October 28, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5112)

    दुर्ग। राष्ट्र निर्माण की नींव में अपना पसीना बहाने वाले 'श्रमयोगियों' के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। दुर्ग के गायत्री मंदिर (वार्ड–25) स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था ने मेहनतकश मजदूर भाई-बहनों को उपहार एवं मिष्ठान भेंट कर उनके समर्पण को सलाम किया।

    कठिन परिश्रम को कृतज्ञता का नमन

    इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय उन श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना था, जो चिलचिलाती धूप और विपरीत परिस्थितियों की परवाह किए बिना समाज और देश के विकास चक्र को गतिमान रखते हैं। संस्था का मानना है कि हर ईंट और हर निर्माण के पीछे एक मजदूर के सपनों और संघर्ष की कहानी छिपी होती है।

    नेतृत्व के विचार: "मजदूर राष्ट्र की रीढ़"

    संस्था की संस्थापिका एवं अध्यक्ष नीतू श्रीवास्तव ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में कहा:

    "मजदूर हमारे समाज की असली रीढ़ हैं। उनके पसीने की हर बूंद से राष्ट्र की प्रगति की इबारत लिखी जाती है। उनके सम्मान और सहयोग के बिना किसी भी विकसित समाज की कल्पना करना असंभव है। हमारा यह लघु प्रयास उनके असीम योगदान के प्रति एक विनम्र कृतज्ञता है।"

    वहीं, कार्यक्रम की प्रभारी और वार्ड–25 की पार्षद व संस्था अध्यक्ष मनीष सोनी ने अपने उद्बोधन में जोर देते हुए कहा कि मजदूरों का सम्मान हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग है। हमें सदैव उनके परिश्रम की कद्र करनी चाहिए और उनके जीवन को सुगम बनाने हेतु तत्पर रहना चाहिए।

    इनकी रही गरिमामय उपस्थिति

    आयोजन को सफल बनाने में संस्था के मार्गदर्शकों और सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से:

    संरक्षक: अंजन राय चौधरी

    वरिष्ठ सदस्य: प्रीति खरे, साधना चौधरी, रूपलता साहू, अनुपम जैन

    सहयोगी: शैलेश वर्मा, सीमा गुप्ता, रानी साहू, संगीता देवांगन, रानी भाटिया

    सभी अतिथियों ने मजदूरों के साथ खुशियाँ साझा कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में श्रमिकों के चेहरों पर खिली मुस्कान ने इस आयोजन की सार्थकता को सिद्ध कर दिया।

    श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़: सेवा, समर्पण और सम्मान का संकल्प।

      दुर्ग / शौर्यपथ / गजेन्द्र यादव ने आज लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सभाकक्ष में जिले में आगामी सुशासन तिहार की तैयारियों एवं विभागवार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बिजली, पानी, आवास, राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को जनहित के कार्यों को तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
    मंत्री ने 01 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को लेकर सभी तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों का त्वरित और संवेदनशील निराकरण किया जाए, ताकि आम जनता को बिना किसी विलंब के लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करने की हिदायत दी और चेताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस दौरान मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी शिविरों में शामिल होकर सीधे जनता से फीडबैक भी लेंगे।
    राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया और विशेष रूप से समय सीमा से बाहर हो चुके मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी कार्य पारदर्शिता से हों।
    शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने एक स्कूल को “मॉडल स्कूल” के रूप में विकसित करने तथा आदर्श कन्या विद्यालय में विद्यार्थियों को जेईई और नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। वहीं जिले के 34 छात्रावासों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने आदिवासी विकास विभाग को सभी छात्रावासों का निरीक्षण कर भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
    खाद्य विभाग को निर्देशित करते हुए मंत्री ने उचित मूल्य दुकानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तीन महीने का राशन स्टॉक अनिवार्य रूप से बनाए रखने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गांवों में बीपी और शुगर जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
    मनरेगा के तहत व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने, कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए प्रेरित करने और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। ऊर्जा विभाग को मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत सर्वे कर आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
    मंत्री यादव ने दोहराया कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखना चाहिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

