September 02, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    मेहनत को मिला योजनाओं का संबल, सीता मरावी बनीं गांव की ‘लखपति दीदी’

    • doing of business

    स्वसहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी; किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय से सालाना आय पहुंची 2 से 2.5 लाख रुपये तक

    रायपुर / शौर्यपथ / सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत का जज्बा किसी भी परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है। मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सीता मरावी इसकी प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं। कभी सीमित आमदनी में परिवार का भरण-पोषण करने वाली सीता मरावी ने स्वसहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की राह पकड़ी और आज ‘लखपति दीदी’ बनकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।

    25 हजार से किराना दुकान, 50 हजार से शुरू किया मुर्गी व्यवसाय

    सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं। समूह से प्राप्त सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। बैंक लोन, सीआईएफ एवं आरएफ के माध्यम से प्राप्त 25 हजार रुपये की राशि से उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त कर उन्होंने मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।

    दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। इसका परिणाम यह रहा कि उनकी वार्षिक आय अब लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के साथ सीता के भीतर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भी पैदा की।

    समूह से मिला सहयोग बना जिंदगी का टर्निंग पॉइंट

    सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग, मार्गदर्शन और स्वरोजगार के अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने का मौका दिया। आज वह स्वयं आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अपने गांव की दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

    सीता को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले सहयोग को उन्होंने अपनी मेहनत और सूझबूझ के साथ जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की राह बनाई है।

    ‘मेहनत करें तो योजनाएं बनती हैं सहारा’

    सीता मरावी के लिए ‘लखपति दीदी’ बनना केवल आय बढ़ने की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान है। किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उन्होंने यह साबित किया है कि यदि महिलाओं को आर्थिक सहयोग, सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकती हैं।

    अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए श्रीमती सीता मरावी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूह और शासन की योजनाओं से मिले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिया, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत से सफलता में बदला।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision