
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
रायपुर । शौर्यपथ ।
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियों को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज मुख्यमंत्री निवास से ‘ऑनलाइन स्व-गणना’ अभियान का संयुक्त शुभारंभ किया। इस पहल के साथ राज्य में डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित जनगणना प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
दोनों नेताओं ने स्वयं केंद्रीय पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर इस अभियान की शुरुआत की और कागजरहित, तकनीक-आधारित जनगणना के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को मजबूत संदेश दिया। यह पहल गृह मंत्रालय द्वारा देशभर में शुरू किए गए डिजिटल जनगणना अभियान के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे “राष्ट्रीय महत्व का मिशन” बताते हुए कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 16 से 30 अप्रैल तक चलने वाले इस 15 दिवसीय अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उन्होंने कहा कि “सटीक और अद्यतन डेटा ही वह सशक्त माध्यम है, जिससे सरकार यह सुनिश्चित कर सकती है कि आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचें।”
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी स्व-गणना फार्म भरकर नागरिकों को इस अभियान से जुड़ने का संदेश दिया और इसे पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
कैसे करें स्व-गणना:
स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिक अपने मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग इन कर 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली भर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर एक 11 अंकों की स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे बाद में प्रगणक के सत्यापन के दौरान प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
दो चरणों में होगी जनगणना:
जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी—
पहला चरण (अप्रैल–सितंबर 2026): मकान सूचीकरण और आवासीय सुविधाओं से जुड़े 33 मानकों पर डेटा संग्रह
दूसरा चरण (फरवरी 2027): जनसंख्या गणना
विशेष बात यह है कि इस बार 1931 के बाद पहली बार जातिगत गणना भी शामिल की जाएगी, साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित विस्तृत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।
डिजिटल-प्रथम इस पहल से न केवल डेटा की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि संसाधनों के बेहतर आवंटन और प्रभावी नीतिगत निर्णयों का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार साबित होने जा रहा है।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
