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12 राज्यों की 94 सीटो पर वोटिंग , कई दिग्गजों के भाग्य का जनता करेगी फैसला
नई दिल्ली / एजेंसी / लोकतंत्र के महापर्व में 07 चरणों में देश की नई सरकार का फैसला आम जनता करेगी . देश में तीसरे चरण के लिए प्रचार का शोर 5 मई की शाम को थम गया . सभी प्रत्याशी और राजनीतिक दल अपने पूरे जोश के साथ चुनावी प्रचार में जुटे हैं. चुनाव आयोग तीसरे चरण की वोटिंग को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है. चुनाव के वोटों की गिनती 4 जून को की जाएगी.
देश में चल रहे लोकसभा चुनाव में अब तक दो चरण की वोटिंग हो चुकी है. जिसके बाद अब 7 मई को तीसरे चरण की वोटिंग होनी है. तीसरे चरण की वोटिंग के चलते 5 मई को शाम 05 बजे चुनाव प्रचार थम गया और 7 मई को 12 राज्यों की 94 सीटों पर वोटिंग होगी.
तीसरे चरण में इन दिग्गजों का होगा भाग्य का फैसला ...
तीसरे चरण के चुनाव में अमित शाह, शिवराज चौहान, दिग्विजय सिंह, डिंपल यादव, सुप्रिया सुले समेत कई दिग्गजों का फैसला होगा. अब तक देश में लोकसभा के पहले चरण में 21 राज्यों की 102 सीटों पर मतदान हुआ, फिर 26 अप्रैल को दूसरे चरण में 88 सीटों पर मतदान हुआ, जिसके बाद अब 7 मई को तीसरे चरण में 94 सीटो पर मतदान होंगे. जिसके साथ हूलोक्सभा के ५४३ सीटो में से ५८४ सेतो पर मतदान संपन्न हो जायेगा . जिसके बाद 13 मई को चौथे, 20 मई को पांचवे, 25 मई को छठे, 1 जून को सातवें चरण के मतदान होंगे. 4 जून को वोटों की गिनती की जाएगी.
किन राज्यों में होंगे मतदान
05 मई को शाम 05 बजे तीसरे चरण के लिए प्रचार का शोर थम गया . सभी प्रत्याशी और राजनीतिक दल अपने पूरे जोश के साथ चुनावी प्रचार में जुटे हैं.चुनाव आयोग तीसरे चरण की वोटिंग को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है. तीसरे चरण में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादरा और नगर हवेली/दमन और दीव , जम्मू-कश्मीर. हालांकि चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग रजौरी सीट पर मतदान की तारीख में बदलाव किया है. अब यहां 25 मई को छठे चरण में वोटिंग होगी. चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाता जागरूकता अभियान के कई कार्यक्रम कर रहा है.
तीसरे चरण के लिए मतदान के बाद 7 मई को जिन दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी…उनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम शामिल है…वो गुजरात की गांधीनगर सीट से बीजेपी के उम्मीदवार हैं. मध्यप्रदेश में विदिशा से शिवराज सिंह चौहान, गुना शिवपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजगढ़ में दिग्विजय सिंह का नाम शामिल है. इनके अलावा उत्तरप्रदेश में मुलायम परिवार की डिंपल यादव, अक्षय यादव, आदित्य यादव के भाग्य का फैसला भी मंगलवार को होगा. महाराष्ट्र की बारामती सीट पर शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की किस्मत का फैसला भी ईवीएम में बंद हो जाएगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / एजेंसी / चुनाव आयोग ने तेलंगाना के सीएम और बीआरएस के पूर्व चीफ केसीआर के खिलाफ बढ़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग ने केसीआर को अगले 48 घंटे के लिए प्रचार से रोक दिया है। केसीआर के प्रचार न करने पर बैन की अवधी आज शाम आठ बजे से शुरू होगा। न्यूज एजेंसी ANI द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, केसीआर पर यह प्रतिबंध कांग्रेस के खिलाफ आपत्तिनजक और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर दिया गया है।
चुनाव आयोग द्वारा केसीआर के खिलाफ यह एक्शन कांग्रेस लीडर जी निरंजन की शिकायत पर लिया गया है। उन्होंने केसीआर पर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आपतिजनक और अपमानजक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। निर्वाचन आयोग ने एक बयान जारी कर बताया कि आज शाम आठ बजे से केसीआर अगले 48 घंटों तक कोई बी पब्लिक मीटिंग, जुलूस, पब्लिक रैली या इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे।
प्रज्वल पर यौन उत्पीडन का मामला दर्ज , विपक्ष हुआ हमलावार