      दुर्ग / शौर्यपथ / माननीय उच्चतम न्यायालय, भारत द्वारा न्याय को आमजन तक सरल, सुलभ और सहभागी स्वरूप में पहुंचाने के उद्देश्य से “समाधान समारोह-2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के समापन चरण में 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत आयोजित होगी, जिसमें उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों का आपसी सहमति, संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित निराकरण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पक्षकारों को प्रभावी, मानवीय और सहज न्याय उपलब्ध कराना है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने लंबित प्रकरणों के समाधान के लिए सक्रिय भागीदारी करें। विशेष लोक अदालत में पक्षकार अपनी सुविधा अनुसार प्रत्यक्ष रूप से या वर्चुअल माध्यम से भी शामिल हो सकते हैं।

    इच्छुक पक्षकार और अधिवक्ता निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसका लिंक उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। अधिक जानकारी और सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर (वार रूम) से 011-23112428 और 011-23112528 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।

    'अमर इंफ्र ाÓ से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे, भारतमाला परियोजना से कनेक्शन की जांच

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में गुरुवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) की टीम ने तथाकथित समाजसेवी और 'अमर इंफ्राÓ के संचालक चतुर्भुज राठी के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। महेश कॉलोनी स्थित उनके निवास पर शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में अचानक हलचल तेज हो गई।
    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'भारतमाला परियोजनाÓ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के इनपुट के आधार पर की जा रही है। अमर इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय से सड़क निर्माण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रही है, जिसके चलते जांच का दायरा व्यापक माना जा रहा है।
    कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। तथाकथित समाजसेवी राठी के निवास के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और परिसर में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। ईडी की टीम अंदर दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है, साथ ही डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
    इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी दल से जुड़े नेता के यहां हुई कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह के सियासी अर्थ निकाले जा रहे हैं। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बता रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम ने चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। फिलहाल, ईडी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और संभावित रूप से बड़े खुलासे भी सामने आ सकते हैं।

    भिलाई, छत्तीसगढ़ । शौर्यपथ । इस पृथ्वी दिवस पर भारत के युवाओं ने देश के डेयरी उ‌द्योग की पर्यावरणीय और नैतिक लागत के विरुद्ध आवाज़ उठाई। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और साथ ही गोमांस निर्यात में भी अग्रणी एक ऐसा तथ्य जो प्रायः सार्वजनिक विमर्श से ओझल रहता है। भिलाई में युवा प्रतिनिधियों ने सूर्या टी आई मॉल, भिलाई में एक सार्वजनिक प्रतिष्ठापन के माध्यम से डेयरी के पर्यावरणीय दुष्प्रभावों और उसके गोमांस उ‌द्योग से गहरे संबंध को उजागर किया। इस समय देशभर के 20 शहरों में युवा इस सच्चाई की ओर ध्यान दिला रहे हैं कि "दूध और गोमांस एक ही जानवर से आते हैं", और नागरिकों से आग्रह कर रहे हैं कि वे डेयरी आपूर्ति श्रृंखला में पशुओं की यात्रा और उनके अंततः गोमांस उद्योग में पहुँचने की वास्तविकता पर विचार करें।

    दूध और गोमांस के बीच के संबंध पर भारत में जो दीर्घकालीन मौन रहा है, वह अब टूटने लगा है। @animalsaveindia के एक इंस्टाग्राम रील में कौन बनेगा करोड़पति की एक क्लिप साझा की गई, जिसमें प्रतियोगी सिद्धार्थ शर्मा द्वारा डेयरी पशुओं के भविष्य का वर्णन सुनकर प्रस्तोता अमिताभ बच्चन स्पष्ट रूप से चौंके हुए दिखे। यह रील वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक देखे गए रीलों में से एक बन गई 1.2 अरब से अधिक बार देखी गई और 65 लाख लाइक्स अर्जित किए। बाद में बच्चन ने स्वयं भी इस बात को दोहराया कि गाय का दूध वास्तव में उसके बछड़े के लिए होता है, न कि मनुष्यों की चाय के लिए।इस प्रतिष्ठापन में जनता को डेयरी उ‌द्योग के पर्यावरणीय परिणामों पर भी विचार करने का आह्वान किया गया।

