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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
लखनऊ /शौर्यपथ / यूपी में नाबालिग बच्चियों से रेप की वारदात रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. बाराबंकी में एक 15 साल की दलित लड़की की लाश खेत में मिली है, जिसके नीचे के कपड़े उतरे हुए थे. बांदा में एक 8 साल की बच्ची से उसके रिश्तेदार ने ही रेप किया जिसकी हालत गंभीर है. वहीं सहारनपुर में खेत में खाना लेकर जा रही महिला से गैंगरेप की वारदात सामने आई है. बाराबंकी के एक गांव में धान के खेतों में 15 साल की बच्ची की हाथ बंधी हुई लाश मिली. उसकी लैगिंग जिस्म से उतरी हुई थी. वो 4 बजे के करीब खेस में काम करने के लिए गई थी. देऱ तक नहीं आई तो ढूंढने पर लाश मिली. लड़की के चाचा ने बताया, "वो धान काटने के लिए गई थी. उसकी लैगिंग नीचे उतरी हुई थी और हाथ बंधे हुए थे. वो तिरछी पड़ी हुई थी."
अब गांव में पुलिस लगी है, मुजरिम की तलाश हो रही है. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है. प्रभारी पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम ने बताया, "डेडबॉडी का पंचनामा कर विधिक कार्रवाई की जा रही है. इशके साथ ही साक्ष्य संकलन हेतु अतिरिक्त टीम का गठन कर दिया गया है. विधिक कार्रवाई की जा रही है."
उधर बांदा में एक सात साल की बच्ची रेप के बाद अस्पताल में भर्ती है. जहां उसकी हालत गंभीर है. बच्ची घर में अकेली थी तभी एक पड़ोसी ने ने घर में घुसकर उसके साथ रेप किया. बच्ची के मां ने बताया, "जब मैं आई बाहर से तो बच्ची रो रही थी, मैंने पूछा तो उसने सारी बात बताई. " बच्ची की हालत के बारे में बताते हुए मां ने कहा, "उसका बल्ड नहीं बंद हो रहा है. बल्ड बहुत जा रहा है."
सहारनपुर में एक महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह खेत में अपने बेटों को खाना लेकर जा रही थी, तभी गांव के कुछ दबंगों ने उसके साथ रेप किया और मारा-पीटा.पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवा दिया है और केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी के साथ महिला का जमीनी झगड़ा भी है.
सहारनपुर ग्रामीण के एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया, "वादी द्वारा बताया गया है कि इनकी मां के साथ इनके पड़ोसी के द्वारा रेप किया गया. जिसके संबंध में तहरीर दी गई है. तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है."
भोजन में पोष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ कुपोषण मुक्ति में होगी मददगार
कोण्डागांव जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी योजना
मुख्यमंत्री बघेल ने बजट भाषण में की थी फोर्टिफाईड राईस वितरण योजना शुरू करने की घोषणा
राज्य सरकार ने 5.80 करोड़ रूपए का किया बजट प्रावधान
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भोजन में आवश्यक पोष्टिक तत्वों की पूर्ति और कुपोषण के नियंत्रण के लिए आगामी एक नवंबर राज्य स्थापना दिवस से फोर्टिफाईड राईस वितरण की अभिनव योजना शुरू करने जा रही है। आयरन और विटामिन से युक्त फोर्टिफाईड राईस वितरण की यह योजना राज्य के कोण्डागांव जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2020-21 के अपने बजट भाषण में इस योजना को प्रारंभ करने की घोषणा की थी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ 80 लाख रूपए का बजट प्रावधान भी किया गया है।
