July 27, 2026
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    “दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रायपुर बनेगा मेगा कोचिंग हब, 2030 तक क्षमता दोगुनी करने की राष्ट्रीय योजना को नई रफ़्तार”

    • rounak group

    बिलासपुर / शौर्यपथ /
    देशभर में तेजी से बढ़ती रेल यात्राओं और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए भारतीय रेल ने प्रमुख शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का बड़े पैमाने पर विस्तार शुरू किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगले पाँच वर्षों में देश की ट्रेन प्रारंभ क्षमता (originating capacity) को दोगुना करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उनका कहना है कि कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार से नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होगी और देशभर की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार दिखाई देगा।
    इस दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तहत रायपुर को प्रमुख केंद्र के रूप में चुना गया है। रायपुर–बिलासपुर–नागपुर रेलखंड पर स्थित यह क्षेत्र महत्वपूर्ण यात्री और परिचालन केंद्र रहा है, जहाँ कोचिंग क्षमता को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

    रायपुर में मौजूदा स्थिति व आवश्यकता

    रायपुर में प्रतिदिन 122 कोचिंग ट्रेनें संचालित होती हैं, जिनमें 76 मेल/एक्सप्रेस और 46 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। स्टेशन पर 7 प्लेटफार्म हैं, जबकि 14 ट्रेनों की शुरुआत दुर्ग स्टेशन के माध्यम से होती है। बढ़ती भीड़ और नई ट्रेनों के संचालन को देखते हुए केंद्री (नया रायपुर) में एक वैकल्पिक कोचिंग टर्मिनल विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    केंद्री (नया रायपुर) — प्रस्तावित कोचिंग टर्मिनल

    नया टर्मिनल भविष्य के उच्च यातायात दबाव को संभालने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। प्रस्तावित संरचना में शामिल हैं—

    09 प्लेटफॉर्म (1 होम + 4 आइलैंड)
    05 पिट लाइनें और 05 स्टेबलिंग लाइनें
    04 इंटरमीडिएट ओवरहॉलिंग लाइनें, 04 मैकेनिकल लाइनें
    03 शंटिंग नेक
    इससे रायपुर की कोचिंग क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत अधिक सुगम होगी।

    क्षमता वृद्धि के प्रमुख कार्य

    रायपुर–बिलासपुर–नागपुर सेक्शन पर चौथी रेल लाइन का कार्य प्रगति पर है।ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का काम जारी है, जिससे सुरक्षा, समयबद्धता और परिचालन क्षमता मजबूत होगी।खरसिया–परमालकसा के बीच डबल लाइन निर्माण से सेक्शन की क्षमता और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    दुर्ग में वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो

    उच्च गति ट्रेन सेवाओं को मजबूत करने के लिए दुर्ग में ₹50 करोड़ की लागत से वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो स्थापित किया जा रहा है। इससे वंदे भारत ट्रेनों का रखरखाव और संचालन दक्षता दोनों बढ़ेंगे।

    रायपुर स्टेशन का पुनर्विकास

    ₹456 करोड़ की लागत से रायपुर स्टेशन का पुनर्विकास जारी है। इसमें आधुनिक टर्मिनल संरचना, बेहतर प्रवाह प्रबंधन, सर्कुलेशन क्षेत्र में विस्तार, सौंदर्यीकरण और उन्नत यात्री सुविधाएँ शामिल हैं। इसके पूर्ण होने पर रायपुर एक विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित होगा।
    इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर रायपुर न सिर्फ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का, बल्कि देश का एक प्रमुख कोचिंग हब बन जाएगा। इससे क्षेत्रीय विकास, रोजगार के अवसर, आर्थिक गतिविधियों और देशभर की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा और नई गति मिलेगी।

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