    भारत में एक लीटर दूध उत्पादन के लिए 1,078 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। यह राजस्थान, उत्तर प्रदेश,कर्नाटक, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे प्रमुख डेयरी राज्यों में पहले से गहराते भूजल संकट पर एक अतिरिक्त बोझ है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी उ‌द्योग वर्गीकरण अधिसूचना 2025 में डेयरी और वधशालाओं को "रेड" श्रेणी में रखा है: अर्थात इन्हें सर्वाधिक प्रदूषणकारी उ‌द्योगों में गिना जाता है। यह वर्गीकरण दूध-गोमांस के अंतःसंबंध को और पुख्ता करता है तथा इन उ‌द्योगों में संलग्न किसानों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।

    इसके साथ ही, पशुपालन से उत्सर्जित मीथेन को अब निकट भविष्य में वैश्विक तापमान वृ‌द्धि के एक प्रमुख कारक के रूप में मान्यता मिल रही है। भारत प्रतिवर्ष लगभग 1.27 करोड़ टन मीथेन उत्सर्जित करता है। ये दुष्प्रभाव गोमांस उ‌द्योग से अलग नहीं किए जा सकते, क्योंकि डेयरी और गोमांस एक ही तंत्र के परस्पर जुड़े हिस्से हैं। जब गाय और भैंसें दूध देना बंद कर देती हैं, तो उनमें से अनेक को गोमांस आपूर्ति श्रृंखला में बेच दिया जाता है।

    प्राणी प्रोटेक्शन फाउंडेशन की प्रबंध न्यासी प्रांजलि शुक्ला ने कहा, "हमारा शहर गर्मियों के चरम महीनों में जलता रहता है और हर बीतते वर्ष के साथ यह असह्य होता जा रहा है। इसके बावजूद राज्य लाखों गायों और भैंसों के अंधाधुंध प्रजनन को बढ़ावा देता है, और दूध उत्पादन के लिए उपयोगिता समाप्त होते ही उन्हें बेसहारा छोड़ दिया जाता है। इस अनियंत्रित प्रजनन और परित्याग के चक्र से मीथेन उत्सर्जन निरंतर बढ़ता जा रहा है। रोज़मर्रा के आहार में डेयरी की केंद्रीय भूमिका के बावजूद, उसके जलवायु प्रभाव को लेकर समाज में व्यापक अज्ञानता बनी हुई है।"

    जैसे-जैसे छत्तीसगढ़ में लू और जलसंकट गहराता जा रहा है, खाद्य सुरक्षा की माँगों को अब स्वयंसिद्ध नहीं माना जा सकता। प्रश्न अब नीति-निर्माताओं, संस्थाओं और उ‌द्योग की ओर मुड़ता है- भारत की खाद्य प्रणालियाँ उन जलवायु और नैतिक चुनौतियों का सामना कैसे करेंगी जो वे स्वयं उत्पन्न कर रही हैं?

    दुर्ग।

    कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही पर नोटिस जारी किया जाएगा।

    बैठक में नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, स्वामित्व योजना, जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। जिले में अविवादित नामांतरण के 16,646 प्रकरणों में से 15,385 का निराकरण (92.42%) किया जा चुका है, जबकि 1,237 मामले लंबित हैं और 115 प्रकरण समय-सीमा से बाहर हैं।

    कोटवारी भूमि पर सख्ती:

    कलेक्टर ने कोटवारी भूमि के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए। 90 प्रकरणों में से अब तक 32 में सिविल वाद दायर हुआ है, जबकि 57 लंबित हैं। सभी तहसीलदारों को ग्रामवार खसरा सूची तैयार कर पंजीयन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

    सीमांकन प्रकरणों में देरी पर नाराजगी:

    कुल 1,242 सीमांकन प्रकरणों में 1,080 का निराकरण हुआ है, जबकि 162 लंबित और 65 समय-सीमा से बाहर हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए।

    स्वामित्व योजना की प्रगति:

    जिले के 381 गांवों में ड्रोन सर्वे पूर्ण, 379 में मैप तैयार, जबकि 106 गांवों में अंतिम प्रकाशन हो चुका है। शेष 273 गांवों में कार्य जारी है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

    मैदानी निरीक्षण अनिवार्य:

    नक्शा बटांकन और भू-अर्जन मुआवजा मामलों में तेजी लाने तहसीलदारों को फील्ड निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतमाला परियोजना सहित सभी लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र भुगतान पर जोर दिया गया।

    अन्य निर्देश:

    जाति प्रमाण पत्र के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण

    तकनीकी कारणों से लंबित प्रकरणों के समाधान हेतु उच्च स्तर पर पत्राचार

    भूमि आबंटन आवेदनों का प्राथमिकता से निपटारा

    बैठक में एडीएम, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

    भिलाई | शौर्यपथ विशेष रिपोर्ट

    छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में शनिवार सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत स्मृतिनगर चौकी के एचएससीएल कॉलोनी में एक महिला ने आरक्षक की पत्नी और उसके मासूम बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस हमले में आरक्षक की दो बेटियां भी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    घटना का खौफनाक विवरण

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला सरोजनी भारद्वाज ने आरक्षक ललितेश यादव के घर में घुसकर उसकी पत्नी रीना यादव और 8 वर्षीय बेटे आदित्य यादव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमले में बच्चे पर 14 से अधिक और महिला पर लगभग 18 वार किए गए, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।

    हमले के दौरान घर का पूरा कमरा खून से सन गया था, जो घटना की भयावहता को दर्शाता है।

    मां का साहस, बेटियों की जंग

    हमले के दौरान रीना यादव ने अपनी बेटियों को बचाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष किया। एक बेटी ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई, जबकि दूसरी किसी तरह बाहर निकलकर पड़ोसियों को सूचना देने में सफल रही। दोनों बच्चियां घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    पड़ोसियों की तत्परता से आरोपी पकड़ी गई

    घटना की सूचना मिलते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और आरोपी महिला को पकड़ लिया। लोगों ने उसके हाथ से चाकू छीनकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    फेसबुक से शुरू हुआ संबंध, बना हत्या का कारण

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला और आरक्षक ललितेश यादव के बीच वर्ष 2024 में फेसबुक के माध्यम से संपर्क हुआ था। यह संबंध धीरे-धीरे व्यक्तिगत रिश्ते में बदल गया।

    बताया जा रहा है कि आरक्षक ने आरोपी महिला को रायपुर में अलग मकान लेकर रखा था। हाल के दिनों में वह आशानगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रही थी। घटना से एक दिन पहले भी वह आरक्षक के घर पहुंची थी, लेकिन समझाकर वापस भेज दिया गया था।

    घटना वाले दिन क्या हुआ?

    24 अप्रैल को आरक्षक ललितेश की मैरिज एनिवर्सरी थी। परिवार को यूपी भेजने के लिए रिजर्वेशन भी कराया गया था। इसी बीच पत्नी रीना ने आरोपी महिला को घर आने की जानकारी दी। आरोपी घर पहुंची, जहां उसने खाना भी खाया।

    बताया जाता है कि उसी दौरान अचानक उसने सो रहे बच्चे पर हमला कर दिया और फिर रीना यादव को भी निशाना बनाया। जब बेटियां बचाने आईं, तो उन पर भी हमला कर दिया।

    पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध, मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद को घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:

    “मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा।”

    दुर्ग/ राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के सभी 300 ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ‘नवा तरिया आय के जरिया’, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली।

    ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘संपदा’ ऐप में परिसंपत्तियों का अपलोड, ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन, तथा ‘नवा तरिया आय के जरिया’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनगणना के लिए स्वयं गणना पत्रक भरने की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित जानकारियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

    कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह द्वारा पूर्व में ही सभी ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशानुसार ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित कर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई।

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्राम सभाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदियों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संरक्षण एवं आजीविका बढ़ाने के उपायों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।

    इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के अंतर्गत एक अभिनव पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन की दीवारों पर गांव के जलस्तर (वॉटर लेवल) की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे आम नागरिक अपने क्षेत्र के भू-जल स्तर से अवगत हो सकें।

    ‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जलस्तर से संबंधित आंकड़े संकलित कर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं तथा एकरूपता के साथ दीवार लेखन कार्य किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

    ग्राम पंचायत रसमड़ा में आयोजित ग्राम सभा में भी ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्राम सभा में सरपंच श्रीमती मोतीराम निषाद, उपसरपंच बालकिशन निषाद, ग्राम पंचायत सचिन कमिनी चंद्राकर, पंच बसंत निर्मलकर, कौशल्या साहू, संजू कुमार निषाद एवं प्रीति शिक्का सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

    उल्लेखनीय है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। जिले के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपने गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाएं।

     

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    विशेष रिपोर्ट

    भिलाई/दुर्ग: किसी भी नगर निगम की 'शहरी सरकार' का अस्तित्व जनसुविधाओं और पारदर्शिता की नींव पर टिका होता है। पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और बिजली जैसे विभाग अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन वर्तमान में बाघमार सरकार का बाजार विभाग भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का नया 'कमीशन केंद्र' बनता जा रहा है। सवाल यह है कि इस लूट की जड़ में आखिर कौन है? निगम प्रशासन के अधिकारी अभ्युदय मिश्रा, जनप्रतिनिधि शेखर चंद्राकर, या फिर खुद महापौर अलका बाघमार की चुप्पी?

    पार्किंग के नाम पर खुली लूट: बोर्ड गायब, वसूली बेहिसाब

    बाजार विभाग की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा कलंक इंदिरा मार्केट की पार्किंग व्यवस्था है। नियम कहते हैं कि निगम द्वारा तय शुल्क की पट्टिका (बोर्ड) सार्वजनिक रूप से लगनी चाहिए, ताकि जनता को पता चले कि उन्हें कितना भुगतान करना है। बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा महीनों से बोर्ड लगाने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर सन्नाटा है।

    इस सन्नाटे की आड़ में ठेकेदार जनता से दो गुनी-तीन गुनी वसूली कर रहे हैं। क्या यह महज प्रशासनिक लापरवाही है या फिर जनता की जेब से निकलने वाले इस अतिरिक्त पैसे का एक हिस्सा विभाग के गलियारों तक पहुँच रहा है? अधिकारी की निष्क्रियता उनकी कार्यक्षमता पर नहीं, बल्कि उनकी निष्ठा पर सवाल खड़ा करती है।

    मौन 'प्रभारी': कर्तव्य से विमुख शेखर चंद्राकर

    जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच की कड़ी होते हैं। बाजार प्रभारी के रूप में शेखर चंद्राकर को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार के इतने गंभीर मामलों पर उनका 'मौन' रहस्यमयी है।

    क्या प्रभारी जी इतने 'निष्क्रिय' हैं कि उन्हें अपने विभाग की लूट दिखाई नहीं दे रही?

    या फिर यह मौन किसी बड़े 'राजनीतिक संरक्षण' और 'आर्थिक साझेदारी' का हिस्सा है?

    चुनावी समय में जनता के सामने हाथ जोड़ने वाले प्रतिनिधि अगर कुर्सी मिलते ही ठेकेदारों के हितों के रक्षक बन जाएं, तो यह जनता के जनादेश के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात है।

    प्रदेश सरकार के 'सुशासन' पर बाघमार सरकार का 'दाग'

    एक तरफ प्रदेश की वर्तमान सरकार नक्सलियों के खात्मे, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के लिए सराही जा रही है। बड़े-बड़े अधिकारियों पर गाज गिर रही है। लेकिन उसी प्रदेश की नाक के नीचे चल रही बाघमार सरकार अपनी ही छवि को धूमिल करने में लगी है।

    महापौर अलका बाघमार एक तरफ विकास के दावे करती हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी नाक के नीचे उनके जिम्मेदार अधिकारी और पार्षद जनता को लूटने की खुली छूट दे रहे हैं। सामान्य सभा में मामला उठने के बावजूद कार्रवाई न होना यह सिद्ध करता है कि नगर निगम प्रशासन आम जनता के बजाय ठेकेदारों के लिए 'कल्याणकारी' बना हुआ है।

     पेवर ब्लॉक में विकास ढूँढती महापौर, बदहाली में सिसकती जनता

    विडंबना देखिए, जिस जनता ने भरोसा कर अलका बाघमार को सत्ता सौंपी, आज वही जनता अवैध कब्जों और ठेकेदारों की मनमानी से त्रस्त है। महापौर पेवर ब्लॉक की गुणवत्ता में भ्रष्टाचार तलाश रही हैं, जबकि उनके बाजार विभाग ने पूरी व्यवस्था को ही भ्रष्टाचार के पेवर ब्लॉक से ढक दिया है।

    अगर समय रहते इस 'सफेदपोश' लूट पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनता आने वाले समय में न केवल इस शहरी सरकार से हिसाब मांगेगी, बल्कि इसका खामियाजा उस प्रदेश सरकार को भी भुगतना पड़ सकता है जिसकी साफ-सुथरी छवि पर ये स्थानीय कारिंदे कालिख पोत रहे हैं।

     

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