प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ सात महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली / एजेंसी / चुनावी गर्मी में कर्नाटक सेक्स स्केंडल का मामला राजनितिक पारा को और बढ़ा दिया . एनडीए का हिस्सा रहे जेडीएस के सांसद प्रज्वल रेवन्ना के सेक्स स्कैंडल मामले के कारण कही ना कही भाजपा बेक फुट पर आ गई . स्कैंडल के उजागर होते ही विपक्ष का हमला तेज हो गया . मामले के खुलासे के बाद आनन फानन में जेडीएस ने भले ही प्रज्वल रेवन्ना को पार्टी से निलंबित कर दिया है किन्तु चुनावी पर्व में सात चरणों के मतदान प्रक्रिया में अभी पांच चरण बचे है ऐसे में एनडीए के घटक दल के सांसद की इस मामले में संलिप्तता के करण विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है . इस मुद्दे पर एक तरफ एनडीए बेक फुट पर आ गई वही महिलाओ के सम्मान और रक्षा के बड़े बड़े वादे इस मामले के खुलासे के बाद एनडीए के घटक दलों के लिए परेशानिया बढ़ाने का काम कर दिया .
इसी बिच कथित सेक्स स्कैंडल में फंसे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने भी अब मामले में चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एक्स कर कहा कि सच्चाई जल्द ही सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि मैं पूछताछ में शामिल होने के लिए बेंगलुरु में नहीं हूं, मेरे वकील के माध्यम से मेरे पास सीआईडी बेंगलुरु है। सत्य की जल्द ही जीत होगी। प्रज्वल रेवन्ना ने 18 अप्रैल के बाद अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह पोस्ट की है।
बता दें कि आज ही कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर प्रज्वल का पासपोर्ट रद्द करने की मांग भी की थी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि आपको तो जानकारी होगी ही कि हासन लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान सांसद पर किस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी जांच चल रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पीएम से गुजारिश की है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रज्ज्वल रेवन्ना के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट को रद्द करके उन्हें तुरंत स्वदेश बुलाया जाया। सिद्धारमैया ने पत्र में लिखा है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ सात महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई है, जो मामले की जांच में दिन रात जुटी है, लेकिन पूछताछ के लिए रेवन्ना मौजूद नहीं है। अत: यह अति आवश्यक है कि वे स्वदेश लौटें ताकि जांच सही तरीके से हो।
महिला कुक ने दर्ज कराई थी एफआईआर
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बेटे एचडी रेवन्ना के घर पर काम करने वाली महिला कुक ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें यौन उत्पीड़न की बात कही गई थी। इस एफआईआर के दर्ज होने के बाद पिता एचडी रेवन्ना और उनके पुत्र प्रज्वल रेवन्ना पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354ए (यौन शोषण), 354डी (पीछा करना), 506 (धमकी) और 509 (महिला की गरिमा का अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद कहा जा रहा है कि प्रज्वल रेवन्ना देश छोड़कर फरार हैं।
महिलाओं के साथ वीभत्स अपराध पर भी PM चुप…रेवन्ना मामले पर बोले राहुल गांधी
कर्नाटक के हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप है. इस मुद्दे पर विपक्ष बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया कि कर्नाटक में महिलाओं के साथ हुए वीभत्स अपराध पर भी पीएम मोदी ने चुप्पी साध ली है. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और कर्नाटक के हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप है. इस मुद्दे पर विपक्ष जेडीएस और बीजेपी पर हमलावर है. कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने बुधवार को कहा, कर्नाटक में महिलाओं के साथ हुए वीभत्स अपराध पर भी पीएम मोदी ने चुप्पी साध ली है. क्या मोदी के राजनीतिक परिवार का हिस्सा होना अपराधियों के लिए सुरक्षा की गारंटी है.
