August 24, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों के स्मारक पर तिरंगा नहीं फहरने से उठे सवाल, प्रशासन की चुप्पी पर भी सवालिया निशान

    नरेश देवांगन की खास रिपोर्ट 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। स्वतंत्रता दिवस… वह दिन जब पूरा देश तिरंगे के रंग में रंग जाता है। जब आसमान में लहराता राष्ट्रध्वज हमें उन अनगिनत बलिदानों की याद दिलाता है, जिनकी वजह से आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। लेकिन जगदलपुर के लालबाग में शनिवार को एक ऐसा दृश्य भी सामने आया, जिसने कई संवेदनशील नागरिकों को सवालों के बीच खड़ा कर दिया।

    लालबाग मैदान में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान के बीच स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आयोजन हुआ। लेकिन इसी लालबाग मैदान से महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित झीरम घाटी शहीद स्मारक में तिरंगा नजर नहीं आने की स्थिति सामने आई।

     

    वह स्मारक… जहां पत्थरों पर केवल नाम नहीं लिखे हैं, बल्कि उन परिवारों की अधूरी कहानियों की स्मृतियां जुड़ी हैं, जिनके अपने 25 मई 2013 को झीरम की धरती पर हुए नक्सली हमले में जान गंवा बैठे।

    किसी मां ने अपना बेटा खोया था…

    किसी पत्नी ने अपना सुहाग…

    किसी बच्चे ने अपने पिता…

    और देश ने लोकतंत्र के प्रहरी।

     

    झीरम की वह शाम आज भी बस्तर के इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में गिनी जाती है। गोलियों की आवाज में कई सपने हमेशा के लिए खामोश हो गए। कई घरों के चिराग बुझ गए। लेकिन उनकी शहादत ने लोकतंत्र की लौ को बुझने नहीं दिया।

    इसी बलिदान को चिरस्थायी बनाने और आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र तथा देशप्रेम का संदेश देने के उद्देश्य से लालबाग में झीरम घाटी शहीद स्मारक बनाया गया। परिसर में विशाल राष्ट्रीय ध्वज भी स्थापित किया गया है।

    स्मारक परिसर में लगे बोर्ड पर उल्लेख है कि इन शहीदों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

     

    फिर सवाल उठता है—

    जिस दिन पूरा देश तिरंगे को सलाम कर रहा था, उसी दिन झीरम के शहीदों की याद में बने स्मारक पर तिरंगा क्यों नहीं लहराया गया?

    क्या यह महज प्रशासनिक चूक थी? क्या कार्यक्रम की तैयारियों में यह स्मारक शामिल नहीं हो सका? क्या संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया? या फिर इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण रहा?

    इन सवालों का जवाब संबंधित प्रशासन ही स्पष्ट कर सकता है। बिना आधिकारिक स्पष्टीकरण के किसी राजनीतिक मंशा या जानबूझकर की गई कार्रवाई का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मगर सवाल उठना इसलिए जरूरी है, क्योंकि शहादत का सम्मान किसी दल, विचारधारा या राजनीति की सीमा में नहीं बंधना चाहिए।

    झीरम में जान गंवाने वालों में जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और सुरक्षा में तैनात जवान भी शामिल थे। उनके खून का रंग एक था… उनकी अंतिम पहचान एक थी—भारतीय। उनकी शहादत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

    तिरंगा भी किसी पार्टी का नहीं है। वह उस मां का है, जिसने अपना बेटा देश के लिए खोया। वह उस पत्नी का है, जिसने अपने जीवनसाथी को खो दिया। वह उस बच्चे का है, जिसने अपने पिता को तस्वीरों में ही देखा। और वह उन शहीदों का है, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी।

     

    लालबाग मैदान में तिरंगा शान से लहरा रहा था। हवा में राष्ट्रगान की गूंज थी। लोगों के चेहरों पर देशभक्ति थी। लेकिन कुछ ही कदम दूर… झीरम के शहीद स्मारक पर तिरंगा नजर नहीं आया। झीरम के शहीदों का स्मारक मौन था। 

    शायद वह मौन ही सबसे बड़ा सवाल पूछ रहा था—

    “क्या हमें आज याद नहीं किया जाना था?”

    “क्या हमारी शहादत इतनी जल्दी भुला दी गई?”

    “जिस लोकतंत्र के लिए हमने अपनी जान दी, क्या उसी लोकतंत्र के राष्ट्रीय पर्व पर हमारे स्मारक पर तिरंगे के लिए भी जगह नहीं थी?”

    ये सवाल किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल पर आरोप नहीं हैं। ये उस संवेदनशील भावना से जुड़े सवाल हैं, जो शहीदों के सम्मान को लेकर समाज के मन में उठना स्वाभाविक है।

    इन सवालों का कोई राजनीतिक जवाब नहीं होना चाहिए। इनका जवाब संवेदना और जिम्मेदारी के साथ दिया जाना चाहिए।

    स्वतंत्रता दिवस हर भारतीय का पर्व है और शहीद हर भारतीय की विरासत।

       जनता की भावुक अपील— अगली बार जब 15 अगस्त आए और लालबाग मैदान में तिरंगा शान से लहराए, तो उसकी एक झलक झीरम के शहीद स्मारक तक भी पहुंचे। जिस धरती ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने बेटे खोए हैं, वहां राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान भी उसी गरिमा के साथ होना चाहिए। शहीदों के परिवारों के जख्म शायद कभी नहीं भरेंगे, लेकिन तिरंगे की छांव उन्हें यह एहसास जरूर करा सकती है कि देश अपने शहीदों को भूला नहीं है।

    क्योंकि शहीदों की तस्वीरों पर भले वक्त की धूल जम जाए, लेकिन उनकी शहादत पर देश की याद कभी धुंधली नहीं होनी चाहिए।क्योंकि शहीद किसी दल के नहीं होते… शहीद सिर्फ देश के होते हैं। और शायद यही झीरम के शहीदों को स्वतंत्रता दिवस पर दी जा सकने वाली सबसे सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर सुआर्य राजपुरोहित तिवारी ब्राह्मण समाज का वर्ष 2026 का वार्षिक बैठक आमसभा ग्राम घाटलोहंगा के सामुदायिक भवन में रविवार को सम्पन्न हुआ। इस बैठक आमसभा में ग्राम घाटलोहंगा सहित सभी पाँच ग्राम तोकापाल, चितालूर, कविआसना, अरण्डी एवं जगदलपुर के सदस्य उपस्थित हुए। इस वार्षिक आमसभा में समाज के मुख्य बिंदुओं को रखा गया जिसके आय - व्यय लेखा - जोखा का ब्यौरा दिया गया, जिसके साथ ही साथ समाज के हितों की चर्चा भी की गयी, जिसमें काफी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। सारी गतिविधियों की जानकारी देने के पश्चात् सभी सदस्यों से अपने-अपने वार्षिक सदस्यता शुल्क जमा 250 रुपये एवं स्वेच्छा अनुदान राशि 50 रूपये जमा करने के लिए आग्रह किया गया तत्पश्चात आमसभा का समापन किया गया। समाज के सदस्यों में प्रेसविज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया कि, वर्ष 1324 ईस्वी में जब वारंगल से काकतीय राजवंश महाराज अन्नमदेव बस्तर आये उस समय से सूआर्य राजपुरोहित भी इनके साथ बस्तर में बस गए। इस आमसभा में समाज के अध्यक्ष मन्ना प्रसाद तिवारी, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष, नवरतन तिवारी, संरक्षक, मिथिला प्रसाद तिवारी, कोषाध्यक्ष, घनश्याम तिवारी, सचिव, चंद्रशेखर तिवारी, सह-सचिव, खीरेंद्र तिवारी, पूर्णप्रकाश तिवारी, सुखनाथ तिवारी, अनंत तिवारी, गजेंद्र प्रसाद तिवारी, विपिन कुमार तिवारी, कामेंद्र प्रसाद तिवारी, कोर कमिटी सदस्य के साथ साथ भारी संख्या में समाज के सभी सदस्यगण उपस्थित रहे।

    By - नरेश देवांगन

    जगदलपुर, शौर्यपथ। वन विद्यालय जगदलपुर में सरकारी निर्माण के लिए मंगाए गए सीमेंट के खराब होने की खबर शौर्यपथ अख़बार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद अब विभाग ने इसके रखरखाव का एक नया तरीका खोज लिया है। जानकारी सामने आई है कि शेड के नीचे रखे कुछ सीमेंट को अब वन विद्यालय परिसर के एक कमरे के अंदर रख दिया गया है। वहीं शेष सीमेंट को भी कमरे के अंदर रखने की तैयारी की बात सामने आ रही है।

     *सवाल यह है कि जो सीमेंट पहले ही पत्थर जैसा जम चुका है, उसे कमरे में रखने से आखिर बचेगा क्या?* 

    पहले सीमेंट को नमी से बचाने के लिए सुरक्षित भंडारण नहीं किया गया और अब जब उसके खराब होने की तस्वीर सामने आई तो उसे कमरे के अंदर रखकर सुरक्षा देने की कवायद शुरू हो गई। मानो सीमेंट की हालत नहीं, सिर्फ उसका पता बदलना जरूरी हो!

     *सीमेंट खराब होने के बाद कमरे की सुरक्षा या सरकारी नुकसान पर पर्दा?* 

    यदि सीमेंट वास्तव में उपयोग योग्य है, तो विभाग को उसका तकनीकी परीक्षण कराकर स्पष्ट करना चाहिए कि कितनी मात्रा निर्माण में इस्तेमाल करने लायक है। और यदि सीमेंट जमकर पत्थर बन चुका है, तो उसे कमरे में रखने के बजाय यह स्पष्ट होना चाहिए कि जनता के पैसे से खरीदी गई इस सामग्री के खराब होने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

    सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि पहले खुले या अपर्याप्त सुरक्षित स्थान पर रखा गया सीमेंट अब अचानक कमरे के अंदर रखने लायक कैसे हो गया? क्या यह कदम सीमेंट को बचाने के लिए है या फिर खराब हो चुकी सामग्री को नजरों से बचाने के लिए?

    वन विद्यालय प्रबंधन ने पहले दावा किया था कि सीमेंट ठीक है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। अब यदि सीमेंट को कमरे में सुरक्षित रखा जा रहा है, तो विभाग को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि क्या उसकी गुणवत्ता की कोई जांच हुई है और क्या उसे निर्माण में इस्तेमाल करने की अनुमति तकनीकी रूप से दी गई है?

    जनता के पैसे से खरीदी गई सामग्री का हिसाब सिर्फ स्टॉक रजिस्टर में नहीं, जमीन पर भी दिखना चाहिए। पत्थर बन चुके सीमेंट को कमरे में रखने से सरकारी धन नहीं बचता—सवाल तो यह है कि वह पत्थर बना ही क्यों?

    अब जरूरत कमरे बदलने की नहीं, जिम्मेदारी तय करने की है।

    शौर्यपथ संवाददाता*

    *बालोद । शौर्यपथ । *  

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के सदस्यों ने समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त वृद्धाश्रम "अपना घर", कलेक्ट्रेट रोड, आदमाबाद-सिवनी, बालोद पहुंचकर वृद्धजनों से भेंट की।

    इस दौरान वृद्धजनों को शॉल, मिठाई, फल एवं बिस्किट भेंट किए गए। क्लब के सदस्यों ने उनके साथ समय बिताकर कुशलक्षेम जाना और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

    क्लब के सदस्यों ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका अनुभव और जीवन का ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उनके बीच समय बिताना एक भावनात्मक और यादगार अनुभव रहा।

    प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद ने कहा कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। क्लब भविष्य में भी जनहित और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करता रहेगा। क्लब ने सहयोगकर्ताओं से अपील की कि वे आगे भी इसी प्रकार सहयोग करते रहें, ताकि जरूरतमंद वर्ग तक सेवा का संदेश पहुंचाया जा सके।

    इस सेवा कार्य में दल्ली राजहरा के समाजसेवी प्रवीण जैन और नीलेश श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा।

    *विशेष संदेश:*  

    _“तिरंगा केवल आसमान में लहराने का नाम नहीं,  

    बल्कि उन हाथों को थामने का नाम भी है  

    जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और देश के

    नाम कर दिया।”_

    बालोद छत्तीसगढ़ शौर्यपथ संवाददाता 

    दल्ली राजहरा । शौर्यपथ 

    15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दल्ली राजहरा के पर्यावरण प्रेमियों की एक टोली ने प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती गंदगी और प्रदूषण को रोकने तथा आम जन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया।

