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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घेरा साय सरकार को
रायपुर / शौर्यपथ /
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है एक तरफ किसानों को रबी फसल की कीमत नही मिल रही हैं किसानों का फसल को नुकसान हुआ लेकिन अभी तक मुआवजा नही मिला है और साय सरकार ने समय में बिजली और पानी उपलब्ध नही कराया है। इस कारण किसानों को बहुत नुकसान हुआ है सरकार के द्वारा कोई सर्वे नही कराया गया है। मंडी बंद है धान की खरीदी नहीं हो रही है। इस साल किसान राईस मिलरों को 1400-1500 रुपये में क्विंटल की दर में धान बेचने को बाध्य हुये। किसान बरसात की फसल के लिये तैयारी कर रहे है लेकिन बीज और खाद की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण किसानों को बहुत ही ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ेगा। नकली खाद मार्केट में आ गया है और किसान से जुड़े संगठन भी आंदोलन कर रहे है। कवर्धा में गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ना की कीमत नही मिल रही है। पिछले समय 4 महीने गन्ना खरीदी होती थी पर इस साल सिर्फ 44 दिन खरीदी हुयी है और जो गन्ना की खरीदी हुयी उसका भी भुगतान नहीं हुआ है। साय सरकार किसान विरोधी सरकार है।
सुशासन त्यौहार चल रहा है आवेदन ले लिया है और पावती नहीं दिये है। मस्तूरी विधानसभा में आयोजित सुशासन तिहार में जनता ने पूर्व में दिये आवेदन के निराकरण की जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने पावती मांगी, जबकि आवेदन लेते समय पावती नहीं दी गयी थी जिससे जनता आक्रोशित हुई अधिकारी भाग गये। दूसरी तरफ भाजपा के नेता वसूली करने में लगे हुये है। खदानों में अवैध खनन चल रहा है। कोयला, लोहा में कमीशनखोरी चल रहा है। अब तो विभागों में 30 प्रतिशत की कमीशन से काम हो रहा है। हद तो तब हो जाती जब मुख्यमंत्री के परिवार के लोग जाकर दारू और मुर्गा की मांग करते है नहीं देने वालों पर कार्यवाही हो जाती है। इससे निचले स्तर की बात नही हो सकती।
सरकार द्वारा नक्सली अभियान चलाया जा रहा सरकार को स्पष्ट करना चाहिये नक्सली कितने मारे गये और उसमे ग्रामीण तो मरे नही है। क्योकि पिछले समय ग्रामीणों की भी हत्या हो गयी थी। पिछले साल तेंदूपत्ता तोड़ने गये 3 ग्रामीणों को मार दिया गया था। सरकार के तरफ से उन लोगों को मुआवजा भी नहीं मिला। नक्सली मामले में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का अलग बयान आता है, यह स्थिति है सरकार की।
रमन सरकार के 15 साल में बहुत सारी शासकीय कार्यक्रम हुये है उनकी भी जांच होनी चाहिये। अभी साय सरकार के कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिये। निगम मंडल अध्यक्ष के शपथ ग्रणह कार्यक्रम में लाखों खर्च हुये है उसकी भी जांच होनी चाहिये। भाजपा सरकार को भूपेश बघेल के हर फैसले का पलटना जरूरी लगता है। लेकिन अभी तक बिजली बिल हाफ योजना नहीं पलट पाये। हाट बाजार योजना नहीं पलट पाये 35 किलो हर परिवार की योजना नहीं पलट पाये। जब हमारी सरकार थी तब हमने तेंदूपत्ता 4000 रूपये में खरीदी की लेकिन इस सरकार में तेंदूपत्ता का पैसा नही दे पाये है। मनरेगा बंद है मजदूर काम मांग रहे है यहां के लोग सीमावर्ती राज्य में जाकर काम मांग रहे है सरकार को मनरेगा में काम देना चाहिये। छत्तीसगढ़ में पलायन शुरू हो गया है।
पहलगाम में 26 लोगों की मौत हो गयी थी सरकार ने सुरक्षा क्यों नही दिया और जब युद्ध हो रहा था तब ट्रंप बीच में आकर सीजफायर हमने कराया बोल रहे है और कश्मीर के बारे में बात किया जायेगा जबकि हमने अपने लोगों को खोया है सरकार को स्वतंत्र फैसला लेना चाहिये। सरकार को बताना चाहिये कि पुलवामा हमले में आरडीएक्स कहां से आया था। सरकार के पास कोई नीति नहीं है। अभी अघोषित आपातकाल लगा हुआ है सरकार से सवाल पूछने पर सीधे जेल में डाल देते है भारत प्रजातांत्रिक देश है सबको बोलने का पूरा अधिकार है।