ओवैसी बोले, मोदी गए और उनके लिए वोट मांगे
ओवैसी ने आरोप लगाया, प्रज्वल ने बेबस और अबला असहाय महिलाओं के 2000 वीडियो बनाए... मोदी गए और उनके लिए वोट मांगे। तमाशा यह है कि जब वीडियो सामने आए तो वह (रेवन्ना) रातों-रात जर्मनी भाग गए। ओवैसी ने कहा, प्रधानमंत्री आपके पास खुफिया विभाग है। आपके पास रॉ है। आपके पास सब कुछ है। आप जानते हैं कि यह आदमी (प्रज्वल) बदनाम है। गंदा है। वह इंसान कहलाने लायक भी नहीं है। फिर भी आप उनके लिए वोट मांगने गए।
हाल के दिनों में कर्नाटक के हासन जिले में सैकड़ों महिलाओं के यौन उत्पीड़न में प्रज्वल रेवन्ना के शामिल होने वाली कई वीडियो क्लिप हाल के दिनों में सामने आई हैं। ओवैसी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी नारी शक्ति के बारे में बात करते हैं और मुस्लिम महिलाओं का भाई होने का दावा करते हैं। ओवैसी ने कटाक्ष करते हुए कहा, लेकिन हमें ऐसा भाई नहीं चाहिए।
प्रियंका गांधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कथित ‘सेक्स स्कैंडल’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष किया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में आरोपी सांसद प्रज्वल रेवन्ना महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करके देश छोड़ने में कैसे कामयाब हो पाए? कलबुर्गी जिले के सेडम शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करने वालों को बचा रहे हैं. वहीं प्रदेश के सीएम सिद्धरमैया के कार्यालय ने पुलिस के हवाले से एक बयान में कहा है कि प्रज्वल देश छोड़कर जा चुके हैं.
मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
कर्नाटक सरकार ने सांसद द्वारा सैकड़ों महिलाओं के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है. कथित तौर पर सैकड़ों महिलाओं के यौन उत्पीड़न में प्रज्वल रेवन्ना की संलिप्तता वाले कुछ वीडियो सामने आए हैं. विधायक और पूर्व मंत्री एच. डी. रेवन्ना ने कहा कि वह उनकी और उनके बेटे एवं हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना की कथित संलिप्तता वाले यौन उत्पीड़न के मामले की जांच से भागने वाले नहीं हैं. इसकी जांच होनी चाहिए. आपको बता दें कि रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री और JDS के संरक्षक एच. डी. देवेगौड़ा के बड़े बेटे हैं. उन्होंने कहा है कि इस पूरे मुद्दे के पीछे ‘राजनीति’ है.
