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जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के समापन अवसर पर रविवार शाम आयोजित विशेष प्रेरक सत्र में देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने युवाओं को जीवन के मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में फिट रहना, सकारात्मक सोच बनाए रखना और परिवार के साथ मिलकर आगे बढ़ना ही सफलता का सबसे मजबूत आधार है।
24 और 25 अप्रैल को शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस फेस्ट में युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में
अपने संबोधन में सौरभ द्विवेदी ने कहा कि बदलते समय में निरंतर सीखना और खुद को अपडेट रखना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से मेंटल हेल्थ पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित जीवनशैली ही दीर्घकालिक सफलता का आधार बनती है।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे भ्रामक सूचनाओं और अनावश्यक आलोचनाओं से दूर रहें, अपने विवेक से निर्णय लें और परिवार के मार्गदर्शन को महत्व दें।
“परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए उनके साथ जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है।”
महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश के विकास में माताओं और बहनों की भूमिका केंद्रीय है। जब महिलाएं घर के साथ आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय होती हैं, तो प्रगति को नई गति मिलती है। साथ ही उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और संतुलन को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बच्चों को विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सावधान रहने का संदेश देते हुए कहा कि जागरूकता और सही जानकारी ही सशक्त समाज का निर्माण करती है।
कार्यक्रम में महापौर श्री रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अभिनाश मिश्रा, डीएफओ श्री कृष्ण जाधव, प्राचार्य श्री विनोद पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राध्यापक, मीडिया प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर महापौर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
“यूथ फेस्ट-2026” युवाओं के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सकारात्मक मार्गदर्शन का सशक्त मंच बनकर उभरा। यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने में सफल रहा, बल्कि युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा देने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय दांपत्य जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
इन घोषणाओं से स्थानीय आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के त्याग, भक्ति और सेवा भावना को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को नमन करते हुए उनके साथ अपने कार्यकाल के अनुभव भी साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 28 महीनों में राज्य सरकार ने सुशासन स्थापित करते हुए “मोदी की गारंटी” को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया—
ऊर्जा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 का जिक्र करते हुए बताया कि बकाया बिल पर 100% सरचार्ज छूट दी जा रही है।
साथ ही “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल केंद्रों के जरिए गांव-गांव में डिजिटल सेवाएं सुलभ बनाई जा रही हैं और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के नियंत्रण और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में सांसद श्री विजय बघेल, कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, जिला साहू संघ के अध्यक्ष श्री नंदलाल साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
भरर का यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और सामूहिक सहयोग का सशक्त संदेश बनकर सामने आया, जहां संस्कार और विकास—दोनों का सुंदर संगम देखने को मिला।
गुंडरदेही। क्षेत्र में चल रहे गो सम्मान आह्वान अभियान को ग्रामीण स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में परिक्षेत्र साहू समाज कांदूल द्वारा ग्राम सनोद में आयोजित भक्त माता कर्मा जयंती समारोह जनजागरण का प्रभावी मंच बन गया, जहां गौ सेवकों को विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक पदाधिकारियों का खुला समर्थन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष डोमन लाल कोरसेवाड़ा, विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत सदस्य मीना साहू, जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, सहित गुलशन साहू, कौशल किशोर साहू, टोमन लाल साहू, उमा शंकर साहू (तहसील अध्यक्ष), खिलावन साहू (पूर्व जिला अध्यक्ष), केशव राम साहू (पूर्व तहसील अध्यक्ष), सरपंच हिलेश्वर निषाद, परिक्षेत्र अध्यक्ष धनेश्वर साहू, ग्रामीण अध्यक्ष सेतराम साहू समेत 20 से अधिक गांवों के पदाधिकारी व ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अभियान के समर्थन में अपने विचार व्यक्त करते हुए राजमहंत डोमन लाल कोरसेवाड़ा ने कहा कि “सतनामी समाज लंबे समय से गो हत्या प्रतिबंध के पक्ष में रहा है। वर्तमान समय में इस विषय पर जनजागरण अत्यंत आवश्यक है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए।”
समारोह के दौरान वक्ताओं ने गौ संरक्षण, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में अभियान को समर्थन देते हुए इसे समाजहित में महत्वपूर्ण पहल बताया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनसमर्थन के विस्तार का सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।
