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रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेहद दुर्भाग्यजनक है कि नारायणपुर अबूझमाड़ के डूंगा के गोट गांव में फूड प्वायजनिंग से पांच मासूम लोगों की मौत हो गयी, 30 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए है। लोग एक छट्ठी समारोह में भोजन किए गए थे उसके बाद उनमें उल्टी, दस्त, चक्कर आने की शिकायत आने लगी। इन लोगों की मौत इसलिए हो गयी क्योंकि उनको समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचाया जा सका। इन लोगों की मौतों के लिए सिस्टम की लापरवाही भी जिम्मेदार है, यदि सब को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवा दिया गया होता, इतने लोगों की असमय मौत नहीं होती।
बस्तर में हो रही नक्सल हत्याओं पर सरकार जवाब दे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गृहमंत्री विजय शर्मा बीजापुर के उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम नब्वी गये थे। गृहमंत्री के दौरे के दूसरे दिन ही वहां से 10 किमी दूर नक्सलियों ने दो आदिवासी युवकों की हत्या कर दिया।
एक तरफ सरकार नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़े-बड़े दावा करती है, सरकार बताती है कि नक्सली स्वफूर्त आत्मसमर्पण कर रहे है। दूसरी ओर नक्सली रोज बस्तर में ग्रामीणों की हत्या कर रहे है। पिछले हफ्ते एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या हो गयी। सुकमा में एक ग्रामीण को नक्सलियों ने मार डाला। अब बीजापुर में दो हत्यायें। सरकार इन हत्याओं का जवाब दे। सरकार के अति आत्मविश्वास का खामियाजा बस्तर के आदिवासियों को भोगना पड़ रहा।
सिर्फ 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति युवाओं के साथ धोखा है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार के वित्त विभाग ने 5 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए वित्तीय स्वीकृति दिया है। प्रदेश में लगभग 58000 से अधिक शिक्षकों के पद खाली है। पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में घोषणा किया था कि 35000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष के बजट भाषण में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने घोषणा किया था कि बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती का वित्तीय प्रावधान है। जब कुल खाली पद 58000 है। पहले प्रक्रिया 35000 की भर्ती की शुरू हुई थी, बजट में 20000 भर्ती के प्रावधान थे तब सिर्फ 5 हजार शिक्षकों के ही भर्ती की वित्तीय स्वीकृति क्यों की गई है? शेष खाली 53000 हजार पद कब भरे जाएंगे ? विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी में तो 1 लाख नौकरी का वादा किए थे इस हिसाब से भी अभी तक 40 हजार भर्ती हो जानी थी।
प्रदेश में कानून का नहीं, जंगल राज चल रहा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद प्रदेश में जंगल राज चल रहा है। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाएं बताती है कि राज्य में कानून का राज खत्म हो गया है। जशपुर में बगीचा थाना क्षेत्र में पहाड़ी कोरवा की एक मासूम बच्ची के साथ दूराचार हो गया और पत्थर से कुचलकर हत्या की कोशिश की गयी, रायगढ़ में आदिवासी दंपति को पीट-पीट कर मार डाला गया, सरगुजा में आदिवासी दंपति के घर में घुस कर हत्या कर दिया गया। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष का भाई, लोगों के साथ खुलेआम मारपीट कर रहा है। राजधानी में तीन दिन में 45 से अधिक चाकूबाजी की घटनाएं हो चुकी है। राजनांदगांव में महापौर का पीए वसूली करने के लिए सरेआम लोगों को पीटता है। भिलाई में सरेआम मातर के जुलूस में हत्या हो जाती है। सरकार आपराधिक घटनाओं को रोक पाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
धान की फसल तैयार, सरकार 1 नवंबर से खरीदी शुरू करे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान की फसल की कटाई शुरू हो गयी है। दीपावली त्योहार, मातर के बाद फसल की कटाई जोरो पर चलेगी, ऐसे में सरकार के द्वारा धान की खरीदी तुरंत शुरू की जानी चाहिए, देरी करने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 1 नवंबर तक किसानों का धान खेतों से खलिहान में आकर बेचने के लिये तैयार हो जायेगा, 15 नवंबर से खरीदी होने पर किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। जब से राज्य बना है, राज्योत्सव के दिन 1 नवंबर से ही धान खरीदी की परंपरा रही है, इस वर्ष भी 1 नवंबर से खरीदी हो। साय सरकार पिछले दो साल से 15 दिन देरी से 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करती है। ताकि कम किसानो का धान खरीदना पड़े।
जिनका एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पा रहा उनका सोसायटी के माध्यम से पंजीयन कराया जाए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन की तारीख बढ़ाने के बाद भी किसानों का पंजीयन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है, अभी भी लाखों किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों से परेशानी पैदा हो रही है। पिछले साल लगभग 28 लाख किसानों ने धान बेचा था। इस वर्ष 10 प्रतिशत की भी ग्रोथ होती है तो तीस लाख से अधिक किसानों का पंजीयन होना चाहिए। अनुमानतः अभी तक 7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। जिनका एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पा रहा उनका सोसायटी के माध्यम से पंजीयन कराया जाना शुरू किया जाए। इस वर्ष सरकार का लक्ष्य 25 लाख किसानों से धान खरीदने का है, मतलब इस साल सरकार की नीयत पूरे किसानों से धान खरीदी करने की नहीं है, क्योंकि धान बेचने के पात्र किसान तो 30 लाख अस्सी हजार से अधिक होंगे। शायद इसीलिए सरकार पंजीयन में दिक्कत पैदा कर रही।
पिथौरा (महासमुंद) | शौर्यपथ संवाददाता संतराम कुर्रे
पिथौरा-ग्राम भीथीडीह में रानी दुर्गावती जयंती के अवसर पर आदिवासी महासंघ द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और रानी दुर्गावती प्रतिमा अनावरण समारोह का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि बसना विधायक संपत अग्रवाल थे, जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश चौधरी, विशेष अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष भिखम ठाकुर, नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद, जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सिंहा, गोड़ समाज जिला अध्यक्ष मनराखन ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष मोहित धुरुव, जनपद सदस्य सृष्टि धुरुव, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य स्वप्निल तिवारी, पार्षद सीताराम सिंहा, सरपंच प्रेमशीला चक्रधर ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण और पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि संपत अग्रवाल ने कहा:
“देशभर में गोडवाना साम्राज्य की शासिका रानी दुर्गावती राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति की प्रतीक हैं। आज उनके वीरता दिवस पर हम उन्हें याद करते हैं। रानी दुर्गावती केवल योद्धा नहीं बल्कि एक लोक कल्याणकारी शासक भी थीं।”
सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश चौधरी ने रानी दुर्गावती की वीरता, साहस और देशभक्ति पर प्रकाश डाला।
विशेष अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष भिखम ठाकुर ने कहा कि
“भारत की महान वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती आज पूरे देश में मनाई जा रही है। उनकी जीवनी और गाथा को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य हरि नेताम, रामकुमार ठाकुर, प्रेम ठाकुर, राम खड़िया, पूर्व सरपंच सुनीता डड़सेना, लाला राम डड़सेना, अशोक डड़सेना, रामाधीन सिंहा, शिवलाल चौधरी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
पिथौरा-भीथीडीह में आदिवासी महासंघ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
बसना विधायक संपत अग्रवाल ने रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण किया
सांसद प्रतिनिधि और जिला पंचायत सहित वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित
कार्यक्रम में रानी दुर्गावती की वीरता, नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डाला गया
बड़ी संख्या में समाजजन और स्थानीय पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल
? रिपोर्ट: संतराम कुर्रे, शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो
? स्थान: पिथौरा, महासमुंद, छत्तीसगढ़
रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने 24 अक्टूबर को अपने बीजापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में उन्होंने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तारपूर्वक जायजा लिया।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों की बुनियादी आवश्यकताओं पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि उनके लिए निम्नलिखित सुविधाओं का सुनिश्चित प्रावधान होना चाहिए:
नाश्ता और भोजन की नियमित व्यवस्था
वस्त्र और खेलकूद की सामग्री
योगाभ्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उपलब्धता
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन से नियमित संवाद
श्री शर्मा ने कहा कि कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
“पुनर्वासित व्यक्तियों की रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोज़र विज़िट) कराया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए निम्नलिखित कदम सुझाए:
परिजनों से मिलने की तिथि सुनिश्चित करना
यदि परिवारजन किसी जेल में हैं, तो उनसे मिलने की सुविधा प्रदान करना
प्रत्येक पुनर्वासित सदस्य को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराना, ताकि परिवार से नियमित संपर्क बना रहे
बैठक में उपस्थित थे:
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, एवं अन्य जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी।
उप मुख्यमंत्री ने बीजापुर में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली
पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों की सुविधाओं का विस्तारपूर्वक निरीक्षण
कौशल विकास और मुख्यधारा में पुनर्संयोजन पर विशेष निर्देश
स्वास्थ्य, परिवार से संपर्क और मोबाइल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला अधिकारियों को संवेदनशील और सतत निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: बीजापुर, छत्तीसगढ़
रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन देने और नक्सल प्रभावित अंचलों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का शुभारंभ आज नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल से हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया।
श्री शर्मा ने शुभारंभ अवसर पर कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि “समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक” है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से ग्रामीण और जनजातीय युवाओं को अपनी नैसर्गिक खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच मिलेगा।
?️ “हमें पूरा भरोसा है कि बस्तर ओलंपिक से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी प्रदेश को मिलेंगे, जो पूरे विश्व में बस्तर का नाम रोशन करेंगे।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
कार्यक्रम की शुरुआत में ईरकभट्टी और कच्चापाल की महिलाओं के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता हुई, जिसमें ईरकभट्टी की टीम ने बाजी मारी।
उप मुख्यमंत्री ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि “महिलाओं की भागीदारी ही समाज की सशक्त छवि है।”
उन्होंने प्रतिभागियों को ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ की टी-शर्ट्स भी वितरित कीं और सभी का उत्साहवर्धन किया।
बस्तर संभाग में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 3 लाख 80 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं,
जिनमें से 47 हजार से अधिक प्रतिभागी केवल नारायणपुर जिले से हैं।
यह प्रतियोगिता तीन चरणों — विकासखंड, जिला और संभाग स्तर — पर आयोजित की जाएगी।
‘बस्तर ओलंपिक 2025’ में निम्नलिखित खेल शामिल किए गए हैं —
एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग।
इनमें जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष), सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक), दिव्यांग खिलाड़ी, और यहां तक कि आत्मसमर्पित नक्सली भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
? ओलंपिक आयोजन की अवधि: 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर 2025 तक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि विकास और विश्वास का माहौल बनाना है।
उन्होंने कहा —
“हम चाहते हैं कि बस्तर के युवाओं में आत्मविश्वास जगे और वे खेलों के साथ-साथ जीवन में भी विजेता बनें।”
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष मंगडूराम नूरेटी, सरपंच श्रीमती रजमा नूरेटी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
नारायणपुर के कच्चापाल से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का शुभारंभ
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया उद्घाटन
महिलाओं के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता का आयोजन
बस्तर संभाग के 3.8 लाख से अधिक खिलाड़ी ले रहे हैं भाग
25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक तीन चरणों में होगा आयोजन
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: नारायणपुर, छत्तीसगढ़
रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने बस्तर संभाग प्रवास के दौरान नारायणपुर जिले के सुदूर और संवेदनशील वनांचल ग्राम कच्चापाल का दौरा किया।
यह क्षेत्र पहले नक्सल गतिविधियों से प्रभावित था, परंतु अब यहां विकास और स्थिरता की नई कहानी लिखी जा रही है।
श्री शर्मा ने कच्चापाल स्थित सीआरपीएफ कैम्प का निरीक्षण किया और जवानों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि –
“कठिन परिस्थितियों में भी आप सबने जिस साहस और समर्पण से क्षेत्र में शांति कायम की है, वह प्रेरणादायक है।”
उन्होंने जवानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि शासन आपके योगदान को सम्मान की दृष्टि से देखता है और क्षेत्र में विकास की गति तेज़ करने के लिए प्रशासन निरंतर कार्यरत है।
इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया।
ग्राम पंचायत कच्चापाल की सरपंच श्रीमती रजमा नूरेटी ने जानकारी दी कि पंचायत में कुल नौ गांव सम्मिलित हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 1235 है।
उन्होंने बताया कि “नियद नेल्ला नार योजना” के अंतर्गत कच्चापाल तक पक्की सड़क पहुँच चुकी है, जिससे जिला मुख्यालय तक आवागमन सुगम हुआ है।
श्री शर्मा ने कहा कि गांव में सुरक्षा कैम्प खुलने के बाद बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार आया है।
“जो क्षेत्र कभी भय और हिंसा से ग्रस्त था, वहां अब शांति, समृद्धि और आत्मविश्वास लौट आया है। आदिवासी समाज अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री
श्री शर्मा ने कहा कि यदि कोई युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहता है, तो शासन उसकी हरसंभव सहायता करेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने संवेदनशील पुनर्वास नीति बनाई है ताकि भटके हुए युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिल सके।
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम कच्चापाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन मकानों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने हितग्राहियों चंद्रिका वडडे और सोनाय बाई से चर्चा कर योजनांतर्गत प्राप्त राशि और निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।
दोनों लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें पीएम आवास के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण की सहायता भी प्राप्त हुई है।
निरीक्षण के पश्चात उन्होंने स्थानीय उद्यमी श्रीमती यशोदा के होटल का दौरा किया, वहां ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ भोजन कर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया।
उन्होंने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ कैम्प का निरीक्षण कर जवानों का मनोबल बढ़ाया
कच्चापाल में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया
पीएम आवास और शौचालय निर्माण कार्यों का निरीक्षण
हिंसा छोड़ने वाले युवाओं के लिए पुनर्वास नीति का उल्लेख
विकास योजनाओं की समीक्षा और आयुष्मान कार्ड का वितरण
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: नारायणपुर, छत्तीसगढ़
पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के सुख-शांति की कामना, बच्चों से संवाद में झलकी आत्मीयता
बोले – “हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही हमारी सरकार की प्राथमिकता है”
रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान कच्चापाल स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की।
उन्होंने आश्रम के प्राचार्य स्वामी वसुदानंद महाराज से मुलाकात कर क्षेत्रीय विकास और आश्रम की शैक्षणिक सुविधाओं पर चर्चा की।
श्री शर्मा ने आश्रम परिसर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि “रामकृष्ण मिशन जैसे संस्थान समाज में शिक्षा, सेवा और संस्कार के अद्भुत प्रतीक हैं।”
उन्होंने बताया कि शासन की प्राथमिकता शिक्षा और संस्कार को साथ लेकर चलने की है ताकि आने वाली पीढ़ी सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सके।
आश्रम में अध्ययनरत बच्चों से मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
बच्चों की तत्परता और समझदारी देखकर उन्होंने प्रशंसा व्यक्त की।
?️ “आप सबकी जिज्ञासा और आत्मविश्वास देखकर खुशी हुई। अच्छे से पढ़िए, आगे बढ़िए और देश के विकास में योगदान दीजिए।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया — यह दृश्य आत्मीयता और संवेदनशीलता का प्रतीक रहा।
बच्चों ने भी राज्य के उप मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रसन्नता व्यक्त की।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।
उन्होंने बच्चों को बताया कि शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा –
“यदि किसी भी बच्चे को शिक्षा में कोई कठिनाई होती है तो तुरंत जिला प्रशासन को अवगत कराएं। शासन आपके साथ है।”
उप मुख्यमंत्री ने कच्चापाल स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का दौरा किया
पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति की प्रार्थना की
बच्चों से आत्मीय संवाद और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया
आश्रम प्राचार्य स्वामी वसुदानंद महाराज से विकास और शिक्षा पर चर्चा
बच्चों को शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: नारायणपुर, छत्तीसगढ़
ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाएगी प्रदेश सरकार – विजय शर्मा
परतापुर पंचायत में 20 लाख रुपए से डोम निर्माण की घोषणा, सांसद भोजराज नाग ने सांसद निधि से 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की
रायपुर | शौर्यपथ संवाददाता
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुदूर अंचल में बसे ग्राम पंचायत परतापुर के आश्रित ग्राम माहला में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया।
उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उन्हें जल्द निराकृत करने का भरोसा दिलाया।
विजय शर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं की पहुंच अब दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामों तक प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं की स्थिति जानी और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने की बात कही।
?️ “माहला जैसे गांव जो कभी माओवाद से प्रभावित थे, आज विकास की राह पर लौट रहे हैं। अब हर पात्र परिवार को वन अधिकार पत्र और आवास का लाभ मिलेगा।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री
ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत परतापुर में 20 लाख रुपये से डोम निर्माण की घोषणा की।
माहला गांव के 45 परिवार जो माओवादी हिंसा के कारण पलायन कर गए थे, उनमें से 31 परिवार अब अपने गांव लौट चुके हैं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया गया है।
ग्राम माहला में आयोजित जनचौपाल में सांसद भोजराज नाग ने कहा कि क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों के कैंप लगने से स्थिरता आई है और पुल-पुलिया सहित बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।
?️ “कभी भय और पलायन का प्रतीक रहा माहला अब विकास और पुनर्वास की मिसाल बनेगा।”
— भोजराज नाग, सांसद
सांसद नाग ने दशहरा उत्सव के लिए मां दंतेश्वरी के रथ निर्माण हेतु सहयोग की घोषणा की और विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की।
जनपद अध्यक्ष श्यामबती मंडावी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जानकारी दी।
इच्छुक युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग द्वारा 11 ग्रामीणों को राशन कार्ड और 5 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए।
इस अवसर पर डीएफओ भानुप्रतापपुर पश्चिम वनमंडल हेमचंद पहारे, एसडीएम पखांजूर टी.आर. देवांगन, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक, नगर पंचायत पखांजूर उपाध्यक्ष शंकर सरकार, जिला पंचायत सदस्य दीपांकर राय, जनपद सदस्य सियाराम पुड़ो एवं भजन सहित परतापुर पंचायत के सरपंच, उप सरपंच, ग्राम प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
परतापुर पंचायत में 20 लाख से डोम निर्माण की घोषणा
माओवादी प्रभावित माहला गांव में लौटे 31 परिवारों को पीएम आवास स्वीकृत
सांसद भोजराज नाग ने विकास कार्यों हेतु 10 लाख की सहायता दी
महिलाओं व युवाओं के लिए सिलाई और राजमिस्त्री प्रशिक्षण शुरू होगा
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
? स्थान: उत्तर बस्तर कांकेर, छत्तीसगढ़
पटना | ब्यूरो रिपोर्ट, शौर्यपथ न्यूज़ नेटवर्क
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, सियासी बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोपों का दौर तेज़ हो गया है।
महागठबंधन जहां 28 अक्तूबर को अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी करने और राहुल गांधी-तेजस्वी यादव की साझा रैली के ज़रिए विपक्षी अभियान की शुरुआत करने जा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ एनडीए ने विपक्ष पर तीखा पलटवार शुरू कर दिया है।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में आयोजित जनसभा में नीतीश कुमार सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा —
“यह सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही। अब बिहार को नई दिशा और नई सोच की ज़रूरत है। नीतीश सरकार अब चलाने लायक नहीं रही।”
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, पलायन और शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा से राज्य फिर पीछे जा रहा है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का आगामी घोषणा पत्र युवाओं के भविष्य और आर्थिक न्याय पर केंद्रित होगा।
राजद के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक चुनावी सभा में कहा —
“बिहार के लोग लालू-राबड़ी के उस दौर को भूले नहीं हैं, जब अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर था। अगर वह सरकार फिर आई, तो बिहार फिर से जंगलराज में लौट जाएगा।”
शाह ने कहा कि भाजपा-जदयू सरकार ने बिहार को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है और अब कोई पीछे नहीं धकेल सकता।
इधर, जन अधिकार पार्टी (JAP) के प्रमुख पप्पू यादव को आयकर विभाग (IT) द्वारा नोटिस भेजे जाने की खबर ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।
पप्पू यादव ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते हुए कहा है कि वे जनता की आवाज़ उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान की घोषणा कर दी है, जिसमें 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी।
पटना जिला प्रशासन ने मई 2025 में मतदान केंद्रों और परिवहन व्यवस्था के लिए निविदा सूचना जारी की थी।
28 अक्तूबर को महागठबंधन पटना में विशाल रैली के माध्यम से संयुक्त घोषणा पत्र जारी करेगा। इसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव एक साथ मंच पर रहेंगे।
यह कार्यक्रम न केवल बिहार, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता का प्रतीक माना जा रहा है।
बिहार की राजनीति में अब स्पष्ट दो ध्रुव बन चुके हैं —
एक ओर एनडीए “विकास और स्थिरता” की बात कर रहा है,
दूसरी ओर महागठबंधन “बदलाव और सामाजिक न्याय” का नारा दे रहा है।
पप्पू यादव का मामला, अमित शाह के बयान और तेजस्वी के तीखे आरोपों के बीच अब बिहार का चुनाव पूरी तरह सियासी टकराव के निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है।
28 अक्तूबर को महागठबंधन का घोषणा पत्र और राहुल-तेजस्वी की रैली
तेजस्वी बोले – “नीतीश सरकार चलाने लायक नहीं”
अमित शाह ने चेताया – “लालू-राबड़ी की सरकार आई तो लौटेगा जंगलराज”
पप्पू यादव को IT विभाग का नोटिस
पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान की अधिसूचना जारी
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन 28 अक्तूबर को संयुक्त घोषणा पत्र जारी करेगा। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पटना रैली से चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान होगा। गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर करने की बात कही।
पटना | ब्यूरो रिपोर्ट, शौर्यपथ न्यूज़ नेटवर्क
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच चुकी है। निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के मतदान की घोषणा करते हुए बताया कि 121 विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग होगी। इसी बीच महागठबंधन ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए 28 अक्तूबर को अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी करने और राहुल गांधी व तेजस्वी यादव की साझा रैली आयोजित करने की घोषणा की है।
महागठबंधन के घटक दल — राजद, कांग्रेस, वामदल और अन्य सहयोगी संगठन — ने साझा एजेंडा तय कर लिया है। घोषणा पत्र में रोजगार, शिक्षा, महंगाई, किसानों की आय, और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा प्रमुख मुद्दे होंगे।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यह साझा उपस्थिति विपक्षी एकता की नई तस्वीर पेश करेगी।
?️ “यह चुनाव बिहार के भविष्य और देश की दिशा तय करेगा।”
— राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
वहीं एनडीए खेमे ने भी प्रचार तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा —
“घुसपैठियों को चुन-चुनकर बिहार से बाहर करेंगे। देश की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।”
यह बयान भाजपा की चुनावी रणनीति को रेखांकित करता है, जिसमें सुरक्षा और राष्ट्रहित प्रमुख विषय बन गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की अधिसूचना जारी करते हुए पहले चरण के मतदान की तारीखें तय की हैं।
पटना जिला प्रशासन ने 7 मई 2025 को निविदा सूचना जारी की थी, जिसके अंतर्गत मतदान केंद्रों, परिवहन व्यवस्था, और सुरक्षा प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी गई थी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि 28 अक्तूबर की राहुल-तेजस्वी रैली बिहार में विपक्षी एकता की परख होगी। यह केवल राज्य की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की रणनीतिक एकजुटता का संदेश भी है।
बिहार का यह चुनाव सत्ता परिवर्तन से अधिक, आने वाले 2029 लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
28 अक्तूबर को महागठबंधन का संयुक्त घोषणा पत्र जारी होगा
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव करेंगे पटना में साझा रैली
पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान की घोषणा
अमित शाह बोले — “घुसपैठियों को चुन-चुनकर बिहार से बाहर करेंगे”
पटना जिला प्रशासन ने मई 2025 में निविदा सूचना जारी की थी
? रिपोर्ट: शौर्यपथ संवाददाता
दुर्ग। शौर्यपथ।
संविधान की शपथ इस भावना के साथ ली जाती है कि पद पर रहते हुए अधिकारी और जनप्रतिनिधि निष्पक्षता, समानता और न्याय के सिद्धांतों पर कार्य करेंगे। परंतु दुर्ग नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार की हालिया कार्यप्रणाली ने इस शपथ की भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इन दिनों शहर के मध्य स्थित इंदिरा मार्केट में “मोर शहर मोर जिम्मेदारी” अभियान के तहत सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी है। अभियान के दौरान कपड़ा लाइन क्षेत्र में दुकानदारों — जिनमें एक जाति विशेष समुदाय के लोग अधिक हैं — के अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। परंतु इसी कपड़ा लाइन से कुछ ही दूरी पर स्थित कुआ चौक में ठेले वालों के कब्जे और जाम की स्थिति पर नगर निगम प्रशासन की चुप्पी चर्चा का विषय बन गई है।
कपड़ा लाइन में की जा रही सख्त कार्रवाई और कुआ चौक पर अतिक्रमण शाखा की चुप्पी के बीच का यह विरोधाभास अब जनता के बीच सवालों में है। आखिर क्यों दो कदम की दूरी पर दो तरह की नीति अपनाई जा रही है?
इसी चौक के सामने एक जूस दुकान द्वारा बरामदे से लेकर सड़क तक कब्जा कर लिया गया है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। फिर भी, न तो बाजार शाखा और न ही अतिक्रमण विभाग की टीम ने अब तक कोई कदम उठाया है। यह मौन नगर निगम की निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
जनता का कहना है कि उन्होंने बिना भेदभाव और पूरे विश्वास के साथ श्रीमती अलका बाघमार को महापौर चुना था, ताकि शहर के हर नागरिक के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार हो। परंतु वर्तमान में चल रही कार्यवाहियों से यह धारणा बनती जा रही है कि निगम प्रशासन चयनात्मक कार्रवाई के रास्ते पर चल पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी सरकार की मुखिया के रूप में महापौर की यह जिम्मेदारी है कि वे प्रत्येक कार्यवाही में निष्पक्षता और समानता को सर्वोपरि रखें। यदि शहर में कार्रवाई के दौरान भेदभाव का भाव दिखाई देता है, तो यह प्रशासनिक स्थिरता और सामाजिक सौहार्द — दोनों के लिए ही खतरा बन सकता है।
नगर निगम को चाहिए कि शहर में सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने की दिशा में एक एकसमान नीति अपनाए, ताकि जनता के बीच विश्वास कायम रहे और शहर वास्तव में “मोर शहर मोर जिम्मेदारी ” के विचार को साकार कर सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
