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आज के दौर में सबसे मुश्किल काम है प्रासंगिक बने रहना। आप कितनी भी ऊंचाई पर क्यों ना हो, अप्रासंगिक होने के डर में आप दौड़ते चले जाते हैं। समाज में, परिवार में, जॉब में अप्रासंगिक होने का डर आपको खाता है। हमारी लड़ाई इन दिनों रिलेवेंट बने रहने की है। जब मैं सफल हुआ तो अपने कुछ बुजुर्गों को देखकर सोचता था कि ये कैसे इतने शांत, खुश हैं।
इसे डीएनए थ्योरी से समझने में मदद मिली। ये क्यों होता है कि एक घटना पर हर इंसान अलग प्रतिक्रियाएं देता है? किसी ने आपकी बेटी को छेड़ दिया तो हो सकता है आप उसकी शिकायत पुलिस में करें, यह भी हो सकता है कि आप उसका कत्ल कर दें... तो ऐसा कैसे! दरअसल ये सब डीएनए से होता है कि किस वक्त पर कौन-सा डीएनए एक्टिव है।
मैं प्रैक्टिकल इंसान हूं इसलिए सही वक्त पर सही डीएनए एक्टिवेट करने का सिद्धांत समझने ऑस्ट्रिया गया। इस कोर्स के लिए तगड़ी रकम खर्च की। ये एक वेलनेस इंस्टिट्यूट था, जहां मेरा स्वागत इस बात से हुआ कि - आप इतने पैसे खर्च करके भारत से आए हैं, वो बातें सीखने के लिए जो हमने खुद भारत से ही सीखी हैं।
अगले दिन सुबह डॉक्टर से मिला। मैं भूखा था, मैंने उनसे पूछा कि मुझे क्या खाना चाहिए। उन्होंने मुझे ब्रेड के चार पीस दिए, जो थोड़े सख्त थे। साथ में सूप जैसा कुछ था। वो बोले यही अगले तीन दिन तक आपका नाश्ता, लंच और डिनर है। मैं हैरान हुआ तो उन्होंने मुझे शांत किया और कहा आपको मनपसंद नाश्ता, खाना सब मिलेगा, लेकिन पहले आपको ये खाना होगा, वो भी हमारे दिए निर्देशों के अनुसार। मैंने मंजूर किया। उन्होंने मुझे बताया कि हम यहां एक रूल फॉलो करते हैं, 'ड्रिंक योर फूड, च्यू योर वॉटर'(अपने खाने को पीजिए और पानी को चबाइए)।
मैंने उनसे इसका मतलब पूछा तो वो बोले - ब्रेड को 40 बार चबाइए, ऐसा करेंगे तो यह लिक्विड हो जाएगी, तभी उसे निगलिए। ये आसान नहीं होगा, आपका दिमाग आपको ऐसा करने से रोकेगा, लेकिन आपको फोकस बनाना है। जब सूप लेना चाहें, उसे सीधे मत निगलिए। मुंह में रखकर उसे महसूस कीजिए और फिर निगलिए।
मैंने बिल्कुल ऐसा ही किया और यकीन मानिए मैं 14 मिनट में ब्रेड खत्म नहीं कर पाया, सूप तो भूल जाइए। मेरा पेट भर चुका था। आगे कुछ खाने लायक नहीं था। उन्होंने इसका राज मुझे बताया - मि.माधवन, आपका दिमाग जानता है कि आपको क्या चाहिए। 14 या 15 मिनट चबाने के बाद दिमाग कहता है बस बहुत हुआ! और आप तृप्त महसूस करने लगते हैं।
मैंने इस बारे में और जानना चाहा तो उन्होंने बताया - आप अपने दिमाग और शरीर को बेहद कम आंकते हैं। जंगल में बैल से ज्यादा मसल किसी जानवर के नहीं होते...और बैल का दिमाग जानता है कि घास से उसे कैसे प्रोटीन हासिल करना है। तो आप क्यों प्रोटीन शेक पीकर, एक्सरसाइज करके मसल बनाने में लगे रहते हैं।
दुनिया में जो भी सफल और महान हुए हैं एलेक्जेंडर से लेकर महात्माओं तक, सभी ने खाने को लेकर अनुशासन का पालन किया है। उन्होंने समझाया कि हम गलत वक्त पर खाना खाते हैं तो दिमाग को जब कई दूसरे कामों में लगना चाहिए, वो बेचारा केवल खाने को जहर बनने से रोकने में लगा होता है। इस तरह आप स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। अगर आप स्वस्थ नहीं हैं तो दिमाग का सही चलना असंभव है। कोई भी समाज तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वो स्वस्थ नहीं है, इस तरह हमारी दिमागी स्वास्थ्य भी पेट से जुड़ा है।