नयी दिल्ली / एजेंसी / केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण से जुड़ा ‘फर्जी वीडियो’ साझा करने के मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की वकील बुधवार को यहां दिल्ली पुलिस के समक्ष पेश हुईं।
वीडियो कथित तौर पर रेड्डी के ‘एक्स’ हैंडल द्वारा साझा किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 160/91 के तहत नोटिस दिया था। रेड्डी की वकील सौम्या गुप्ता ने मीडिया को बताया कि जिस हैंडल से वीडियो साझा किया गया वह हैंडल रेड्डी का नहीं है। गुप्ता ने द्वारका में दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘वह सोशल मीडिया हैंडल तेलंगाना के मुख्यमंत्री का नहीं है।’’
एक पुलिस सूत्र के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को सीआरपीसी की धारा 160/91 के तहत नोटिस दिया जाता है, तो वह व्यक्ति या जांच अधिकारी के सामने स्वयं उपस्थित हो सकता है या कानूनी प्रतिनिधि भेज सकता है।
खेल संघों द्वारा खिलाडियों के यौन शोषण और मर्डर करवाने से लोगों का उठते जा रहा है ख्ेाल संघों से विश्वास ,अपने बच्चों को खेल में डालने से कतराने लगे है लोग
दुर्ग / शौर्यपथ / विभिन्न खेल संघों की करतूतों और खिलाडियों को प्रताड़ित करने की खबर आये दिन विभिन्न समाचार संसाधनों के माध्यम से आ ही जाति है . लगातार ऐसी बातो के सामने आने से खिलाडियों सहित परिजनों में भी अब अपने बच्चो के भविष्य के लक्ष्य को खेल के अलावा किसी अन्य क्षेत्र में रखने पर मजबूर हो रहे है आम जनता का भी इस तरह की खबरों से खेल संघो की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशाँ लगाए जा रहे है .दिल्ली से लेकर भिलाई तक खिलाडियों का यौन शोषण और खेल को राजनीति अखाडा बनाने व खिलाडियों के मर्डर तक करवाने तक करवाकर उस उस मामले को दबाने का मामला सामने आने से अब लोग अपने बच्चों को खेलों में भेजने से कतराने लगे है। इसका जीता जागता उदाहरण एक बार फिर सामने आया है। जहां दिल्ली में महिला खिलाडियों के यौन शोषण को लेकर खिलाडियों ने धरना प्रदर्शन तक किया। वही गत कुछ साल पहले भिलाई में भी महिला खिलाडियों को सलेकशन के लिए यौन षोषण का मामला सामने आया था जो बहुत ही सुर्खियों में था।
हाल ही में एक और मामला सामने आया है हैण्डवाल खिलाडी सिरान के मर्डर का जिसकों असम के गुवाहटी में होने वाले प्रतियोगिता में भाग लेने अन्य खिलाडियों के साथ सलेकशन किया गया था, लेकिन उसको वहां तक पहुंचने नही दिया गया और उसे गत 25 मार्च 2023 को हावडा में चांदमारी घाट गंगा नदी के पास ले जाकर उसका मर्डर करवा दिया गया और इस मामले को मिली भगत कर दबवाने के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी दूसरे का देकर मामले का लीपा पोती कर दिया गया। उक्त बातें पत्रकारों से अपनी पीडा बयां करते हुए हैण्डबॉल खिलाडी सिरान के पिता मो जावेद खान ने कही।
मृतक खिलाडी के पिता ने बताया कि क्योंकि मेरे पुत्र की उम्र 15 साल थी लेकिन पोस्टर्माटम रिपोर्ट में 35 साल का बताया गया। वहीं पानी में डूबने से मौत होना बताया गया लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान सिरान के पेट से मात्र साढ़े 3 सौ ग्राम ही पानी निकला जबकि डूबकर मरने वालों के पेट से कम से कम साढे तीन लीटर पानी निकलता है। मृतक के पिता ने आगे बताया कि कोलकाता पुलिस द्वारा हमे जो दस बारह फोटो दिखाया गया था उसमें साफ साफ गर्दन व उसके शरीर के कई स्थानों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे है। मैं पिछले एक साल से अपने इकलौते पुत्र सिरान का हुए मर्डर के न्याय के लिए कोलकाता से लेकर भिलाई तक भटक रहा हूं लेकिन कही कोई सुनवाई नही हो रही है। इस मामले में हैण्डबॉल एसोसिएशन की पूरी जिम्मेदारी बनती है लेकिन वह इस मामले में अपना पल्ला झाड कर चुपचाप हाथ पर हाथ घरे बैठी है।
