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May 31, 2026
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शौर्यपथ

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दुर्ग / शौर्यपथ / राहुल गाँधी जी के जन्मदिन उत्सव न कर के प्रत्येक जिले में रक्तदान शिविर का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन छःग के प्रदेश NSUI अध्यक्ष  आकाश शर्मा के निर्देशानुसार आज रक्तदान के कार्यक्रम का आयोजन कर रक्तदान किए कोरोना के इस संकट काल में रक्त की अतिआवश्यकता हैं। ज्यादातर ब्लड बैंक रक्त के अभाव के कारण आवश्यक आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में दुर्ग जिला NSUI द्वारा जिला,विधानसभा पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में चंदूलाल चंद्राकर हॉस्पिटल नेहरू नगर में 10 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया NSUI कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता गांधी के जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान करके कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के पचासवें जन्मदिन के रक्तदान किया राहुल गांधी जी पार्टी के भीतर सबसे लोकप्रिय युवा नेता हैं और एनएसयूआई का सबसे अधिक जुड़ाव राहुल गांधी जी के साथ है, समय-समय पर राहुल जी युवा कार्यकर्ताओं को पार्टी के भीतर कई बड़े अवसर देते रहते हैं, जिसका उदाहरण छत्तीसगढ़ में भी है।

      सोनू साहू ने कहा कि हमारा साथ हमारे नेता राहुल गांधी के साथ हैं वो एन एस यु आई से बहुत प्यार करते हैं और उनके कारण ही आज आम युवा भी पार्टी के भीतर बड़े बड़े पदों पर है जिसका उदाहरण भिलाई के युवा महापौर/विधायक श्री देवेंद्र यादव जी है जो एनएसयूआई से छात्र राजनीति से दुर्ग जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव जैसे विभिन्न पदों में रहकर वर्तमान समय मे आज विधायक,महापौर हैं आज हम उनके जन्मदिन पर रक्तदान करके उनकी ओर अपने कदम बढ़ा रहे हैं। प्रेम और निष्ठा को जाहिर कर रहे हैं हम सभी अंतिम सांस तक उनके साथ रहेंगे। राहुल गांधी जी जन्मदिन पर रक्तदान शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य देश में किसी की भी जान रक्त के अभाव में न जाएं इस अवसर पर प्रमुख रूप से दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष गुरलीन सिंग,सोनू साहू,आकश यादव,शुभम झा,संदीप साव,पलाश, गुरमुख, प्रणय, अजय अमन दुबे, हरीश देवांगन, सूर्या, गोल्डी कोसरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

दुर्ग / शौर्यपथ / आज पूरे दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक रोका छेका की रस्म निभाई गई। ग्राम पतोरा में भी इस रस्म का आयोजन हुआ और यह क्षण विशेष रूप से और भी खुशी में बदल गया क्योंकि पूजा के तुरंत पश्चात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉल के माध्यम से यहां के ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सरपंच से पूछा कि गायों की पूजा हो गई। आप सभी ने क्या संकल्प ले लिया। आप लोगों के उत्साह को देखकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। गौठान को आगे बढ़ाने के लिए गठित समिति के सदस्य सभी ग्रामीण जन उत्साह से जुटे दिख रहे हैं।
रोकाछेका की रस्म को मनाने के लिए आप लोग इतने मेहनत से काम कर रहे हैं। यह बहुत खुशी की बात है रोकाछेका हमारी ग्रामीण संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। इस परंपरा को निभाने के लिए आप लोगों के द्वारा जो यत्न किया गया है। आप लोग इतने उत्साह से जुड़े हैं यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। सरपंच श्रीमती अंजीता साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि आज हम लोगों ने सभी से मवेशियों को गौठान में ही रखने की शपथ लिवाई है। इसके लिए हम लोगों ने गौठान में पूरी तैयारी कर ली है। पैरा एकत्रित कर लिया है। पैरा काटने की मशीन भी हम लोगों ने रख ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ फसल को बचाने के लिए रोकाछेका बहुत जरूरी परंपरा है। पहले गांव के सभी लोग ऐसे ही संकल्प लेते थे और उसके बाद फसल की रक्षा होती थी।
मुख्यमंत्री ने गांव के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अश्विनी साहू से भी चर्चा की। अश्विनी साहू ने बताया कि गांव में रोकाछेका के लिए दो.तीन दिनों से तैयारी की जा रही थी। सभी को रोकाछेका के दिन सामूहिक शपथ लेने के लिए प्रेरित किया गया है। सभी उत्साह से शपथ लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा गौठान में भी खरीफ फसल के लिए मवेशियों को रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई है। श्री साहू ने गौठान की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पहाटिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि पहाटिया लोगों के अच्छे कार्य की वजह से ही गौठान आगे बढ़ रहा है।
शासन ने गौठान को बढ़ावा देने के लिए रोकाछेका के अवसर पर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की है। उन्होंने गांव वालों को खरीफ फसल की शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे भी उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा, एसडीएम विनय पोयाम, सीईओ मनीष साहू सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

     दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग निगम सालो से नुकसान में है निगम की अभी तक अपना कोई भवन नही है , बिजली बिल का लाखो का भुगतान बचा है । अभी तक 20 सालो से भाजपा का निगम में कब्ज़ा था और विपक्ष कांग्रेस द्वारा लगातार आरोप लगते रहे किन्तु विगत 6 माह से कांग्रेस की सरकार है किंतु सरकार बदलने के बाद भी अधिकारियों के काम करने की प्रणाली में कोई परिवर्तन नही आया । निगम के ज़िम्मेदार अधिकारी वर्तमान में भी ऐसे कई संसाधन की खरीददारी कर लेते है जिसका कोई उपयोग नही होता और रखे रखे ही ये लाखो के संसाधन खराब हो जाते है । ऐसा ही मामला हाल ही के महीने का है जिसमे निगम दुर्ग द्वारा लगभग 70 लाख की दो वैक्यूम मशीन मंगाई गई ताकि सड़क की धूल हटाई जा सके । महीने 15 दिन खूब चली उसके बाद 70 लाख की मशीन महीनों से बन्द है । एक बार फिर निगम प्रशासन ने 70 लाख की बर्बादी कर दी । बर्बादी इसलिए कह सकते है क्योंकि विगत 4 माह से गाड़ी अपनी जगह से हिली भी नही किन्तु कंपनी को वाहन का पूरा भुगतान हो गया ।

अधिकारियों में है दूरदर्शी की कमी या चल रहा कमीशन का खेल ..?         दुर्ग निगम में पहले भी वैक्यूम मशीन असफल हुआ था बावजूद इसके निगम प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आचार संहिता के दौरान वैक्यूम व्हीकल लाने के लिए जो कदम उठाया गया वह कई तरह के संदेहों को जन्म देता है । आखिर ऐसी क्या ज़रूरत आ पड़ी थी कि आनन फानन में 70 लाख की मशीन मगम ली गई जो आज महीनों से खड़ी है । वही चर्चा है कि इस खरीददारी में निगम के किसी अधिकारी का अपने रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई । चर्चा यह भी है कि जिस कम्पनी से वैक्यूम लिया गया उस कम्पनी में निगम के किसी अधिकारी का रिश्तेदार कार्य करता है और अपरोक्ष रूप से फायदा पहुंचाने के लिए ये सौदा किया गया जो कि जांच का विषय है ।

महापौर व आयुक्त लेंगे मामले को संज्ञान या फ़ाइल दब जाएगी अंधेरी कोठरी में ?             दुर्ग निगम के नवनियुक्त महापौर बाकलीवाल जिस तरह से शहर की व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ फिजुलखर्जी पर रोक लगाने व निगम की आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे है दुर्ग की जनता को उम्मीद है कि मामले को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच की अनुशसा करेंगे और ये जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर ऐसी क्या उपयोगिता आ पड़ी जो वैक्यूम मशीन की खरीददारी की गई ?

सागर । शौर्यपथ । बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनके परिवार और फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. हर कोई जानना चाह रहा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. इसी बीच एक मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले से आया है, जिसने सबको चौंका दिया है. दरअसल, मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक 20 साल की युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आश्चर्य की बात ये है कि फांसी लगाने के कुछ घंटे पहले ही उसने कहा था कि मैं भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह ही फांसी लगा लूंगी. यह पूरा मामला सागर के खुरई का है. मृतक युवती के भाई ने बताया कि सुबह से ही उसकी बहन अपनी भाभी से मजाक में बोल रही थी कि वो भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह फांसी लगा लेगी. कुछ घंटे बाद जब सभी लोग अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए तब मौका पाते ही उसने छत पर जाकर घटना को अंजाम दे दिया. किसी को कुछ समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्यों कर लिया. घटना के बाद घर वाले सदमे में हैं. मृतक युवती के भाई ने यह भी बताया कि जब उसने फांसी लगाने के लिए कहा तो उसकी भाभी ने यह जवाब दिया कि तुम बहुत मुंह चला रही हो, हम मम्मी और आपके भैया से तुम्हारी शिकायत कर देंगे. इसके बाद युवती ने अपनी भाभी को बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, वो सिर्फ मजाक कर रही है. इतना कहकर वह हंसकर वहां से चली गई. कुछ घंटों बाद जब सब इधर-उधर अपने काम में लगे थे तो वह चुपचाप ऊपर छत पर गई और वहां उसने फांसी लगा ली. युवती की मां और भाभी ने उसे देखा और घर वालों ने तत्काल डॉक्टर को बुलवाया. उसे अस्पताल लाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. खुरई थाना की एसआई सुरभि बिलथरे ने बताया कि अब्दुल हमीद वार्ड में रहने वाली एक महिला मृत अवस्था में पाई गई है. उसने फांसी लगा ली. उसके परिजनों ने भी यही बताया कि उसने फांसी लगाई है. फिलहाल जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने यह भी बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. घर वालों का बयान भी दर्ज किया जाएगा. मृतक युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आगे की जानकारी जांच के बाद जो परिणाम आएगा, उसी के आधार पर दी जाएगी. पिछले दिनों भी एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से आया था, जहां एक दसवीं कक्षा के छात्र ने सुशांत सिंह की आत्महत्या की खबर को टीवी पर देखने के बाद खुद भी फंदे से लटककर अपनी जान दे दी. छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / देशद्रोह के आरोपी जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के छात्र शरजील इमाम की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. इस याचिका में शरजील इमाम की ओर से आग्रह किया गया था कि उनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR को एक साथ संलग्न किया जाए और एक ही एजेंसी जांच करे, जिससे सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. शीर्ष अदालत ने विभिन्न अदालतों में शरजील के खिलाफ मुकदमा चलाने पर रोक लगाने से इनकार किया है और कहा है कि 'हमारे सामने ये प्रार्थना नहीं है. हम इस तरह के अंतरिम आदेश को पारित नहीं कर सकते.'
कोर्ट ने शरजील के केस में हलफनामा दाखिल करने के लिए मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश को दो सप्ताह का समय दिया है. दिल्ली और यूपी ने हलफनामा दायर किया है. अब इस मामले में तीन सप्ताह बाद सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में अदालत ने उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल और मणिपुर राज्यों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. दिल्ली सरकार को नोटिस पहले जारी किया गया था और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जवाब तैयार है, बुधवार को दाखिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में FIR है तो उनको भी पक्षकार बनाया जाना चाहिए.

बता दें कि इमाम पर भड़काऊ भाषण देकर दंगे भड़काने का आरोप है. JNU छात्र शरजील ने अपनी याचिका में भड़काऊ भाषण देने के केस में अपने खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल, मणिपुर में दर्ज पांच FIR की एक साथ दिल्ली में जांच की मांग की है. इस याचिका में कहा गया है कि उन्होंने जामिया और अलीगढ़ में दो भाषण दिए. उन्हें खुद अपलोड नहीं किया. उन्हें अर्नब गोस्वामी की तरह राहत मिले. शरजील ने देशभर में उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों को दिल्ली की अदालत में ट्रांसफर करने और एक ही एजेंसी से जांच कराने की मांग की है. शरजील के खिलाफ CAA के विरोध में देश विरोधी भाषण देने के आरोप में कई राज्यों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

 

पटना / शौर्यपथ / चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपनी हाजिरजवाबी व व्यंग्य के जरिए अक्सर केंद्र व बिहार सरकार पर तंज कसते हैं. आज (शुक्रवार) एक बार उन्होंने एक ट्वीट के जरिए देश के मौजूदा हालातों का जिक्र किया और चीन बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार में कोरोनावायरस के मामलों को लेकर लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने ट्वीट किया था, 'देश में सबसे कम टेस्टिंग, 7-9 फीसदी पॉज़िटिव केस दर और 6 हज़ार से ज़्यादा केस के बावजूद बिहार में कोरोना के बजाय चुनावों की चर्चा है. तीन महीनों से कोरोना के डर से अपने आवास से ना निकलने वाले नीतीश कुमार समझते हैं कि लोगों के घरों से निकलकर चुनाव में भाग लेने में कोई ख़तरा नहीं है.'
बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार में कोरोनावायरस के मामलों को लेकर लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने ट्वीट किया था, 'देश में सबसे कम टेस्टिंग, 7-9 फीसदी पॉज़िटिव केस दर और 6 हज़ार से ज़्यादा केस के बावजूद बिहार में कोरोना के बजाय चुनावों की चर्चा है. तीन महीनों से कोरोना के डर से अपने आवास से ना निकलने वाले नीतीश कुमार समझते हैं कि लोगों के घरों से निकलकर चुनाव में भाग लेने में कोई ख़तरा नहीं है.'
प्रशांत किशोर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा था, 'बिहार का भाग्य बदलने के लिए मोदी जी ने 1.25 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की थी. सुना है बिहार को ये पैकेज मिल चुका है! भाग्य बदलने की बात छोड़िए, लोग तो हैरान हैं कि किसी को इसकी खबर तक नहीं नीतीश कुमार जी, कम से कम आप अपने नेता अमित शाह जी के इस दावे की पुष्टि तो कर दीजिए.'
गौरतलब है कि बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक वर्चुअल रैली के जरिए चुनावी प्रचार अभियान का आगाज किया था. वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल भी चुनाव को लेकर कमर कस चुका है.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / एनसीआर के गुरुग्राम में एक शख्‍स ने इंश्‍योरेंस कंपनी को चकमा देने बीमा की रकम हड़पने के लिए अपनी ही ऑडी गाड़ी को लूटने की योजना बनाई. हालांकि वह अपनी इस योजना में सफल नहीं हो सका और पकडा गया. जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने शातिर दिमाग का इस्‍तेमाल करते हुए अपनी ही ऑडी गाडी लूट की योजना बनाई. इसके पीछे उसकी मंशा बीमा की रकम हड़पकर इंश्योरेंश कंपनी को चकमा देकर लाखों रुपये कमाने की थी. योजना के अंतर्गत, उसने पहले अपने दोस्तों के साथ मिलकर ऑडी कार को सुरक्षित जगह रख दिया और उसके बाद लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी. दर्ज पुलिस रिपोर्ट में आरोपी ने बताया-ऑडी को बेचने के लिए उसने OLX में विज्ञापन डाला था. इसके बाद दो लोगों ने संपर्क कर गाड़ी मंगाई और इसे चेक करने का हवाला देकर उसे धक्का देकर गाड़ी लेकर फरार हो गए. शिकायतकर्ता की यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतरी और उसने शुरुआती में ही इस मामले को संदिग्‍ध पाया और बाद में शिकायतकर्ता की योजना को फेल कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
साइबर सिटी गुरुग्राम में एक रईसजादे ने ज्यादा पैसे कमाने की लालच में आकर अपनी ही ऑडी गाडी लूट की योजना बना डाली और खुद शिकायतकर्ता बनकर पुलिस के दरवाजे पर जा पंहुचा, लेकिन पुलिस ने 15 दिनों के अंदर ही मामले का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम का पॉश इलाके सेक्टर 56 में रहने वाले बिजनेसमैन हरपाल सिंह ने इंश्योरेंश कंपनी और पुलिस को गुमराह कर लाखों रुपये की बीमा राशि बटोरने का प्लान बनाया. 5 जून को हरपाल सिंह ने गुरुग्राम पुलिस को एक लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसने अपनी ऑडी गाडी को बेचने के लिए OLX में एड दिया था, जिसके बाद उसके संपर्क में दो लोग आये और उन्होंने गाड़ी चेक करने के लिए कहा. हरपाल के अनुसार, 'जब मैंने उनको गाडी दिखाई तो उन्होंने मुझे धक्का दिया और गाडी लेकर फरार हो गए.' हरपाल सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर की.एसीपी क्राइम गुरुग्राम

प्रीतपाल सिंह के अनुसार, पुलिस गाडी और लुटेरे की तलाश में थी, इसी बीच शिकायतकर्ता ने इंश्योरेंश के पैसे लेने के लिए अपने सभी दांव पेच लगा दिए,लेकिन इसे क्या पता था की पुलिस किसी भी वक्त इसके मंसूबो पर पानी फेर देगी. ठीक ऐसे ही हुआ, पुलिस ने तमाम प्रयास करते हुए गाड़ी मेरठ से बरामद कर लिया. पुलिसिया जांच में पता चला कि आरोपी हरपाल ऑडी गाड़ी को बेचने के लिए यहां लेकर आया था और इसे छुपा कर रखा था. एसीपी क्राइम ने बताया कि हरपाल सिंह की 'दोहरी प्लानिंग' से पुलिस भी परेशान थी. हरपाल जहां गाड़ी को बेचकर पैसा कमाने की फ़िराक में था वहींइस गाडी की लूट दिखाकर इंश्योरेंश कंपनी से भी पैसे लेने की फ़िराक में था. लेकिन पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया.पुलिस ने गाड़ी बरामद कर ही ली वही साथ ही आरोपी हरपाल और इसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया. वही पुलिस का कहना है की इस पुरे प्रकरण में कई लोग शामिल थे जिन्हे गिरफ्तार करने के लिए जगह जगह छापेमारी की जा रही है.

 

अहमदाबाद / शौर्यपथ / गुजरात के अहमदाबाद शहर में शुक्रवार सुबह एक ही परिवार के छह सदस्‍य एक खाली अपार्टमेंट में मृत पाए गए. मृतकों में चार बच्‍चे भी शामिल हैं जिनकी उम्र सात और बारह साल की उम्र बताई गई है. वाटवा GTDC पुलिस स्‍टेशन के इंस्‍पेक्‍टर डीआर गोहिल ने बताया कि 42 वर्षीय अमरीश पटेल, 40 वर्षीय गौरांग पटेल और उनके चार बच्चे आज सुबह शहर के वटवा GTDC इलाके में परिवार के स्वामित्व वाले खाली अपार्टमेंट में मृत पाए गए.
पुलिस के अनुसार, ''पटेल भाई शहर के विभिन्न इलाकों में रहते थे और 17 जून को, उन्होंने अपनी पत्नियों को सूचित करने के बाद बच्चों के साथ घर छोड़ा था. जब वे गुरुवार रात तक वापस नहीं लौट तो उनकी पत्नियां इस खाली फ्लैट में पहुंची. हालांकि, उन्होंने इसे अंदर से बंद पाया, जिसके बाद उन्होंने आधी रात के आसपास पुलिस से संपर्क किया." पुलिस, इंस्पेक्टर गोहिल ने कहा, ''संदेह है कि इन दोनों ने बच्चों को 'नींद की दवायुक्‍त' भोजन दिया और खुद को फांसी लगाने से पहले उन्हें मार डाला."

पुलिस को ड्राइंग रूम में दो पुरुषों के शव मिले जबकि दो लड़कियों 9 साल की कीर्ति और 7 साल की सानवी के शव रसोई में और 12 साल के मयूर और ध्रुव के शव बेडरूम में मिले." सभी को फांसी पर लटका हुआ पाया गया," पुलिस ने कहा कि शवों को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है और आगे की जांच की जा रही है. विस्‍तृत जानकारी की प्रतीक्षा है.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / / चीन के साथ हुई झड़प को लेकर सर्वदलीय बैठक में 'आप' और आरजेडी को नहीं बुलाया गया है. इसको लेकर दोनों पार्टियों ने नाराजगी जाहिर की है. दरअसल सरकार ने फैसला किया है संसद में जिस पार्टी के सदस्यों की संख्या 5 है उन्हीं को इस बैठक में बुलाया जाए. संसद में दोनों ही पार्टियों की सदस्यों की संख्या 5 से कम है. वहीं केंद्र सरकार का यह फैसला आम आदमी पार्टी और आरजेडी के गले नहीं उतर रहा है. पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली में सरकार है, पंजाब में मुख्य विपक्षी दल है. उन्होंने कहा कि एक अजीब और घमंड वाली सरकार केंद्र में है. बीजेपी की अगुवाई वाली इतने अहम मुद्दे पर विपक्ष को बुलाना नहीं चाहती है. पूरे देश में पार्टी के 4 सांसद हैं. संजय सिंह ने कहा कि आपात समय सभी पार्टियों को साथ लाना चाहिए. वहीं एक दूसरे आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी को नहीं बुलाया गया है. सभी लोगों से बात करने के बजाए बीजेपी गणितीय फॉर्मूले का इस्तेमाल कर तय कर रही है किससे बात की जाए और किससे नहीं.
वहीं आरजेडी नेता मनोज कुमार झा ने भी कहा कि उनकी पार्टी के पास पांच सदस्य हैं और इसे सूची में शामिल करना चाहिए था, झा ने NDTV से कहा, "सर्वदलीय बैठक का मतलब यह होना चाहिए कि हम सभी को अपने विचारों को सामने रखने की अनुमति दी जानी चाहिए." बैठक में अन्‍य जिन नेताओं के भाग लेने की संभावना है, उनमें शिवसेना के उद्धव ठाकरे, एनसीपी के शरद पवार, वाईएसआर कांग्रेस के जगन मोहन रेड्डी, जेडी-यू के नीतीश कुमार, डीएमके के एमके स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और सीपीएम के सीताराम येचुरी शामिल हैं.

गौरतलब है कि लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवाई है. वहीं सूत्रों का कहना है कि इस झड़प में 40 से ज्यादा चीन के भी सैनिक मरे हैं. हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि चीन ने भारत के 10 जवानों को हिरासत में ले लिया था. जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था. हालांकि इसकी भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली में कोरोना वायरस केसों की संख्या में इजाफे के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक पैनल ने मरीजों की राहत के के लिए राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पतालों के इंटेंसिव केयर यूनिटमें आइसोलेशन बेड और उपचार की लागत को कम करने की सिफारिश की है. दिल्‍ली में कोरोना वायरस के केसों में आए 'उछाल' के बाद पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से की गई सिलसिलेवार बैठकों के बाद ये सिफारिशें सामने आई हैं. गौरतलब है कि दिल्‍ली में कोरोना के केसों की संख्‍या 50 हजार के करीब पहुंच गई है. पैनल ने अपनी सिफारिशों में आइसोलेशन बेड की लागत को लगभग आधा करने की सिफारिश की है. इसी तरह बिना वेंटिलेटर वाले ICU में उपचार को 13,000-15,000 रुपये और वेंटिलेटर वाले ICU में उपचार लागत 15,000-18,000 रुपये के बीच करने की अनुशंसा की गई है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज दोपहर ट्वीट किया, "दिल्ली में आम आदमी को राहत प्रदान करने के लिए, गृह मंत्री @AmitShah ने आइसोलेशन बेड, आईसीयू के बिना वेंटीलेटर और वेंटिलेटर सपोर्ट युक्‍त आईसीयू के दिल्ली में प्राइवेट अस्पतालों द्वारा चार्ज की गई दरों को ठीक करने के लिए @NITIAayog के सदस्य के अंतर्गत एक समिति का गठन किया गया है."नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता में समिति का गठन रविवार को किया गया था. समिति का गठन निजी अस्पतालों में 60 प्रतिशत बेड कम दरों पर उपलब्ध कराने और कोरोना वायरस परीक्षण और इलाज की दर तय करने के लिए किया गया था.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद भारत में COVID-19 रोगियों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या दिल्‍ली में ही है. दिल्ली सरकार के अनुसार, शहर में कोरोनावायरस के मामले 31 जुलाई तक 5.5 लाख तक पहुंचने की संभावना है. दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि शहर-राज्य में परीक्षण की लागत 2,400 रुपये है. उन्होंने एक ट्वीट करके कहा, "दिल्ली में आज से रैपिड एंटीजन परीक्षण शुरू हो गया है, जो 15 मिनट में परिणाम देता है.मुझे उम्मीद है कि शहर के लोगों को अब परीक्षण करने में कोई परेशानी नहीं होगी.'

 

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