प्रासंगिकता पर लौटते हैं, 50 साल का हीरो आखिर 17 साल की हीरोइन से कैसे तालमेल बैठाएगा। यह वाकई मुश्किल है लेकिन अगर आपकी जेब में किस्से हैं, आप अपनी उम्र से छोटे नजर आते हैं, ज्यादा यंग दिखते हैं, एनर्जी से भरपूर हैं तो आप वाकई वो हीरो हैं जिसकी प्रासंगिकता कभी खत्म नहीं होगी। ये सब सही वक्त पर सही खाने से संभव है। आप भी कोशिश कीजिएगा।
(2016 में आरडब्लूसी के मंच पर एक्टर आर.माधवन)
अन्य खबर /शौर्यपथ/
कनाडा के वैज्ञानिकों ने एक हालिया रिसर्च में पाया है कि क्लास रूम में बैठने के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों में डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही, कोरोनाकाल के दौरान ज्यादा टीवी देखने और ऑनलाइन गेम खेलने से 2 से 4 साल तक के बच्चों में भी डिप्रेशन और व्यवहार संबंधी समस्याएं जन्म ले रही हैं।
बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल स्क्रीन का कनेक्शन
कनाडा के हॉस्पिटल फॉर सिक चिल्ड्रन के विशेषज्ञों ने रिसर्च में बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल स्क्रीन के कनेक्शन का पता लगाया। उन्होंने करीब 2 हजार स्कूली बच्चों के माता-पिता से बात कर कोरोना के समय बच्चों की मानसिक स्थिति की रिपोर्ट बनाई। बच्चों में लड़के और लड़कियों की संख्या समान थी।
रिसर्च में यह बात सामने आई कि बच्चों की मेंटल हेल्थ से डिजिटल स्क्रीन के इस्तेमाल का सीधा कनेक्शन है। औसतन 11 साल के बच्चों में ऑनलाइन पढ़ाई करने के कारण डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ा है। साथ ही, इनमें ज्यादा टीवी देखने, इंटरनेट पर गेम्स खेलने और वीडियो चैट करने से भी मानसिक बीमारियों का स्तर बढ़ गया है। देर तक ध्यान न लगा पाना भी बच्चों में एक बढ़ती मुसीबत है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह परेशानी केवल बड़े बच्चों में नहीं है। 2 से 4 साल तक के बच्चे भी टीवी और डिजिटल स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल से व्यवहार संबंधी समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं।
रिसर्च में या भी पाया गया कि बच्चों की मेंटल हेल्थ पर कोरोनाकाल में सोशल आइसोलेशन का भी बुरा असर हुआ है। इसके अलावा, नींद में गड़बड़ी, फिजिकल एक्टिविटी न होना, तनावपूर्ण खबरें और ऑनलाइन बुलिंग का शिकार होना भी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने के कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं।
कैसे रखें अपने बच्चों को मानसिक बीमारियों से दूर
1. मोबाइल पर पेरेंटल कंट्रोल का करें इस्तेमाल
बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के लिए आप अपने मोबाइल या कम्प्यूटर पर पैरेंटल कंट्रोल सेटिंग का उपयोग कर सकते हैं। इससे आपका बच्चा एक सीमित समय तक ही स्क्रीन देख पाएगा। साथ ही, उसके काम में न आने वाली चीजें ब्लॉक हो जाएंगी। इसके अलावा, चाइल्ड एक्टिविटी कंट्रोल में रखने के लिए आप ऐप्स भी यूज कर सकते हैं।
2. बच्चों से बात करें
हम अक्सर जीवन में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपने बच्चों को समय देना ही भूल जाते हैं। महामारी के इस वक्त में आप अपने बच्चों का सहारा बनें। उनके मन की बातों को जानने और समझने की कोशिश करें। उनकी परेशानियों का उपाय ढूंढे। इससे वे तनाव की स्थिति में नहीं आ पाएंगे।
3. टेक्नो-फ्रेंडली बनें
आपका बच्चा कब कौन सी वेबसाइट पर जाता है, कौन से गेम खेलता है, कौन से सोशल मीडिया प्लैटफार्म चलाता है, इसकी जानकारी रखें। इससे भविष्य में यदि उनको कोई परेशानी होती है, तो आप उसे समझने में सक्षम होंगे। अगर बच्चे छोटे हैं, तो वेबसाइट्स की एज रिस्ट्रिकशन गाइडलाइंस को जरूर पढ़ लें।
4. बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2 से 5 साल की उम्र के बच्चों को हर दिन अधिकतम एक घंटा स्क्रीन देखनी चाहिए। वहीं, 2 साल से छोटे बच्चों को टीवी समेत कोई भी स्क्रीन नहीं देखनी चाहिए।
अधिकारियों ने पीयूष जैन के ठिकानों से कुल 196 करोड़ रुपये नकदी के अलावा 23 किलो सोना सहित अन्य सामान की बरामदगी की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर टैक्स छापेमारी पूरी हो गई है. वहीं इत्र कारोबारी पीयूष जैन से संबंध को लेकर बीजेपी और सपा के नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं . सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा है कि गलत पहचान की वजह से बीजेपी ने अपने ही आदमी के यहां छापा मरवा दिया है. लेकिन जांच एजेंसी के सूत्रों ने कहा है कि व्यवसायी पीयूष जैन पर छापेमारी 'गलत पहचान' का मामला नहीं है. छापेमारी विशिष्ट इनपुट के आधार पर एक केंद्रित जांच का परिणाम था.
पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज परिसर से अधिकारियों ने कुल 196 करोड़ रुपये नकदी के अलावा 23 किलो सोना सहित अन्य सामान की बरामदगी की है. वहीं, इन सबके बीच यूपी में इत्र कारोबारी के घर छापेमारी बड़ा सियासी मुद्दा बनता जा रहा है. कानपुर में पीएम मोदी ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन को समाजवादी पार्टी से जोड़ा. साथ ही सभी योजनाओं का क्रेडिट लेने को लेकर अखिलेश यादव पर तंज भी कसा. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि पीयूष जैन ने हाल ही में "समाजवादी परफ्यूम" लॉन्च किया था. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दिनों बक्से भर-भर के जो नोट मिली है, उसके बाद भी वे यही कहेंगे, ये भी हमने किया.
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इत्र व्यापारी पीयूष जैन के उनकी पार्टी से किसी तरह के संबंध से इनकार किया और कहा कि भाजपा ने 'गलती से' अपने ही व्यवसायी पर छापा मारा. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी इत्र (इत्र) सपा एमएलसी पुष्पराज जैन द्वारा लांच गया था न कि पीयूष जैन ने लांच किया था. भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ भाजपा ने डिजिटल भूल से अपने ही व्यवसायी (पीयूष जैन) के यहां छापा मारा.'' वहीं पुष्पराज जैन ने एनडीटीवी को बताया है कि उनका पीयूष जैन से कोई संबंध नहीं है और वह "राजनीति के निम्न स्तर से दुखी हैं. "
वहीं डायरेक्टर जेनरल ऑफ जीएसटी इंटीलेजेंस के सूत्रों ने 'गलत पहचान' थ्योरी को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि उन्हें शिखर पान मसाला समूह द्वारा कथित कर चोरी के संबंध में विशेष जानकारी मिली थी. सूत्रों ने कहा कि एक जांच ने उन्हें ट्रांसपोर्ट कंपनी गणपति रोड कैरियर्स और पीयूष जैन की ओडोकेम इंडस्ट्रीज तक पहुंचाया. पीयूष जैन ने शिखर समूह को इत्र से संबंधित कंपाउड की आपूर्ति की और केवल कैश में भुगतान की वजह से जांच के दायरे में आया. सूत्रों ने कहा कि यह गलत पहचान का मामला नहीं था.
