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May 30, 2026
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दुर्ग

दुर्ग (5094)

   रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को स्कूलों के आसपास आवारा कुत्तों और मवेशियों की निगरानी का जिम्मा सौंपे जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे शिक्षकों का अपमान बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है, वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत बच्चों की सुरक्षा और मध्यान भोजन की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
दरअसल, छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत स्कूलों के प्राचार्य अथवा संस्था प्रमुख को “नोडल अधिकारी” नियुक्त किया गया है। इन नोडल अधिकारियों को स्कूल परिसर या आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों और मवेशियों की जानकारी स्थानीय निकायों — ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम — को देने की जिम्मेदारी दी गई है।
यह आदेश बलौदा बाजार के एक स्कूल में हुई घटना के बाद जारी हुआ, जहां एक कुत्ते ने मध्यान भोजन को जूठा कर दिया था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार पर जुर्माना लगाया था और प्रत्येक छात्र को क्षतिपूर्ति राशि देने का निर्देश दिया था। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि “सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में बच्चों के भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।”
वहीं इस आदेश को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि उन्हें पहले ही कई गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल किया जाता है, ऐसे में इस नए कार्य से पढ़ाई पर ध्यान देना और कठिन हो जाएगा। कुछ शिक्षकों ने व्यंग्य करते हुए कहा, “अब हम पढ़ाएं या कुत्ते गिनें?”
राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “गुरुजी बच्चों को पढ़ाएं या कुत्तों को भगाएं? यह आदेश शिक्षकों का सार्वजनिक अपमान है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर अफसरशाही हावी है और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
वहीं, इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, “अगर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है तो उस पर टिप्पणी नहीं की जा सकती, लेकिन शिक्षकों पर लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव बढ़ने से शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है।”
फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक निर्देश से शुरू होकर अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। शिक्षक संगठनों ने आदेश रद्द करने की मांग की है, वहीं सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपने रुख पर कायम है।

   दुर्ग / शौर्यपथ / वर्ष के अंतिम महीनों में अपराध नियंत्रण को लेकर दुर्ग पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार, 23 नवंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6 भिलाई में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र और प्रभावी निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
एसएसपी अग्रवाल ने निर्देश दिए कि सभी जांच अधिकारी लंबित मामलों में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य एकत्र करें ताकि केस को अदालत में मजबूती दी जा सके। उन्होंने कहा कि हर प्रकरण का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
बैठक के दौरान एसएसपी ने निगरानी एवं गुण्डा बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, अवैध कार्यों में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सक्रिय चाकूबाजों और नशेड़ियों को सूचीबद्ध कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को कायम रखना पुलिस का सर्वोच्च दायित्व है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, एएसपी (ग्रामीण) अभिषेक झा, एएसपी (IUCAW) पद्मश्री तंवर, एसडीओपी धमधा एलेक्ज़ेंडर किरो, एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा, डीएसपी आकर्षि कश्यप सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग के मुताबिक, अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस नीतियों और समय-समय पर आयोजित होने वाली ऐसी समीक्षा बैठकों से जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (PSC) के परीक्षा परिणाम में दुर्ग जिले के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। इसी उपलक्ष्य में शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम स्थित कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में SSP अग्रवाल ने सभी सफल प्रतिभागियों को पुष्पगुच्छ और दुर्ग पुलिस की ओर से मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकसेवा आयोग से चयनित पद अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण होते हैं, इसलिए कार्य के दौरान हमेशा जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अभ्यर्थियों को करियर में सफलता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
दुर्ग जिले से डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए प्रतिभागियों में देवेश साहू (प्रथम रैंक), स्वप्निल वर्मा (द्वितीय रैंक) और यशवंत देवांगन (तृतीय रैंक) शामिल हैं। इसके अलावा राजेश साहू (DSP), कनक प्रभा सिंह (सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग), खुशबू जानी (लेखा अधिकारी), भूपेंद्र जंघेल (वाणिज्य कर निरीक्षक), तथा प्रवीण, मिथिलेश नेताम और आनंद स्वर्णकार (आबकारी उप निरीक्षक) पदों पर चयनित हुए हैं।
इस सम्मान समारोह में एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर, एएसपी ग्रामीण अभिषेक झा, एएसपी IUCW पद्मश्री तंवर, एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा, एसडीओपी धमधा अलेक्जेंडर किरो, डीएसपी आकर्षी कश्यप, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित अनेक पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। दुर्ग के इन प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता ने पूरे जिले में गर्व और प्रेरणा का माहौल बना दिया है।

   भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा 21 नवम्बर को इस्पात भवन में महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स के लिए वेंडर डेवलपमेंट कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स को भिलाई इस्पात संयंत्र के ई-निविदा पोर्टल (एसआरएम प्लेटफॉर्म) से जोडऩा, उन्हें निविदा प्रक्रिया की जानकारी देना तथा उनके व्यवसायिक विकास को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में लगभग 40 महिला उद्यमियों एवं वेंडर्स ने ऑनलाइन जूम मीटिंग माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर वेंडर डेवलपमेंट सेल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ई-निविदा पोर्टल पर एक संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें निविदा के लिए लॉगिन करने, निविदा भरने की प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। वहीँ प्रतिभागियों के प्रश्नों के समाधान हेतु इंटरएक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें वेंडर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन वेंडर हेल्प डेस्क की श्रीमती उपासना देशमुख, एवं संदीप कुमार द्वारा किया गया व कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे संयंत्र के साथ अधिकाधिक व्यापारिक अवसरों का लाभ लें तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करें।

  दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यशवंत कुमार से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में हो रही गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को शत-प्रतिशत शुद्ध एवं अद्यतन करने के लिए चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में दुर्ग जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पूरी तरह लापरवाही बरत रहे हैं। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि बीएलओ को प्रत्येक मतदाता के घर जाकर सत्यापन करना होगा,नए मतदाताओं का पंजीयन करना होगा तथा मृत,स्थानांतरित एवं दोहरे प्रविष्टियों को हटाना होगा।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभियान शुरू हुए 18 दिन से अधिक बीत जाने के बावजूद अधिकांश बीएलओ अपने बूथ क्षेत्र के घरों में नहीं जा रहे हैं।बीएलओ एक ही स्थान पर बैठकर फॉर्म बांट रहे हैं और भरवा रहे हैं। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे न केवल नए मतदाताओं का पंजीयन प्रभावित हो रहा है,बल्कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कट गए हैं या जिन्होंने स्थानांतरण कराया है,उनके नाम भी सूची में जुडऩे से वंचित हो जाएंगे। इसका सीधा नुकसान आम मतदाता को होगा और लोकतंत्र की मूल भावना को ठेस पहुंचेगी।डॉ.प्रतीक उमरे ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि बीएलओ द्वारा नियमों के खिलाफ काम करने के बावजूद संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (ईआरओ) कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कई जगह में शिकायत के बाद भी बीएलओ को केवल खानापूर्ति के लिए चेतावनी दी जा रही है,जबकि नियमों के अनुसार ऐसी लापरवाही पर तत्काल निलंबन एवं एफआईआर जैसी कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।उन्होंने इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग मुख्य निर्वाचन अधिकारी से किया है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / खुर्सीपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आज सुबह नेशनल हाईवे रोड पर चंद्र क्रेन के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से बाइक को ठोकर मार दी। पीछे बैठी युवती सड़क पर गिर गई और ट्रक ने उसे कुचल दिया। घटनास्थल पर ही युवती की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया। खुर्सीपार पुलिस के द्वारा मामला कायम कर विवेचना में लिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज सुबह भिलाई तीन निवासी पिता के द्वारा राजनांदगांव ससुराल से पावर हाउस रेलवे स्टेशन पहुंची अपनी बेटी साक्षी द्विवेदी 29 वर्ष को बाइक में बैठ कर भिलाई तीन जा रहे थे। इसी दौरान पावर हाउस ओवर ब्रिज से उतारने के बाद चंद्र क्रेन के ठीक सामने नेशनल हाईवे रोड पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर के द्वारा बाइक को ठोकर मार दी गई। इस हादसे में साक्षी द्विवेदी सड़क पर गिर गई और ट्रेलर ने उसे कुचल दिया जिसके कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतका साक्षी द्विवेदी का विवाह राजनांदगांव में हुआ था अधिकांश शनिवार एवं इतवार को अपने मायके आई थी आज भी वह अपनी बीमार माता को देखने के लिए पहुंची थी इसी दौरान हादसे का शिकार हो गई।
इस मामले में खुर्सीपार पुलिस के द्वारा ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

