
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
20 अगस्त को तीन नए चेहरों ने ली शपथ, विभाग भी आवंटित — पूर्व CM बोले, कांग्रेस सरकार को नहीं मिली थी अनुमति, अब भाजपा ने कैसे कर लिया विस्तार?
रायपुर। शौर्यपथ ।
छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाती दिख रही है। प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री के साथ कुल 14 मंत्रियों की सरकार अब सत्ता संचालन कर रही है। 20 अगस्त को शपथ ग्रहण के साथ ही तीन नए चेहरों – दुर्ग से गजेंद्र यादव, आरंग से गुरु खुशवंत सिंह एवं सरगुजा संभाग से राजेश अग्रवाल – को कैबिनेट मंत्री बनाया गया और देर शाम इन्हें विभाग भी आवंटित कर दिए गए।
लेकिन, इस विस्तार के तुरंत बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “मौजूदा मंत्रिमंडल अवैधानिक है।” बघेल के मुताबिक, कांग्रेस सरकार ने 2018 से ही 14 मंत्री शामिल करने की कोशिशें की थीं और इस विषय को न केवल विधानसभा में उठाया गया बल्कि केंद्र को भी प्रस्ताव भेजा गया था, मगर तत्कालीन केंद्र शासन ने अनुमति नहीं दी।
अब सवाल यह उठ रहा है कि भाजपा सरकार ने किस आधार पर 14 मंत्रियों का मंत्रिमंडल गठित किया और क्या इसे केंद्र की औपचारिक मंजूरी मिली है?
"हरियाणा मॉडल" की तर्ज पर छत्तीसगढ़
सूत्र बताते हैं कि राज्य में "हरियाणा मॉडल" अपनाते हुए 14 सदस्यों की कैबिनेट बनाई गई है। लेकिन पूर्व CM के आरोपों ने यह बहस शुरू कर दी है कि क्या इस मॉडल को प्रदेश में लागू करने के लिए संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई है, या फिर यह सिर्फ़ राजनीतिक प्रयोग है?
सियासी गर्माहट और आने वाले सवाल
भूपेश बघेल के बयान के बाद से कांग्रेस हमलावर है और भाजपा को इस पर स्पष्टीकरण देना होगा कि आखिर अब जो संख्या बढ़ाई गई, उसकी संवैधानिक वैधता क्या है। प्रदेश की सियासत में अब चर्चाओं का नया दौर शुरू हो गया है—“क्या राज्य सरकार ने केंद्र की मंजूरी लेकर ही यह कदम उठाया है या फिर यह निर्णय सिर्फ़ राजनीतिक दबाव और दिखावे के तहत लिया गया?”
आगे की राजनीतिक दिशा
एक तरफ भाजपा सरकार अपने नए मंत्रियों के साथ प्रशासनिक गति पकड़ने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस “ग़ैरक़ानूनी मंत्रिमंडल” के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई की रणनीति बना रहा है। आने वाले दिनों में इस मसले पर न केवल विधानसभा में तेज़ हलचल देखने को मिलेगी, बल्कि प्रदेश की जनता भी सरकार और विपक्ष दोनों की राजनीतिक चालों पर कड़ी नज़र बनाए रखेगी।
? यह खबर राजनीतिक निहितार्थों से भरपूर है और सीधे तौर पर जनता के विश्वास बनाम संवैधानिक वैधता की बहस खड़ी करती है।
दुर्ग शहर की अव्यवस्था से जनता निराश, अतिक्रमण और गंदगी ने बढ़ाई परेशानी; कैबिनेट मंत्री बने गजेंद्र यादव से विकास की नई गाथा लिखने की आस
दुर्ग / शौर्यपथ / नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी श्रीमती अलका बाघमार ने शहरवासियों से अतिक्रमण मुक्त दुर्ग, स्वच्छ और व्यवस्थित बाजार, भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई जैसी कई बड़ी घोषणाएँ की थीं। इन वादों पर भरोसा जताते हुए दुर्ग की जनता ने मतदान के माध्यम से उन्हें महापौर के रूप में चुना। लेकिन महज़ कुछ महीनों के कार्यकाल में ही नगर सरकार की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
शहर के मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा, जवाहर नगर से सुराना कॉलेज तक फैली गंदगी और कचरे के ढेर, सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण, जगह-जगह बुझी पड़ी स्ट्रीट लाइटें और थोड़ी-सी बारिश में ही पूरे शहर का जलभराव जैसी समस्याओं ने जनता को निराश किया है। दो महीने तक चले 'महासफाई अभियानÓ का परिणाम भी कुछ घंटों की बारिश में ही धुल गया।
इन हालातों ने न केवल महापौर की कार्यशैली पर बल्कि महापौर चयन में निर्णायक भूमिका निभाने वाले दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। जनता का मानना है कि जिस प्रत्याशी को उन्होंने सांसद के प्रभाव से चुना, वही अब अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही हैं।
जनता की आवाज़
व्यापारीयो का कहना है – "बाजार क्षेत्र में हर दिन ट्रैफिक जाम और गंदगी से जूझना पड़ता है। हम उम्मीद कर रहे थे कि महापौर बनने के बाद कुछ सुधार होगा, परंतु हालात जस के तस हैं।"
