
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
कोरबा जिले की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और दादरकला में बने आकर्षक बालिका शौचालय, ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान को मिल रही नई पहचान
बेटियों के सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक बने गुलाबी रंग से सजे शौचालय, बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक दिया स्वच्छता का संदेश
रायपुर / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र में जहां एक ओर पूरे प्रदेश में मातृशक्ति की आराधना की जा रही है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता के संकल्प को धरातल पर साकार कर रही है। नवरात्र के प्रथम दिन कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए निर्मित शौचालय बेटियों के सम्मान की एक सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत कोरबा जिले के पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में बालिका शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत ग्रामीण विद्यालयों में बालिकाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कोरबा जिले में पूर्ण हुए ये निर्माण कार्य इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।
‘मेरी बेटी–मेरा स्वाभिमान’ के संदेश से सजे बालिका शौचालय
ग्राम पंचायत नोनबिर्री एवं दादरकला में निर्मित बालिका शौचालय को आकर्षक गुलाबी रंग और सुंदर चित्रकारी से सजाया गया है। भवन की दीवार पर बड़े अक्षरों में ‘मेरी बेटी–मेरा स्वाभिमान’ का संदेश अंकित है। इसके साथ ही ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ का संदेश भी दिया गया है। शौचालय के सामने खड़ी स्कूली बालिकाओं ने वीबी-जी रामजी के अक्षरों और स्वच्छता के प्रतीकों के माध्यम से योजना के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। बालिकाओं की यह सहभागिता दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और बेटियों के आत्मसम्मान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।
नवरात्र में मातृशक्ति के सम्मान का साकार रूप
नवरात्र का पर्व नारी शक्ति के सम्मान और आराधना का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूर्ण होना विशेष महत्व रखता है। विद्यालयों में अलग बालिका शौचालय की उपलब्धता छात्राओं की निजता, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विशेष रूप से किशोरावस्था में बालिकाओं के लिए ऐसी सुविधाएं उनकी गरिमा और आत्मविश्वास को बनाए रखने में सहायक होती हैं। इससे विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। यह विशेष अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को ऐसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी असुविधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