  दुर्ग / शौर्यपथ / इंदिरा गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय वैशाली नगर भिलाई में में पी एम उषा के अंतर्गत "भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक एवं सामाजिक स्थायित्व के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रासंगिकता" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का मुख्य उद्देश्य भारत में राज्य-संचालित उच्च शिक्षण संस्थानों में पहुंच, इक्विटी, जवाबदेही, सामर्थ्य और गुणवत्ता को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो ( डॉ ) संजय तिवारी थे। विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ सरिता कोल्हेकर( प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी, बालाघाट, मध्यप्रदेश), डॉ शकील हुसैन( प्राध्यापक, शास वी वाय टी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग) ,डॉ प्रमोद यादव(प्राध्यापक ,एस. आर.सी. सुराना कॉलेज दुर्ग), डॉ अमरनाथ शर्मा ( प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय बोरी) ,डॉ डी एन सूर्यवंशी ( सेवानिवृत्त प्राचार्य) तथा डॉ एल. एस. गजपाल (प्राध्यापक, पं रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय) उपस्थित थे।
जिन्होंने एस आई आर प्रक्रिया के विभिन्न पक्षों का विस्तार से विश्लेषण किया। अंतिम सत्र के मुख्य अतिथि भूपेन्द्र कुलदीप ( कुलसचिव, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय,दुर्ग) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अलका मेश्राम ने की । संयोजक डॉ किरण रामटेके, पी एम उषा संयोजक डॉ संजय दास , सह संयोजक डॉ चांदनी मरकाम तथा आयोजन सचिव प्रो अमृतेष शुक्ला रहे। 2 सत्रों में विभिन्न शोध केंद्रों तथा महाविद्यालय से आए 18 शोधार्थी तथा प्राध्यापकों ने अपने शोध पत्र का वाचन किया जिसमें प्रो सुरेश ठाकुर ( जिला स्तर मास्टर ट्रेनर) तथा तथा गिरिजा शंकर साव ( डी एस पी, कांकेर नक्सल ऑपरेशन) प्रमुख रहे। अतिथियों द्वारा संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन तथा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस संगोष्ठी में पूरे राज्य से 69 शोध सारांश प्राप्त हुए। मंच संचालन समिति सदस्य डॉ कैलाश शर्मा, डॉ रबिंदर छाबड़ा, कौशल्या शास्त्री , प्रो महेश अलेंद्र, डॉ चांदनी मरकाम , डॉ रामा बनर्जी ने मंच संचालन का दायित्व निर्वहन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, अन्य महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी तथा छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भारतीय ज्ञान केन्द्रित सफल सांस्कृतिक भोपाल प्रवास से लौटे आचार्य शर्मा

भिलाई /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के शिक्षाविद आचार्य डॉ.महेश चन्द्र शर्मा सफल सांस्कृतिक - शैक्षणिक भोपाल प्रवास से लौटे। यह प्रवास राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भारतीय ज्ञान परम्परा पर केन्द्रित था। अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ डॉ. शर्मा ने पुस्तकों का आदान-प्रदान भी किया।
आचार्य शंकर सांस्कृतिक न्यास एवं मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा भारत भवन भोपाल में आयोजित एकात्म प्रेरणा संवाद में ब्राजील के पद्मश्री आचार्य जोनास लापेस मसेट्टी विशेष रूप से उपस्थित थे। आचार्य मसेट्टी ने ब्राजील में भी विश्वविद्या गुरुकुलम् स्थापित किया है। ढाई हजार से अधिक विद्यार्थी यहां वेदान्त का अध्ययन कर रहे हैं। प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी ने " मन की बात " में उनकी प्रशंसा करते हुवे उन्हें भारतीय संस्कृति का दूत कहा था। डॉ.शर्मा ने उन्हें अपनी पुस्तक " संस्कृति के चार सोपान" भेंट की , जिसकी सराहना करते हुवे उन्होंने साधुवाद दिया।
पद्मश्री मसेट्टी ने कहा वेदांत विज्ञान है जिससे हम अपने आपको जान सकते हैं। इस कार्यक्रम में उनके शिष्य और परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। भोपाल के सांस्कृतिक प्रवास के साथ नर्मदापुरम के बाबई गांव का साहित्यिक भ्रमण भी डॉ.शर्मा ने किया,यह प्रसिद्ध राष्ट्रीय कवि पं.माखनलाल चतुर्वेदी जी की जन्मभूमि है। आजकल इस स्थान को "माखन नगर" के नाम से जाना जाता है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में हुए आयोजन में केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की अध्यक्ष संध्या पुरेचा, दिल्ली विश्वविद्यालय की साहित्य प्रोफेसर डॉ.मीरा द्विवेदी, पुणे के नाटक विशेषज्ञ सतीश पांवड़े एवं हरदा के नाट्यशास्त्र डॉ.देवेन्द्र पाठक द्वारा विश्व प्रसिद्ध ग्रन्थों श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र पर केन्द्रित भारतीय ज्ञान परम्परा का लाभ डॉ.महेशचन्द्र शर्मा को मिला। परिसर के निदेशक प्रो.हंसधर झा ने डॉ.शर्मा की पुस्तकों "साहित्य और समाज" एवं "गागर में सागर" की सराहना की। इस दौरान बेलूर मठ के प्रति कुलपति स्वामी आत्मप्रिया नन्द और अद्वैत आश्रम के स्वामी शुद्धिदा नन्द आदि को सुनने हजार से अधिक प्रोफेसर , शोधार्थी और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

भिलाई। शौर्यपथ।  सामाजिक संस्था प्रजा सेवा समिति भिलाई ने अपनी संस्था के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर पी.एम.श्री शासकीय प्राथमिक शाला बालाजी नगर, खुर्सीपार में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति -निर्माण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के विद्यालय में न्योता भोज का आयोजन किया। इसके साथ ही संस्था की ओर से विद्यालय के सभी बच्चों को कॉपी, कंपास, पेन का वितरण समिति एवं समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रजा सेवा समिति विगत दशकों से शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन कन्या विवाह रक्तदान, बेघरों के लिए आवास निर्माण करके देने का कार्य लगातार करते हुए आ रही है। इस न्योता भोजन के आयोजन में प्रजा सेवा समिति के सदस्यों के अलावा विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक, शिक्षक शाला प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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