हैण्डबाल खिलाडी सिरान के पीडित पिता मोहम्मद जावेद खान सेक्टर चार निवासी ने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा से न्याय की गुहार लगाई है । मीडिया से बातचीत करने के सिरान के पिता ने कलकत्ता पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते बताया कि मेरे बेटे की हत्या हुई है लेकिन पुलिस पैसे लेकर आरोपियों को बचा रही है , वही उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट जो पुलिस ने प्रस्तुत की है वो पोस्टमार्टम उनके बेटे की नही है क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बॉडी की उम्र 35 वर्ष बताई गई है जबकि उनका बेटा 15 वर्ष का था,वही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिखाई दे रहा है कि मरचुरी में बॉडी लाये जाने का समय 26 मार्च 2023 की शाम साढ़े 6 बजे दर्ज है जबकि सिरान की बॉडी पुलिस ने 26 मार्च को रात 8:30 बजे मिलने की बात कही है,,जिससे प्रतीत हो रहा है कि 2 घंटे पहले किसी और कि बॉडी रिकवर की गई थी
मृतक के पिता बताते है कि जब वहा अपने बेटे की फ़ोटो देखी थी तो पुलिस के पास 7 से 8 फ़ोटो थी,जिसमे साफ साफ दिखाई दे रहा था की पेट के दाहिनी हिस्से में चोट के निशान थे उसके साथ ही गर्दन के पास भी चोट के निशान थे,जिसको देखकर यह साफ साफ बताया जा सकता था कि उसके साथ अपहरण कर मारपीट करके हत्या की गई थी,लेकिन पैसे और वहाँ की राजनैतिक दबाव में मेरे बेटे की हत्या को नदी में डूबकर मौत होने को दर्शाने के लिए दूसरे व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लगाकर मामले में लीपापोती कर दी गई।
मो जावेद ने आगे बताया कि कोलकाता की पुलिस सहयोग नही कर रही है, आरटीआई में आवेदन लगाने के बाद भी न ही पुलिस सीसीटीव्ही फुटेज दे रही है और न ही उसका फोटोग्राफ । पुलिस साफ कह रही है कि हमारे पास फोटो नही है,सीसीटीवी फुटेज नही है। हावडा स्टेशन के बाहर किस प्रकार मेरे पुत्र से साथी कुछ खिलाडियों द्वारा मारपीट की गई है उसका सीसीटीव्ही फुटेज मेरे पास है, उसको दिखाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की जा रही है। चांदमारी घाट में चारों ओर सीसीटीवही कैमरा लगा है, उसका फुटेज देखने पर साफ पता चल जायेगा कि मेरे पुत्र के साथ किस किसने कैसे मारपीट की है और उसका मर्डर केसे करते हुए उसे नदी में फेक दिया गया हैं। लेकिन वहां की पुलिस इसपर कोई कार्यवाही नही कर रही हेै। मेरे पुत्र सिरान के साथ जाने वाले व जिनके साथ जो उसके साथी खिलाडी व कोच मारपीट किये और उसे चांदमारी घाट में छोडकर खेलने गुवाहाटी चले गये उनसे पूछताछ करना था लेकिन वहां की पुलिस ने उनको बिना पूछताछ किये क्यों छोड दी। उन्होनें अपनी और पीडा बताते हुए कहा कि हावडा के न्यायालय में केस करने के लिए वहां का कोई भी वकील केस लेने से इंकार कर रहा है कि हम यहां के सरकार व पुलिस के खिलाफ नही जायेंगे। आप बंगाल के बाहर वाले हो हमसे आपसे कोई मतलब नही है। मो जावेद खान ने अपने पुत्र के हत्या के इस मामले को सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
नई दिल्ली / एजेंसी /
लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए जबसे कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है, भाजपा नेताओं की ओर से घोषणापत्र को लेकर तीखे हमले किए जा रहे हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांग्रेस के मैनिफ़ेस्टो (चुनावी घोषणापत्र) का हवाला देकर कांग्रेस पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. यह लेख इस बात पर रोशनी डालने की कोशिश करेंगे कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के कांग्रेस मैनिफ़ेस्टो को लेकर किए गए दावों में कितनी सच्चाई है.क्या क्या कहा भाजपा शीर्ष नेताओ ने कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर ?
घोषणापत्र को लेकर बीजेपी के दावे
कांग्रेस का जवाब
ऐसे तरह तरह के आरोप और चुनावी रैली में दिए व्यक्तव्यो पर कांग्रेस ने भाजपा नेताओ की बातो को गलत बताया . कांग्रेस नेताओ के अनुसार कांग्रेस के घोषणा पत्र में कही भी हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं कही गई . घोषणा पत्र के विषय में कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी को पत्र लिख जवाब दिया
इन तमाम आरोपों के जवाब में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा, "कांग्रेस के न्याय पत्र का लक्ष्य हर जाति और समुदाय के युवाओं, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर रह रहे लोगों को न्याय मुहैया करना है और आपको आपके सलाहकार उन बातों को लेकर गलत ख़बर दे रहे हैं जो घोषणापत्र में लिखी ही नहीं हैं."
प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों के जवाब में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "कांग्रेस ने 55 साल में क्या किसी का सोना या मंगलसूत्र छीना? जब देश युद्ध लड़ रहा था तब इंदिरा जी ने अपना मंगलसूत्र व गहने दान किए. लाखों महिलाओं ने इस देश के लिए अपने मंगलसूत्र कुर्बान किए. जब मेरी बहनों को नोटबंदी में अपने मंगलसूत्र गिरवी रखने पड़े, तब प्रधानमंत्री जी कहां थे?"
बीजेपी के आरोपों में कितनी सच्चाई?
हमने भाजपा नेताओं के भाषणों में कही गई बातों की तुलना कांग्रेस के घोषणापत्र में लिखी गई बातों से की और ये समझने की कोशिश की कांग्रेस पर लग रहे आरोपों का क्या आधार है या फिर वे निराधार हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, "कांग्रेस ने अपने मैनिफ़ेस्टो में जो कहा है, वो चिंताजनक है, गंभीर है. अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हर एक की प्रॉपर्टी का सर्वे किया जाएगा. हमारी बहनों के पास सोना कितना है, उसकी जांच की जाएगी, उसका हिसाब लगाया जाएगा. हमारे आदिवासी परिवारों में चांदी होती है, सिल्वर कितना है उसका हिसाब लगाया जाएगा." जबकि कांग्रेस घोषणापत्र में संपत्ति के पुनर्वितरण की बात नहीं है. कांग्रेस घोषणा पत्र में कहा गया है कि "साल 2014 और 2023 के बीच अमीर और गऱीब के बीच असमानता में खासकर वृद्धि हुई है."
प्रधानमंत्री मोदी के आरोप के जवाब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "नरेंद्र मोदी हार के डर से कांप रहे हैं, इसीलिए वो लगातार एक के बाद एक झूठ बोल रहे हैं. वो जानते हैं कि हिंदुस्तान की जनता समझ गयी है कि नरेंद्र मोदी अरबपतियों के नेता हैं, गरीबों के नहीं. वो जानते हैं कि हिंदुस्तान की जनता संविधान की रक्षा के लिए खड़ी हो गयी है."
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, "इस बार के घोषणापत्र में फिर कांग्रेस ने सरकारी नौकरियों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण का संकेत दिया है, जो यदि लागू किया, तो उसमें सशस्त्र सेनाओं को भी इसके दायरे में ये ला सकता है. यह देश की एकता-अखंडता को प्रभावित करने वाला विचार है."
जबकि राजनाथ सिंह ने ये नहीं बताया कि घोषणापत्र के किस हिस्से से उन्हें ऐसा इशारा या संकेत मिला. घोषणापत्र में "आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में बिना किसी भेदभाव के सभी जातियों और समुदायों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण" की बात है.
