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भिलाई। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने शनिवार को नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में निगम के जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना बनाना था।
बैठक के दौरान विधायक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर में चल रहे सड़क, नाली, पेयजल और रोशनी से संबंधित सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि भिलाई एक औद्योगिक और शैक्षणिक नगरी है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। ऐसे में यहां की आधारभूत सुविधाओं का मजबूत और टिकाऊ होना बेहद जरूरी है।
विधायक सेन ने निगम को निर्देश दिया कि निगम क्षेत्र में बने वाम्बे, अटल आवास, रैशन आवास और आईएचएसडीपी आवास की स्थिति दयनीय है। इन आवासों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता पर लिया जाए, ताकि इन मकानों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिल सके।
श्री सेन ने निगम अधिकारियों से कहा कि निगम की भूमि पर कोई भी अवैध निर्माण या धार्मिक ढांचा (मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि) न बनने पाए। सुपेला संडे मार्केट सहित कई क्षेत्रों में निगम की भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए और निगम की जमीन को मुक्त कराया जाए।
बैठक में विधायक ने निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर और जल कर वसूली में तेजी लाई जाए। साथ ही भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को सुगम बनाकर अधिक से अधिक राजस्व अर्जित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र के बिना निर्माण करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
विधायक ने निगम अधिकारियों से कहा कि ठेकेदारों की मनमानी और लापरवाही अब नहीं चलेगी। यदि कोई ठेकेदार गुणवत्ताहीन कार्य करता है या समय पर काम पूरा नहीं करता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे ठेकेदारों की वजह से आम जनता को असुविधा होती है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक सेन ने कहा कि शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए, ताकि जल संरक्षण हो सके।
साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को आदर्श स्वरूप में विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी बिना फिल्टर हुए नदी में न जाए।
उन्होंने निगम क्षेत्र के उद्यानों, झूलों और फिसलपट्टी जैसे बच्चों के खेल उपकरणों के रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में विधायक ने जानकारी दी कि उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निदेशक चितरंजन महापात्रा से चर्चा की है। बीएसपी प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि टाउनशिप क्षेत्र में निगम के साथ मिलकर विकास कार्यों में सहयोग किया जाएगा।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बैठक में बताया कि आकाशगंगा सब्जी मंडी में अवैध दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आने वाले समय में निगम क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी।
विधायक ने कहा कि निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका निराकरण करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क, नाली, बिजली, पानी, सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं पर तुरंत कार्यवाही हो, ताकि जनता को राहत मिल सके।
बैठक में निगम अधिकारियों ने विधायक को आश्वासन दिया कि दिए गए सभी निर्देशों का पालन प्राथमिकता से किया जाएगा और शहर के विकास कार्यों को और गति दी जाएगी।
रायपुर पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कबीर नगर थाना क्षेत्र के निवासी राजकुमार मिश्रा, जो पेशे से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी नारायण सेन ने उन्हें बिना किसी अपराध और बिना शिकायत के ही जबरन गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल नागरिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ दी है।
शिकायत का विवरण
राजकुमार मिश्रा ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी है। उनके अनुसार,17 अगस्त 2025 को कुछ लोगों के इशारे पर उन्हें थाने बुलाया गया।थाने में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद जबरन मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। डॉक्टर ने बीपी अधिक होने की वजह से परीक्षण से इनकार किया, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें थाने में बैठाकर घंटों परेशान किया।बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहाई मिली।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वे नशा नहीं करते और उनका सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन पूरी तरह साफ-सुथरा है। इसके बावजूद पुलिस ने किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में झूठा मामला दर्ज कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
मानसिक और सामाजिक आघात
राजकुमार मिश्रा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है। समाज में उनकी छवि खराब हुई है, जिससे व्यवसाय पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक और कानूनी पहलू
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति निर्दोष होते हुए भी इस तरह पुलिस की मनमानी का शिकार होता है तो यह न केवल संविधान प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिसकर्मी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ फौजदारी अपराध के तहत भी कार्रवाई संभव है।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
निष्कर्ष : यह घटना एक बार फिर उस मूलभूत सवाल को सामने लाती है कि –"क्या आम नागरिक अपने अधिकारों के संरक्षण को लेकर पुलिस पर भरोसा कर सकते हैं, और क्या मनमानी के खिलाफ उन्हें न्याय मिल पाएगा?"
संपादकीय लेख / शौर्यपथ /
दुर्ग की राजनीति में हाल के घटनाक्रम यह साफ संकेत देते हैं कि कांग्रेस यदि आत्ममंथन नहीं करती तो भविष्य और संकटपूर्ण हो सकता है। एक ओर विधायक गजेंद्र यादव का तेजी से उभार और कैबिनेट मंत्री के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस उसी पुराने परिवारवाद के बोझ तले संघर्ष करती दिख रही है। यही प्रवृत्ति कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी बन चुकी है।
लगातार हार और कार्यकर्ताओं का मोहभंग
पिछले विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए चेतावनी की घंटी थे। लगातार सात चुनाव में मैदान में उतरे पुराने चेहरे पर जनता ने विश्वास खो दिया। इस बार तो हार का अंतर चौंकाने वाला रहा — लगभग 50 हज़ार वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण गोरा की पराजय।
ऐसे नतीजे यह साबित करते हैं कि जनता अब परिवारवाद से ऊब चुकी है। वहीं कार्यकर्ताओं में भी लंबे समय से उत्साह की कमी साफ झलकने लगी है।
गजेंद्र यादव : सत्ता पक्ष में मजबूत चेहरा
दुर्ग से विधायक गजेंद्र यादव का कैबिनेट मंत्री बनना स्थानीय राजनीति की पूरी तस्वीर बदल चुका है। वे लगातार सक्रिय रूप से जनता से जुड़े हैं और शासन प्रशासन में उनकी पकड़ मज़बूत दिखाई देती है।
आज की स्थिति यह है कि दुर्ग की राजनीति में वे सबसे प्रभावशाली नेता बनकर उभरे हैं। ऐसे में परिवारवाद से बंधी कांग्रेस उनके सामने कहीं टिकती नहीं दिख रही।
संगठन की असली ज़रूरत : नया नेतृत्व, नई सोच
अगर कांग्रेस को दुर्ग में फिर से मजबूत होना है तो सबसे पहले उसे परिवारवाद की बेड़ियों से मुक्त होना होगा। ज़रूरत ऐसे नेतृत्व की है जो—
कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चल सके,
संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत कर सके,
और जनता के बीच यह संदेश दे सके कि कांग्रेस अब “किसी परिवार की पार्टी” नहीं, बल्कि “जनता और कार्यकर्ताओं की पार्टी” है।
केंद्र और प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण सवाल
अब सवाल कांग्रेस के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पर है। क्या वे फिर से कमजोर होते संगठन को उसी परिवार के हवाले करेंगे जिसने चुनाव दर चुनाव पार्टी को हार की ओर धकेला है?
या फिर वे जमीनी नेतृत्व को आगे बढ़ाने का साहस दिखाएंगे? यही फैसला आने वाले समय में कांग्रेस का भविष्य तय करेगा।
निष्कर्ष : आत्ममंथन की घड़ी
आज जब गजेंद्र यादव सत्ता पक्ष में मज़बूती से खड़े हैं, तब कांग्रेस संगठन दुर्ग में लगभग निष्क्रिय दिखाई देता है। यह कांग्रेस के लिए आत्ममंथन की सबसे गहरी घड़ी है।
यदि पार्टी परिवारवाद से बाहर निकलकर नई सोच और नया नेतृत्व देती है तो संगठन फिर से कार्यकर्ताओं और जनता का विश्वास जीत सकता है। अन्यथा, कांग्रेस दुर्ग की राजनीति में मात्र इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाएगी।
?️ (यह लेख राजनीती से जुड़े व्यक्तियों से चर्चा के आधार पर एवं वर्तमान में कांग्रेस की दुर्ग में राजनैतिक स्थिति व कार्यकर्ताओ की मंशा पर आधारित है , समाचार पत्र की नीति से इनका संबन्ध अनिवार्य नहीं है।)
छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली और समृद्धि की कामना
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। टोक्यो का यह सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर मानवता को शांति और शक्ति का संदेश देता है और यही भाव छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं में भी झलकता है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर है। इस ग्लोबल आउटरीच मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।
विदेशी उत्पादों को नकारें, स्वदेशी अपनाएं-उप मुख्यमंत्री अरुण साव
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज दुर्ग जिले के नया बस स्टैंड पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने कोका-कोला और पेप्सी जैसी विदेशी पेय सामग्रियों को प्रतीकात्मक रूप से नाली में बहाकर विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान को जागृत करने का माध्यम है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि भारत को विश्व गुरु और सोने की चिड़िया हमारे संस्कारों और स्वभाव के कारण कहा जाता है। स्वदेशी केवल उत्पादों का चयन नहीं, बल्कि हमारी आत्मा से जुड़ा विषय है। हम हजारों वर्षों से दुनिया को शिक्षा, आयुर्वेद, विज्ञान और संस्कृति देते आए हैं। यही हमारे संस्कार हैं। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के विचार की महत्ता बताते हुए कहा कि आज भी दुनिया को यदि कोई देश अपना परिवार मानता है, तो वह केवल भारत है।