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को दिए निर्देश : संग्रहण केन्द्रों में धान को बचाने के लिए कैप कव्हर लगाए जाएं: जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
सभी जिलों में बढ़ाई जाए कोविड टेस्टिंग
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने अस्पतालों में सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों और घरों को हुई क्षति का त्वरित आंकलन करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित लोगों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी जाए। बघेल ने जिला कलेक्टरों को वर्षा और ओला वृष्टि से संग्रहण केन्द्रों में रखे धान को बचाने के लिए केप कव्हर लगाने और पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने ओमिक्रान और कोविड संक्रमण से बचाव के लिए जिला कलेक्टरों को सभी ऐहतियाती उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों में कोविड टेस्टिंग बढ़ाने तथा अस्पतालों में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और संक्रमण की स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य अमले को सतर्क किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कोरोना से बचाव के लिए 3 जनवरी से प्रदेश में प्रारंभ हो रहे 15 से 18 वर्ष के किशोर-किशोरियों के टीकाकरण और 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर बीमारियों से पीड़ित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक (प्रीकॉशन डोज) देने के अभियान के संबंध में लोगों को जागरुक करने और टीकाकरण के इस अभियान के लिए निर्धारित टीकाकरण केन्द्रों की जानकारी के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। बघेल ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जिन लोगों ने अब तक कोरोना वैक्सीन की प्रथम और द्वितीय डोज नहीं लगवायी है, उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि 15 से 18 वर्ष के किशोर-किशोरियों के टीकाकरण के लिए एक जनवरी से कोविन एप पर पंजीयन शुरु होगा। इसी तरह कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक (प्रीकॉशन डोज) ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर बीमारियों से पीड़ित 60 वर्ष से अधिक के लोगों को 10 जनवरी से दी जाएगी, जिन्हें दूसरी खुराक लिए नौ महीने या 39 सप्ताह पूरे हो चुके हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2022 के अवसर पर प्रदेश स्तर पर आयोजित किए जाने वाले विभिन्न समारोह की रूप रेखा निर्धारण के संबंध में बैठक हुई। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष रूप से कोविड-19 के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। आयोजन के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए सभी निर्देशों का पालन और उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2022 का आयोजन पूरे राज्य में गरिमापूर्ण तरीके से किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी.डी. सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन पुलिस परेड ग्राउण्ड, रायपुर में सुबह नौ बजे से निर्धारित किया गया है। सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस के आमंत्रण पत्र का प्रारूप, अतिथियों का निर्धारण, जिला स्तर तथा तहसील स्तर पर कार्यक्रमों का निर्धारण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुरस्कार एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। ध्वजारोहण के बाद पुलिस एवं अर्ध्द्वसैनिक बलों की टुकड़ियों (गार्ड ऑफ ऑनर) द्वारा सलामी दी जाएगी। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की रात्रि में प्रदेश के सभी शासकीय/सार्वजनिक भवन/राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार मध्य क्षेत्रीय परिषद का आयोजन भोपाल (मध्यप्रदेश) में 17 जनवरी 2022 को आयोजित होगी। इसके संदर्भ में विभागों के द्वारा नए अनुपालन, नए एजेंडा को जल्दी तैयार कर भारत सरकार को अवगत कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए है। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, सचिव स्वास्थ्य शहला निगार, सचिव महिला एवं बाल विकास रीना बाबासाहेब कंगाले, जनसम्पर्क आयुक्त दीपांशु काबरा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रसन्ना आर., सचिव गृह विभाग धनंजय देवांगन, विशेष सचिव कृषि डॉ. एस.भारतीदासन, रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
रायपुर /शौर्यपथ/
कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ ने जानकारी दी है कि माइंस हॉस्पिटल राजहरा में मरीजों की जांच चिकित्सकों द्वारा की जा रही है। राजहरा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी के इस साल 31 अक्टूबर को सेवा निवृत हो जाने के बाद चिकित्साधिकारी राजनांदगांव को राजहरा हॉस्पिटल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है और शीघ्र संविदा नियुक्ति संबंधित प्रक्रिया कार्यालय कल्याण आयुक्त (केन्द्रीय) भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय रायपुर द्वारा की जा रही है।
दुर्ग -भिलाई /शौर्यपथ/
शहरों में बनाए गए गौठानों का अब निगम द्वारा मल्टीपरपज उपयोग किया जाएगा। यहां मवेशियों को तो रखा ही जाएगा, साथ ही अब यहां स्व. सहायता समूह द्वारा अलग-अलग तरह के उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। भिलाई नगर निगम के द्वारा यहां फूलों से साबुन, कॉस्मेटिक्स और फेस पैक तैयार कराया जाएगा। इसकी बिक्री ऑनलाइन माध्यम से पूरे देश में की जाएगी।
नगर निगम भिलाई के आयुक्त प्रकाश सर्वे ने इसे लेकर रविवार को शहरी गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आशा स्व सहायता समूह की सदस्य संतोषी बंजारे एवं विनिता वैष्णव इस कार्य में अपनी टीम के साथ काम करेंगी। इनके द्वारा अलग-अलग फूलों से कई तरह के साबुन और कॉस्मेटिक बनाए जाएंगे। बन जाने के बाद इसकी बिक्री ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से की जाएगी। जिले और प्रदेश के अलावा देशभर से कोई भी ऑनलाइन इस प्रोडक्ट को खरीद सकेगा।
इस कार्य के लिए मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थल पर चढ़ने वाले फूल जो कि कचरे के ढेर के साथ चले जाते थे उनका उपयोग किया जाएगा। उन्हें लाकर शहरी गौठान में एकत्र किया जाएगा और उसके बाद उससे प्रोडक्ट तैयार किया जाएगा। यहां फूलों के जरिए फेस पैक एवं हेयर पैक जैसे कॉस्मैटिक्स आइटम भी तैयार किए जाएंगे। इन प्रोडक्ट की ऑनलाइन बिक्री के लिए इंडिया मार्ट, अमेजन एवं फ्लिपकार्ट में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जा रही है
मवेशियों को अपने हाथों से खिलाया गुड़
निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने शहरी गौठान का निरीक्षण करने के दौरान वहां रह रहे मवेशियों को देखा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ भी खिलाया। उनहोंने बताया कि शहरी गौठान में स्व. सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिये अलग-अलग तरह की लाभवर्धक गतिविधियां की जा रही है। अगरबत्ती का कार्य प्रारंभ हो चुका है और बड़े तादात में अगरबत्ती बनाया जा रहा है। इसकी बिक्री के लिए महिलाओं ने व्यवस्था कर ली है ताकि लाभ प्रारंभ हो जाये।
गौठानों में होगा मशरूम का उत्पादन