साथ ही घोषणापत्र में कांग्रेस ने गारंटी दी है कि, "वो अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी समुदायों के आरक्षण पर लगी 50 प्रतिशत की उच्चतम सीमा को बढ़ाने के लिए संवैधानिक संशोधन पास करेगी."इसके अलावा घोषणापत्र का एक हिस्सा "धार्मिक और भाषा-संबंधी अल्पसंख्यकों" को लेकर है जिसमें विदेश में पढऩे के लिए मौलाना आज़ाद स्कॉलरशिप को बहाल करने और स्कॉलरशिप की संख्या बढ़ाने की बात की है. साथ ही घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों छात्रों और युवाओं को शिक्षा, रोजग़ार, बिजऩेस, सर्विसेज़, खेल और दूसरे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के लिए प्रोत्साहित करने और सहायता करने की बातें की गई हैं.
कांंग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी डिपार्टमेंट प्रमुख पवन खेड़ा ने लिखा, "प्रधानमंत्री को चुनौती है कि हमारे घोषणा पत्र में कहीं भी हिंदू मुसलमान लिखा हो तो दिखा दें."
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक रैली में कहा, "जब कांग्रेस के घोषणा पत्र को आप देखते हैं तो दो बातें उस घोषणापत्र में नजऱ आती हैं. एक, कांग्रेस कहती है कि हम व्यक्तिगत कानून को लागू करके शरिया कानून को लागू करवा देंगे. इसका मतलब बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के द्वारा बनाए गए संविधान के लिए ये लोग ख़तरा पैदा करना चाहते हैं. ये देश के संविधान के लिए ख़तरा पैदा करना चाहते हैं. तालिबानी शासन लागू करना चाहते हैं. क्या हम तालिबानी शासन को स्वीकार करेंगे?"
दूसरी तरफ़ कांग्रेस के घोषणापत्र में "धार्मिक और भाषा-संबंधी अल्पसंख्यकों" के हिस्से के नीचे लिखा गया है, "हम व्यक्तिगत कानूनों में सुधार के लिए प्रोत्साहित करेंगे. ऐसे सुधार समुदायों की सहमति और उनके सहयोग से ही होने चाहिए." घोषणापत्र में 'शरियाÓ, 'तालिबानÓ जैसे शब्द नहीं है, इसलिए ये साफ़ नहीं कि उन्होंने ये बातें किस आधार पर कहीं.
नई दिल्ली/एजेंसी/ लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की वोटिंग समाप्त हो चुकी है. 13 राज्यों में 88 सीटों पर हुई वोटिंग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का इसे लेकर ट्वीट भी सामने आया. पीएम ने करीब 7 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से वोटिंग पर अपनी प्रतिक्रिया दी. पीएम ने लिखा, ‘दूसरा चरण बहुत अच्छा रहा! भारत भर के लोगों का आभार जिन्होंने आज मतदान किया. एनडीए को मिल रहा अद्वितीय समर्थन विपक्ष को और भी निराश करने वाला है. मतदाता एनडीए का सुशासन चाहते हैं. युवा और महिला मतदाता एनडीए को मजबूत समर्थन दे रहे हैं.’
शाम पांच बजे तक आज पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 72 फीसदी से अधिक मतदान हए. वहीं, राजस्थान में 59 फीसदी, 52.64, मणिपुर और त्रिपुरा में 76 फीसदी मतदान दर्ज किए गए. उधर, बिहार में शाम 5 बजे तक 53 फीसदी, महाराष्ट्र में 53.51, असम में 70.66, मध्य प्रदेश में 55 प्रतिशत वोटिंग हुई. प्रधानमंत्री ने आज बरेली में एक किलोमीटर लंबा रोडशो किया और रास्ते में खड़ी उत्साही भीड़ ने हाथ हिला कर उनका स्वागत किया. फूलों से सजे रथ की तरह बने भगवा रंग के वाहन पर खड़े मोदी ने भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल थाम रखा था, और सड़क किनारे खड़ी भीड़ ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान भीड़ में खड़े लोगों के हाथों में पोस्टर थे, जिनपर ‘अबकी बार 400 पार’ लिखा था.
