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? दुर्ग / शौर्यपथ
नगर पालिक निगम दुर्ग ने नागरिकों को राहत देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्तिकर) जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। यह निर्णय करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर कर जमा कर शासकीय छूट का लाभ ले सकें।
निगम कार्यालय में मंगलवार को अवकाश होने के बावजूद बड़ी संख्या में नागरिकों का टैक्स जमा करने पहुंचना, शहरवासियों की जागरूकता और सहभागिता को दर्शाता है।
निगम प्रशासन ने जानकारी दी है कि बढ़ी हुई अवधि के दौरान राजस्व विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर टैक्स वसूली करेंगे तथा नागरिकों को ऑनलाइन भुगतान के लिए भी प्रेरित करेंगे।
स्पष्ट किया गया है कि 30 अप्रैल तक टैक्स जमा करने पर किसी प्रकार की पेनाल्टी नहीं लगेगी, जबकि 1 मई के बाद बकाया कर जमा करने पर 17 प्रतिशत तक सरचार्ज देना होगा।
निगम प्रशासन ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि से पहले अपना बकाया कर जमा कर शहर के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं और अतिरिक्त आर्थिक भार से बचें।
? दुर्ग / शौर्यपथ
जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए आज दुर्ग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। जिला अस्पताल परिसर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस के अंतर्गत 10 अत्याधुनिक एम्बुलेंसों का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ कर उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन एम्बुलेंसों में 1 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और 9 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) वाहन शामिल हैं, जो सड़क दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगे। इस पहल से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गति, गुणवत्ता और पहुंच में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
कार्यक्रम को विशेष बनाते हुए मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने स्वयं एम्बुलेंस चलाकर इसकी शुरुआत की और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला अस्पताल तक इसे संचालित किया। इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
मंत्री यादव ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस ये एम्बुलेंस न केवल समय पर उपचार सुनिश्चित करेंगी, बल्कि अनगिनत जिंदगियों को बचाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. आशीष कुमार मिंज, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजीव ग्लैड, डॉ. बंजारे, डॉ. भूमिका वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं जीवनदीप समिति के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ।
? कुल मिलाकर, 108 संजीवनी एक्सप्रेस की यह नई सौगात दुर्ग जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
? दुर्ग / शौर्यपथ
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनदर्शन में कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार एवं आर्थिक सहायता जैसी विभिन्न जनसमस्याएं शामिल रहीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में जल संकट प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आया। ग्राम ननकट्ठी के सरपंच ने जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर शिकायत करते हुए बताया कि टंकी निर्माण और पाइपलाइन विस्तार नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने पर लोगों को लगभग 4 किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने की स्थिति बन सकती है। वहीं भिलाई के वैशाली नगर वार्ड क्रमांक 30 (जलेबी चौक के आगे) के रहवासियों ने भी पेयजल संकट को लेकर आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ग्राम बासीन के ग्रामीणों ने तालाब में अवैध मुरूम खनन की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच-सचिव द्वारा कीचड़ सफाई के नाम पर बिना अनुमति जेसीबी से खुदाई कर तालाब की मेड़ तोड़ दी गई, जिससे पानी निकालकर तालाब को लगभग सूखा दिया गया। यह तालाब 70-80 प्रतिशत ग्रामीणों की निस्तारी का प्रमुख स्रोत है। कलेक्टर ने इस मामले में तहसीलदार दुर्ग एवं खनिज विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं नयापारा वार्ड क्रमांक 1 एवं 2 (शीतला मंदिर चौक) में सार्वजनिक एवं शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत भी सामने आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह स्थल वर्षों से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग में आता रहा है। कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को मौके का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
? जनदर्शन में उठे इन मुद्दों ने जिले की बुनियादी समस्याओं की तस्वीर सामने रखी, जिस पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया है।
? दुर्ग / शौर्यपथ
दुर्ग विकासखण्ड के ग्राम थनौद में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बन रहे अंडरपास को लेकर लंबे समय से चली आ रही ग्रामीणों और किसानों की मांग आखिरकार पूरी हो गई। अब इस अंडरपास ब्रिज की ऊंचाई 4 मीटर से बढ़ाकर 6 मीटर करने की स्वीकृति मिल गई है और निर्माण कार्य आज से प्रारंभ हो गया है।
गौरतलब है कि इस अंडरपास की कम ऊंचाई को लेकर किसान, ग्रामीण एवं मूर्तिकार लंबे समय से विरोध जता रहे थे। उनका कहना था कि 4 मीटर ऊंचाई पर्याप्त नहीं है, जिससे हार्वेस्टर, धान परिवहन और मूर्ति परिवहन में भारी दिक्कतें आती हैं। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू कर दी थी।