नई दिल्ली, । भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) 2026 के तहत तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (चरण-1) के विधानसभा चुनावों ने वैश्विक मंच पर भारतीय लोकतंत्र की ताकत, पारदर्शिता और व्यापकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 16 देशों के 32 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और ‘इंटरनेशनल आईडीईए’ के विशेषज्ञों ने चुनाव प्रक्रिया को नजदीक से देखा और इसे “लोकतंत्र का सच्चा उत्सव” करार दिया।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से रिकॉर्ड मतदान, सूक्ष्म योजना और निर्बाध चुनाव संचालन की सराहना की। मॉरीशस की उच्चायुक्त शीलाबाई बाप्पू ने कहा कि भारत दुनिया को चुनाव कराने की प्रक्रिया और अनुभव सिखा रहा है, जहां “वोट को मतदाता के द्वार तक पहुंचाया जाता है।”
प्रबंधन और तकनीक का संगम
22-23 अप्रैल के दौरान प्रतिनिधियों ने डिस्पैच और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों का दौरा कर चुनावी लॉजिस्टिक्स की सटीकता को देखा। फिलीपींस की मेलिसा ऐन टेलन ने ईवीएम (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट) के व्यवस्थित वितरण और पारदर्शिता को “अद्भुत अनुभव” बताया।
100% वेबकास्टिंग, कंट्रोल रूम्स की निगरानी और मॉक पोल जैसी प्रक्रियाओं ने चुनावी पारदर्शिता को और मजबूत किया। प्रतिनिधियों ने इसे आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण माना।
समावेशी और सुलभ मतदान व्यवस्था
मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, हेल्प डेस्क, क्रेच सुविधा और स्वयंसेवकों की उपस्थिति ने समावेशी लोकतंत्र की झलक पेश की। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए घर से मतदान की सुविधा को भी प्रतिनिधियों ने सराहा। नेपाल के प्रतिनिधि यज्ञ प्रसाद भट्टराई ने मतदान केंद्रों के प्रबंधन को “उत्कृष्ट और सराहनीय” बताया।
चेन्नई में कलर-कोडेड मतदान केंद्रों और न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था ने भूटान के प्रतिनिधि शेरिंग समद्रुप को प्रभावित किया, वहीं पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य जांच सेवाएं और मोबाइल डिपॉजिट सुविधा को केन्या की रूथ कुलुंडु ने गोपनीयता और सुविधा का बेहतर उदाहरण बताया।
वैश्विक मानक स्थापित करता भारत
इससे पहले 8-9 अप्रैल को 22 देशों के 38 प्रतिनिधि असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा कर चुके हैं। अब तक कुल 38 देशों के 70 प्रतिनिधि भारत की चुनावी प्रक्रिया का अनुभव ले चुके हैं।
भारत निर्वाचन आयोग का यह कार्यक्रम न केवल वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि भारत के चुनावी मॉडल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मानक के रूप में स्थापित कर रहा है। विशाल पैमाने, रिकॉर्ड भागीदारी और तकनीकी नवाचारों के साथ भारत एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि लोकतंत्र केवल एक प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवंत और समावेशी उत्सव है।
आगरा । भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर से ठीक पहले आगरा में आयोजित उद्योग संवाद ने इस समझौते को केवल टैरिफ कटौती तक सीमित न मानकर एक व्यापक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की संयुक्त अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और FTA से मिलने वाले अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
इस संवाद का केंद्रीय संदेश स्पष्ट था—यह FTA व्यापार, निवेश, प्रतिभा के आवागमन, शिक्षा, पर्यटन और जन-संपर्क जैसे कई आयामों को जोड़ने वाला बहु-स्तरीय फ्रेमवर्क है। सरकार का दृष्टिकोण इसे “जन-केंद्रित आर्थिक साझेदारी” के रूप में विकसित करने का है, जिससे MSME, महिला उद्यमी, किसान और कुशल पेशेवर सभी को लाभ मिल सके।
आगरा का चमड़ा उद्योग इस समझौते का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभर सकता है। वर्तमान में भारत के कुल लेदर फुटवियर उत्पादन का लगभग 75% हिस्सा आगरा से आता है। FTA लागू होने के बाद जूते और चमड़े के उत्पादों पर 5% तक का टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। उद्योग जगत ने इस क्षेत्र के 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावनाएं जताई हैं। न्यूजीलैंड के कच्चे चमड़े के संसाधन और भारत की मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता इस सहयोग को और मजबूती देंगे।
फार्मा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में भी FTA को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। त्वरित नियामक स्वीकृति, GMP और GCP रिपोर्टों की पारस्परिक मान्यता से भारतीय कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश आसान होगा। विशेष रूप से आयुष को लेकर समझौते में एक समर्पित अध्याय शामिल किया जाना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से अपील की कि वे इस समझौते को केवल व्यापार तक सीमित न रखें, बल्कि शिक्षा, स्किल मोबिलिटी और अंतर-क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने MSME सेक्टर तक इसके लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। वहीं टॉड मैक्ले ने भारत को न्यूजीलैंड की रणनीतिक प्राथमिकता बताते हुए इसे अब तक का “उच्च गुणवत्ता वाला FTA” करार दिया और संयुक्त उद्यमों व निवेश के नए अवसरों पर बल दिया।
महज नौ महीनों में तैयार हुआ यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। आगरा में हुआ यह उद्योग संवाद इस बात का संकेत है कि FTA केवल एक कागजी समझौता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उद्योगों, रोजगार और निर्यात को नई दिशा देने वाला परिवर्तनकारी कदम साबित हो सकता है।
नई दिल्ली ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 133वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी को विकसित भारत की नींव बताया। उन्होंने देश की हालिया उपलब्धियों और जन-आंदोलनों को रेखांकित करते हुए नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का बड़ा मील का पत्थर बताया।
पीएम मोदी ने बताया कि भारत की विंड एनर्जी क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और देश दुनिया में चौथे स्थान पर है।
प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
प्रधानमंत्री ने देशभर से उदाहरण साझा किए:
European Girls Mathematical Olympiad में:
प्रधानमंत्री ने रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया और युवाओं से छुट्टियों में कुछ नया सीखने का आग्रह किया।
“विकसित भारत का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा।”
इस संदेश के साथ प्रधानमंत्री ने नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्रीय अभियानों में भाग लेने का आह्वान किया।
नई दिल्ली/विशाखापत्तनम ।
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 27-28 अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगे।
इस दौरान वे 27 अप्रैल को विशाखापत्तनम पहुंचकर प्रतिष्ठित आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेंगे।
आंध्र विश्वविद्यालय, जो देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, अपने 100 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।
यह दौरा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत उपलब्धियों को सम्मानित करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नई दिल्ली/लॉस एंजिल्स ।
भारत को आने वाले दशकों में वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व अनिवार्य है। यह बात केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लॉस एंजिल्स में वर्चुअल रूप से आयोजित अखिल-आईआईटी पूर्व छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार का निर्माता, डिजाइनर और वैश्विक चालक बनना होगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि विकसित भारत@2047 का लक्ष्य विज्ञान, तकनीक और नवाचार पर आधारित है।
उन्होंने भारत की हालिया उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा:
ये सभी संकेत हैं कि भारत नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मंत्री ने चार प्रमुख क्षेत्रों को भारत के भविष्य के लिए निर्णायक बताया:
उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र न केवल आर्थिक मजबूती बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी परिभाषित करेंगे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईआईटी के पूर्व छात्रों और भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और वैश्विक नवाचार इकोसिस्टम के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया।
उन्होंने इनके योगदान को रेखांकित किया:
उन्होंने तकनीकी नेतृत्व के लिए शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच गहरे सहयोग की आवश्यकता बताई।
नई शिक्षा पहल जैसे ऋषिहुड विश्वविद्यालय में सज्जन अग्रवाल स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी को उन्होंने इसी दिशा में एक उदाहरण बताया।
डॉ. सिंह ने आईआईटी एलुमनाई से आह्वान किया कि वे:
उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से भारत न केवल 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा, बल्कि वैश्विक तकनीकी प्रगति में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।
गंगटोक ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को सिक्किम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य स्थापना के 50वें वर्ष (स्वर्ण जयंती) के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और शुभारंभ करेंगे।
28 अप्रैल को सुबह प्रधानमंत्री पालजोर स्टेडियम, गंगटोक में आयोजित समापन समारोह में शामिल होंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वे गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा कर राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत का अवलोकन करेंगे।
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाएं कई अहम क्षेत्रों को कवर करती हैं:
इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर सिक्किम के सतत और तेज विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत है।
स्वर्ण जयंती वर्ष में यह पहल सिक्किम को बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
श्रीनगर, ।
भारत के खेल भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ‘श्रीनगर खेल संकल्प’ का शुभारंभ किया। तीन दिवसीय चिंतन शिविर के समापन अवसर पर जारी इस दस्तावेज़ ने खिलाड़ी-केंद्रित, समन्वित और सहयोगात्मक खेल व्यवस्था के निर्माण के लिए केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एकजुट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
‘श्रीनगर खेल संकल्प’ का मूल फोकस एक ऐसे खेल पारिस्थितिकी तंत्र पर है, जहां
डॉ. मांडविया ने स्पष्ट किया कि खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और युवा सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है।
संकल्प में खेलों को बहुआयामी विकास के इंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है:
यह दृष्टिकोण खेलों को स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा से सीधे जोड़ता है।
संकल्प में भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को ताकत मानते हुए राज्यों को अपने-अपने क्षेत्र के अनुसार खेल मॉडल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
इससे स्थानीय प्रतिभाओं को उभरने का अवसर मिलेगा और ग्रासरूट स्तर पर खेल संस्कृति मजबूत होगी।
चिंतन शिविर के अंतिम दिन तीन प्रमुख बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई:
समापन दिवस की शुरुआत “संडे ऑन साइकिल” साइक्लोथॉन से हुई, जिसमें डॉ. मांडविया और राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने भाग लेकर फिटनेस और जनभागीदारी का संदेश दिया।
‘श्रीनगर खेल संकल्प’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत का खेल भविष्य खंडित प्रयासों से नहीं, बल्कि एकीकृत और समन्वित रणनीति से तय होगा।
यह पहल केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
