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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

   दुर्ग / शौर्यपथ / गणेशोत्सव के अवसर पर दुर्ग पुलिस ने अवैध रूप से लगाए गए भारी-भरकम लाइटिंग ट्रस्ट सेट को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग हर्षित मेहर के निर्देश पर 25 अगस्त की रात की गई।
  जानकारी के अनुसार, काल रात्रि गणेशोत्सव समिति, दुर्ग द्वारा जेल तिराहा से सुराना कॉलेज चौराहे तक भव्य रैली निकाली गई थी। रैली के दौरान सुराना कॉलेज चौराहे स्थित रूमी बाबा द्वार के सामने आम सड़क पर एल्युमिनियम रॉड से लाइटिंग ट्रस्ट सेट लगाकर गणेश प्रतिमा का स्वागत मंच तैयार किया गया। इस भारी संरचना के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे राहगीरों और आम नागरिकों को काफी परेशानी हुई तथा स्थिति जीवन संकटापन्न हो गई।
  सूचना पर नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने थाना प्रभारी पद्मनाभपुर को त्वरित वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मौके से ट्रस्ट सेट को जप्त कर लिया और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
आरोपियों पर मामला दर्ज
  पुलिस ने इस प्रकरण में दो लोगों को आरोपी बनाया है—
मुस्कान मित्तल, पिता विनोद मित्तल, उम्र 27 वर्ष, निवासी प्रगति नगर रिसाली, थाना नेवई।
आफताब कुरैशी, पिता मोह. खालिद, उम्र 28 वर्ष, निवासी न्यू आदर्श नगर पद्मनाभपुर, दुर्ग।
दोनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 295/25, धारा 285 बीएनएस के तहत वैधानिक अपराध पंजीबद्ध किया गया।
न्यायालय में पेशी
पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने जब्त लाइटिंग ट्रस्ट सेट को थाने में सुरक्षित रखा और अभियोग पत्र क्रमांक 24/2025, दिनांक 26.08.2025 तैयार कर दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया।
  पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर आम जनजीवन को संकट में डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    नई दिल्ली / एजेंसी / भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने देश की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंपनी ने भारतीय नौसेना के दो उन्नत फ्रंटलाइन युद्धपोतों आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि के निर्माण के लिए लगभग 8,000 टन क्रिटिकल-ग्रेड स्टील की आपूर्ति की।
  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 26 अगस्त को विशाखापत्तनम में आयोजित समारोह के दौरान इन दोनों फ्रिगेट्स को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया गया।
  सेल ने इस उपलब्धि को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड के साथ साझेदारी कर हासिल किया। इस्पात की आपूर्ति कंपनी के भिलाई, बोकारो और राउरकेला स्टील प्लांट्स से की गई। विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट का "स्पेशल प्लेट प्लांट" अब तक युद्धपोत, टैंक और मिसाइलों जैसे रक्षा उपकरणों के लिए एक लाख टन से अधिक क्रिटिकल-ग्रेड स्टील प्रदान कर चुका है।
 इन दोनों अत्याधुनिक युद्धपोतों के नौसेना में शामिल होने से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि भारत अब अपने जहाजों के लिए आवश्यक बुनियादी स्टील से लेकर जटिल डिज़ाइन और प्रशिक्षित मानव संसाधन तक, सभी क्षमताओं को देश में ही विकसित करने में सक्षम है। यह न केवल भारत की आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में बड़ी उपलब्धि है, बल्कि हमारी रक्षा प्रणाली की मजबूत नींव और औद्योगिक शक्ति का भी प्रतीक है।

  भिलाई / शौर्यपथ / प्लास्टिक प्रदूषण से जूझती दुनिया के लिए राहत की खबर आईआईटी भिलाई से आई है। संस्थान के रसायन विभाग की शोध टीम ने पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET) के पुनर्चक्रण के लिए एक क्रांतिकारी और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक विकसित की है। यह वही प्लास्टिक है जिसका उपयोग पानी की बोतलों, पैकेजिंग और वस्त्रों में बड़े पैमाने पर होता है और जिसके विघटन में सैकड़ों वर्ष लगते हैं।

इस शोध का नेतृत्व प्रियंक सिन्हा, सुदीप्त पाल, स्वरूप माईति और डॉ. संजीब बैनर्जी ने किया। टीम का कहना है कि पारंपरिक यांत्रिक पुनर्चक्रण में पीईटी की गुणवत्ता घट जाती है, जबकि रासायनिक पुनर्चक्रण अत्यधिक ऊर्जा खर्च करने वाला और प्रदूषणकारी होता है। इन चुनौतियों को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने लौह-आधारित नैनो उत्प्रेरक (nano zero-valent iron) का इस्तेमाल कर नई तकनीक तैयार की है।

इस तकनीक से पीईटी को उसके मूल मोनोमर बीएचईटी (Bis(2-hydroxyethyl) terephthalate) में उच्च दक्षता और चयनात्मकता के साथ बदला जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि यह उत्प्रेरक कई बार दोबारा उपयोग किया जा सकता है और इसमें हानिकारक उप-उत्पाद नगण्य निकलते हैं। इसका मतलब है कि यह तकनीक पूर्ण चक्र (closed-loop) प्लास्टिक पुनर्चक्रण की दिशा में मजबूत कदम है, जो कचरे को फिर से मूल्यवान संसाधन में बदलने की क्षमता रखती है।

यह शोध भारत सरकार के डीएसआईआर-सीआरटीडीएच और आईआईटी भिलाई के सहयोग से संपन्न हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि नैनोप्रौद्योगिकी और हरित रसायन (Green Chemistry) का यह संगम प्लास्टिक कचरे की समस्या के लिए एक टिकाऊ और व्यावहारिक समाधान है।

इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और इसे प्रतिष्ठित जर्नल एसीएस एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि आईआईटी भिलाई की यह खोज स्वच्छ, स्मार्ट और सतत भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

? यह उपलब्धि न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्लास्टिक प्रदूषण पर लगाम लगाने का मार्ग प्रशस्त करती है।

शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एम्स रायपुर के बीच ऐतिहासिक समझौता

बिलासपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कुमार साहब स्व. दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से अब बिलासपुर समेत आसपास के जिलों के मरीजों को एम्स स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ अपने ही शहर में उपलब्ध होंगी।

करार के अवसर पर

एम्स रायपुर की ओर से कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ले. जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), अधिष्ठाता (अनुसंधान) डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, सह-अधिष्ठाता (अनुसंधान) डॉ. एकता खंडेलवाल और अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. राकेश गुप्ता उपस्थित थे।
वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह, प्रो. डॉ. अर्चना सिंह और सह-प्रो. डॉ. अभिषेक कुमार मौजूद रहे।

साझेदारी के लाभ

  • अस्पताल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स रायपुर के विशेषज्ञों से नवीनतम तकनीकों और उन्नत चिकित्सा पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

  • दोनों संस्थान शोध कार्यों और नई तकनीकों को लागू करने में सहयोग करेंगे।

  • मरीजों को उच्चस्तरीय नैदानिक सेवाएँ, टेलीमेडिसिन, बहु-केंद्रीय अध्ययनों का लाभ मिलेगा।

अधिकारियों के विचार

डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा –

“इस साझेदारी का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अब प्रदेशवासियों को एम्स जैसी सुविधाएँ अपने ही शहर बिलासपुर में मिलेंगी।”

उन्होंने बताया कि इस पहल के लिए आयुक्त सुनील जैन और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उन्हें प्रेरित किया था।

वहीं ले. जनरल अशोक जिंदल (से.नि.) ने कहा –

“एम्स रायपुर हमेशा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर को प्रशिक्षण, संकाय आदान-प्रदान और शोध कार्यों में सहयोग देगा। छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।”

महत्व

एम्स रायपुर अपनी उत्कृष्ट नैदानिक सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध कार्यों के लिए जाना जाता है। यह करार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा प्रणाली को नई दिशा देगा और प्रदेश के लोगों को बड़े शहरों की दौड़-भाग से मुक्ति दिलाएगा।

जशपुरनगर/ कुनकुरी / शौर्यपथ /
   छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कुनकुरी थाना क्षेत्र के बेहराटोली मोहल्ले में एक युवक ने अपनी 70 वर्षीय मां गुला बाई की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को धारदार हथियार से बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया और खून से सना हथियार लेकर शव के पास बैठकर गाना गाता रहा।

घटना का सिलसिला
  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह आरोपी जीत राम यादव के घर से अचानक चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी। पड़ोसी जब मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य भयावह था—चारों ओर खून बिखरा पड़ा था और वृद्ध महिला का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। पास ही आरोपी बेटा जीत राम हथियार लहराते हुए गाना गा रहा था।

पुलिस को करना पड़ा मशक्कत
  घटना की सूचना मिलते ही कुनकुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी हथियार के साथ आक्रामक व्यवहार कर रहा था। पुलिस टीम को उसे काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और हथियार भी जब्त कर लिया गया।

हत्या की वजह
 प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मानसिक रूप से असामान्य व्यवहार कर रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से असामान्य हरकतें कर रहा था और पड़ोसियों से भी झगड़ा करता था। पुलिस ने आशंका जताई है कि आरोपी मानसिक विकार या नशे की हालत में वारदात को अंजाम दे सकता है। फिलहाल इस पहलू पर गहराई से जांच की जा रही है।

पड़ोसियों में दहशत
  वारदात के बाद से पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि जीत राम की मां ही उसकी देखभाल करती थीं और घर में कोई और नहीं था। घटना के बाद लोग स्तब्ध हैं कि एक बेटा अपनी मां के साथ इतना वीभत्स व्यवहार कैसे कर सकता है।

पुलिस का बयान
थाना प्रभारी कुनकुरी ने बताया—
 “आरोपी जीत राम यादव को हिरासत में ले लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मामला सामने आता है तो उसका मूल्यांकन कराया जाएगा।”

दुर्ग/शौर्यपथ।
जिले में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर नकेल कसते हुए दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल (भापुसे) के निर्देशन और “सशक्त एप” की मदद से थाना मोहन नगर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई करते हुए 19 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹15 लाख आंकी गई है।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

ग्रीन चौक के पास तीन संदिग्ध युवकों की मौजूदगी की सूचना मुखबिर से मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर उन्हें पकड़ा और पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बीते चार माह में कुल 19 वाहन (10 एक्टिवा और 9 मोटरसाइकिल) चोरी किए थे। पुलिस ने मौके से दो विधि से संघर्षरत बालकों और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

चोरी के पीछे का कारण

आरोपियों ने बताया कि वे शौक पूरा करने और त्वरित पैसे के लालच में वाहन चोरी करते थे। चोरी की गई गाड़ियों को वे अपने परिचितों को कम दामों पर बेच देते थे। खास बात यह रही कि खरीददार जानते हुए भी चोरी की गाड़ियां खरीदते थे, क्योंकि वाहन बिना नंबर और कागजात के होते थे।

खरीददारों पर भी कार्रवाई

पुलिस ने जांच में पाया कि चोरी की गाड़ियां खरीदने में 14 लोग शामिल थे। सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चोरी का वाहन खरीदना भी अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें कठोर दंड का प्रावधान है।

सशक्त एप की भूमिका

दुर्ग पुलिस ने हाल ही में “सशक्त एप” शुरू किया है। इसमें चोरी या लावारिस वाहनों का डेटा तुरंत ऑनलाइन अपडेट किया जाता है। इसी तकनीकी पहल की मदद से चोरी के वाहनों का लोकेशन और विवरण जुटाकर पुलिस को सफलता मिली।

कार्रवाई में शामिल टीम

इस ऑपरेशन में गठित पुलिस टीम के –

  • सउनि. चंद्रशेखर सोनी

  • प्र. आर. मनीष अग्निहोत्री

  • आरक्षक हिमांशु जंघेल

  • आरक्षक खिलेश कुर्रे

  • आरक्षक रवि शंकर मरकाम

  • आरक्षक गजेन्द्र यादव

की अहम भूमिका रही।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सस्ती कीमत पर, बिना कागजात या बिना नंबर वाले वाहन न खरीदें। ऐसे वाहन चोरी के हो सकते हैं और पकड़े जाने पर खरीदार पर भी अपराध का मामला दर्ज होगा।