झीरम और पहलगाम में जो समानता है कि दोनों जगह सुरक्षा नही था। झीरम घाटी में नाम पूछकर मारे और पहलगाम में धर्म पूछकर मारे। आज तक नक्सली और आतंकवाद हमले में ऐसा नहीं मिलेगा कि नाम और धर्म पूछकर मारा गया हो। झीरम मामले में हमने एसआईटी गठन किया गया था लेकिन एनआईए ने उसका विरोध किया था एफआईआर में नाम गायब हो जाते है सरकार में यह स्थिति है। भाजपा की केंद्र सरकार ने हमे जांच करने नहीं दिया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत बारिश से पहले चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुबह शुक्रवार को वार्ड 38 बैधनाथ पारा से महावीर कालोनी,शुभम नगर क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान नालियों की सफाई कर कचरा उठाया गया। निगम कमिश्नर सुमीत अग्रवाल ने एमआईसी प्रभारी नरेंद्र बंजारे, पार्षद रामचंद सेन,उपअभियंता विनोद मांझी,उपअभियंता उमायन्ती ठाकुर,पीआईयू कुणाल,सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पंकज चंद्रवंशी के साथ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
कमिश्नर ने पार्षद के साथ वार्ड क्षेत्र बड़ी व छोटी नालियों की वृहद रुप से सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र सहित अन्य चौराहों का निरीक्षण कर नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि मानसून के पहले शहर के सभी 60 वार्डों, जलभराव वाले इलाकों में वृहद सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत महावीर कालोनी सहित शुभम नगर के अलावा बैधनाथ पारा में नाले-नालियों की सफाई सुनिश्चित होगी। कमिश्नर ने कहा कि क्षेत्र के नाली को बेहतर सफाई करवाये साथ ही नाली सफाई के दौरान दिक्कत होने पर पुराने ओर बंद हो चुके नल कनेक्शन को हटवाए जाएंगे।उन्होंने क्षेत्र में छोटी नाली सहित टूटी हुई नालियों को चिन्हित कर जल्द प्रस्ताव बनाने अधिकारियों को निर्देशित किया।उन्होंने कहा कि खाली प्लॉट वालो को नोटिस जारी कर प्लॉट के मालिकों को कहे अपने निजी भूमि पर बाउंड्रीवाल बनवाये नही करने जुर्माना की कार्रवाही की जाएगी।
दुर्ग /शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत बारिश से पहले चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुबह शुक्रवार को वार्ड 38 बैधनाथ पारा से महावीर कालोनी,शुभम नगर क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान नालियों की सफाई कर कचरा उठाया गया। निगम कमिश्नर सुमीत अग्रवाल ने एमआईसी प्रभारी नरेंद्र बंजारे, पार्षद रामचंद सेन,उपअभियंता विनोद मांझी,उपअभियंता उमायन्ती ठाकुर,पीआईयू कुणाल,सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पंकज चंद्रवंशी के साथ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
कमिश्नर ने पार्षद के साथ वार्ड क्षेत्र बड़ी व छोटी नालियों की वृहद रुप से सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र सहित अन्य चौराहों का निरीक्षण कर नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि मानसून के पहले शहर के सभी 60 वार्डों, जलभराव वाले इलाकों में वृहद सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत महावीर कालोनी सहित शुभम नगर के अलावा बैधनाथ पारा में नाले-नालियों की सफाई सुनिश्चित होगी। कमिश्नर ने कहा कि क्षेत्र के नाली को बेहतर सफाई करवाये साथ ही नाली सफाई के दौरान दिक्कत होने पर पुराने ओर बंद हो चुके नल कनेक्शन को हटवाए जाएंगे।उन्होंने क्षेत्र में छोटी नाली सहित टूटी हुई नालियों को चिन्हित कर जल्द प्रस्ताव बनाने अधिकारियों को निर्देशित किया।उन्होंने कहा कि खाली प्लॉट वालो को नोटिस जारी कर प्लॉट के मालिकों को कहे अपने निजी भूमि पर बाउंड्रीवाल बनवाये नही करने जुर्माना की कार्रवाही की जाएगी।
दुर्ग/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत मेयर श्रीमती अलका बाघमार वूमेन फॉर ट्री कैंपेन की शुरुवात। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन एवं अमृत मिशन द्वारा संयुक्त रूप से शहर के नया तालाब, मठपारा में समूहों को वृक्षारोपण हेतु किट वितरण किया गया। मेयर श्रीमती अलका बाघमार एवं एमआईसी नरेंद्र बंजारे, लीना दिनेश देवांगन,नीलेश अग्रवाल, तथा समूह की महिलाओं की उपस्थिति में किट वितरण किया गया।
उल्लेखनीय है कि शहर में वूमेन फॉर ट्री कैंपेन के अंतर्गत और भी स्थानों का चयन कर 10,000 पेड़ लगाया जाना है। जिसकी शुरुवात स्थल के चयन करते हुए आज से की गई। इस कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की महिलाए एवं वार्ड की अन्य महिलाएं तथा मिशन प्रबंधक एवं सामुदायिक संगठक उपस्थित रहे।
मेयर ने कहा कि वृक्षारोपण की पहल से महिलाओं को विविध आर्थिक अवसर मिल सकते हैं।उदाहरण के लिए, महिलाएं नर्सरी की स्थापना,पौधे लगाने और रखरखाव की गतिविधियों में शामिल होकर आय अर्जित कर सकती हैं और रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को इन अवसरों तक पहुंच मिलती है, तो इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है, जिसका पूरे समुदाय और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मेयर ने आगे कहा कि वृक्षारोपण से महिलाओं को सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाया जा सकता है। महिलाएं समुदाय-आधारित पहलों,जैसे कृषि वानिकी तकनीक, नर्सरी प्रबंधन और व्यवसाय विकास में भाग लेकर मूल्यवान कौशल और ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं। ये कौशल उनके आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं और उन्हें सामुदायिक नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम बना सकते हैं।
सात सड़कें बनकर तैयार, 29 और बनेंगी
रायपुर /शौर्यपथ /जिले के वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बस्तियों तक अब फर्राटे से गाड़ियां दौड़ने लगीं। मोटर सायकिल हो या एम्बूलेंस, सरकारी अधिकारी हों या विकास कार्यों के लिए सामान में लगी गाड़ियां, बाजार गाड़ी हो या बिजली विभाग की गाड़ी अब सभी का कमार बस्तियों तक सीधे पहुंचना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति कमारों की बस्तियों तक पक्की सड़कें बन गईं हैं। इस योजना के तहत दो चरणों में कुल 36 पक्की सड़कों को बनाने के लिए 43 करोड़ 31 लाख रूपये की मंजूरी मिली है। इसमें से सात सड़कें बनकर तैयार हो गईं हैं और बाकी मंजूर सड़कों के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। किसी भी स्थान के विकास में सड़कों की अहम भूमिका वाली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच धमतरी के कमार बाहुल्य वनांचलों में साकार हो रही है। सड़कें बन जाने से लोगों की पहुंच तो बढ़ती ही है, इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत जरूरतों के लिए सुविधाएं भी आसानी से घरों तक पहुंचने लगती हैं। कमार बसाहटों में रहने वाले लोगों को अब बारिश के दिनों में कीचड़ से सनी कच्ची सड़कों पर नहीं चलना पड़ेगा।
केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पहले चरण में 29 किलोमीटर से अधिक लम्बाई की 10 सड़कों के लिए 15 करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में लगभग 56 किलोमीटर लम्बाई की 26 सड़कों के लिए 27 करोड़ 47 लाख रूपये की मंजूरी दी है। इनमें से उमरगांव से पठार तक 1.80 किलोमीटर, कोरेमुड़ा से कमारपारा तक लगभग एक किलोमीटर मुख्य सड़क से बरकोन्हा-बगरूमनाला होकर आमापारा तक 4.63 किलोमीटर, छिंदभर्री-बीजापुर मुख्य सड़क से फुड़हरधाप-हितली तक 4.63 किलोमीटर, माकरदोना से कमारपारा राजीवनगर तक 1.10 किलोमीटर तक, कुकरेल-कांटाकुर्रीडीह मुख्य सड़क से बहनापथरा तक डेढ़ किलोमीटर, बेलोरा से कमारपारा तक 2.80 किलोमीटर पक्की सड़कें बन गईं हैं। कमार समाज के प्रमुख श्री बुधलाल कमार ने बताया कि इन सड़कां के बन जाने से हम कमारों को आनेजाने में अच्छी सुविधा मिल गई है। वनांचल क्षेत्र में पहले कच्ची सड़कों के कारण गांववालों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बारिश के दिनों में किसी के बीमार हो जाने पर गांव तक एम्बूलेंस नहीं आ पाती थी, जिससे मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती थी। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती थी। तेल-सब्जी-नमक जैसी जरूरत की चीजों को बाजार तक जाकर लाने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी रास्ता अच्छा नहीं होने के कारण बहुत कम ही इन कमार बस्तियों तक पहुंचते थे, जिससे कमार जनजाति के लोग शासन की योजनाओं का लाभ लेने में भी पिछड़ रहे थे। श्री बुधलाल ने बताया कि लेकिन अब सड़क बन जाने से कमार बसाहटों तक पहुंच आसान हो गई है। सड़कों पर गाड़ियां दौड़ने लगीं हैं और अब सब समस्याओं का समाधान हो गया है। श्री बुधलाल ने अपने पूरे समाज की ओर से विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए सुविधाएं देने और उनका ध्यान रखने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
गौरेला पेंड्रा मरवाही /शौर्यपथ /मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. देवेंद्र पैकरा के प्रयास से जिला चिकित्सालय में दन्त सहायक की पदस्थापना के साथ ही दन्त चिकित्सा विभाग में आवश्यक उपकरण एवं सामग्री प्रदान किया गया। अब जिला चिकित्सालय में दंत रोग मरीजों के जटिल दांतों को निकालना, माइनर सर्जरी एवं रुट कैनाल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला चिकित्सालय में जनवरी 2025 से अब तक 177 मरीजों का दांत निकालने, 7 मरीजों का माइनर सर्जरी, 32 मरीजों का आरसीटी, 166 मरीजों का डेंटल फिलिंग एवं 206 मरीजों का अस्ट्रासॉनिक मशीन से दांतो की सफाई की जा चुकी है।
बेहद जन उपयोगी है सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने योजना को तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद
रायपुर/शौर्यपथ /सड़क दुर्घटना होने वाले पीडितों के लिए भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025 शुरू किया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को नकदी रहित मुफ्त उपचार की व्यवस्था होगी। इसमें किसी भी पीड़ित परिवार को 7 दिन की अवधि के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से संबद्ध हास्पिटल में डेढ़ लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।
जायसवाल ने बताया कि ये निःशुल्क इलाज एक व्यक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपए तक होगा। यानी अगर एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, दुर्घटना में 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है। यानी आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृति किसी भी अस्पताल में नई योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का का निः शुल्क इलाज के लिए पात्र होगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान योजना संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है, लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके। श्री जायसवाल ने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस जन हितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई ऊँचाई
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी वासियों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 350 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मल्टीस्पेशलिटी, पीडियाट्रिक और वेलनेस सेंटर से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।उन्होंने बताया कि पिछले सत्रह महीनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में 5 हजार बिस्तरों वाले मेडिकल हब के रूप में विकसित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
शहीद मेहुल भाई के पार्थिव शरीर को कंधा देकर दी अंतिम विदाई
कहा - व्यर्थ नहीं जाएगा शहीद जवानों का सर्वोच्च बलिदान, नक्सलवाद के समूल नाश का संकल्प करेंगे पूरा
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।
इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / नगर निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय नियमित भ्रमण के दौरान आज खुर्सीपार के श्रीराम चौंक स्थित क्षेत्र के विभिन्न वार्डो में भ्रमण किए। जिसमें प्रमुख रूप से निर्माणाधीन सीवरेज सिस्टम का अवलोकन करने के लिए जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे एवं निर्माणकर्ता एजेंसी के साथ पहुंचे। वहां पर सीवरेज सिस्टम के सभी चेम्बर के ढक्कन गायब मिला, इस पर उन्होने पूछा ऐसा क्यो है। जोन की सहायक अभियता प्रिया खैरवार ने बताया कि निर्माण के बाद जितने भी सीवरेज के चेम्बर बने थे, सभी के ढक्कन चोरी हो जा रहे है। स्थानीय नागरिको ने भी बताया कि मोटे-मोटे स्लैब को लोहा चोर लोहा के लिए तोड़ कर ले जा रहे है। निर्माणाधीन एजेंसी ने कहा कि जितना मेहनत लोहा चोर स्लैब तोड़कर लोहा चोरी करने में करते है। उतना ही मेहनत हमारे पास आकर करे तो हम उन्हे नौकरी में रख लेगें। नियमानुसार उन्हे वेतन का नियमित भुगतान करेंगे। चोरी करना छोड़ दे, सबको रोजगार में रख लेगें। हमे काम करने वालो की आवश्यकता है।
निगम भिलाई क्षेत्र में लोहा चोरो की सक्रियता बढ़ गई है। जाली, फैसिंग, ग्रील, बैरीकेट इत्यादि काटकर रात में ले जा रहे है। जिसके बारे में थानों में एफ.आई.आर. भी दर्ज कराया गया है। फिर भी चोरी कम नहीं हो रही है, निगम क्षेत्र के कबाडिय़ो को चोरी का लोहा बेचा जा रहा है। निगम आयुक्त ने निगम के अधिकारियो को शक्त निर्देश दिए है कि जितने भी कबाड़ी वाले चोरी का लोहा खरीद रहे है, उनका पता लगाओ। जानकारी मिलने के बाद सभी का गुमशता एवं ट्रेड लाईसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। लोहा चोरो एवं कबाडिय़ो के मिली भगत से ही चोरी हो रही है।
भ्रमण के दौरान कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उपअभियंता चंद्रकांत साहू, चंदन निर्मलकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, सुपरवाईजर वेंकट राव आदि उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग करने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है वहीं अवैध प्लाटिंग के बाद भवन निर्माण के लिए जरूरी अनुमति के बिना लगातार भवन का निर्माण जारी है.पुरानी बसाहट में अब कुछ लोगों द्वारा नाली के ऊपर भी स्लैब डालकर पक्का निर्माण किया जा रहा है ऐसा ही एक मामला वार्ड नंबर 44 का है जहां नाली के ऊपर बीम कालम डालकर घर का निर्माण कर लिया गया आसपास के लोगों का कहना है कि उक्त भवन का निर्माण करने में कांग्रेस के एक बड़े नेता की अहम भूमिका है जिसके कारण निगम के कर्मचारी अधिकारी भी कोई कार्यवाही करते नजर नहीं आ रहे हैं ऐसे में अब यह देखना होगा कि वर्तमान समय में वार्ड नंबर 44 में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद है वहीं शहर में अलका बाघमार के नेतृत्व में शहरी सरकार संचालित है अब आसपास की जनता को उम्मीद है की नाली के ऊपर अवैध निर्माण करने वाले के ऊपर निगम प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगी या फिर नेता-नेता आपसी संबंधों के आधार पर मामले को दबाते रहेंगे?
जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन एवं निगम प्रशासन क्यों है मौन?
बिना उचित दस्तावेज खुलेआम खरीदी बिक्री हो रही है लोहे की
दुर्ग / शौर्यपथ /रद्दी सामान के आड़ में इन दिनों शहर में कबाडिय़ों का धंधा जोर-शोर से चल रहा है शहर के पाश इलाके सहित बस्तियों में जगह-जगह कबाडिय़ों द्वारा दुकान खोलकर कबाड़ का व्यापार किया जा रहा है कबाड़ इक_ा करने कबाडिय़ों द्वारा कम उम्र के बच्चों को भी रिक्शा साइकिल थमा कर गली मोहल्ले भेजा जा रहा है.
शहर के तकिया पारा,लुचकी पारा ,धमधा नाका का इलाका कबाडिय़ों का गढ़ है वही धमधा नाका स्थित टोल टेक्स नाका के समीप इन कबाडियों का गोदाम . शहर के कई इलाको में गली मोहल्ले के रास्तों पर कबाडिय़ों द्वारा सामान फैलाकर आवागमन तो अवरुद्ध किया जा रहा है वही नियम विरुद्ध लोहे की खरीदी भी खुले आम की जा रही है वहीं तकिया पारा निगम परिसर की स्थिति इससे भी ज्यादा बेहतर है निगम परिसर और सड़क के बीच काफी चौड़ाई होने के बावजूद भी सड़कों तक कबाडिय़ों का सामान फैला हुआ नजर आ जाता है वही सामने गोदाम बनाकर कबाड़ का कचरा है इक_ा किए जाते हैं जो बरसात के दिनों में विभिन्न प्रकार की बीमारियों को जन्म देता ही है साथ ही यातायात को भी प्रभावित करता है.
ऐसा नहीं कि सिर्फ तकिया पारा वरण शहर के पाश क्षेत्र में कबाड़ का व्यापार धड्ल्ले ले से चल रहा है .गया नगर इलाके में बिच बस्ती में भी कबाडिय़ों द्वारा व्यापार किया जा रहा है वहीं शहर के सभ्य इलाके के रूप में पहचान बनाएं पद्मनाभपुर क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय के सामने सड़कों तक समान फैलाकर कबाडिय़ों द्वारा व्यापार किया जा रहा है.इनके हौसले इतने बुलंद है कि अगर इन पर पुलिस विभाग कार्रवाई के लिए जाता है तो उसे पर भी यह अनगर्ल आरोप लगाने से नहीं चुकते कुछ साल पहले ऐसे ही एक मामले में पद्मनाभपुर पुलिस चौकी (तात्कालिक ) के आरक्षक के ऊपर पैसे के लेनदेन के मामले में विभागीय कार्रवाई भी हो चुकी है.
वहीं यातायात को प्रभावित करता तकियापारा मुख्य मार्ग , ग्रीन चौक , नया पारा मार्ग सदा से ही विवाद का कारण रहा . तकिया पारा स्थित परिसर पर निगम प्रशासन का मालिकाना हक है परंतु शहर में नालियों की सफाई में ध्यान देने वाली शहरी सरकार निगम परिसर के बड़े क्षेत्र में हुए अतिक्रमण पर आखिर क्यों मौन है .
वही बसाहट क्षेत्र हो या फिर धमधा नाका का क्षेत्र या फिर ग्रीन चौक का इलाका हर जगह कबाडिय़ों द्वारा सड़कों तक समान फैलाकर गंदगी का वातावरण निर्मित किया जा रहा है परंतु मात्र जुर्माने की कार्यवाही कर निगम प्रशासन मौन है वहीं कई मामलों में चोरी के सामानो की धर पकड़ के बावजूद भी ऐसे दुकानदारों के द्वारा कबाड़ के व्यापार को अनुमति देना कहीं ना कहीं अनजाने जुर्म को पनाह देने जैसा है .
मिली जानकारी अनुसार कई कबाडिय़ों द्वारा कम उम्र के बच्चों को माल वाहक रिक्शा दे कर गली मोहल्ले भेजा जा रहा है और इस व्यापार में धकेलने का परोक्ष प्रयास किया जा रहा है ऐसे में देखना होगा कि शहर में नए जिलाधीश,नए पुलिस अधीक्षक एवं शहरी सरकार की नव नियुक्त महापौर क्या कबाड़ के व्यापार पर सख्त नियम बनाकर अनजाने में हो रहे अपराध पर रोकथाम लगाने पहल करेगी या फिर कबाड़ का यह व्यापार शहर के अन्य इलाकों में भी धीरे-धीरे पैर पसारता जाएगा?
रिसाली / शौर्यपथ / सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था को देखते हुए महापौर शशि सिन्हा एक्शन मोड में नजर आई। गुरूवार को हुए महापौर परिषद की बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि साफ-सफाई और आमजनों को दी जाने वाली सुविधाएं ठीक नहीं होने पर एजेंसी को निलंबित कर नए एजेंसी को कार्य दे।
दरअसल कुछ दिन पूर्व महापौर ने वार्ड 17 और 18 विजिट की थी। तब महापौर को शिकायत मिली थी कि शौचालय केयर टेकर मनमानी करते है। इसी शिकायत को आधार बनाते हुए महापौर परिषद के सद्स्यों ने सभी 29 शौचालय की समीक्षा की। महापौर परिषद के सद्स्यों ने स्पष्ट कहा कि रख रखाव ठीक नहीं रखने वाले एजेंसी को निगम तत्काल हटाए। परिषद की बैठक में जहीर अब्बास, अनिल देशमुख, सनीर साहू, संजू नेताम, डाॅ. सीमा साहू, ममता यादव आदि उपस्थित थे।
बारिश के पूर्व हो नाले की सफाई
महापौर परिषद के बैठक में बारिश के पूर्व नाले की सफाई पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही निर्माणधीन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की गुणवत्ता पर ध्यान देने कहा। निगम क्षेत्र में कुल 300 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनना है। अब तक 85 स्थानों पर कार्य आरंभ है।
रायपुर / शौर्यपथ / 23 मई 2025
भारत निर्वाचन आयोग ने देश में सुगम और समावेशी निर्वाचन के लिए पिछले तीन महीनों में 18 नए नवाचार प्रारंभ किए हैं। इनमें सुविधाजनक मतदान से लेकर राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने, प्रक्रियागत सुधार से लेकर निर्वाचन कार्यों में लगे अमलों की क्षमता बढ़ाने, सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया को सुगम एवं पारदर्शी बनाने से लेकर ईसीआई मुख्यालय में ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने जैसे कई प्रभावी और अभिनव कदम शामिल हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने नई पहल करते हुए एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित की है। ऊंची इमारतों एवं कालोनियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण हेतु मृत्यु पंजीकरण का डेटा रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) डेटाबेस से सीधे प्राप्त किया जाएगा और सत्यापन के बाद अद्यतनीकरण किया जाएगा। आयोग ने मतदाता सूचना पर्चियों को और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने का भी निर्णय लिया है। अब इसमें मतदाता का क्रमांक और भाग संख्या अधिक स्पष्टता के साथ प्रदर्शित किए जाएंगे।
भारत निर्वाचन आयोग निवार्चन की संपूर्ण प्रक्रिया में हर स्तर पर राजनीतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ देशभर में 4719 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में राजनीतिक दलों के 28 हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी दी है। सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को मिलाकर सीईओ स्तर पर 40, डीईओ स्तर पर 800 तथा ईआरओ स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ 3879 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रमुख दलों आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी, एनपीपी की मौजूदगी रही है। राजनीतिक दलों के साथ अलग-अलग स्तरों पर बैठकों के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग प्रक्रियात्मक सुधारों (Procedural Reforms) की दिशा में भी सक्रियता से काम कर रही है। आयोग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की सुविधा के लिए नया एकीकृत डैशबोर्ड ईसीआईनेट (ECINET) शुरू किया गया है। इसमें सभी हितधारकों के लिए एक ही स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध हैं। ईसीआई के 40 से अधिक एप्स एक ही प्लेटफार्म पर मौजूद हैं। इसके साथ ही डुप्लिकेट इपिक (EPIC) नंबर की समस्या के समाधान के लिए ईसीआई द्वारा अब विशिष्ट इपिक नंबर की नई प्रणाली लागू की गई है।
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने और निर्वाचन कराने की पूरी प्रक्रिया में 28 हितधारकों की पहचान की है। इनमें मतदाता, निर्वाचन अधिकारी, राजनीतिक दल, उम्मीदवार एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 और निर्वाचन संचालन नियम 1961 और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों पर आधारित अन्य शामिल हैं। इन सभी हितधारकों के लिए अधिनियमों, नियमों और आयोग के निर्देशों के आधार पर प्रशिक्षण प्रस्तुतियाँ तैयार की जा रही हैं।
आयोग ने निर्वाचन कार्मिकों (Election Staff) के सशक्तीकरण के लिए भी नए कदम उठाए हैं। बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र (Standard Photo ID Card) दिए जाने के साथ ही नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में लगातार क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसमें अब तक 3000 से अधिक बूथ स्तर पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगले कुछ वर्षों में एक लाख से अधिक बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालयों के एसएमएनओ (SMNOs) और एमएनओ (MNOs) के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किए गए हैं। निर्वाचन में सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण पहलू के मद्देनजर बिहार के पुलिस अधिकारियों को भी आईआईआईडीईएम (IIIDEM) में प्रशिक्षण दिया गया है।
नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में भी कार्यों में बेहतरी और कसावट के लिए कई सुधार जारी हैं। बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के साथ ही वहां ई-ऑफिस का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ बेहतर समन्वय के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियो के साथ आयोग नियमित बैठकें भी कर रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
