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May 26, 2026
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वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण सप्ताह

  • rounak group

2390 चालकों का हुआ नेत्र परीक्षण

संयुक्त प्रयास से हुआ कार्यक्रम


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण सप्ताह आयोजित किया गयाजिसमें भारी वाहन चलाने वाले 45 साल से अधिक उम्र के ड्राइवरों की आंखों की जांच के लिए अभियान चलाया । इस नेत्र परीक्षण अभियान का उद्देश्य ड्राइवरों की आंखों की जांचकर उन्हें उचित चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ साथ उचित मार्गदर्शन भी देना है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके।
नेत्र परीक्षण सप्ताह 5 दिसंबर से 11 दिसंबर 2020 तक आयोजित हुआ जिसमें राज्य के 8 स्थानों (टोल प्लाजा) पर शिविर आयोजित कर 2390 वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण किया गया । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की मिशन संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन में इन नेत्र परीक्षण शिविरों का आयोजन किया गया था।
नेत्र परीक्षण सप्ताह की जानकारी देते हुऐ राज्य के राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के नोडलराज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ.सुभाष मिश्रा ने बतायासड़क दुर्घटना के प्रकरणों में कमी लाने में वाहन चालकों के नेत्र का स्वस्थ होना भी जरुरी है । इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2390 वाहन चालकों का परीक्षण किया गया जिसमें 425 रिफ्रैक्टिव एरर, 379 प्रेसबायोपिया, 37 लोग मोतियाबिंद एवं 369 अन्य बीमारी के मरीज मिले जिनका उपचार कर उचित सलाह दी गई हैं ।बाकी 1180 वाहन चालकों की दृष्टि सामान्य पाई गई । यह कार्यक्रम प्रति वर्ष दिसंबर माह के प्रथम शनिवार से 1 सप्ताह के लिए आयोजित किया जाता है ।
उन्होनें कहा भारी वाहन चालकों की आंखों की हर माह जांच होनी चाहिए । साथ ही वाहन मालिक की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने वाहन चालकों की नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं ताकि रात और सुबह होने वाले सड़क हादसों को कम किया जा सके ।
डॉ. मिश्रा ने कहा नेत्र विशेषज्ञों के द्वारा चालकों को आवश्यक परामर्श भी दिया गया है । चालकों को सलाह दी गई कि वह नेत्र समस्या को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। यदि कहीं कोई समस्या हो तो तत्काल चिकित्सकों से संपर्क करें। बिना किसी नेत्र विशेषज्ञ की सलाह के आंखों में दवाओं का प्रयोग न करें ।
क्यों जरुरी है नेत्र जांच
उम्र बढ़ने के साथ साथ हमारी दृष्टि भी कमज़ोर होती जाती है और 40 वर्ष की आयु पार करने के बाद, करीब की वस्तुओं पर फोकस करना कठिन हो जाता है । इसलिए समय समय पर नेत्र चिकित्सक से जांच कराना आवश्यक होता है। नेत्र परिक्षण के दौरान नेत्र चिकित्सक से अपनी आंखों और दृष्टि के बारे में सभी परेशानियों पर चर्चा करें । उन्हें अपने परिवार में आंखों की समस्याओं के किसी भी इतिहास के बारे में भी जरूर बताएं।इन सब समस्याओं का समय पर पता चलने से दृष्टि में आने वाली परेशानी को कम या खत्म किया जा सकता है ।

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