उप मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की शक्ति और सामर्थ्य का प्रमाण है। आज भारत आत्मनिर्भर बन रहा है और पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि वहां का हर नागरिक आत्मसम्मान के साथ खड़ा हो सकता है, तो भारत जैसे विशाल देश को भी स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। श्री साव ने कहा कि जब हमारे सैनिक सीमा पर माइनस डिग्री तापमान में देश की रक्षा कर रहे हैं, तो हमें भी अपने घरों में विदेशी वस्तुओं को प्रवेश न देकर देश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान देना चाहिए। हमारे खान-पान, रहन-सहन पर विदेशी वस्तुओं ने मानसिक आक्रमण कर दिया है, जिसे हमें पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने दीपावली पर स्थानीय कुम्हारों के बनाए दीयों और गणेश की मूर्तियों को प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि स्थानीय कलाकारों से खरीदी गई वस्तुएं न केवल हमारी संस्कृति को जीवित रखेंगी, बल्कि उनके परिवारों का भरण-पोषण भी करेंगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन की भूमिका को याद किया और कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में स्वदेशी आंदोलन की बड़ी भूमिका रही। आज भी यही भावना देश को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकती है। तन स्वदेशी, मन स्वदेशी, संस्कार स्वदेशी इन्हीं विचारों के साथ आगे बढ़ने को कहा। कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, जितेन्द्र वर्मा, सुरेन्द्र कौशिक सहित स्वदेशी सुरक्षा स्वावलंबन के संयोजक जगदीप पटेल व दिनेश पटेल सहित व्यापारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / भारतीय रेलवे के इतिहास में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में महज 144 दिनों में 100 मिलियन टन माल लदान कर SECR ने अब तक की सबसे तेज़ "सेंचुरी" दर्ज की है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वर्ष 2021-22 में 188 दिनों, 2022-23 में 175 दिनों, 2023-24 में 164 दिनों तथा 2024-25 में 151 दिनों में पूरा हुआ था।
यह उपलब्धि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं, कोयला आधारित पावर प्लांट्स, इस्पात उद्योगों और विभिन्न कारखानों को सतत व निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए हासिल की गई है। इस अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में 4.57 मिलियन टन (4.79%) की वृद्धि दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22 अगस्त तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेलवे में दूसरे सबसे अधिक प्रारंभिक माल लदान के साथ कुल माल लदान में 15.83% का योगदान दे रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कोयले के लदान में 5.98%, इस्पात संयंत्रों हेतु कच्चे माल में 12.10%, पिग आयरन व तैयार स्टील में 7.56%, सीमेंट में 1.13%, खाद्यान्न में 4.78% तथा खनिज तेल में 23.17% वृद्धि हुई है। वहीं, बॉटल्ड ऑक्सीजन गैस (BOG) लदान में 17.58% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मंडलों का प्रदर्शन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बिलासपुर मंडल ने 4.58%, नागपुर मंडल ने 19.23% और रायपुर मंडल ने 0.24% वृद्धि दर्ज की है। विशेष रूप से, बिलासपुर मंडल ने 74.25 मिलियन टन माल लदान कर भारतीय रेलवे के सभी डिवीजनों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
राजस्व में भी नई ऊँचाई
माल लदान की इस उपलब्धि के साथ ही SECR ने 28 जुलाई 2025 को मात्र 119 दिनों में ₹10,000 करोड़ का माल भाड़ा राजस्व अर्जित किया। यह सफलता पिछले वर्ष की तुलना में 7 दिन पहले हासिल हुई।
संतुलित संचालन और यात्री सुविधा
यह उपलब्धि माल लदान के साथ-साथ यात्री परिवहन को निर्बाध बनाए रखते हुए हासिल की गई है। लाइन दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन निर्माण, विद्युतीकरण और यार्ड सुधार जैसे आधारभूत संरचना विकास कार्यों ने इस सफलता को मजबूत आधार प्रदान किया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे समय-समय पर त्यौहारों व विशेष अवसरों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। हाल ही में रथयात्रा, श्रावण मास और रक्षाबंधन पर विशेष ट्रेनें चलाने के बाद अब तीज व दुर्गा पूजा पर्व पर भी पूजा स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी।
सेवाओं में निरंतर सुधार
SECR ने सेवाओं को सुलभ बनाने, त्वरित निर्णय लेने, प्रतिस्पर्धी दरों पर सेवा उपलब्ध कराने और सेवा गुणवत्ता में सुधार जैसे प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रेलवे ने साफ किया है कि भविष्य में भी वह यात्रियों की सुविधा, औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति और भारतीय रेल के राजस्व में सतत योगदान के लिए इसी तरह अग्रसर रहेगा।
सिर्फ रेलवे संरेखण से 150 मीटर के भीतर आने वाले खसरों पर जारी रहेगा प्रतिबंध
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना के लिए दुर्ग जिले के प्रभावित 23 गांवों में भू-अर्जन संबंधी प्रतिबंध में आंशिक छूट देने के निर्देश दिए है। ज्ञात हो कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना नई रेलवे लाइन में पाटन अनुभाग के ग्राम ठकुराईनटोला, बठेना, देमार अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह, फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग के ग्राम घुघसीडीह, खोपली, बोरीगारका, पुरई, कोकड़ी, कोड़िया, भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद इस प्रकार कुल 23 ग्राम सम्मिलित है। पूर्व आदेश के अनुसार इन गांवों की सभी भूमियों पर खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई थी। जिसे अब आंशिक छूट देने का निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर के उप मुख्य अभियंता/निर्माण द्वारा नई सूची उपलब्ध कराई गई है। जिसके अनुसार अब केवल उन खसरों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जो रेलवे संरेखण से 150 मीटर की परिधि के अंतर्गत आते हैं। रेलवे द्वारा प्रस्तुत सूची में शामिल खसरों को छोड़कर, शेष सभी भूमियों पर लगा प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
आंशिक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम करगाडीह और पाउवारा भी शामिल
कलेक्टर सिंह ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 के तहत उक्त 23 ग्रामों के अलावा ये दुर्ग अनुभाग के दो नए गांव करगाडीह और पाउवारा में भूमि अंतरण, खाता विभाजन एवं व्यपवर्तन को आंशिक रूप से प्रतिबंधित किया है। दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा दी गई नई सूची के आधार पर उक्त गांवों को भी अब परियोजना में शामिल किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों को मुनाफा कमाने से रोकने के लिए दोनों गांवों में रेलवे ट्रैक के 150 मीटर के दायरे में आने वाली निजी जमीनों/खसरों पर तत्काल प्रभाव से खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन और खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है। जिन व्यक्तियों की जमीन/खसरा इस प्रतिबंध से प्रभावित हुई है, वे अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इन आवेदनों पर रेलवे विभाग से राय लेने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सरकार की लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना ठप होने की स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को पिछले 17 माह से भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते अस्पतालों ने गरीबों का इलाज बंद करने की अंतिम चेतावनी सरकार को दे दी है।
दीपक बैज ने कहा— “यदि निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत गरीब मरीजों का इलाज बंद कर देंगे तो हजारों जरूरतमंद लोग संकट में आ जाएंगे। कई गंभीर बीमारियों का इलाज केवल निजी अस्पतालों में ही संभव है, जबकि सरकारी अस्पतालों पर पहले से ही भारी दबाव है।”
कांग्रेस शासन में स्वास्थ्य ढांचे को किया गया था मजबूत
बैज ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर किया था।
जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी सेंटर में बदला गया था।
ब्लॉक स्तर पर भर्ती सुविधा विकसित की गई।
डायलिसिस व क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू किए गए।
25 लाख तक की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना लागू की गई।
4000 से अधिक डॉक्टर, नर्स और तकनीकी स्टाफ की नियमित भर्ती की गई।
हाट बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लीनिक, दाई दीदी क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए।
भाजपा शासन में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल – बैज
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद महज़ 11 महीनों में ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराकर रह गई है। मेकाहारा से लेकर उपस्वास्थ्य केंद्र तक की स्थिति भगवान भरोसे है। मलेरिया, पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों से रोज मौतें हो रही हैं। सुकमा के गोगुंडा गांव में 15 दिनों में 10 आदिवासियों की मलेरिया से मौत हो गई। मलेरिया संक्रमण दर 8 गुना बढ़ चुकी है। हमर अस्पताल, हाट बाजार क्लिनिक और मोहल्ला क्लिनिक जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम ठप हो चुके हैं।
त्वरित निर्णय की मांग
दीपक बैज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल निजी अस्पतालों का बकाया भुगतान नहीं किया तो आयुष्मान योजना के तहत इलाज पूरी तरह बंद हो जाएगा और गरीब जनता को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
आदि कर्मयोगी अभियान की तैयारियों की समीक्षा
राजनांदगांव / शौर्यपथ / भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा जनजातीय अंचलों तक सरकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से "आदि कर्मयोगी अभियान" शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों से तैयारियों की समीक्षा की।
राजनांदगांव जिले से कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह कलेक्टोरेट स्थित एनआरसी कक्ष से बैठक में जुड़े।
सेवा, समर्पण और सुशासन पर फोकस
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व के रूप में संचालित होगा। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सशक्त करना, उनकी नेतृत्व क्षमता बढ़ाना और ग्राम स्तर पर शासकीय सेवाओं की प्रदायगी को मजबूत बनाना है।
ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री हृदेश कुमार ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के आदिवासी विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि केन्द्र सरकार को राज्य से बड़ी उम्मीदें हैं। अभियान का लक्ष्य "जनजातीय ग्राम विजन 2030" तैयार करना है, जो विकसित भारत मिशन 2047 की तर्ज पर जनजातीय गांवों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
जिले में 105 ग्राम पंचायतों में सेवा केंद्र
कलेक्टर डॉ. भुरे ने बताया कि जिले की 105 आदिवासी बहुल ग्राम पंचायतों में "आदि सेवा केंद्र" स्थापित किए जाएंगे। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए युवाओं को "आदि साथी" के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिले में पंचायत, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पीएचई, वन और शिक्षा विभाग के 7 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। ये मास्टर ट्रेनर्स सितंबर के पहले सप्ताह में प्रत्येक ब्लॉक से 5 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेंगे।
अन्य प्रमुख पहल
जिले में केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं। इनके तहत चयनित ग्रामों में
आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज बनाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी 17 विभागीय योजनाओं के तहत सामुदायिक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इन 105 ग्रामों में छुरिया ब्लॉक के 67, डोंगरगढ़ के 28, डोंगरगांव के 8 और राजनांदगांव के 2 गांव शामिल हैं।
तीन स्तरों पर लागू होगा अभियान
अभियान को आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी और आदि साथी—तीन स्तरों पर लागू किया जाएगा।
आदि कर्मयोगी : राज्य से ग्राम स्तर तक के सरकारी अधिकारी व कर्मचारी।
आदि सहयोगी : युवा नेतृत्वकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, समाजसेवी आदि।
आदि साथी : स्वयं सहायता समूह के सदस्य, जनजातीय नेतृत्वकर्ता, स्वयंसेवक एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधि।
लक्ष्य – आत्मनिर्भर और सशक्त जनजातीय गांव
"आदि कर्मयोगी अभियान" का दीर्घकालिक लक्ष्य 2030 तक जनजातीय गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार कर गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना शामिल है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 10 दिवसीय विदेश यात्रा पर आज जापान और दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री के पदभार संभालने के 18 माह बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है, जिसे प्रदेश के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान के ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो में शामिल होंगे तथा वहां इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने का प्रयास करेंगे। इन क्षेत्रों में जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देश वैश्विक स्तर पर अग्रणी हैं और छत्तीसगढ़ में इन क्षेत्रों में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत अब तक करीब 6.30 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) हो चुके हैं। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम भी प्रारंभ हो चुका है और शेष को भी शीघ्र गति दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निवेश प्रस्तावों के जरिए प्रदेश में न केवल औद्योगिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा –
"छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में हम राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएंगे। हमारी कोशिश है कि यहां के संसाधनों और क्षमता को उद्योगों के माध्यम से विकास का मजबूत आधार बनाया जाए।"
प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर रही है, जिसके चलते देश-विदेश की प्रमुख कंपनियां छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रही हैं। मुख्यमंत्री की इस यात्रा से प्रदेश और एशियाई औद्योगिक महाशक्तियों—जापान व दक्षिण कोरिया—के बीच आर्थिक सहयोग और निवेश की नई राह खुलने की संभावना प्रबल हो गई है।
छत्तीसगढ़, जो अब तक अपनी खनिज संपदा और कृषि उत्पादन के लिए देशभर में प्रसिद्ध रहा है, अब उच्च तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक औद्योगिक साझेदारी का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह विदेश यात्रा निश्चित ही प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