प्रधानमंत्री के साथ रथ पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बरेली से लोकसभा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार मौजूद हैं. पश्चिमी उप्र के रुहेलखंड क्षेत्र के मध्य में स्थित बरेली को भाजपा का गढ़ माना जाता है. पार्टी ने इस बार छत्रपाल गंगवार को टिकट दिया है. स्थानीय पार्टी नेताओं ने बताया कि रोड शो राजेंद्र नगर इलाके से शुरू हुआ . सात चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में सात मई को बरेली में मतदान होगा.
नई दिल्ली / एजेंसी / राउज एवन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न मामले में आगे की जांच की मांग करने वाली भाजपा सांसद और पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है. बृज भूषण सिंह ने दावा किया था कि घटना के दिन वह भारत में नहीं था. अब 7 मई को राउज एवन्यू कोर्ट मुख्य मामले में आरोप तय करने पर फैसला सुना सकती है. एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने बृजभूषण शरण सिंह की अर्जी पर सुनवाई की.
बृजभूषण शरण सिंह ने मामले को आरोप तय होने से पहले अर्जी दाखिल कर दावा किया था कि वो घटना के वक्त भारत में मौजूद ही नहीं था. अपने पक्ष में उन्होंने अपनी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) पेश की थी. अनुरोध किया गया था कि इस एंगल से आगे जांच की जानी चाहिए. कोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी से पूछा कि आरोपी की CDR विश्वसनीय दस्तावेज है या नहीं? जांच अधिकारी ने कहा कि यह अविश्वसनीय दस्तावेज नहीं है.
दिल्ली पुलिस ने 15 जून, 2023 को अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें नाबालिग पहलवान से जुड़े मामले को रद्द करने का अनुरोध किया गया था क्योंकि उसके पिता ने जांच के बीच में यह चौंकाने वाला दावा किया था कि उन्होंने सिंह से बदला लेने के लिए उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए थे. हालांकि पहलवानों से जुड़े मामले में जांच अभी भी जारी है.
नई दिल्ली / एजेंसी / लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की वोटिंग अब खत्म हो गई है. कुल 13 राज्यों की 88 संसदीय सीटों पर आज मतदान हुए. सुबह सात बजे शुरू हुए मतदान शाम छह बजे तक चले. हालांकि समय खत्म होने के वक्त तक जितने भी लोग मतदान केंद्र में प्रवेश कर चुके थे, उन्हें वोटिंग का पूरा मौका दिया गया. पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी लोगो से ज्यादा से ज्यादा संख्या में निकलकर अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करने का अनुरोध लोगों से किया था.
आज छत्तीसगढ़ के तीन लोकसभा क्षेत्रों में 72.51 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया. छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों के लिए तीन चरण में मतदान हो रहा है. पश्चिम बंगाल में 71.84 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. यूपी में 53.17 फीसदी, राजस्थान में 60.45 फीसदी, मणिपुर 77.50 और त्रिपुरा में 77.97 फीसदी, महाराष्ट्र में 53.71 फीसदी, बिहार में 54.17 फीसदी, असम में 70.68 फीसदी, मध्य प्रदेश में 55.45 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. नोएडा की 100 हाईराइज सोसाइटीज में पोलिंग बूथ लगाने के बावजूद भी 3 लोकसभा चुनावों में सबसे कम रहा मतदान प्रतिशत रहा. गौतमबुद्ध नगर लोकसभा की नोएडा विधानसभा में सबसे कम मतदान-46.48 फ़ीसदी वोटिंग हुई. नोएडा विधानसभा में 2014 में 53.46 प्रतिशत मतदान हुआ था और 2019 में 52.35 प्रतिशत मतदान हुआ था.
कर्नाटक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, दिग्गज सॉफ्टवेयर उद्योगपति एन आर नारायण मूर्ति, उनकी पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति, पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने वोट डाला. राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया. लोकसभा चुनाव 2019 में इन 88 में से भाजपा ने 52 और उसके सहयोगियों ने 12 सीटें जीती थीं. हालांकि अब विपक्षी INDIA गठबंधन में शामिल घटक दलों ने मिलाकर पिछले आम चुनाव में इनमें से 23 सीटें अपने नाम की थी.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