    इस टोली में प्रदीप साहू, टिकेश्वर साहू, लोकेंद्र देवांगन, ताराचंद रावेट, कौशल साहू और चेला राम निर्मलकर शामिल थे।

    स्वतंत्रता दिवस के दिन प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति को देखते हुए जागरूकता के लिए बस्तर इन स्थलों का चयन किया गया था। टीम ने हांदावाड़ा जलप्रपात, चित्रकूट जलप्रपात एवं तामरघुंडी जलप्रपात में सफाई की और वहां मौजूद पर्यटकों को स्वच्छता का महत्व समझाया।

    इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने कहा - 

    "लोग एक तरफ सुकून और शांति के लिए प्राकृतिक स्थलों पर जाना पसंद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह स्थान साफ और सुरक्षित हो। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग जाने-अनजाने में खाने-पीने की चीजें, प्लास्टिक के डिब्बे और पॉलिथीन वहीं फेंक देते हैं, जिससे वह प्राकृतिक स्थान गंदा हो जाता है और उसकी खूबसूरती धूमिल पड़ती जा रही है। हमने सिर्फ सफाई ही नहीं की, बल्कि वहां मौजूद लोगों से पर्यटन क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने की अपील भी की।"

    टीम के इस प्रयास की वहां मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। कई लोगों ने स्वेच्छा से सफाई में हाथ बंटाया और भविष्य में भी पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने और अन्य लोगों को जागरूक करने की शपथ ली।

    टीम का मानना है कि ऐसे ही छोटे-छोटे अभियानों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सकता है, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण और अच्छे संस्कार मिल सकें।

    धमतरी । शौर्यपथ । 

    धमतरी- क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं आस्था के प्रमुख केंद्र शीतला मंदिर सिहावा में शीतला समिति का चुनाव शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ। चुनाव में नरेन्द्र नाग को समिति का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। चुनाव के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मंदिर की धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा आगामी नवरात्रि पर्व को भव्य एवं व्यवस्थित रूप से मनाने का संकल्प लिया।

    सर्व सम्मति से नरेन्द्र नाग को अध्यक्ष, राम लाल नेताम एवं बलदेव निषाद को उपाध्यक्ष, नारद निषाद को सचिव तथा बुधेश्वर साहू एवं लालेस्वर साहू को सह सचिव बनाया गया। वहीं गेंद लाल यादव को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। समिति में नेम सिंह बिसेन एवं मंशा राम गौर को संरक्षक तथा गगन नाहटा एवं भरत निर्मलकर को सलाहकार बनाया गया।

    शीतला समिति के चुनाव को लेकर सदस्यों एवं मंदिर से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह रहा। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में चुनाव अधिकारी ग्राम पटेल राजेश यदु, महेंद्र कौशल, दीनदयाल गंधर्व, जसपाल कुंजाम एवं योगेश निषाद ,कमलेश निषाद,सुरेश विश्वकर्मा, जग्गू साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी पदों के लिए प्रक्रिया को आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरा किया गया।

    चुनाव संपन्न होने के बाद 

    नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने समिति के चुनाव में सभी सदस्यों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माता शीतला से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर की व्यवस्था, धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी को आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

    उन्होंने आगामी नवरात्रि पर्व की तैयारियों में सभी सदस्यों से जुट जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, इसलिए पूजा-अर्चना, दर्शन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर समय रहते तैयारी पूरी करना आवश्यक है।

    शीतला मंदिर में आगामी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया।

    देव समिति का अध्यक्ष बलदेव निषाद को बनाया गया। समिति में राजकुमार निषाद, संजय सारथी, राम लाल नेताम, दीनदयाल गंधर्व, महेश साहू, तेजनाथ शांडिल्य, नरेश पटेल, जग्गू साहू एवं कमलेश निषाद को सदस्य बनाया गया है। निर्माण समिति की जिम्मेदारी सचिन भंसाली को अध्यक्ष के रूप में दी गई। समिति में गगन नाहटा, तुकाराम साहू, प्रवीण गुप्ता, जसपाल कुंजाम, संतोष पवार एवं पूरन बिसेन सदस्य बनाए गए हैं। मंदिर परिसर में आवश्यक निर्माण, मरम्मत एवं विकास कार्यों में समिति की भूमिका रहेगी।