गौरतलब है कि फोर्टिफाईड राईस में लौह तत्व, विटामिन बी-12 तथा फोलिक एसिड युक्त फोर्टिफाईड राईस करनेल (एफआरके) का मिश्रण होता है। जो लोगों को खुराक में आवश्यक पोष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ ही कुपोषण के नियंत्रण में काफी मददगार साबित होगा। इस राईस का वितरण कोण्डागांव जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत किया जाएगा। इस राईस का भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार वितरण किया जाएगा।
कोण्डागांव जिले मेें पीडीएस एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत समस्त चावल को फोर्टिफाईड कर वितरित किया जाएगा। फोर्टिफाईड राईस तैयार करने लिए दो राईस मिल को राईस ब्लेडिंग कार्य सौंपा गया है। कोण्डागंाव जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक लाख 11 हजार 217 राशनकार्ड तथा राज्य योजना के तहत 23 हजार 204 राशनकार्ड इस तरह कुल एक लाख 34 हजार 421 राशनकार्ड प्रचलित है। इस जिले में चांवल का कुल वार्षिक आबंटन 60 हजार 188 टन है जिसमें पीडीएस चांवल का 55 हजार 068 टन है और कल्याणकारी योजना, मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार आदि योजनाओं का वार्षिक आबंटन 5 हजार 120 टन है।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के प्रभारी सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज पाटन विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर यहां कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम सिकोला में बनाए गए गौठानों का अवलोकन कर किसानों से गोबर की खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट की जानकारी ली। गौठान में पानी की व्यवस्था से भी अवगत हुए। यहां नलजल योजनांतर्गत उच्चस्तरीय पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है। पाइप लाइन बिछाने के कार्य सहित ग्राम के सभी घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति करने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।
उन्होंने योजनांतर्गत कार्य को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने को कहा। इसी तरह ग्राम फुंडा, ग्राम पंदर में पहुंचकर नलजल योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने ग्राम देवादा में जिम का निरीक्षण किया। जिम में पहुंचकर उन्होंने इसकी सराहना किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन करने के साथ ही सड़क के किनारे नाली निर्माण में बहाव पर विशेष ध्यान रखने कहा। जिससे नाली से पानी की निकासी सुगमता पूर्वक हो सके।
'त्योहारों के मौसम में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें' : चिकित्सक से ली गई विशेष भेंटवार्ता आज आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित
रायपुर / शौर्यपथ / आकाशवाणी केंद्र, रायपुर द्वारा आज एक विशेष कार्यक्रम- 'त्योहारों के मौसम में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें' प्रसारित किया जाएगा। इसके अंतर्गत रायपुर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर ओ. पी. सुंदरानी से ली गयी विशेष भेंटवार्ता प्रसारित की जाएगी। प्रादेशिक समाचार एकांश द्वारा तैयार किया गया यह कार्यक्रम सुबह साढ़े दस बजे प्रसारित होगा, जिसे छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्र रिले करेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / स्वसहायता समूहों द्वारा गोबर से बने हुए डिजाइनर दीये लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं और देश-विदेश से इनकी माँग आ रही है। इन हुनरमंद लोगों द्वारा बनाये गए उत्पादों से जिले के नागरिक भी पूरी तरह से रूबरू हों इसके लिए मुकम्मल तैयारी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया है कि दीपावली के अवसर पर बड़ा बाजार सजेगा, इसमें स्थानीय उत्पादों का काफी बड़ा बाजार होगा। दीपावली में परंपरागत रूप से दीयों के द्वारा रौशनी की परंपरा है। हमारी स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने बीते महीने इस संबंध में बहुत अच्छा कार्य किया है।
