्ताओं का दिमाग पढ़ लिया था, इसलिए उन्होंने मैदान के बाहर ही अपने संन्यास की घोषणा कर दी।
    जंग बहादुर सिंह, जमशेदपुर

     

    रायगढ़ / शौर्यपथ / कलेक्टर भीम सिंह ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये रायगढ़ जिले के किरोड़ीमल नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र को 19 से 25 अगस्त 2020 तक संपूर्ण सार्वजनिक सभी गतिविधियां प्रतिबंधित किया है।
    कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा (1)के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 19 से 25 अगस्त 2020 तक रायगढ़ जिले के किरोड़ीमल नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र में संचालित देशी/विदेशी मदिरा दुकानों से मदिरा की बिक्री को काउन्टर से बंद रखते हुये ऑनलाईन होम डिलीवरी के माध्यम से किये जाने हेतु आदेश जारी किया है।
    नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर पंचायत अंतर्गत देशी मदिरा दुकान-कोकड़ीतराई एवं विदेशी मदिरा दुकान-कोकड़ीतराई शामिल है। यहां ऑनलाईन होम डिलीवरी यथावत चालू रहेगी। जिले की शेष मदिरा दुकानों के खुलने एवं बंद होने का समय यथावत रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग एवं फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

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