    वहीं सांस्कृतिक समिति का अध्यक्ष तुकाराम साहू को बनाया गया। इसके सदस्य के रूप में महेंद्र कौशल, पीयूष यदु, सुधांशु यदु एवं अंश गौतम को शामिल किया गया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा नवरात्रि के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी समिति द्वारा संभाली जाएगी।

    नई समिति के गठन के साथ ही आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया। मंदिर में नवरात्रि के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, श्रद्धालुओं की सुविधा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, प्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में समितियां कार्य करेंगी।

    शीतला मंदिर सिहावा क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। नवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में नवगठित समिति के सामने मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के साथ ही श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।

    निर्वाचन एवं समिति गठन के दौरान मेहतर गोर, ज्ञान सागर पटेल, महेंद्र साहू, बैजनाथ पटेल, सोहन मरकाम, शंकर पटेल, चन्द्रभान निषाद सहित समिति से जुड़े सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    नवगठित समिति के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर शीतला मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने और धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने का संकल्प लिया। समिति के गठन के बाद मंदिर से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है और आगामी नवरात्रि पर्व को भव्य एवं यादगार बनाने की दिशा में तैयारियां शुरू होने की उम्मीद है।

    धमतरी । Shouryapath । स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर महेश फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने ग्राम उमरगांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम प्राथमिक शाला भवन हर्रापारा उमरगांव स्थित शहीद स्मारक के समीप आयोजित हुआ।

    नगरी-सिहावा अंचल के गौरवशाली स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए जंगल सत्याग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेनानियों सहित असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके संघर्ष और बलिदान की बदौलत ही आज देश स्वतंत्रता की खुली हवा में सांस ले रहा है।

    सम्मान से परिवारों के चेहरे पर दिखी गौरव की झलक

    महेश फाउंडेशन के सदस्यों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों एवं उत्तराधिकारियों को साल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। शहीद स्मारक के समीप सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया गया। सम्मान समारोह के दौरान सेनानियों के परिवारों में गौरव और भावुकता का माहौल दिखाई दिया।

    कार्यक्रम में गांव के बुजुर्ग नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे तथा प्राथमिक शाला के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने महेश फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद परिवारों का सम्मान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और राष्ट्रनायकों के संघर्ष से जोड़ने का सार्थक प्रयास है।

    उमरगांव के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करते हुए उपस्थित लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

    शिक्षा को प्रोत्साहन से मिलती है नई उड़ान, 12 वर्षों से प्रतिभाओं को सम्मानित कर रहे रामाराव बघेल

          धमतरी। शौर्यपथ । धमतरी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहावा में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हलधर शार्दुल ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद छात्राओं ने प्रभात फेरी निकाली तथा देशभक्ति गीत, भाषण, कविता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी।

    समारोह का सबसे प्रेरणादायक पहलू मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान रहा। शिक्षण सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा प्राची कश्यप को ₹41 हजार तथा 93.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली रागिनी निषाद को ₹11 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि न्यू पूजा राइस मिल के संचालक रामाराव बघेल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रदान की।

    रामाराव बघेल द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देने की यह पहल पिछले 12 वर्षों से लगातार जारी है। उनके इस प्रयास से न केवल प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान होता है, बल्कि अन्य छात्र-छात्राओं को भी बेहतर प्रदर्शन करने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है।

    रामाराव बघेल ने कहा, “प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती, उसे केवल सही समय पर प्रोत्साहन और सहयोग की जरूरत होती है। सिहावा क्षेत्र के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरा प्रयास है कि आर्थिक कारणों से किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी का उत्साह कम न हो। पिछले 12 वर्षों से मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने का जो सिलसिला चल रहा है, उसे आगे भी जारी रखने का प्रयास रहेगा। आज सम्मानित होने वाले बच्चे अपने साथियों के लिए प्रेरणा बनें और भविष्य में अपने परिवार, क्षेत्र तथा देश का नाम रोशन करें—यही मेरी शुभकामना है।”

     

    कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संस्था के प्राचार्य एस.आर. साहू ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    दैनिक शौर्यपथ महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे 