इस पूरे मामले में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सक्रिय पहल करते हुए किसानों को अंडरपास की ऊंचाई बढ़ाने का भरोसा दिलाया था। साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जब तक ऊंचाई बढ़ाने की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक विवादित स्थल पर कार्य रोक दिया जाए। उनके आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने हड़ताल समाप्त कर दी थी।
अब प्रशासन के प्रयासों से किसानों की प्रमुख मांग पर मुहर लग चुकी है और 6 मीटर ऊंचाई वाले अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माण प्रारंभ होने की जानकारी ग्रामीणों और किसानों को भी दे दी गई है।
? इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।
यह पहल न केवल जनभावनाओं का सम्मान है, बल्कि भविष्य में कृषि और स्थानीय परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।
पाटन / शौर्यपथ / तहसील पाटन अंतर्गत जामगांव (आर) में पदस्थ नायब तहसीलदार धर्मेश श्रीवास्तव ने अपनी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करते हुए शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति ग्रहण की। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय सभागार, पाटन में एक गरिमामय एवं भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में एसडीएम पाटन लवकेश ध्रुव ने श्री श्रीवास्तव के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके प्रशासनिक योगदान, कार्यनिष्ठा एवं सरल व्यक्तित्व की प्रशंसा की। तहसीलदार पवन ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, मनोज रस्तोगी, कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव, पटवारी शिव कुमार सोनी, स्टेनो राजेश, रविशंकर देवांगन, किशोर साहू, विनय नेताम, पीताम्बर साहू सहित तहसील कार्यालय के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में श्री धर्मेश श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया एवं भावभीनी विदाई दी गई।
दुर्ग / शौर्यपथ / भगवान महावीर जन्मोत्सव के पावन अवसर पर महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति द्वारा समाज को Peace, Kindness और Humanity की ओर प्रेरित करने हेतु विभिन्न विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आयोजित “अहिंसा यात्रा” ने शहर में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
यह अहिंसा यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक Movement के रूप में सामने आई—जिसका उद्देश्य है सोच में परिवर्तन लाना, नफरत की जगह प्रेम को चुनना और हिंसा के स्थान पर अहिंसा को अपनाना।
सुबह 6:30 बजे गया नगर, चण्डी मंडी से प्रारंभ हुई यह यात्रा नसिया जी तीर्थ तक पहुंची। यात्रा में समाज के वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, वहीं महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई, जिससे आयोजन का स्वरूप और भी व्यापक एवं प्रेरणादायी बन गया।
यात्रा के दौरान भगवान महावीर के उपदेशों से सजी तख्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जो आमजन को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा के संदेश से जागरूक करती नजर आईं। इन संदेशों ने उपस्थित लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करना और नई पीढ़ी को महावीर स्वामी के आदर्शों से जोड़ना है। इस प्रकार अहिंसा यात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में प्रेम, सौहार्द और मानवता के मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
दुर्ग | शौर्यपथ समाचार
दुर्ग शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र इंदिरा मार्केट की बदहाल व्यवस्था, अवैध अतिक्रमण और पार्किंग ठेकेदारों की मनमानी वसूली को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। 1 अप्रैल से बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा के सामने अब इस अव्यवस्था को सुधारने की बड़ी चुनौती खड़ी है।
अब तक राजस्व वसूली में व्यस्त रहने का हवाला देने वाले मिश्रा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही बाजार व्यवस्था पर सख्ती बरती जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सख्ती जमीनी हकीकत में बदलेगी या फिर यह भी सिर्फ कागजी घोषणा बनकर रह जाएगी?
? अतिक्रमण से घिरा बाजार, सड़क तक पसरा कारोबार
इंदिरा मार्केट में हालात यह हैं कि पसरा व्यापारियों ने सड़कों तक कब्जा जमा लिया है, जिससे न केवल बाजार की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। मुख्य मार्गों और प्रवेश द्वारों पर अतिक्रमण की वजह से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
? पार्किंग ठेकेदारों पर गंभीर आरोप
बाजार में पार्किंग व्यवस्था सुधारने के नाम पर ठेकेदारों द्वारा मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी मूर्ति के आसपास और प्रवेश द्वारों पर अवैध वसूली का खेल लंबे समय से जारी है।
मिश्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि निगम द्वारा निर्धारित शुल्क की सूचना पट्टिकाएं लगाई जाएंगी और ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी।
? सामान्य सभा में भी गूंजा मुद्दा
नगर निगम की सामान्य सभा में भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ा था, जहां सत्तापक्ष के पार्षदों ने ही बाजार की बदहाली और अवैध वसूली को प्रमुखता से उठाया। इससे यह स्पष्ट है कि समस्या सिर्फ आम जनता की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की नजर में भी गंभीर है।
? रसूखदारों पर होगी कार्रवाई या सिर्फ गरीबों पर चलेगा डंडा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल छोटे ठेला व्यापारियों तक सीमित रहेगी, या फिर प्रभावशाली लोगों पर भी समान रूप से होगी?
गणेश मंदिर के सामने “राम रसोई” के नाम पर सड़क पर संचालित होटल,
ओम ज्वेलर्स द्वारा दुकान का सड़क तक विस्तार,
जैसे मामलों में अब तक केवल कार्रवाई की बातें हुई हैं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए।
यदि मिश्रा वास्तव में सख्ती दिखाते हैं, तो यह उनके लिए प्रभावशाली लोगों के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने की पहली परीक्षा होगी।
? अनुभव से कम, जिम्मेदारी बड़ी – फैसले पर भी सवाल
यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि बाजार विभाग के अन्य कर्मचारियों से जूनियर होने के बावजूद अभ्युदय मिश्रा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में यह निर्णय भी अब उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा कि सही था या सवालों के घेरे में आ जाएगा।
⚖️ अब नजर 1 अप्रैल पर…
साल भर से दावे, घोषणाएं और बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन जमीनी हालात जस के तस हैं।
अब 1 अप्रैल से शुरू होने वाला समय अभ्युदय मिश्रा के लिए “अग्निपरीक्षा” से कम नहीं होगा।
? क्या इंदिरा मार्केट में व्यवस्था लौटेगी?
? क्या अवैध वसूली पर लगाम लगेगी?
? या फिर पर्दे के पीछे ‘कमीशन का खेल’ और तेज हो जाएगा?
इन सवालों के जवाब अब कार्रवाई ही देगी, बयान नहीं।
भिलाई। शौर्यपथ । भिलाई बचाओ आंदोलन के दूसरे चरण में रविवार को जनआक्रोश सड़कों पर नजर आया। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों परिवारों, व्यापारियों और बीएसपी से जुड़े लोगों ने सिविक सेंटर पार्किंग से सेक्टर-5 स्थित 25 मिलियन चौक तक लगभग 1000 कदम की मौन पदयात्रा निकालकर BSP (सेल) प्रबंधन के निर्णयों के खिलाफ विरोध जताया।
इस पदयात्रा में बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मचारी, लीजधारी, टाउनशिप के व्यापारी, रिटेंशनधारी परिवारों के सदस्य, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से एकजुटता दिखाते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर बीएसपी प्रबंधन जनहित में निर्णय नहीं लेता है, तो इस्पात भवन का घेराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को प्रबंधन के साथ हुई चर्चा के आधार पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।
पदयात्रा में महापौर नीरज पाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, हाउस लीज संघर्ष समिति के सदस्य, विभिन्न श्रमिक संगठनों (सीटू, एटक, एक्टू, एचएमएस) के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भिलाई बचाओ आंदोलन के इस चरण ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
दुर्ग में ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: सुंदर विहार कॉलोनी से 7 गिरफ्तार, करोड़ों के लेन-देन का खुलासा
दुर्ग। जिले में ऑनलाइन सट्टे और महादेव ऐप के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच जामुल थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सुंदर विहार कॉलोनी (फेस-2) में संचालित ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 7 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई नालंदा स्कूल के पीछे स्थित एक किराए के मकान में की गई, जहां लंबे समय से अवैध सट्टा संचालन की सूचना मिल रही थी।
मुखबिर की सूचना पर दबिश
छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा के अनुसार, पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि उक्त मकान में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर छापा मारा। मौके पर मौजूद आरोपी लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से ‘ड्रैगन टाइगर’, ‘अंदर-बाहर’, ‘तीन पत्ती’ सहित टेनिस, फुटबॉल और रूलेट जैसे खेलों पर इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए दांव लगवा रहे थे।
करोड़ों के अवैध लेन-देन का खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह प्रतिदिन 3 से 7 लाख रुपये का लेन-देन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, अब तक इस नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया जा चुका है। ट्रांजेक्शन को छिपाने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और ‘म्यूल बैंक खातों’ का इस्तेमाल कर रहे थे।
मौके से भारी मात्रा में सामग्री जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:
पोषण निषाद, योगेश विश्वकर्मा, गौरव तिवारी, संजय जायसवाल, चुनेश निषाद, विक्रम उर्फ विक्की सिंह और उदल।
कड़ी कार्रवाई के संकेत
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