स्थानीय निवासियों ने कहा – "महज कुछ घंटों की बारिश में ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जनता पूछ रही है कि आखिर सफाई और नालों की देखरेख का जिम्मा किसका है?"
सुराना कॉलेज के छात्र बोले – "हमारे कॉलेज के सामने कचरे के ढेर और आवारा मवेशियों की समस्या महीनों से बनी हुई है। प्रशासन और नगर निगम दोनों ही सिर्फ आश्वासन देते हैं।"
अब नजरें टिकी हैं मंत्री गजेंद्र यादव पर
ऐसे में अब उम्मीद की किरण दिख रही है दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव से, जिन्हें हाल ही में प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। यह संयोग स्वर्गीय हेमचंद यादव के बाद पहली बार आया है जब दुर्ग शहर विधानसभा का कोई विधायक मंत्री पद से सुशोभित हुआ है।
जनता को विश्वास है कि गजेंद्र यादव के मंत्री बनने से शहर के विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। बड़े पद के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है और अब नागरिकों की अपेक्षा है कि मंत्री गजेंद्र यादव गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान से ऊपर उठकर दुर्ग के लिए ठोस कार्य करेंगे।
दुर्ग की जनता चाहती है कि—
सड़कों और नालों की तत्काल मरम्मत हो,
अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की जाए,
स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता मिले,
और जिला मुख्यालय के रूप में दुर्ग का विकास पूरे प्रदेश में मिसाल बने।
आज दुर्ग की जनता जिस अव्यवस्था और उपेक्षा से गुजर रही है, उससे निकलने का रास्ता केवल मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और संवेदनशील नेतृत्व ही दिखा सकता है। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें एक बार फिर अपने विधायक और अब मंत्री बने गजेंद्र यादव पर टिकी हैं कि वे दुर्ग की तकदीर बदलने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएँ।
?? विश्लेषण बॉक्स
राजनीतिक समीकरण:दुर्ग महापौर चुनाव में विजय बघेल की भूमिका ने भाजपा की स्थानीय राजनीति में हलचल मचाई थी। महापौर पर सवाल खड़े होने से उनकी साख भी प्रभावित हो रही है। गजेंद्र यादव की सक्रियता अब भाजपा के भीतर संतुलन साधने में अहम साबित हो सकती है।
मुख्य चुनौतियाँ:
नगरीय निकाय में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर अंकुश लगाना
सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान
शहर में अवैध अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई
जनता की उम्मीदों को जल्द ठोस कामों में बदलना
संभावनाएँ:यदि गजेंद्र यादव अपने मंत्री पद का प्रभाव शहर के विकास में दिखा पाते हैं तो वे न केवल दुर्ग बल्कि प्रदेश स्तर पर भी एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर सकते हैं। वहीं, यदि अव्यवस्था जस की तस रही तो इसका सीधा राजनीतिक असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
राज्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा यह अभियान
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के अनेक राज्यों में संचालित हो रहे इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है, अतः इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर (एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन) तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व’ और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ का संचालन किया जाएगा। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
आदिम जाति विकास तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा निर्धारित विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार जिलों में एनजीओ, सीएसओ तथा स्थानीय वालंटियर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही ग्रामों के “ट्राइबल विलेज विजन 2030” का निर्माण भी किया जाएगा। इस दौरान शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता अभियान तथा “आदिवासी सेवा दिवस” का आयोजन किया जाएगा।
दुर्ग/रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल 18 अगस्त (सोमवार) को दुर्ग जिले के एकदिवसीय प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी कार्यक्रम के अनुसार वे विभिन्न विकास एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री साय सुबह 11:45 बजे रायपुर स्थित अपने निवास सिविल लाइंस से कार द्वारा प्रस्थान करेंगे और दोपहर 12:30 बजे भिलाई स्थित शंकराचार्य परिसर सुपेला, जिला दुर्ग पहुंचेंगे।
दोपहर 12:30 बजे से 01:30 बजे तक वे भाजपा नवीन जिला कार्यालय भवन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात 02:00 बजे वे शंकराचार्य परिसर से प्रस्थान कर मुख्यमंत्री कार्यालय परिसर, सुपेला, भिलाई पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 02:05 बजे से 03:05 बजे तक श्रमन्यूज / लोकार्पण कार्यक्रम - नगर पालिक निगम भिलाई में शामिल होंगे। इसके बाद वे 03:05 बजे भिलाई से रायपुर के लिए रवाना होंगे और 03:50 बजे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास लौटकर विश्राम करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री को ‘Z प्लस श्रेणी’ की सुरक्षा प्रदान की गई है। उनके साथ सुरक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारी भी रहेंगे। विशेष रूप से, मुख्यमंत्री का रक्त समूह ‘O+ve’ तथा रिपोर्टेड ब्लड ग्रुप भी ‘O+ve’ है, जिसकी सूचना संबंधित विभागों को दी गई है।
इस दौरे को लेकर प्रशासन एवं पुलिस विभाग को आवश्यक सुरक्षा एवं सतर्कता संबंधी सभी इंतज़ाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्ग पुलिस ने शनिवार को अचानक चेकिंग अभियान चलाया। ग्रीन चौक पर एडिशनल एसपी, दुर्ग सीएसपी, यातायात प्रभारी और मोहन नगर थाना प्रभारी की टीम ने चारों तरफ से नाकेबंदी कर मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा सहित सभी वाहनों की सघन जांच शुरू की।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना कागज़ात वाले दर्जनों वाहनों के चालान काटे और कई संदिग्धों को पूछताछ किया गया । टीम ने हेलमेट न पहनने वालों पर भी सख्ती बरती।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि शहर में अवैध गतिविधियों पर अंकुश और यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।
रायपुर / शौर्यपथ / सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा आगामी 22 अगस्त से 2 सितम्बर 2025 तक विदिशा के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टेडियम में सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत केंद्रीय नियंत्रण श्रेणी के पदों—सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी नर्सिंग सहायक, धर्म गुरु (जेसीओ), जेसीओ कैटरिंग, एजुकेशन हवलदार और हवलदार सर्वेयर ऑटोमेटेड कार्टोग्राफर—की भर्ती प्रक्रिया 31 अगस्त से 1 सितम्बर 2025 को होगी।
इन पदों के लिए केवल वे ही उम्मीदवार पात्र होंगे जिन्होंने सेना द्वारा जून-जुलाई 2025 में आयोजित कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) उत्तीर्ण किया है। रैली के दौरान अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता, दस्तावेज़ों की जांच और चिकित्सीय परीक्षण किया जाएगा।
भर्ती में शामिल होने वाले योग्य उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र शीघ्र ही उनके ई-मेल पर भेज दिए जाएंगे। भर्ती स्थल पर प्रवेश केवल प्रवेश पत्र पर अंकित तिथि और समय के अनुसार ही मिलेगा। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि अभ्यर्थियों की दौड़ रात्रि 1 बजे से प्रारंभ होगी।
रैली में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड, सभी आवश्यक दस्तावेज़ अधिसूचना अनुसार तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे छत्तीसगढ़ का वैश्विक मंच पर नेतृत्व
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ अब विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाने जा रहा है। जापान के ओसाका वर्ल्ड एक्सपो 2025 में राज्य अपनी सांस्कृतिक धरोहर, औद्योगिक विकास और निवेश-अनुकूल वातावरण को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ है, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है।
13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित यह विश्व स्तरीय आयोजन “Designing Future Society for Our Lives” विषय पर आधारित है। इसके तीन प्रमुख उप-विषय—“Saving Lives”, “Empowering Lives” और “Connecting Lives”—हैं। एक्सपो की व्यापक अवधारणा “People’s Living Lab” है, जो वैश्विक नवाचार, सह-निर्माण और सतत विकास के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है। इस आयोजन में 160 से अधिक देश और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठन भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि –
“छत्तीसगढ़ की भागीदारी न केवल हमारी सांस्कृतिक और तकनीकी उपलब्धियों को विश्व पटल पर प्रदर्शित करेगी, बल्कि औद्योगिक विकास और निवेश-अनुकूल गंतव्य के रूप में राज्य की स्थिति को भी और अधिक मजबूत बनाएगी।”
भारत मंडप और छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान
भारत सरकार के सहयोग से “भारत मंडप” शीर्षक वाला भारतीय पैवेलियन भी इस आयोजन का केंद्र बिंदु होगा, जहां प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां योग सत्र, भरतनाट्यम प्रस्तुतियां, बॉलीवुड फिल्म स्क्रीनिंग और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को दर्शाता विशेष चंद्रयान ज़ोन दर्शकों को आकर्षित कर रहा है।
इसी बीच छत्तीसगढ़ ने अपनी विश्व प्रसिद्ध ढोकरा कला से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का मन मोह लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत प्रदर्शित यह धातु कला राज्य की शिल्पकला और परंपरा की अनूठी पहचान बन चुकी है।
युमेशिमा आइलैंड पर होगा राज्य का विशेष स्टॉल
छत्तीसगढ़ को भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के आमंत्रण पर युमेशिमा आइलैंड, कोनोहनाकु स्थित विशाल एक्सपो परिसर में राज्य स्तरीय स्टॉल स्थापित करने का अवसर मिला है। यहां राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ आधुनिक औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को भी प्रदर्शित करेगा। इस दौरान छत्तीसगढ़, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के साथ भी सहयोग कर रहा है।
वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभरता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में न केवल राज्य की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक विकास के मानचित्र पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।
यह अवसर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की नई तस्वीर—आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैश्विक साझेदारी को अपनाने वाला भारत—को विश्व समुदाय के सामने प्रस्तुत करेगा। ढोकरा कला से लेकर आधुनिक उद्योगों तक, छत्तीसगढ़ अब दुनिया के सामने अपनी संभावनाओं, परंपराओं और प्रगति की दमदार कहानी कहने के लिए तैयार है।
नन्हें बालगोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव राजधानी रायपुर के बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया। बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी अठखेलियों और मनमोहक वेशभूषा से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूरे निवास परिसर को फूलों, रंगीन रोशनियों और सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।
कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने कृष्ण-लीला की झांकियां और प्रसंग प्रस्तुत किए। उनकी मासूमियत और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री निवास बच्चों की हंसी और उल्लास से गुलजार रहा।
मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर तरक्की की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला हमें धर्म, नीति और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती है। छत्तीसगढ़ की जनता की मेहनत और आस्था से प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। हमारा संकल्प है कि भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को न्याय, सद्भाव और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक सभी बच्चों को अपने हाथों से चाकलेट, शिक्षण सामग्री और प्रसाद का वितरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, मितुल कोठारी, सुनील पिल्ले, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायगढ़ जिले में महिला स्व सहायता समूहों ने शुरू किया "रेडी-टू-ईट" का उत्पादन
प्रदेश के 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट, रायगढ़ बना उत्पादन शुरू करने वाला पहला जिला
मुख्यमंत्री साय ने 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे थे अनुबंध पत्र
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कोतरलिया में रेडी-टू-ईट यूनिट का किया शुभारंभ
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने एसबीआई साइबर सुरक्षा रथ को झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।
उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने "हर भारतीय का बैंकर" होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम श्री राकेश सिन्हा, एजीएम श्री दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