    बेटियों की शिक्षा और सुविधा के लिए सरकार प्रतिबद्ध : जनपद सदस्य जयंती सिंदार 

       बुंदेली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय विद्यालय बुंदेली में सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में पात्र छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद सदस्य जयंती सिदार रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता किशोर सोनवानी ने की। वहीं पालक समिति अध्यक्ष सुभाष बंजारे सहित विशेष अतिथि के रूप में रविकांत निषाद सरपंच, उप सरपंच घनश्याम साहू उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने पात्र छात्राओं को साइकिल प्रदान की। इस दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    मुख्य अतिथि जयंती सिदार ने कहा कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरस्वती साइकिल योजना छात्राओं के लिए केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि उनके शिक्षा के सफर को आसान बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्राओं से इस सुविधा का सदुपयोग करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किशोर सोनवानी ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियों की शिक्षा समाज की प्रगति का आधार है। शासन की योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ता है।

     

    इस अवसर पर पालक समिति अध्यक्ष सुभाष बंजारे उपाध्यक्ष रामकुमार बघेल सुकांति सहित शाला प्रबंधक, प्राचार्य S B बरिहा शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

    दैनिक शौर्यपथ महासमुंद जिला ब्यूरो संतराम कुर्रे 

        महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बुंदेली गंगा इंग्लिश स्कूल में डायरेक्टर प्रेम नायक स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का अनूठा माहौल देखने को मिला। ग्राम पंचायत बुंदेली स्थित गंगा इंग्लिश स्कूल के नन्हे स्कूली बच्चों, गंगा इंग्लिश स्कूल के डायरेक्टर प्रेम नायक अध्यक्षता कर रहे विमल दास महंत शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर हर घर तिरंगा यात्रा निकाली। हाथों में तिरंगा लेकर निकले नन्हे बच्चों के उत्साह ने पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना जगा दी।

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक और ग्रामीण शामिल हुए। यात्रा के दौरान बच्चों ने एक साथ देशभक्ति गीत “हर घर तिरंगा” का सामूहिक गायन किया। बच्चों की सुरीली और मासूम आवाज में गूंजता देशभक्ति गीत पूरे बुंदेली पंचायत सहित क्षेत्र में सुनाई देने लगा। बच्चों के उत्साह और जोश को देखकर ग्रामीण भी उनके साथ कदम से कदम मिलाते नजर आए।

    *नन्हे कदमों ने दिया एकता और देशप्रेम का संदेश*

    बच्चों ने तिरंगा हाथों में लेकर लोगों को हर घर तिरंगा अभियान का संदेश दिया। छोटे-छोटे बच्चों में देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का जज्बा देखते ही बन रहा था। बच्चों के चेहरे पर उत्साह और हाथों में लहराता तिरंगा पूरे आयोजन को खास बना रहा था।

    इस कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे विमल दास महंत शिक्षकों ने बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व और स्वतंत्रता दिवस के गौरव के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि तिरंगा केवल देश की पहचान ही नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। बच्चों में बचपन से ही देशप्रेम और राष्ट्रीय भावना विकसित करने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।

    *ग्रामीणों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह*

    हर घर तिरंगा यात्रा में ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, लोगों में भी देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। बच्चों के सामूहिक गीत और हाथों में लहराते तिरंगे ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

    ग्रामीणों ने कहा कि गांव के नन्हे बच्चों द्वारा जिस उत्साह के साथ हर घर तिरंगा यात्रा में भाग लिया गया, वह सराहनीय है। बच्चों की भागीदारी से अभियान को नई ऊर्जा मिली और लोगों को भी अपने घरों में तिरंगा फहराने के लिए प्रेरणा मिली

    शासन द्वारा चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए बुंदेली के नन्हे बच्चों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकों के मार्गदर्शन और ग्रामीणों के सहयोग से निकली इस यात्रा ने ग्रामीण क्षेत्र में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश पहुंचाया।

    गंगा इंग्लिश स्कूल बुंदेली प्राथमिक शाला के बच्चों की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। नन्हे बच्चों की आवाज में गूंजता “हर घर तिरंगा” गीत और हाथों में लहराता राष्ट्रीय ध्वज लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। भांसी पंचायत और बंगली कैम्प में निकली यह यात्रा बच्चों की देशभक्ति और सामूहिक सहभागिता की एक खूबसूरत मिसाल बन गई।

    Page 5 of 3080

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision