
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के एसएनसीयू में चिकित्सकों ने बचाई जान, ऑक्सीजन सपोर्ट और रक्त चढ़ाकर किया उपचार
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने गंभीर अवस्था में भर्ती महज 900 ग्राम वजन के नवजात शिशु को लगभग दो माह के उपचार और विशेष देखभाल से नया जीवन दिया। समय से पहले जन्मे इस शिशु को सांस लेने में परेशानी और गंभीर एनीमिया की समस्या थी। लगातार चिकित्सकीय निगरानी, आवश्यक उपचार और पोषण प्रबंधन से उसका वजन बढ़कर 1.35 किलोग्राम हो गया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद 8 अक्टूबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
गौरेला विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम चुकतीपानी निवासी श्रीमती गोमती के नवजात को जन्म के बाद गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया था। शिशु की नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। सांस लेने में परेशानी के कारण उसे लगभग दो सप्ताह तक ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जबकि गंभीर एनीमिया के उपचार के लिए दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। इसके साथ ही शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, नियमित फीडिंग और कंगारू मदर केयर (केएमसी) के माध्यम से पोषण एवं विशेष देखभाल सुनिश्चित की गई।
लगभग दो माह तक चले उपचार के दौरान शिशु के स्वास्थ्य और वजन की लगातार निगरानी की गई। चिकित्सकीय टीम के प्रयासों से उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और वजन 900 ग्राम से बढ़कर 1.35 किलोग्राम पहुंच गया। इस सफलता से परिवार को बड़ी राहत मिली। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के एक परिवार को जिला अस्पताल में ही गंभीर नवजात के उपचार की सुविधा मिलना शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की उपयोगिता को भी रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जिला अस्पतालों में संचालित एसएनसीयू जैसी इकाइयां समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले नवजातों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस मामले में भी विशेष देखभाल, नियमित निगरानी और समय पर उपचार से सकारात्मक परिणाम सामने आए।
नवजात के उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र सिंह पैकरा के निर्देशन में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत भूषण त्रिपाठी, डॉ. अनिश ताम्रकार, डॉ. श्याम और एसएनसीयू के नर्सिंग स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे शिशु का स्वस्थ होकर घर लौटना चिकित्सकीय टीम के समर्पण और नवजात देखभाल सेवाओं के महत्व का प्रेरक उदाहरण है।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