गौठानों में मशरूम उत्पादन का कार्य भी प्रारंभिक तौर पर जारी है। इसका प्रशिक्षण मिलने के बाद इस पर प्रायोगिक प्रक्रिया जारी है। मशरूम उत्पादन कक्ष शीघ्र महिलाओ को मिल जाएगा। पशुओं को हरा चारा देने के लिये नेपियर ग्रास एक अलग भूभाग पर तैयार किया गया है, वर्मी कम्पोष्ट तैयार करने के लिये और रोटेशन बरकरार रखने के लिए लगभग 100 कम्पोष्ट टैंक तैयार किये जा चुके है। मछली पालन की तैयारी भी अंतिम चरण पर है। सब्जी उत्पादन के लिये महिलाओ ने बीज बोना प्रारंभ कर दिया है। पशुओ की नियमित स्वास्थ्य जांच पशु चिकित्सक कर रहे हैं।
दुर्ग /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ सरकार के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधिग्रहण के बाद यहां कार्यरत 101 मैनेजमेंट कर्मचारी पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं। सरकार ने नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर मैनेजमेंट के कर्मचारियों का संविलियन करने से मना कर दिया है। इसे लेकर मंगलवार को सभी कर्मचारियों ने तालाबंदी हड़ताल की। इस दौरान कर्मचारियों ने नौकरी दो या मौत दो... के नारे लगाकर राज्य सरकार से नौकरी देने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कर्मचारी अस्पताल और कॉलेज के अधिग्रहण के साथ ही उनका भी अधिग्रहण करने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि उनके सभी पदों को पहले बहाल किया जाए, उसके बाद नई वैकेंसी जारी की जाए। कर्मचारियों का आरोप है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार शासन, मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक को पत्र भी लिखा है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर उन्होंने मंगलवार को तालाबंदी और एक दिवसीय हड़ताल की है। उन्होंने मेडिकल के गेट को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखा और वहीं सामने धरना प्रदर्शन किया। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से निकाले गए 101 कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले 4 माह से वह लोग बेरोजगार हैं। उनसकी स्थिति भुखमरी के कगार तक पहुंच गई है। इसलिए उन्होंने अपनी मांग को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।
हेल्थ सेक्रेटरी ने बात करने से किया इंकार
यहां स्टेनो कम कम्यूटर ऑपरेटर के पद पर कई सालों से कार्यरत धनौष कुमार साहू ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के 101 कर्मचारियों के ऊपर रोजगार का संकट मंडरा रहा है। अधिग्रहण को लेकर हेल्थ सेक्रेटरी आलोक शुक्ला सोमवार को मेडिकल कॉलेज आए थे। सभी कर्मचारियों ने उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दया। सरकार का कहना है कि चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अधिनियम 2021 के कंडिका 12 में लिखा गया है कि पूर्व कर्मचारी शासन में बने रहने के लिए मांग नहीं कर सकते हैं। इसी अधिनियम का हवाला देकर वह लोग उनकी मांग नहीं मान रहे हैं।
कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का बनाया मन
हड़ताल कर रहे कई अन्य कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने आरपार का आंदोलन करने का मन बना लिया है। जल्द ही यह आंदोलन शुरू हो जाएगा। हम सरकार से दो ही चीज मांग रहे हैं कि या तो सभी पूर्व कर्मचारियों को नौकरी दी जाए नहीं तो मौत दे दी जाए। इसके अलावा उन्हें कुछ भी स्वीकार नहीं है।
दुर्ग /शौर्यपथ/
फिश फार्मिंग के नाम पर किसानों से करोड़ों की ठगी करने वाले फिश फॉर्चून प्रोड्यूसर कंपनी के सीएमडी विजेंद्र कश्यप और सीईओ विनय शर्मा को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ही गुड़गांव हरियाणा के रहने वाले हैं। दुर्ग के मोहन नगर थाने में भी किसानों से ठगी के मामले में कंपनी के 10 लोगों के खिलाफ 10 दिसंबर को अपराध दर्ज किया गया था।
इसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए प्रोटेक्शन वारंट में दुर्ग लेकर आएगी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा देश में 1750 तालाब बनाकर फिश फार्मिंग कराने के नाम पर 4 राज्यों के 1 हजार से ज्यादा किसानों से 240 करोड़ की ठगी की है। दोनों के खिलाफ एमपी, राजस्थान, यूपी और छत्तीसगढ़ में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। भोपाल पुलिस ने आरोपियों को गुड़गांव से गिरफ्तार किया है। मामले के अन्य आरोपियों में एजेंट प्रहलाद शर्मा और धर्मेंद्र ठाकुर अब भी फरार हैं।
भोपाल के कोहेफिजा थाना में पदस्थ एएसआई आरपी सिंह ने भास्कर को बताया कि कंपनी ने प्लानिंग के तहत कई राज्यों में ठगी की है। 1750 तालाब बनवाए गए। किसानों को आधा एकड़ खेत पर फार्मिंग करने के लिए साढ़े पांच और 1 एकड़ खेत पर बने तालाब पर 11 लाख रुपए देने के नाम पर ठगी गई। दोनों ठग के 6 बैंक अकाउंट और बैलेंस शीट देखने से पता चला कि 1 हजार किसानों से 240 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। राज्यों में खोले गए दफ्तर बंद करके फरार हो गए। इस मामले में दुर्ग सहित आसपास के किसानों से 2.65 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई। मामले में जांच जारी है।
जिले में कंपनी के शिकार किसान
300 से ज्यादा किसान शिकार हुए
90 से ज्यादा किसान सामने आ चुके
2.65 करोड़ रुपए किसानों से ठगे गए
किसान मोहन नगर थाने पहुंच रहे शिकायत लेकर, पुलिस जांच जारी
कंपनी के खिलाफ 60 किसान शिकायत कर चुके हैं। करीब 3 सौ किसानों के साथ कंपनी ने फिश फार्मिंग का झांसा देकर ठगी की है। आधा एकड़ में फार्मिंग के लिए 67500 व एक एकड़ में फार्मिंग के लिए 1.44 लाख रुपए लिए गए हैं। बालोद निवासी देवेश चंद्राकर व राधेराम कोसले की शिकायत पर कंपनी के सुधीर भंडारी, विजेंद्र कश्यप, विनय शर्मा, भरत मौर्य, मनीष कश्यप, हितेश सैनी, सौरभ कुमार, मनोज त्रिपाठी, सुधीर भंडारी, गुलाब चंद्राकर पर केस दर्ज किया गया।
आरोपियों को तलाश में जुटी पुलिस पकड़े गए दोनों से होगी पूछताछ
इस मामले में आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर थे। कंपनी ने सभी प्रमुख दफ्तरों को भी बंद कर दिया है। इसके बाद से किसान परेशान हो रहे हैं। वहीं पुलिस आरोपियों को खोज रही है। पकड़े गए दोनों आरोपियों विजेंद्र कश्यप और विनय शर्मा को अब पुलिस छत्तीसगढ़े लेकर आएगी। उनसे पूछताछ की जाएगी। मामलें में इन दोनों आरोपियों के अलावा अन्य सभी अब तक फरार हैं, जिनके बारे में लगातार पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
किसानों को फायदा पहुंचाने की बात कहकर लिए गए करोड़ों रुपए
पुलिस ने बताया कि किसानों से उनके खेत लिखा-पढ़ी दिखाकर लिए गए। कहा गया कि उन्हें हर साल आधा एकड़ में साढ़े पांच और एक एकड़ में 11 लाख रुपए तक दिए जाएंगे। इस हिसाब से ही क्रमश: हर किसान से फार्मिंग व सेटअप लगाने के नाम पर 67500 और 1.44 लाख रुपए लिए गए। कुछ तालाबों में किए गए कामों की भी जानकारी दी गई, लेकिन बाद में सारे पैसे लेकर कंपनी के संचालक व अन्य भाग खड़े हुए। मामले में जांच जारी है।
फिटनेश केअर /शौर्यपथ/
इन मजेदार तरीकों को आजमाकर आप खुद को एक्टिव और एनर्जेटिक रख सकते हैं. डांस इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है, इसके जरिए खुद को फिट रखा जा सकता है. इसके अलावा स्किपिंग जैसी ढेरों एक्टिविटीज हैं जो फिट रहने में आपकी मदद कर सकते हैं.