मनेंद्रगढ़/शौर्यपथ /
कोल इंडिया लिमिटेड ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के महाप्रबंधक रमेश चंद्र महापात्र को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के निदेशक (तकनीकी) पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारत सरकार, कोयला मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रपति के अनुमोदन और सीपीएसई (CPSE) की अनुसूची ‘बी’ के प्रावधानों के तहत की गई है।

महापात्र का वेतनमान ₹1,60,000 से ₹2,90,000 तय किया गया है। वे अपने कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सेवानिवृत्ति की तिथि 31 मई 2029 तक या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे।

नियुक्ति की शर्तें

  • प्रारंभिक समीक्षा: कार्यभार ग्रहण करने के बाद एक वर्ष पूर्ण होने पर सरकार उनके कार्य-निष्पादन की समीक्षा करेगी, जिसके आधार पर आगे का कार्यकाल तय होगा।

  • अनुबंध आधारित नियुक्ति: यह नियुक्ति अनुबंध के आधार पर होगी। सरकार चाहे तो तीन महीने का नोटिस या उसके बदले तीन महीने का वेतन देकर उनकी सेवाएं समाप्त कर सकती है।

  • नियुक्ति अस्वीकार करने पर रोक: यदि महापात्र कार्यभार ग्रहण नहीं करते, तो नियुक्ति प्रस्ताव की तिथि से दो वर्ष तक किसी भी सीपीएसई के बोर्ड स्तर के पद के लिए विचार नहीं किया जाएगा। यह रोक ईसीएल को छोड़कर सभी सीपीएसई पर लागू होगी।

  • वेतन व अन्य नियम: अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (LPC) प्राप्त होने के बाद नियुक्ति की विस्तृत शर्तें जारी की जाएंगी।

प्रशासनिक औपचारिकताएं

महापात्र को कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपनी रिपोर्ट एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को प्रस्तुत करनी होगी। इसकी सूचना कोल इंडिया लिमिटेड और कोयला मंत्रालय को भी भेजी जाएगी।

न्यायालयीन शर्त

एसईसीएल में निदेशक (तकनीकी) के रूप में रमेश चंद्र महापात्र की नियुक्ति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में लंबित याचिका संख्या 10800/2019 के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश और सहायक आयुक्त आबकारी सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की है। गश्त के दौरान मिली सूचना पर आबकारी विभाग, जिला दुर्ग वृत्त-भिलाई (क्रमांक-03) की टीम ने दबिश देकर आरोपी मनदीप सिंह भाटिया (निवासी नेहरू नगर चौक, भिलाई) को गिरफ्तार किया।
  कार्रवाई में मध्य प्रदेश राज्य में विक्रय हेतु अधिकृत विदेशी मदिरा—12 नग बोतल ब्लेंडर्स प्राइड व्हिस्की,48 नग बोतल मैक्डॉवल नंबर वन व्हिस्की कुल 45 बल्क लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹51,840 आंकी गई है। इसके साथ ही आरोपी के कब्जे से एक लाल रंग की स्विफ्ट कार (सीजी 08 एफ 5491) भी जप्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4 लाख है। इस प्रकार जब्त कुल सामग्री का मूल्य लगभग ₹4,51,840 है।
  आबकारी विभाग के अनुसार आरोपी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) का उल्लंघन किया है। विधिवत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
  इस कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक प्रियंक ठाकुर द्वारा विवेचना की जा रही है। वहीं अभियान में सहायक जिला आबकारी अधिकारी पंकज कुजूर, उप निरीक्षक हरीश पटेल, भूपेंद्र नेताम, आबकारी मुख्य आरक्षक डी.पी. पटेल, संदीप तिर्की, चितेश्वरी ध्रुव और चालक दुर्गेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री के विदेश प्रवास और नए निवेश आकर्षित करने के दावों पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया है कि – “छत्तीसगढ़ में जून 2025 तक 18,940 पंजीकृत कंपनियां संचालित थीं, इनमें से 4,288 कंपनियां आखिर क्यों बंद हो गईं?”

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जापान और दक्षिण कोरिया जाकर विदेशी निवेश का ढिंढोरा पीट रहे हैं, जबकि प्रदेश की हकीकत यह है कि पहले से संचालित स्पंज आयरन प्लांट, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने और एथेनॉल प्लांट भाजपा सरकार की उपेक्षा और उद्योग-विरोधी नीतियों की वजह से ठप हो गए हैं।

वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कृषि और वनोपज प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई थी। सीमेंट और स्टील उत्पादन में छत्तीसगढ़ ने नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। लेकिन भाजपा की सरकार आते ही उद्योगों पर लगातार चोट की गई—20 महीनों में चार बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई।

आज की स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों को पड़ोसी राज्यों उड़ीसा, झारखंड और मध्यप्रदेश की तुलना में डेढ़ गुना महंगी औद्योगिक बिजली चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस काल में बनी उद्योग नीति को बदलकर भाजपा सरकार ने स्थानीय उद्योगों को बर्बाद करने की राह पर धकेल दिया।

वर्मा ने आगे कहा—

“भाजपा सरकार एक तरफ छत्तीसगढ़ के लघु और कुटीर उद्योगों तथा रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) जैसी योजनाओं को समाप्त करने पर तुली है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विदेशी धरती पर उद्यमियों को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह कर रहे हैं।”

कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि बीते 20 महीनों में हजारों उद्योग बंद होने से लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन में नाकाम भाजपा सरकार अपनी नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए केवल “राजनीतिक पर्यटन” कर रही है।


? यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में भाजपा सरकार की औद्योगिक नीतियों बनाम कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों के मुकाबले के रूप में उभर चुका है।

प्रिंसिपल पर धार्मिक भेदभाव, गाली-गलौज और विद्यार्थियों को जानबूझकर फेल करने के आरोप !

दुर्ग। शौर्यपथ /
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह ज़िले दुर्ग से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक नामी स्कूल की प्रिंसिपल एस. संगीता नायर के खिलाफ अभिभावकों और संगठनों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र की प्रति में आरोप लगाया गया है कि प्रिंसिपल ने हिन्दू धर्म से जुड़े विद्यार्थियों को चोटी रखने, तिलक लगाने और हाथ में कलावा बांधने से रोक दिया।

विद्यार्थियों को फेल करने का विवाद
शिकायत में उल्लेख है कि 11वीं कक्षा में 68 विद्यार्थियों में से केवल 25 को पास किया गया और 43 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया। अभिभावकों व संगठनों का कहना है कि यह निर्णय पारदर्शी नहीं है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक की जाएँ।

गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
शिकायत पत्र में यह भी लिखा गया है कि प्रिंसिपल ने कई बार बच्चों से गाली-गलौज और मारपीट की। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनकी बार-बार की गई शिकायतों को स्कूल प्रबंधन ने नजरअंदाज कर दिया।

शिक्षा विभाग की गंभीरता पर सवाल
मामले को लेकर अभिभावकों और संगठनों ने यह सवाल उठाया है कि जिस जिले से प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का निवास है, वहां यदि किसी शैक्षणिक संस्था के अधिकारी-कर्मचारी इस तरह के गंभीर और चिंताजनक कृत्य कर रहे हैं, तो शिक्षा विभाग की भूमिका और जिम्मेदारी क्या है?

बजरंग दल की चेतावनी
बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

जनता की निगाहें मंत्री पर
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब गजेंद्र यादव हाल ही में स्कूल शिक्षा मंत्री बने हैं। अब सवाल यह है कि मंत्री अपने ही क्षेत्र में घटित इस विवादास्पद मामले पर क्या कदम उठाएंगे? आम जनता और अभिभावकों की निगाहें इस समय मंत्री की ओर टिकी हुई हैं।

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