उन्होंने गोबर के डिजाइनर दीये, धूपबत्ती आदि बनाये हैं। इसके साथ ही वे स्थानीय उत्पाद भी काफी गुणवत्तापूर्वक तैयार कर रही हैं। दीपावली के मौके पर वे बाजार के आर्थिक लाभ की संभावनाओं का पूरा दोहन कर सकें, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें प्राइम लोकेशन पर अपने उत्पादों के विक्रय और डिस्प्ले के लिए जगह दी जाए। कलेक्टर ने कहा कि इसके साथ ही स्वसहायता समूहों की महिलाओं का नियमित प्रशिक्षण भी जरूरी है ताकि वे बाजार की डिमांड को समझकर उसके अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें। इसके लिए गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण, बाजार तक पहुंच आदि चीजें बहुत जरूरी हैं। इस संबंध में इन्हें पूरा मार्गदर्शन दें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने इन गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर भिलाई निगम कमिश्नर श्री ऋतुराज रघुवंशी, रिसाली निगम कमिश्नर श्री प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई, सहायक कलेक्टर जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लिफ्ट इरीगेशन की संभावनाओं पर होगा काम- कलेक्टर ने कहा कि जिले में लिफ्ट इरीगेशन की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इसका पूरा दोहन करना है। इसके लिए उन्होंने विद्युत कंपनी के अधिकारियों के साथ संयुक्त दौरा करने के निर्देश क्रेडा अधिकारियों को दिये। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कहा कि जहां कहीं भी नहरों में झाड़ी, गाद आदि जमा होता है वहां ठीक करा लें ताकि ज्यादा से ज्यादा बूंद सिंचित की जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्ते वे इस कार्य का अवलोकन करेंगे।
धान खरीदी केंद्रों में मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करें- कलेक्टर ने कहा कि आने वाले दिनों में धान खरीदी आरंभ होगी। धान खरीदी केंद्रों में सारी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करा लें। जिन 7 अतिरिक्त केंद्रों में धान खरीदी इस साल से शुरू होनी है वहां भी धान खरीदी की तैयारियों की मुकम्मल व्यवस्था करा लें। हर समिति में चबूतरों की उपलब्धता सुनिश्चित करा लें। 30 अक्टूबर तक सभी चबूतरे पूरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बारदानों की उपलब्धता तथा कैप कवर की व्यवस्था मुकम्मल कर लें।
कलेक्ट्रेट भवन का रिनोवेशन होगा लेकिन मूल स्वरूप कायम रहेगा- कलेक्टर ने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन का रिनोवेशन किया जाएगा लेकिन भवन का मूल स्वरूप इसी तरह से कायम रहेगा। अन्य निर्माण कार्यों के संबंध में उन्होंने कहा कि एजेंसियों के निर्माण कार्य कोरोना की वजह से होने वाले लाकडाउन की वजह से प्रभावित हुए हैं। अब इन्हें गति देने की जरूरत है। अधिकारी लगातार मानिटर करें और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करें।
सुबह और शाम के दौरों के माध्यम से प्रभावी रूप से हो साफ सफाई की मानिटरिंग- कलेक्टर ने कहा कि निगम अधिकारी सुबह और शाम दोनों समय सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। सफाई पुख्ता होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य के जो कार्यक्रम चल रहे हैं उन पर लगातार मानिटरिंग रहें।
धमतरी /राजशेखर नायर
आर.बी.सी. 6-4 के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत
कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य ने प्राकृतिक आपदा से मृतक के परिजनों को आर.बी.सी. 6-4 के तहत चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया है। मिली जानकारी के मुताबिक नगरी तहसील के ग्राम कुकरेल निवासी श्री राजेश यादव की आग में जलने से ईलाज के दौरान नौ मार्च को 2019 को मृत्यु हो गई। इसके मद्देनजर पत्नी श्रीमती ललिताबाई को आर.बी.सी. 6-4 के तहत चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। ग्राम घटुला निवासी श्रीमती निर्मला बाई की आग में जलने के कारण ईलाज के दौरान पांच दिसंबर 2019 को मृत्यु हो गई। फलस्वरूप पति श्री करूण कुमार को आर.बी.सी. 6-4 के तहत आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह कुरूद तहसील के ग्राम सिर्वे निवासी कुमार चहक साहू की पानी में डूबने से 27 अप्रैल 2020 को मृत्यु हो गई। इसके मद्देनजर पिता श्री सुरेश कुमार साहू को आर.बी.सी. 6-4 के तहत चार लाख रूपए स्वीकृत स्वीकृत किया गया है।
धमतरी / राजशेखर नायर
न्यायालयीन प्रकरण के आवेदन न्यायालयीन दिवसों में संबंधित राजस्व न्यायालयों में पेश किए जाएंगे। गौरतलब है कि पूर्व में कार्यालय अधीक्षक द्वारा न्यायालयीन प्रकरणों के आवेदनों को सामान्य डाक की तरह प्राप्त कर संबंधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के रीडर को मार्क किया जाता रहा है। इसके मद्देनजर कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी आवेदन न्यायालयीन दिवसों में सीधे संबंधित राजस्व न्यायालयों में पेश करने कहा है।
धमतरीब्यूरो /राजशेखर नायर
मछलीपालन विभाग को विभिन्न सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि इन दिनों प्रदेश में कुछ अशासकीय संस्थाओं/फर्म द्वारा मत्स्य कृषकों की भूमि पर तालाब निर्माण करवाकर मछलीपालन का व्यवसाय करवाने के नाम पर विभिन्न योजनाएं प्रसारित की जा रही है। इन संस्थाओं द्वारा मत्स्य कृषकों से एक बड़ी राशि लेकर उनकी ही भूमि पर मत्स्यपालन का व्यवसाय करने एवं उन्हें एक निश्चित मासिक आय का प्रलोभन दिया जा रहा है। ‘‘कांटेªक्ट फार्मिग’’ या ‘‘राशि दो गुना करने ’’ जैसे नाम से ये प्रस्ताव ऐसी फर्म दे रही है।
सहायक संचालक, मछलीपालन विभाग सुश्री बीना गढ़पाले ने सर्व साधारण एवं मत्स्य पालकों से अपील किया है कि मछलीपालन विभाग अथवा छ0ग0 शासन ऐसी किसी भी योजना को प्रमाणित नहीं करता है। कोई भी मत्स्य कृषक ऐसी किसी भी योजना से स्वयं विचार कर वैधानिक/आर्थिक पक्षों को भली भांति समझ-बूझकर ही राशि निवेश करें, अन्यथा शासन अथवा मछलीपालन विभाग किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होगा।
-‘धमधा के किसान श्री विश्राम सिंह पटेल की कहानी’, जिन्हें दूध से ज्यादा आय गोबर बेचकर हुई
- दो किस्तों को मिलाकर अब तक करीब 16 हजार रुपए कमाए, वहीं इस दौरान दूध बेचकर हुई करीब 11 हजार 300 रुपए की आमदनी
-सोच रहे थे अपने मवेशी बेच दें मगर ‘गोधन न्याय योजना’ ने बदल दिया इरादा
-गौपालन को मिला सहारा और जैविक खेती को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों और किसानों के लिए फायदे की योजना है गोधन न्याय योजना
दुर्ग / शौर्यपथ / जनहित में लिया गया एक सही निर्णय किस तरह कारगर साबित होता है इसका साक्षात उदाहरण है धमधा के किसान श्री विश्राम सिंह पटेल। वे बताते हैं कि कुछ महीनों पहले रखरखाव में हो रहे खर्च के कारण उन्होंने इरादा कर लिया था कि वह अपने सारे मवेशी बेच बेच देंगे लेकिन उनका इरादा बदल दिया राज्य शासन की गोधन न्याय योजना ने। जब उनको पता चला कि सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने से गोबर खरीदने की योजना शुरू की है तो उन्होंने भी सोचा क्यों न वो भी इस योजना का फायदा उठाएं।
40 मवेशियों से मिलता है करीब ढाई से तीन क्विंटल गोबर, दो किस्तों को मिलाकर अब तक करीब 16 हजार रुपए कमाए, वहीं इस दौरान दूध बेचकर हुई करीब 11 हजार 300 रुपए की आमदनी - श्री विश्राम सिंह पटेल बताते हैं शुरुआत में तो केवल आजमाने के लिए उन्होंने गोबर इकट्ठा किया तो देखा 40 मवेशियों से करीब ढाई से 3 क्विंटल गोबर इकट्ठा हो जाता है। उनके पास 10 गायें गिर नस्ल की, 15 देसी नस्ल की हैं और 15 बछड़े और बछिया है। उन्होंने बताया कि एक गाय साल भर दूध नहीं देती जब उसके बछड़े होते तभी दूध देती है। इस लिहाज से एक समय मे 25 में 8 से 10 गायें ही दूध देती हैं । उनके यहाँ देसी गाय एक दिन में डेढ़ से दो लीटर दूध देती है और गिर गाय 7 से 8 लीटर। वर्तमान में 4 देसी और 3 गिर गायें दूध दे रही हैं। जिनसे प्राकृतिक रूप से एक दिन में करीब 15 से 20 लीटर दूध मिलता है। वहीं 40 मवेशियों से करीब ढाई से तीन क्विंटल गोबर मिला जिसे बेचकर पहली किस्त में 6470 और दूसरी किस्त 9450 दोनों को मिलाकर करीब 16 हजार रुपए मिले। वहीं दूध बेचकर इसी अवधि में उनको 11 हजार 300 रुपए की आमदनी हुई। श्री विश्राम सिंह पटेल बताते हैं कि एक दिन उन्होंने करीब 700 रुपए का गोबर बेचा और उसी दिन 500 रुपए का दूध। ये देखकर उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि गोबर से भी उनको इतनी आय हो सकती।
गौपालन को मिला सहारा और जैविक खेती को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों के लिए फायदे की योजना है गोधन न्याय योजना - श्री पटेल ने बताया कि 40 मवेशियों के पालन पोषण रख-रखाव बहुत महंगा पड़ रहा था। हरा चारा तो अपने खेतों से मिल जाता था मगर बाजार से चारा, मवेशियों के टीकाकरण, श्रमिकों की मजदूरी मिलाकर काफी खर्च हो जाता था। एक समय ऐसा आया कि उन्होंने तो गौपालन बंद करने का सोच लिया था लेकिन, ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत हो रही गोबर खरीदी से उनके गौपालन को सहारा मिला और उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। अतिरिक्त आमदनी होने से उनको मवेशियों के रख-रखाव में मदद मिलेगी।
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए चिकित्सको द्वारा समय पर अनेक परामर्श जारी किए जा रहे हैं। जिनमें से एक है कि यदि एंटीजेन टेस्ट निगेटिव आया और फिर भी सर्दी,खांसी,बुखार आदि लक्षण नजर आ रहे हैं तो आरटीपीसीआर टेस्ट अवश्य कराएं।
राज्य में 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक संचालित सघन सामुदायिक सर्वेक्षण में 42हजार 889 ऐसे व्यक्तियों का आर टी पी सी आर /टुªनाट टेस्ट कराया गया, जिनका एंटीजेन निगेटिव आया था लेकिन जिनमें सर्दी,खांसी,बुखार आदि लक्षण थे। इनमें से 1277 व्यक्तियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि इस मामले में लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतते हुए आरटी पीसी आर या टुनाट टेस्ट जरूर कराएं और कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में सहायक बनें।
मुख्यमंत्री ने जेईई मेन्स में छू लो आसमान के सफल 17 विद्यार्थियों को दी उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं
बीजापुर और सुकमा के आदिवासी बच्चों के लिए अगले सत्र से 40 सीटें बढ़ाने और चयनित विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा
आने वाले वर्षो में विकासखण्ड स्तर पर खोले जाएंगे इंग्लिस मीडियम स्कूल
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दंतेवाड़ा जिले के ’छू लो आसमान’ कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में (जेईई) मेन्स में सफल 17 छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उन्हें सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इन छात्र-छात्राओं ने एनआईटी में प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2011 में जिला प्रशासन दंतेवाड़ा और एनएमडीसी के सहयोग से प्रारंभ किए गए इस कार्यक्रम की मदद से अब तक 845 छात्र-छात्राओं का चयन विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रंेसिंग के जरिए विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाईयां हासिल की जा रही है। आप लोग दूरस्थ अंचलों से हैं और विपरित परिस्थितियों में अपने दृढ़ संकल्प से ’छू लो आसमान’ कार्यक्रम के माध्यम से यह सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ’छू लो आसमान’ कार्यक्रम में बीजापुर और सुकमा के आदिवासी बच्चों के लिए अगले सत्र से 40 सीटें बढ़ाने, चयनित विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और एक छात्र हेमंत कुमार आर्य की ऑखों का पूरा इलाज कराने की घोषणा की। श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के अंतर्गत जिलों में 53 स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। आने वाले वर्षो में विकासखण्ड स्तर पर इंग्लिस मीडियम स्कूल प्रारंभ किए जाएंगे।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, विधायक अनूप नाग, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रंेसिंग के माध्यम से कलेक्टर दंतेवाड़ा दीपक सोनी और एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुमित देव शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ’छू लो आसमान’ कार्यक्रम से जुड़ें बच्चों की सफलता ने यह साबित कर दिखाया है कि हमारे बस्तर इलाके में प्रतिभा की कमी नही है। यदि अवसर मिले तो हमारे बच्चे महानगरों के बच्चों को भी मात दे सकते हैं। अभी तक बस्तर की पहचान उसकी प्राकृतिक छटा, वहां की अनोखी जीवन शैली और खनिजों से भरपूर खदानों से होती थी। अब शिक्षा के नाम से भी बस्तर को जाना जाएगा। श्री बघेल ने इस अवसर पर सफल विद्यार्थियों दंतेवाड़ा चेरपाल के संतकुमार कंुजाम, सुकमा की उपासना नेगी और कल्याणी नेताम और दंतेवाड़ा टेकनार के मनोज कुमार तथा छू लो आसमान की शिक्षिका सुकृति शर्मा से बात कर उनके अनुभव जाने। बच्चों ने गुरूजनांे, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, दंतेवाड़ा और अपने माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय दिया।
’छू लो आसमान’ कार्यक्रम में इस वर्ष कुल 17 छात्र-छात्राएं (15 छात्र, 2 छात्राएं) जेईई मेन्स की प्रवेश परीक्षा (एन.आई.टी. हेतु ) में मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है, जिसमें दंतेवाड़ा के 11, बीजापुर के 2, सुकमा के 3 एवं बस्तर जिले से 1 छात्र, छात्राएं शामिल हैं, जिनमें 16 विद्यार्थी आदिवासी एवं 1 अन्य पिछड़ा वर्ग से है। पिछले वर्ष भी 21 छात्र-छात्राओं ने आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश पाया था।
दंतेवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में ’छू लो आसमान’ की स्थापना की गई। इस संस्था में मूल रूप से दंतेवाड़ा एवं आसपास के छात्र-छात्राओं को कक्षा 9वीं से हॉस्टल में रखकर पीईटी एवं पीएमटी की तैयारी करायी जाती है, साथ ही उनकी पढ़ाई को जारी रखने हेतु दंतेवाड़ा के विभिन्न स्कूलों में प्रवेश भी दिलाया जाता है। संस्था मंे प्रत्येक वर्ष 80 छात्र एवं छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। कुल सीटों में 76 प्रतिशत आदिवासी, 4 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 14 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 6 प्रतिशत सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं हेतु सुरक्षित रहती है। एक समय में कक्षा में कुल 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत रहते है।
’’छू लो आसमान’’ की स्थापना से ही एनएमडीसी इस संस्था में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का व्यय जैसे कि शिक्षकों का वेतनमान, छात्र-छात्राओं की कापी, किताब, शिक्षण सामग्री, गणवेश, भोजन, दैनिक उपयोग की समस्त वस्तुओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का व्यय एनएमडीसी सीएसआर अंतर्गत व्यय किया जाता है। ’’छू लो आसमान’’ के छात्र-छात्रओं की इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एनएमडीसी द्वारा तीन करोड़ रूपए प्रतिवर्ष व्यय किए जाते हैं। संस्था की मॉनिटरिंग जिला प्रशासन एवं एनएमडीसी द्वारा की जाती है।
राजशेखर नायर
ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे पर हाथों की धुलाई और रंगोली बनाकर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ज़िले में दिया गया स्वच्छ जीवनशैली का संदेश । कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी और अन्य संक्रमण से बचने के लिये नियमित रुप से व्यक्ति को स्वास्थ्य की छोटी-छोटी बातों को ध्यान रखने के उद्देश्य से हाथों की धुलाई के वीडियो किल्प बनाकर हितग्राहियों और नौनिहालो को स्वच्छ जीवनशैली और संक्रमक बीमारियों से बचाने के बारे में बताया गया है।
पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया हितग्राहियों और नौनिहालो को स्वच्छ जीवनशैली के प्रति हाथों की साफ-सफाई और पोषण पर जागरूक करना आवश्यक है। हाथों को धोने से कई तरह के संक्रामक बीमारियों से बच सकते हैं। बच्चों को हैंड वॉशिंग की आदत कम उम्र से शुरू कर देना चाहिए, ताकि वह संक्रमण से बचे रहें। हाथों की साफ-सफाई की शुरुआत घर से ही करनी चाहिए। जब घर के बड़े लोग स्वच्छता की आदतों की शुरुआत करते हैं, तो बच्चे भी इसका अनुसरण करते हैं।
भारतीय संस्कृति में विशेष रूप से हाथ से ही खाना खाने की संस्कृति है इसलियें खाना खाने से पहले ओर शौच के बाद उचित ढंग से हाथ की सफाई अति आवश्यक है । कोविड-19 के सक्रमंण काल में डिजिटल माध्यमों का उपयोग ज़्यादा किया जा रहा है ।
सेक्टर गुढ़ियारी के अंतर्गत समस्त केंद्रों में विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया गया जिसमें 20 सेकेंड तक हाथ धोकर समस्त हितग्राही तक जानकारी वीडियो किल्प से पहुंचाया गया । किशोरी बालिका मितानिन कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यक्रम में सम्मिलित हुई । विश्व हाथ धुलाई दिवस के संदेश को डिजिटल माध्यम से व्हाट्सएप द्वारा कार्यकर्ताओं ने हितग्राहियों तक मैसेज कर के दिया । वैश्विक कोरोना संक्रमण काल में शारीरिक दूरी रखते हुए कार्यक्रम को संपादित किया है साथ ही हाथ धुलाई में भी इसका विशेष ध्यान दिया गया ।आंगनबाड़ी केंद्र ज्योतिबा नगरगुढ़ियारी सेक्टर की समस्त कार्यकर्ताओं ने बहुत ही उत्साह से हैंडवाशिंग डे मनाया ज्योतिबा नगर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी तिवारी जी ने किशोरी बालिकाओं से बहुत सुंदर रंगोली बनाकर स्वच्छ जीवनशैली का संदेश भी दिया गया है ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पांडेय ने बतायावैश्विक महामारीकोविड-19 से बचाव में साफ सफाईमहत्वपूर्णहिस्सा है, इसलिए जिले की समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ग्लोबल हैंडवाशिंग दिवस मनाया गया ।आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए विडियो क्लिप के माध्यम से हाथ धुलाई के साथ साथ स्वच्छता कासंदेश भी दिया ।
हाथ न धोने से होने वाली बीमारियाँ
दस्त, श्वसन संक्रमण, टाइफाइड, निमोनिया, पेट संबंधी रोग, पीलिया, आँख की बीमारी,हैजा,त्वचा संबंधी रोग हो सकते है ।
हाथ धोना कब-कब जरूरी
शौच के बाद,खाना बनाने और खाने से पहले, साफ-सफाई करने के बाद, पालतू जानवरों और खेलने के बाद, किसी बीमार व्यक्ति से मिलकर आने के बाद।छींक,खांसी, बागवानी के बाद हाथ जरुर धोना चाहिये।
Rajshekhar Nair
प्रदेश में 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक रक्तदान पखवाड़ा मनाया गया। इसके अंतर्गत रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
यहाँ ओम साईं रक्तदाता सेवार्थ समिति की ओर से रवि साहू की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में महिलाओं द्वारा भी बढ चढकर रक्तदान किया गया। समिति के अध्यक्ष किरण साहू ने कहा रक्तदान का उद्देश्य जरुरतमंद मरीजों की सहायता करना एवं रक्तदान करने के प्रति लोगों को जागरूक करना है। रक्तदान करना महान कार्य है, इसे नियमित अंतराल पर करना चाहिए क्योंकि ब्लड का किसी भी प्रकार से उत्पादन नहीं किया जा सकता और नही इसका कोई विकल्प है।
सिविल सर्जन डॉ.आर.के.तिवारी, ने बताया की ज़िले में चल रहे रक्तदान पखवाडे में दानदाताओं को रक्तदान उपरांत रक्तदाता को सर्टिफिकेट, उपहार स्वरुप मास्क एवं ग्लब्स प्रदान किये गए । रक्तदान पखवाड़ा में दो गज दूरी, मास्क एवं सैनीटाइज़ेशन पर विशेष व्यवस्था बनाए रखते हुए रक्तदान का कार्य किया गया । इस दौरान शिविर में 17 लोगों ने रक्तदान किया ।
रक्तदान करने पंहुची दीक्षा चौबे ने बताया वह पहले भी रक्तदान कर चुकी है । रक्तदान कर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। ``रक्तदान में आप सभी भाग लेकर रक्तदान कर सकते है। रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को भी युवा साथियों के बीच दूर करना और रक्तदान के प्रति अधिक से अधिक लोगों को जागरुक करने आगे आना चाहिए । एक स्वस्थ व्यक्ति 18 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक रक्तदान कर सकता है तो फिर हम युवा क्यों पीछे रहें । एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान कई जरूरतमंद लोगों को मदद करता है,’’ दीक्षा ने बताया ।
रक्तदान के है कई फायदे
रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावनाएं कम होती हैं। आयरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हेल्दी बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। रक्तदान का एक फायदा यह भी है कि रक्तदान करते समय 7 तरह के टेस्ट किए जाते हैं।अगर किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है तो उसका भी पता चल जाता है।
कौन कर सकता है रक्तदान
रक्तदान करने के लिए रक्तदाता की उम्र 18 से 66 साल के बीच होनी चाहिए जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो। शारीरिक रूप से सेहतमंद होना भी जरूरी है। खून में हीमोग्लोबिन का स्तर 12.5 जी/डीएल या इससे ऊपर होनी चाहिए। रक्तदान करने के 24 घंटे पहले शराब, धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन नही किया गया हो। रक्तदान करने वाले व्यक्ति को ब्लड प्रेशर, कैंसर, एड्स जैसी बीमारी नही होनी चाहिए। एक सेहतमंद व्यक्ति हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है।
रक्तदान शिविर में जिला अस्पताल रायपुर के डॉ आर.के सक्सेना,डॉ पी. के गुप्ता(आर.एम.ओ),डॉ एस. के भंडारी, डॉ अनुरीता सिंह, डॉ पी.महिश्वर पैथोलॉजिस्ट ,डॉ.एम.वानखेड़े, डॉ.एस.साहू, डॉ.एन.के.ओझा कंसलटेंट, स्टाफ नर्स श्रीमति पार्वती साहू, प्रार्थना छत्रे, दीप्ती ठाकुर, लैब टेक्नोलॉजिस्ट रिंकू सिंह,श्रीकांत सोनी उपस्थित रहे शिविर का आयोजन एम.वासुदेव राव, सुनील भारद्वाज,एम आशीष कुमार, के सौजन्य से हुआ जिसमें कार्यकारिणी सदस्य छाया सिंह का रक्तदान शिविर को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा ।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