खुद को फिजिकली फिट रखने के लिए आम तौर पर लोग योग का सहारा लेते हैं. वहीं कुछ लोग जिम जाकर वर्क आउट करते हैं तो कुछ रनिंग और एक्सरसाइज के जरिए खुद फिट बनाए रखते हैं. लेकिन अगर आपको ये सभी तरीके पसंद नहीं आते और आप खुद को फिट और एक्टिव रखना चाहते हैं तो आप कुछ अलग और हटके तरीके आजमा सकते हैं. इन मजेदार तरीकों को आजमा कर आप खुद को एक्टिव और एनर्जेटिक रख सकते हैं. डांस इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है, इसके जरिए खुद को फिट रखा जा सकता है. इसके अलावा स्विमिंग और स्किपिंग जैसी ढेरों एक्टिविटीज हैं जो फिट रहने में आपकी मदद कर सकते हैं. चलिए आपको इन तरीकों के बारे में बताते हैं.
साइकिलिंग |
हर रोज करीब घंटे भर साइकिलिंग करने से 280-300 कैलोरी बर्न होती है. ऐसे में साइकिल चलाएं और खुद को फिट रखें. शरीर से चर्बी हटाने के लिए साइकिलिंग कारगर उपाय है. पेट कम करने और अपने जॉइंट्स को ठीक रखने के लिए साइकिलिंग बेहतर ऑप्शन है. ये हार्ट को भी हेल्दी रखता है, दिल के लिए ये बेहद फायदेमंद है. साइकिलिंग करने का एक फायदा ये भी है कि इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव कम होता है.
डांस |
डांस को भी एक तरह का एक्सरसाइज माना गया है, इससे पूरा शरीर एक्टिव रहता है. तो अगर आपको हैवी वर्कआउट करना पसंद नहीं तो आप अपने मनचाहे गाने पर जमकर डांस करिए. आप जुंबा क्लासेस कर सकते हैं, वजन कम करने के लिए इसे सबसे अधिक कारगर माना गया है. इसके अलावा सालसा डांस भी बढ़िया विकल्प है, जिससे शरीर का बढ़ा हुआ वजन कम किया जा सकता है. एक घंटे सालसा डांस करने से करीब चार सौ के आस-पास कैलोरी बर्न होती है.
स्किपिंग |
स्किपिंग यानी रस्सी कूदने से शरीर का वजन कम होता है. रोज आधा घंटा से 45 मिनट स्किपिंग कर आप खुद को एक्टिव बना सकते हैं. रस्सी कूदने से दिल भी हेल्दी होता है और पेट पर जमी चर्बी कम होती है, स्किपिंग से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं. कई सारे सेलिब्रिटीज स्किपिंग को अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल करते हैं. ऐसे में आप को भी अगर एक्सरसाइज करना पसंद नहीं तो आप इस ऑप्शन को चुन कर फिट रह सकते हैं.
जंपिंग |
जंपिंग करना काफी आसान है और इसके लिए आपको घंटों का समय निकालने की भी जरूरत नहीं होती. हर दिन कुछ मिनट देकर आप खुद को एक्टिव और फिट रख सकते हैं. हर दिन केवल 20 मिनट जंपिंग करने से 100 से 200 तक कैलोरी बर्न होती है.
खेलना |
आपने स्पोर्ट्स पर्सन्स को अक्सर फिट देखा होता, क्योंकि खेलना खुद एक एक्सरसाइज है. आउटडोर गेम्स जैसे बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बेसबॉल जैसे गेम आप खेल सकते हैं. इसके साथ ही स्विमिंग भी शरीर को फिट रखने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है. प्रतिदिन 35-40 मिनट इस तरह के गेम खेलते हैं तो आप बिल्कुल फिट और चुस्त रहेंगे.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
